SHIKSHAK BHARTI : 68500 शिक्षक भर्ती : संशोधित उत्तरमाला जारी, एक प्रश्न के दस सही जवाब

SHIKSHAK BHARTI : 68500 शिक्षक भर्ती : संशोधित उत्तरमाला जारी, एक प्रश्न के दस सही जवाब


 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए 27 मई को आयोजित लिखित परीक्षा की संशोधित उत्तरमाला सोमवार शाम जारी कर दी गई। संशोधित उत्तरमाला में तकरीबन 9 सवालों के नौ से दस...

हिन्दुस्तान टीम,इलाहाबादUpdated: Tue, 19 Jun 2018 12:15 PM IST


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परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए 27 मई को आयोजित लिखित परीक्षा की संशोधित उत्तरमाला सोमवार शाम जारी कर दी गई। संशोधित उत्तरमाला में तकरीबन 9 सवालों के नौ से दस जवाब तक सही माने गये हैं। पहली बार जारी उत्तरमाला में इन प्रश्नों के पांच-छह जवाब ही सही थे।

सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी डॉ. सुत्ता सिंह ने पहली बार पांच जून को उत्तरमाला जारी करते हुए 9 जून शाम छह बजे तक साक्ष्यों के साथ ऑनलाइन आपत्तियां मांगी थी। आपत्तियों पर विषय विशेषज्ञों की समिति गठित कर 15 जून तक निस्तारण कराया गया।

टाइम टेबल के मुताबिक सोमवार को संशोधित उत्तरमाला जारी कर दी गई। 30 जुलाई तक परीक्षाफल घोषित होगा और उसके एक महीने के अंदर सफल अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) को भेजे जाएंगे। 27 मई को आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा में 107908 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

इन प्रश्नों के सही जवाबों की संख्या में इजाफा

इलाहाबाद। पांच जून को जारी उत्तरमाला में सीरीज ए के प्रश्न संख्या 6 का जवाब संदेहवाचक वाक्य या सरल वाक्य माना गया था। सोमवार को जारी संशोधित उत्तरमाला में सही जवाब संदेहवाचक वाक्य, सरल वाक्य, साधारण वाक्य, संदेहबोधक वाक्य, अनिश्चय बोधक या संदिग्ध भूतकाल को सही माना गया है। प्रश्न संख्या 26 में पहले एक जवाब सही था अब तीन सही हो गये हैं। प्रश्न संख्या 78 का पहले दो जवाब सही था अब आठ सही मान लिया है। प्रश्नसंख्या 99 व 131 के पहले दो-दो जवाब सही माने थे अब क्रमश: पांच व चार जवाब सही मान लिया है। 139 प्रश्न संख्या में पहले छह जवाब सही थे लेकिन अब नौ जवाब सही हैं। 142 प्रश्नसंख्या में पहले पांच जवाब सही थे और अब दस जवाब सही हैं। इसी प्रकार प्रश्न संख्या 150 में पहले तीन जवाब सही थे लेकिन अब छह सही माने गये हैं।

GOVERNMENT ORDER, SALARY : प्रान्तीयकृत सन्त रविदास एवं अम्बेडकर उ0मा0विद्यालय, बिजनौर में कार्यरत शिक्षक/शिक्षणेत्ततर कर्मचारियों के दिनांक 01 जनवरी, 2016 से दिनांक 31 दिसम्बर, 2016 तक पुनरीक्षित वेतन के अवशेष के भुगतान हेतु वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट में प्रावधानित धनराशि की स्वीकृति।

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शासनादेशों की सूची
क्र.विभाग/अनुभागशासनादेश संख्याविषय
1शिक्षा विभाग / शिक्षा अनुभाग 810/2018/316/15-8-2018-3009(1)/2013प्रान्तीयकृत सन्त रविदास एवं अम्बेडकर उ0मा0विद्यालय, बिजनौर में कार्यरत शिक्षक/शिक्षणेत्ततर कर्मचारियों के दिनांक 01 जनवरी, 2016 से दिनांक 31 दिसम्बर, 2016 तक पुनरीक्षित वेतन के अवशेष के भुगतान हेतु वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट में प्रावधानित धनराशि की स्वीकृति।






SCHOOL, ADMISSION : आउट ऑफ स्कूल बच्चों के प्रवेश को अभियान, परिषदीय स्कूल गर्मी की छुट्टियों के बाद दो जुलाई को खुल रहे 

SCHOOL, ADMISSION : आउट ऑफ स्कूल बच्चों के प्रवेश को अभियान, परिषदीय स्कूल गर्मी की छुट्टियों के बाद दो जुलाई को खुल रहे 

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में जुलाई में नामांकन बढ़ाने पर जोर रहेगा। आउट ऑफ स्कूल बच्चों को प्रवेश देने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया है। स्कूलों में जनप्रतिनिधि बच्चों को सामग्री का वितरण करेंगे। 



परिषदीय स्कूल गर्मी की छुट्टियों के बाद दो जुलाई को खुल रहे हैं। इस बार विद्यालय संचालन से पहले ही वहां के प्रधानाचार्यो को दो दिन पहले ही सक्रिय होना पड़ेगा। बेसिक शिक्षा निदेशक डा. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रधानाध्यापकों को निर्देशित करें कि वह दो दिन पहले ही स्कूल को दुरुस्त करने के अभियान में जुटें। स्कूल भवन व परिसर की साफ-सफाई और रंगाई-पुताई का कार्य इसी बीच पूरा किया जाए, ताकि विद्यालय परिसर आकर्षक दिखे। शौचालय की साफ-सफाई के अलावा प्रधानाध्यापक ग्राम प्रधान से मिलकर स्कूल परिसर की नियमित सफाई कराने की व्यवस्था भी करें। पीने का पानी, हैंडपंप की मरम्मत, मध्याह्न् भोजन के लिए खाद्यान्न व गैस आदि का इंतजाम जैसे इंतजाम पूरे किए जाएं। पहले दिन से ही मिडडे-मील का वितरण होना अनिवार्य है। निदेशक ने निर्देश दिया है कि जुलाई के पहले सप्ताह में ही यूनीफार्म, पाठ्यपुस्तकें, स्कूल बैग व जूता-मोजा आदि का वितरण जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराया जाए। इसकी सूचना विभाग के पोर्टल पर दी जाए।

TRANSFER, TEACHERS : परिषदीय शिक्षकों की तबादला नीति जल्द, लंबे समय से जमे शिक्षकों को दूसरे स्कूलों व ब्लाकों में भेजने की तैयारी 

TRANSFER, TEACHERS : परिषदीय शिक्षकों की तबादला नीति जल्द, लंबे समय से जमे शिक्षकों को दूसरे स्कूलों व ब्लाकों में भेजने की तैयारी 

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : परिषदीय शिक्षकों के अंतर जिला तबादले का आदेश हो चुका है। अब जिले के अंदर फेरबदल करने की तैयारी है। शासन इस संबंध में नई तबादला नीति तैयार कर रहा है। इसमें लंबे समय से एक ही स्कूल व विकासखंड में जमे दूसरे स्कूल व ब्लाकों में भेजे जाने के संकेत हैं। इस पर जुलाई से ही अमल कराया जा सकता है। 

परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों का आरटीई मानक के तहत सर्वे कराया उसमें करीब 65 हजार शिक्षक अतिरिक्त मिले थे। साथ ही यह बात भी सामने आइ कि लंबे समय से एक ही स्कूल में जमे शिक्षक पढ़ाई कार्य से दूर हैं। ऐसे शिक्षकों को दूसरे स्कूल व ब्लाक में भेजने के लिए नीति तैयार हो रही है। इसमें एक स्कूल व ब्लाक में तैनाती का मानक तैयार हो रहा है। इसी के सहारे स्कूलों में शिक्षकों का समायोजन भी आसानी से हो जाएगा और गड़बड़ाया शिक्षक छात्र अनुपात दुरुस्त होगा। यह भी संकेत हैं कि पिछले वर्ष तैयार तबादला नीति में भी आंशिक बदलाव करके उस पर भी अमल कराया जाएगा। 



शिक्षक भर्ती की संशोधित उत्तरकुंजी कल : परिषदीय स्कूलों में 68500 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा की संशोधित उत्तरकुंजी सोमवार को जारी होने की उम्मीद है। ज्ञात हो कि बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा 27 मई को हुई थी, इसकी उत्तर कुंजी छह जून को जारी हुई। उस पर नौ जून तक आपत्तियां मांगी गई। बड़ी संख्या में आपत्तियों को विशेषज्ञों के पास भेजा गया है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव सोमवार को संशोधित उत्तर कुंजी जारी करके फिर से आपत्तियां मांगेगी। इस परीक्षा का परिणाम 30 जुलाई को घोषित किया जाना है।



GOVERNMENT ORDER, SALARY : वित्‍तीय वर्ष 2018-19 में साख सीमा योजनान्तर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन भुगतान के संबंध में।

GOVERNMENT ORDER, SALARY : वित्‍तीय वर्ष 2018-19 में साख सीमा योजनान्तर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन भुगतान के संबंध में।

INTERDISTRICT TRANSFER : 28 जून तक जॉइन करें शिक्षक, नहीं तो तबादला निरस्त, सचिव स्तर से हुआ जारी आदेश ।

INTERDISTRICT TRANSFER : 28 जून तक जॉइन करें शिक्षक, नहीं तो तबादला निरस्त, सचिव स्तर से हुआ जारी आदेश । 


 

INTERDISTRICT TRANSFER, GOVERNMENT ORDER : अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण 2018 के फलस्वरूप स्थानांतरित अध्यापकों के कार्यमुक्ति/कार्यभार ग्रहण कराये जाने के सम्बन्ध में ।

INTERDISTRICT TRANSFER, GOVERNMENT ORDER : अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण 2018 के फलस्वरूप स्थानांतरित अध्यापकों के कार्यमुक्ति/कार्यभार ग्रहण कराये जाने के सम्बन्ध में ।



LEAVE, HOLIDAY, BASIC SHIKSHA NEWS : पितृत्व अवकाश नहीं देने वाले 90 देशों में भारत भी शामिल

LEAVE, HOLIDAY, BASIC SHIKSHA NEWS : पितृत्व अवकाश नहीं देने वाले 90 देशों में भारत भी शामिल


संयुक्त राष्ट्र, प्रेट्र : यूनिसेफ ने कहा है कि भारत दुनिया के उन लगभग 90 देशों में शामिल है, जहां पितृत्व अवकाश के लिए कोई राष्ट्रीय नीति नहीं है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा है कि एक साल से कम उम्र के लगभग दो तिहाई बच्चे उन देशों में रहते हैं, जहां उनके पिता को उनके साथ एक भी दिन रहने का कानूनी रूप से अवकाश नहीं मिलता है। भारत और नाइजीरिया में बच्चों की आबादी बहुत ज्यादा है। लेकिन, इन दोनों देशों ने इस तरह की कोई राष्ट्रीय नीति नहीं बनाई है कि नए पिता बने लोगों को अपने नवजात शिशुओं के साथ रहने का पर्याप्त मौका मिल सके। हालांकि, इसने कहा है कि पूरी दुनिया में परिवारोन्मुख नीतियां बनाने की प्रवृत्ति बढ़ी है। उदाहरण के लिए भारत सरकार अगले संसद सत्र के दौरान पितृत्व लाभ विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत तीन महीने का पितृत्व अवकाश मिल सकेगा। यूनिसेफ ने कहा है कि इस सिलसिले में अभी काफी काम किए जाने की जरूरत है। अमेरिका सहित दुनिया के आठ देश ऐसे हैं, जहां मातृत्व अवकाश या पितृत्व अवकाश के लिए कोई राष्ट्रीय नीति नहीं है।संयुक्त राष्ट्र, प्रेट्र : यूनिसेफ ने कहा है कि भारत दुनिया के उन लगभग 90 देशों में शामिल है, जहां पितृत्व अवकाश के लिए कोई राष्ट्रीय नीति नहीं है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा है कि एक साल से कम उम्र के लगभग दो तिहाई बच्चे उन देशों में रहते हैं, जहां उनके पिता को उनके साथ एक भी दिन रहने का कानूनी रूप से अवकाश नहीं मिलता है। भारत और नाइजीरिया में बच्चों की आबादी बहुत ज्यादा है। लेकिन, इन दोनों देशों ने इस तरह की कोई राष्ट्रीय नीति नहीं बनाई है कि नए पिता बने लोगों को अपने नवजात शिशुओं के साथ रहने का पर्याप्त मौका मिल सके। हालांकि, इसने कहा है कि पूरी दुनिया में परिवारोन्मुख नीतियां बनाने की प्रवृत्ति बढ़ी है। उदाहरण के लिए भारत सरकार अगले संसद सत्र के दौरान पितृत्व लाभ विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत तीन महीने का पितृत्व अवकाश मिल सकेगा। यूनिसेफ ने कहा है कि इस सिलसिले में अभी काफी काम किए जाने की जरूरत है। अमेरिका सहित दुनिया के आठ देश ऐसे हैं, जहां मातृत्व अवकाश या पितृत्व अवकाश के लिए कोई राष्ट्रीय नीति नहीं है।


UPPSS : सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार पुनरीक्षण पर प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक/प्रधानाध्यापक के पदों पर कार्यरत शिक्षकों के चयन/प्रोन्नत वेतनमान स्वीकृत होने पर वेतन निर्धारण के सम्बन्ध में ।

UPPSS : सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार पुनरीक्षण पर प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक/प्रधानाध्यापक के पदों पर कार्यरत शिक्षकों के चयन/प्रोन्नत वेतनमान स्वीकृत होने पर वेतन निर्धारण के सम्बन्ध में ।



SHIKSHAMITRA, CM, MEETING : सीएम से वार्ता के बाद शिक्षामित्रों में जगी आस, तीन महीने के लिए स्थगित किया आन्दोलन, बढ़ सकता है मानदेय, बातचीत में कई राज्यों के माडलों पर हुई मंत्रणा

SHIKSHAMITRA, CM, MEETING : सीएम से वार्ता के बाद शिक्षामित्रों में जगी आस, तीन महीने के लिए स्थगित किया आन्दोलन, बढ़ सकता है मानदेय, बातचीत में कई राज्यों के माडलों पर हुई मंत्रणा


 लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अपने भविष्य को लेकर कई बार आन्दोलित हो चुके प्रदेश के एक लाख 70 हजार शिक्षामित्रों को बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लगभग 30 मिनट वार्ता हुई। एनेक्सी में शिक्षामित्रों के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधिमण्डल ने अपनी बात रखी। मुखयमंत्री के सकारात्मक रुख के बाद अब शिक्षामित्रों में फिर बेहतर परिणाम की आस जगी है। सीएम की ओर से इस चुनौती के निराकरण के लिए दो माह की मोहलत मांगी गयी तो शिक्षामित्रों ने आन्दोलन को तीन महीने के लिए स्थगित कर दिया। कहा कि शिक्षामित्रों को लेकर भाजपा शासित कई राज्यों में अलग-अलग मॉडल लागू है। सरकार उनमें से कोई भी मॉडल यूपी में लागू कर दे। दूरस्थ बीटीसी का प्रशिक्षण लेकर सहायक अध्यापक पदों पर समायोजित हो चुके शिक्षामित्रों का कहना था कि समायोजन रद होने पर वह आर्थिक तंगी के शिकार हैं। सरकार ने मानदेय सिर्फ दस हजार रुपये रखा है, इससे उन्हें परिवार के पालन पोषण में दिक्कत आ रही है। वार्ता में शिक्षामित्रों की ओर से गाजी इमाम आला, प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव के साथ पांच अन्य नेता शामिल थे। 


सरकार की ओर से वार्ता में मुख्यमंत्री के साथ अपर प्रमुख सचिव प्राथमिक शिक्षा राज प्रताप सिंह, निदेशक बेसिक शिक्षा सव्रेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह के साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय के अफसर भी मौजूद थे। शिक्षा मित्रों को सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि हाल में दिल्ली में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ होने वाली बैठक में इसको रखा जाएगा और उसके बाद मानदेय बढ़ाने का निर्णय लिया जा सकता है। 


सूत्रों की मानें तो शिक्षामित्रों के मानदेय में दो गुने से ज्यादा की बढ़ोतरी की जा सकता है और इसको 24 हजार रुपये प्रति माह तक किया जा सकता है। उधर सीएम से वार्ता के बाद संगठन के नेता अनिल यादव ने बताया कि अब तीन महीने तक कोई आन्दोलन नहीं होगा। सरकार हरियाणा, एमपी या फिर उत्तराखण्ड के मॉडल को लागू करने का फैसला भी लेगी। सूत्रों का कहना है कि सूबे के एक लाख 24 हजार से ज्यादा प्रशिक्षित शिक्षा मित्रों को बड़ी राहत मिल सकती है।

SCHOOL BAG, SHOES-SOCKS : स्कूलों में निशुल्क बैग, जूते-मोजे का वितरण करेंगे प्रतिनिधि

स्कूलों में निशुल्क बैग, जूते-मोजे का वितरण करेंगे प्रतिनिधि

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊUpdated: Thu, 14 Jun 2018 07:32 PM IST

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प्रमुख संवाददाता-राज्य मुख्यालय

बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने कहा है कि स्कूल खुलने पर यूनीफार्म, पाठ्य-पुस्तके, स्कूल बैग और जूते-मोजे का वितरण जनप्रतिनिधियों से कराए जाए।


जुलाई 2018 में स्कूलों में आउट आफ स्कूल बच्चों का चिह्नांकन कर प्रवेश कराया जाए और बच्चों के नामांकन के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाए। स्कूलों के सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए जाए कि विद्यालय भवन और परिसर की साफ-सफाई तथा रंगाई-पुताई का काम स्कूल खुलने से दो दिन पहले ही करा लिया जाए। शौचालय की साफ-सफाई करा ली जाये और ग्राम प्रधान से विचार-विमर्श कर गांव स्तर पर कार्यरत सफाईकर्मी के माध्यम से नियमित सफाई की व्यवस्था की जाए।

GOVERNMENT ORDER, CLERK, BSA : प्रदेश के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्यरत परिषदीय कर्मचारियों से राजकीय कार्य न लिये जाने के सम्बन्ध में निर्गत निर्देशों का क्रियान्वयन अग्रिम आदेश तक स्थगित किये जाने के सम्बन्ध में ।

GOVERNMENT ORDER, CLERK, BSA : प्रदेश के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्यरत परिषदीय कर्मचारियों से राजकीय कार्य न लिये जाने के सम्बन्ध में निर्गत निर्देशों का क्रियान्वयन अग्रिम आदेश तक स्थगित किये जाने के सम्बन्ध में ।


INTERDISTRICT TRANSFER, BASIC SHIKSHA NEWS : बेसिक शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण आदेश हुए जारी, जनपद/ब्लॉक/बैंक खाता/पैन नंबर फीड कर डाउनलोड करें अंतरजनपदीय ट्रांसफर आदेश

INTERDISTRICT TRANSFER, BASIC SHIKSHA NEWS : बेसिक शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण आदेश हुए जारी, जनपद/ब्लॉक/बैंक खाता/पैन नंबर फीड कर डाउनलोड करें अंतरजनपदीय ट्रांसफर आदेश

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🔵 स्थानांतरित शिक्षकों को 28 जून तक मूल जनपद से कार्यमुक्त होकर स्थानांतरित जनपद में योगदान देने का आदेश
🔵 स्थानांतरित जनपद में 7 जुलाई तक पदस्थापित किये जाने का आदेश
🔵 ट्रांसफर आदेश के साथ जारी सचिव परिषद के निर्देश देखें व डाउनलोड करें ।

GOVERNMENT ORDER, FORM, INTERDISTRIC TRANSFER, PROMOTION, RELEAVING : पदावनति स्‍वीकार करने के बाद अर्न्‍तजनपदीय स्‍थानान्‍तरण के फलस्‍वरूप कार्यमुक्‍त किये जाने के सम्‍बन्‍ध में देखें दिनांक 14/09/2012 का शासनादेश ।

GOVERNMENT ORDER, FORM, INTERDISTRIC TRANSFER, PROMOTION, RELEAVING : पदावनति स्‍वीकार करने के बाद अर्न्‍तजनपदीय स्‍थानान्‍तरण के फलस्‍वरूप कार्यमुक्‍त किये जाने के सम्‍बन्‍ध में देखें दिनांक 14/09/2012 का शासनादेश ।



FORM, INTERDISTRICT TRANSFER, RELEAVING : अंतर्जनपदीय स्थानान्तरण कार्यभार मुक्ति फॉर्म ।

FORM, INTERDISTRICT TRANSFER, RELEAVING : अंतर्जनपदीय स्थानान्तरण कार्यभार मुक्ति फॉर्म ।

HEAD TEACHERS, DIRECTOR, CIRCULAR : दिनांंक 02 जुलाई को परिषदीय विद्यालय खुलने से पूर्व समस्त प्र0अ0 द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराये जाने सम्बन्धी जारी आदेश देखें ।

HEAD TEACHERS, DIRECTOR, CIRCULAR : दिनांंक 02 जुलाई को परिषदीय विद्यालय खुलने से पूर्व समस्त प्र0अ0 द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराये जाने सम्बन्धी जारी आदेश देखें ।



PRERAK, BASIC SHIKSHA NEWS : शिक्षा प्रेरकों के साथ किया जाएगा न्याय, अनुपमा जायसवाल से आश्वासन मिलने के बाद दस दिन से चल रहे धरने को बुधवार को दिया विराम

PRERAK, BASIC SHIKSHA NEWS : शिक्षा प्रेरकों के साथ किया जाएगा न्याय, अनुपमा जायसवाल से आश्वासन मिलने के बाद दस दिन से चल रहे धरने को बुधवार को दिया विराम


लखनऊ : शिक्षा प्रेरकों ने बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार अनुपमा जायसवाल से आश्वासन मिलने के बाद दस दिन से चल रहे धरने को बुधवार को विराम दे दिया। अनुपमा जायसवाल ने प्रेरकों को आश्वस्त किया कि उनके साथ न्याय किया जाएगा। आदर्श लोक शिक्षा प्रेरक वेलफेयर असोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सतेन्द्र यादव ने बताया विभिन्न मांगों को लेकर उनका धरना ईको गार्डन में 4 जून से चल रहा था। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों की मांग है कि 31 मार्च 2018 के बाद समाप्त हुई योजना को नियमित रूप से चलाने के लिए पंचवर्षीय योजना में विस्तार किया जाए। अब तक 31 मार्च 2018 के अवशेष मानदेय 665 करोड़ रुपये का एक मुश्त भुगतान किया जाए। प्रशिक्षित एवं टैट क्वॉलिफाइड शिक्षा प्रेरकों को परिषदीय विद्यालय में शिक्षणेत्तर कर्मचारी के पद पर समायोजित किया जाए।


MEETING, CM, SHIKSHAMITRA : शिक्षामित्रों का मानदेय में वृद्धि होगी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों को आश्वस्त किया है कि उनके मानदेय को बढ़ाने के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे

MEETING, CM, SHIKSHAMITRA : शिक्षामित्रों का मानदेय में वृद्धि होगी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों को आश्वस्त किया है कि उनके मानदेय को बढ़ाने के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊ । शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाया जा सकता है। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों को आश्वस्त किया है कि उनके मानदेय को बढ़ाने के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। बुधवार को उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ संयुक्त मोर्चा के संयोजक गाजी इमाम आला के नेतृत्व में 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की।

शिक्षामित्रों ने मध्यप्रदेश,मेघालय,हरियाणा, हिमाचल प्रदेश मॉडल की तरह यूपी में भी शिक्षामित्रों के समायोजन की मांग रखी साथ ही मानदेय में बढ़ोत्तरी की मांग भी की। शिक्षामित्रों ने इसके बाद धरना खत्म कर दिया। ये धरना 1 जून से राजधानी में चल रहा है। प्रतिनिधिमंडल में शिवकुमार शुक्ला,पुनीत चौधरी,रमेश मिश्रा,अनिल यादव,श्याम जी दुबे,विनोद वर्मा शामिल थे।

शिक्षामित्रों को सीएम से फिर मिला आश्वासन, आंदोलन हुआ स्थगित

लखनऊ : उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों को सीएम योगी अदित्यनाथ ने बुधवार को आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी मांगों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद मोर्चा के प्रदेश सह संयोजक अनिल कुमार यादव ने तीन महीने के लिए आन्दोलन स्थगित करने की घोषणा की।
मोर्चा सरंक्षक शिव कुमार शुक्ला के अनुसार शिक्षामित्रों की मांग है कि 9 अगस्त 2017 को पारित अधिनियम में वर्णित अधिकारों से शिक्षामित्रों को शामिल किया जाए और उत्तराखंड की तर्ज पर उन्हें 4 साल की छूट दी जाए ताकि वह न्यूनतम आर्हताएं हासिल कर सकें। प्रदेश में कार्यरत समस्त शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर दोबारा बहाल होने तक समान कार्य, समान वेतन का लाभ दिया जाए। साथ ही उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश के आधार पर 12 माह 62 वर्ष तक सभी शिक्षामित्रों को स्थायित्व दिया जाए। वार्ता में मोर्चा के संरक्षक शिव कुमार शुक्ला, प्रदेश संयोजक गाजी इमाम आला और सह सहंयोजक अनिल कुमार यादव संग श्याम दुबे के साथ पुनीत चौधरी, रमेश चन्द्र मिश्र, श्रीराम द्विवेदी और विनोद वर्मा शामिल रहे।

DELED : सत्र 2018 में प्रवेश डीलएड की काउंसिलिंग आज से, स्टेट रैंक घोषित, संस्थान का विकल्प भरकर च्वाइस लॉक नहीं करेंगे तो भी मान्य

DELED : सत्र 2018 में प्रवेश डीलएड की काउंसिलिंग आज से, स्टेट रैंक घोषित, संस्थान का विकल्प भरकर च्वाइस लॉक नहीं करेंगे तो भी मान्य


राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : डीएलएड (पूर्व में बीटीसी) में प्रवेश पाने के लिए ऑनलाइन काउंसिलिंग गुरुवार से शुरू हो रही है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी डॉ. सुत्ता सिंह ने स्टेट रैंक घोषित करने के साथ ही तारीखवार कार्यक्रम भी जारी किया है। काउंसिलिंग के दौरान ही जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान यानि डायट व अन्य निजी कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया भी चलेगी। इस बार संस्थान आवंटन के कई नियमों में बदलाव हुआ है, इससे अभ्यर्थी संस्थान की पसंद सावधानीपूर्वक भरे। संस्थान का विकल्प वेबसाइट के माध्यम से भरना है। अभ्यर्थी अपनी रैंक देख सकते हैं। उसी पर संस्थान का विकल्प भरने के दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। 


संस्थानों को भी सख्त निर्देश : प्रदेश के सभी प्रशिक्षण संस्थान प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों की ऑनलाइन रिपोर्ट हर हाल में चार जुलाई को रात आठ बजे तक वेबसाइट पर लॉक कर दें। ऐसा न करने वाले संस्थानों को अगले चरण में रिक्त सीटों के सापेक्ष अभ्यर्थी आवंटित नहीं होंगे। यदि कोई अभ्यर्थी संस्थानों का चयन करके वेबसाइट लॉक नहीं करता है तो भरे विकल्पों को स्वत: लॉक मान लिया जाएगा और उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। निर्देश है कि सभी अभ्यर्थी अधिक से अधिक विकल्प भरे, ताकि संस्था आवंटन में परेशानी न हो। अभ्यर्थी चाहें तो एक बार में वरीयता क्रम में सभी संस्थानों का विकल्प दे सकते हैं।


आवंटन पत्र को देना होगा दस हजार : 


अभ्यर्थी की मेरिट के अनुसार प्रशिक्षण के लिए आवंटित संस्था में प्रवेश पाने को आवंटन पत्र का प्रिंट निकालना होगा। इसके लिए उन्हें वेबसाइट पर दी गई बैंक की लिंक पर जाकर दस हजार रुपये का भुगतान करना होगा। इसके लिए डेबिट, क्रेडिट, इंटरनेट बैंकिंग व अन्य माध्यमों का प्रयोग कर सकते हैं। सीट आवंटन के बाद प्रवेश न लेने या अन्य अभिलेखीय विसंगति मिलने पर अभ्यर्थी के आवंटन पत्र का शुल्क वापस नहीं होगा। 


प्रवेश लेना अनिवार्य, दोबारा नहीं मिलेगा मौका : अभ्यर्थी को विकल्प व मेरिट के अनुसार संस्थान आवंटित होने के बाद उसी कालेज में प्रवेश लेना अनिवार्य होगा। एक बार प्रशिक्षण संस्थान का आवंटन होने के बाद अभ्यर्थी को अगले चरण में फिर से ऑनलाइन काउंसिलिंग में संस्थान चुनने का कोई अवसर नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी तय तारीख पर आवंटन पत्र के साथ अभिलेखीय जांच के लिए संबंधित संस्थान में पहुंचे। 


काउंसिलिंग की समय सारिणी 


14 से 18 जून : चालीस हजार रैंक तक के अभ्यर्थी आवेदन करें। 19 जून को संस्था का आवंटन’19 से 22 जून : चालीस हजार एक से एक लाख 20 हजार रैंक तक। वहीं, 40 हजार रैंक तक में जिन्हें संस्थान आवंटित न हुआ हो। संस्था आवंटन 23 जून’24 से 28 जून : एक लाख 20 हजार एक से ढाई लाख रैंक तक। वहीं, इसके पहले आवेदन करने वाले वह अभ्यर्थी जिन्हें संस्थान आवंटित न हो। संस्था का आवंटन 29 जून। 


नोट : 20 जून से चार जुलाई शाम पांच बजे तक प्रवेश लेने की अंतिम तारीख।डीएलएड प्रवेश काउंसिलिंग की वेबसाइट - ँ33स्र2://4स्रीि’ी.ि¬5.्रल्ल1हेल्प लाइन - 0532-2466761 व 2466769 1ई-मेल आइडी - 4स्रीि’ी¬िें्र’.ङ्घे


SESSION, SCHOOL, BASIC SHIKSHA NEWS : शैक्षिक सत्र बदलने का असर नहीं, माध्यमिक कालेजों में पंजीकरण व परीक्षा फार्म प्रक्रिया जुलाई से बेसिक स्कूलों में छात्र संख्या घटी जुलाई में स्कूल चलो अभियान

SESSION, SCHOOL, BASIC SHIKSHA NEWS : शैक्षिक सत्र बदलने का असर नहीं, माध्यमिक कालेजों में पंजीकरण व परीक्षा फार्म प्रक्रिया जुलाई से बेसिक स्कूलों में छात्र संख्या घटी जुलाई में स्कूल चलो अभियान


राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश भर में शैक्षिक सत्र शुरू करने का समय बदल चुका है लेकिन, स्कूल-कालेजों में इसका कोई असर नहीं है। जिस तरह से स्कूलों में पहले अगस्त व सितंबर माह में पढ़ाई शुरू होती थी, वही ढर्रा अब भी बरकरार है। इससे यह बदलाव बेमतलब साबित हो रहा है। शासन स्तर पर भी आधी-अधूरी तैयारियों का प्रभाव पढ़ाई पर पड़ रहा है। 


सूबे में नए शैक्षिक सत्र का शुभारंभ एक अप्रैल से सभी स्कूल-कालेजों में हो रहा है। अधिकांश माध्यमिक कालेज माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित हैं। उसका हाईस्कूल व इंटर का परीक्षा परिणाम अन्य वर्षो की अपेक्षा काफी पहले 29 अप्रैल को जारी हुआ। ऐसे में कक्षा नौ, दस व बारह के छात्र-छात्रओं की कक्षाएं जैसे-तैसे चलीं। हालांकि बोर्ड अफसरों ने तेजी दिखाकर मध्य अप्रैल तक किताबें बाजार में मुहैया करा दी थी, फिर भी कक्षाएं नियमित नहीं हो सकी। यही नहीं, जुलाई से कक्षा 9 व 11 का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू करने की तैयारी है तो अगस्त में हाईस्कूल व इंटर के परीक्षा फार्म भरवाए जाएंगे। यह कार्य जुलाई से सत्र शुरू होने पर एक माह बाद शुरू होता था। अब आंशिक सुधार हुआ है। ऐसे ही सीबीएसई बोर्ड ने मई के अंत में रिजल्ट घोषित किया। उन कालेजों में भी पढ़ाई का यही हाल रहा। 


सबसे खराब हाल बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों का रहा। सत्र का समय तय होने के बाद भी छात्र-छात्रओं को किताब, ड्रेस, बैग आदि मुहैया कराने की तैयारी पहले नहीं हो सकी। विद्यालयों को ऐन मौके पर निर्देश हुआ कि पुराने सत्र की किताबें छात्रों से लेकर पढ़ाई कराई जाए। शिक्षकों ने इसका अनुपालन जरूर किया लेकिन, केवल किताबों की अदला-बदली ही हुई, पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी। इसीलिए विद्यालयों में छात्रों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है। नामांकन बढ़ाने के लिए जुलाई में भी स्कूल चलो अभियान को विस्तार देने की पूरी उम्मीद है। वहीं, किताबें व अन्य सामग्री भी छात्रों को जुलाई-अगस्त में ही मुहैया हो सकेगी। 


खास बात यह है कि पिछले वर्ष सरकार ने स्वेटर बांटने का निर्णय लिया। इसके लिए अफसर स्वेटर मुहैया कराने की एजेंसी तलाशते रहे। इसमें देर होने से ठंड शुरू हो गई लेकिन, एजेंसी नहीं मिली। अंत में शिक्षकों को ही यह जिम्मेदारी सौंपी गई। ऐसे ही बीते सत्र में भी किताबें दिसंबर तक बांटी गई।

DELED, ADVERTISEMENT : डीएलएड (पूर्व में बीटीसी) प्रशिक्षण वर्ष 2018 में ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को उनके मेरिट के सापेक्ष प्रशिक्षण संस्थान के आवंटन हेतु संस्थान का विकल्प भरने के लिए दिशा निर्देश जारी, देखें

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INTERDISTRICT TRANSFER, BASIC SHIKSHA NEWS : 11963 बेसिक शिक्षकों का एक से दूसरे जिले में तबादला

INTERDISTRICT TRANSFER, BASIC SHIKSHA NEWS : 11963 बेसिक शिक्षकों का एक से दूसरे जिले में तबादला

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के 11963 शिक्षकों की आखिरकार एक साल के लंबे इंतजार के बाद पसंदीदा जिलों में तबादले की मुराद पूरी हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सचिवालय एनेक्सी स्थित अपने कार्यालय में परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की ऑनलाइन अंतर जिला तबादला प्रक्रिया का शुभारंभ किया। स्थानांतरित किये गए शिक्षकों में से 8918 प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक हैं, जबकि 3045 प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक हैं।

मुख्यमंत्री ने स्थानांतरण की प्रक्रिया हर हाल में 30 जून तक पूरी करने का निर्देश दिया है। कहा कि जून के बाद कोई भी ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि छुट्टी, ट्रांसफर पोस्टिंग आदि के लिए शिक्षकों का धनदोहन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी शिकायतें मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

इन जिलों से नहीं स्थानांतरित किये गए शिक्षक : महराजगंज, सिद्धार्थनगर, औरैया, कुशीनगर, बदायूं, श्रवस्ती, शाहजहांपुर व लखीमपुर खीरी के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षक भी अन्यत्र नहीं भेजे गए हैं। वजह यह है कि इन स्कूलों में शिक्षकों के 15 फीसद से ज्यादा पद खाली हैं।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के 11963 शिक्षकों की आखिरकार एक साल के लंबे इंतजार के बाद पसंदीदा जिलों में तबादले की मुराद पूरी हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सचिवालय एनेक्सी स्थित अपने कार्यालय में परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की ऑनलाइन अंतर जिला तबादला प्रक्रिया का शुभारंभ किया। स्थानांतरित किये गए शिक्षकों में से 8918 प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक हैं, जबकि 3045 प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक हैं।

मुख्यमंत्री ने स्थानांतरण की प्रक्रिया हर हाल में 30 जून तक पूरी करने का निर्देश दिया है। कहा कि जून के बाद कोई भी ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि छुट्टी, ट्रांसफर पोस्टिंग आदि के लिए शिक्षकों का धनदोहन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी शिकायतें मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

इन जिलों से नहीं स्थानांतरित किये गए शिक्षक : महराजगंज, सिद्धार्थनगर, औरैया, कुशीनगर, बदायूं, श्रवस्ती, शाहजहांपुर व लखीमपुर खीरी के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षक भी अन्यत्र नहीं भेजे गए हैं। वजह यह है कि इन स्कूलों में शिक्षकों के 15 फीसद से ज्यादा पद खाली हैं।


प्रदेश में 11963 बेसिक शिक्षकों के तबादले


मुख्यमंत्री ने किया ऑनलाइन अंतर जिला स्थानांतरण प्रक्रिया का शुभारंभ, प्रक्रिया 30 तक पूरी करने का निर्देश


रिक्त सीटों के सापेक्ष एक चौथाई पदों पर तबादले


राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की अंतर जिला तबादले की प्रक्रिया लंबी चली। प्रदेश भर में शिक्षकों के रिक्त पदों की संख्या भी भरपूर रही। इन पदों के सापेक्ष न तो आवेदन हो सके और न ही जिन शिक्षकों ने पसंदीदा जिले में जाने की अर्जी लगाई, उन्हें मौका ही दिया गया। कुल रिक्त पदों में से सिर्फ एक चौथाई पदों पर ही स्थानांतरण हो सके हैं। अंतिम समय तक नियम बदलने से बड़ी संख्या में शिक्षकों को निराश होना पड़ा है। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों का अंतर जिला तबादला करने के लिए सूबे में पर्याप्त गुंजायश रही है। कुल 47 हजार 485 रिक्त पदों के सापेक्ष पहले चरण में महज 15 हजार ही आवेदन हो सके थे, क्योंकि अपने घर से दूर जिलों में तैनात अधिकांश शिक्षकों की सेवा अवधि पांच वर्ष अभी पूरी नहीं हो सकी है। दूसरे चरण में शिक्षिकाओं के 22 हजार से अधिक आवेदन हुए। बेसिक शिक्षा विभाग ने तबादला आवेदन लेने के समय ही प्राथमिक में गाजियाबाद में रिक्ति शून्य होने का दावा किया था। वहीं, उच्च प्राथमिक में बुलंदशहर, हापुड़, आगरा, मैनपुरी, एटा, हाथरस, मथुरा, कौशांबी, गाजीपुर, लखनऊ, उन्नाव, देवरिया, बाराबंकी, सुलतानपुर, अमेठी, मुरादाबाद, अमरोहा, बलिया, मऊ और शामली में भी पद खाली नहीं थे। इन जिलों में जाने के इच्छुक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने आवेदन ही नहीं किया। शिक्षिकाओं को सर्वाधिक लाभ : अंतर जिला तबादलों में पुरुषों की अपेक्षा महिला शिक्षिकाओं को सर्वाधिक लाभ मिला है। कुल तबादलों में से तीन चौथाई से अधिक शिक्षिकाएं हैं, जबकि गिने-चुने पुरुषों का स्थानांतरण हुआ है, अधिकांश कोर्ट की शरण में हैं। 


राज्य ब्यूरो, लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के 11963 शिक्षकों की आखिरकार एक साल के लंबे इंतजार के बाद पसंदीदा जिलों में तबादले की मुराद पूरी हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सचिवालय एनेक्सी स्थित अपने कार्यालय में परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की ऑनलाइन अंतर जिला तबादला प्रक्रिया का शुभारंभ किया। स्थानांतरित किये गए शिक्षकों में से 8918 प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक हैं, जबकि 3045 प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक हैं। मुख्यमंत्री ने स्थानांतरण की प्रक्रिया हर हाल में 30 जून तक पूरी करने का निर्देश दिया है। कहा कि जून के बाद कोई भी ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि छुट्टी, ट्रांसफर पोस्टिंग आदि के लिए शिक्षकों का धनदोहन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी शिकायतें मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।


इन जिलों से नहीं स्थानांतरित किये गए शिक्षक : भदोही, प्रतापगढ़, कानपुर नगर, इटावा, सुलतानपुर के प्राथमिक विद्यालयों में तैनात किसी शिक्षक का तबादला नहीं किया गया है। वहीं चंदौली, मुजफ्फरनगर, संभल, रायबरेली, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, औरैया, सीतापुर, पीलीभीत, हरदोई, कुशीनगर, बदायूं, श्रवस्ती, कासगंज, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, सोनभद्र, शाहजहांपुर व लखीमपुर खीरी के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षक भी अन्यत्र नहीं भेजे गए हैं। वजह यह है कि इन स्कूलों में शिक्षकों के 15 फीसद से ज्यादा पद खाली हैं। इनके अलावा प्रदेश के आठ एस्पिरेशनल जिलों-सिद्धार्थनगर, श्रवस्ती, बहराइच, सोनभद्र, चंदौली, फतेहपुर, चित्रकूट, बलरामपुर से भी किसी शिक्षक को अन्य जिले में स्थानांतरित नहीं किया गया है। इन जिलों में जाने के इच्छुक शिक्षकों का तबादला करने का निर्णय लिया गया है।


इतने पद थे उपलब्ध : अंतर जिला तबादले के लिए प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के 40766 तथा प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय व सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय के 6719 पद उपलब्ध थे। 


वेटेज अंक के आधार पर हुए तबादले : शासनादेश में दी गई व्यवस्था के अनुसार दिव्यांग/असाध्य/गम्भीर बीमारी/महिला अध्यापकों को उनकी सेवा के प्रत्येक पूर्ण वर्ष के लिए वेटेज अंक प्रदान किये गए। वेटेज अंक के आधार पर शिक्षकों की सूची सार्वजनिक की गई। 


लखनऊ में बुधवार को शास्त्री भवन में बेसिक शिक्षा विभाग की ऑनलाइन अंर्तजनपदीय स्थानांतरण प्रणाली का शुभारंभ करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साथ में उपस्थित बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल व मंत्री संदीप सिंह। 


जुलाई के पहले हफ्ते में बंट जाएं किताबें, यूनिफॉर्म व जूते-मोजे 


मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि परिषदीय स्कूलों के सभी विद्यार्थियों को जुलाई के प्रथम सप्ताह में पुस्तकें, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे आदि उपलब्ध करा दिये जाएं। गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने से पहले ग्राम पंचायत व ग्राम प्रधान के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान चलाकर पूरे स्कूल की साफ-सफाई करा ली जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए तथा टॉयलेट आदि की भी साफ-सफाई करवा ली जाए। बच्चों को मिड-डे मील उपलब्ध कराने की पूरी तैयारी पहले से ही कर ली जाए। 


37396 शिक्षकों ने किया था ऑनलाइन आवेदन 


परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों के ऑनलाइन अंतर जिला तबादले की प्रक्रिया तय करते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने 13 जून, 2017 को पहला शासनादेश जारी किया था। शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया 16 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी, 2018 तक चली। इस समयावधि में कुल 37396 शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन किया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों की ओर से किये गए सत्यापन के बाद इनमें से 31513 आवेदन सही पाये गए। 


शिक्षक आज वेबसाइट से जानेंगे कहां हुआ तबादला


राब्यू, इलाहाबाद : परिषदीय स्कूलों के अंतर जिला तबादले का औपचारिक शुभारंभ होने के बाद शिक्षकों को तबादले की जानकारी 14 जून को हो सकेगी। परिषद सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि शिक्षक सुबह दस बजे से परिषद की वेबसाइट 4स्रङ्गं2्रङ्घी4िस्रं1्र2ँं.ि¬5.्रल्ल पर पैन नंबर व बैंक खाता संख्या भरकर तबादले की स्थिति जान सकेंगे।कूटरचना रोकने को क्यूआर कोड की व्यवस्था 


पहली बार यह व्यवस्था की गई है कि स्थानांतरण आदेश क्यूआर कोड के साथ उपलब्ध होगा जिससे किसी प्रकार की कूटरचना की गुंजायश न रहे। आवेदनकर्ता शिक्षक द्वारा अपना स्थानांतरण आदेश पैन संख्या और बैंक खाता संख्या का इस्तेमाल करते हुए देखा जा सकेगा और उसकी प्रति डाउनलोड की जा सकेगी।

INTERDUSTRICT TRNSFER, CM : यूपी के बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के ऑनलाइन अंतर्जनपदीय ट्रांसफर्स का सीएम योगी ने उद्घाटन किया, 11963 शिक्षकों को मिला मनचाहा ट्रांसफर

INTERDUSTRICT TRNSFER, CM : यूपी के बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के ऑनलाइन अंतर्जनपदीय ट्रांसफर्स का सीएम योगी ने उद्घाटन किया, 11963 शिक्षकों को मिला मनचाहा ट्रांसफर

अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा राज .प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षक जो ट्रांसफर लेटर डाउनलोड करेंगे, उस पर किसी के हस्ताक्षर की जरूरत नहीं है, वह सीधे इस लेटर को ले जाकर जाइनिंग कर पाएंगे।

बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के ऑनलाइन अंतर्जनपदीय ट्रांसफर्स का सीएम योगी ने उद्घाटन किया. इस साल कुल 31,513 शिक्षकों के आवेदन पत्र सही पाए गए थे, जिसमें से 11963 शिक्षकों को मनचाहा ट्रांसफर मिला है. शिक्षक गुरुवार सुबह से ऑनलाइन ट्रांसफर लेटर डाउनलोड कर पाएंगे. आवेदन करने वालों में प्राथमिक विद्यालयों के 8918 और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 3045 शिक्षकों का ट्रांसफर हुआ है, जबकि करीब 62 फीसदी शिक्षकों को निराश होना पड़ा.असल में बेसिक शिक्षा विभाग ने 5 जिलों के प्राथमिक विद्यालयों और 20 जिलों के उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के ट्रांसफर नहीं किए हैं. यह ऐसे विद्यालय हैं, जहां पहले ही शिक्षकों के 15 फीसदी से अधिक पद खाली हैं. इसके अलावा केंद्र सरकार की तरफ से प्रदेश में चिन्हित 8 एस्पिरेशनल जनपदों से भी शिक्षकों का ट्रांसफर नहीं किया गया. हालांकि जिन टीचर्स ने इन जनपदों में आने के लिए आवेदन किया था, उनका ट्रांसफर किया गया है।


अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा राज प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षक जो ट्रांसफर लेटर डाउनलोड करेंगे, उस पर किसी के हस्ताक्षर की जरूरत नहीं है. वह सीधे इस लेटर को ले जाकर जाइनिंग कर पाएंगे. इसके अलावा ट्रांसफर लेटर पर क्यू आर कोड भी दिया गया है, जिससे किसी तरह का फर्जीवाड़ा न हो सके ।


इन जनपदों से नहीं किए गए ट्रांसफर - भदोही, प्रतापगढ़, कानपुर नगर, इटावा और सुल्तानपुर से किसी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक का नहीं हुआ ट्रांसफर
- चंदौली, मुजफ्फरनगर, संभल, रायबरेली, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, औरैया, सीतापुर, पीलीभीत, हरदोई, कुशीनगर, बदायूं, श्रावस्ती, कासगंज, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, सोनभद्र, शाहजहांपुर और लखीमपुर खीरी के किसी उच्च प्राथमिक विद्यालय से नहीं हुआ शिक्षकों का ट्रांसफर ।
8 एस्पीरेशनल जनपदों :- सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बहराइच, सोनभद्र, चंदौली, फतेहपुर, चित्रकूट और बलरामपुर से किसी शिक्षक का ट्रांसफर नहीं।

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