Wednesday, October 16, 2019

BONUS : 15 लाख कर्मचारियों को बोनस की सौगात, अब डीए की आश

BONUS : 15 लाख कर्मचारियों को बोनस की सौगात, अब डीए की आश

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : राज्य सरकार ने दीपावली के मौके पर सूबे के 15 लाख अराजपत्रित राज्य कर्मचारियोंे, शिक्षकों और शिक्षणोत्तर कर्मचारियों को बोनस की सौगात दी है। कर्मचारियों को वर्ष 2018-19 के लिए 30 दिनों के वेतन के बराबर बोनस मिलेगा। बोनस के लिए प्रति कर्मचारी 6908 रुपये की धनराशि मंजूर की गई है। इसका 75 फीसद हिस्सा कर्मचारियों के भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते में जाएगा जबकि 25 फीसद का नकद भळ्गतान किया जाएगा। इस हिसाब से कर्मचारियों को 1727 रुपये का नकद भळ्गतान होगा। बोनस भळ्गतान पर तकरीबन 950 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। 1 बोनस के प्रस्ताव को मळ्ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी मिलने के बाद वित्त विभाग ने मंगलवार को शासनादेश जारी कर दिया है। बोनस का लाभ 4800 रुपये तक ग्रेड वेतन पाने वाले सभी पूर्णकालिक अराजपत्रित कर्मचारियों, राजकीय विभागों के कार्य प्रभारित कर्मचारियों, सहायताप्राप्त शिक्षण व प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मचारियों को मिलेगा। यह सळ्विधा केवल उन कर्मचारियों को मिलेगी जिन्होंने 31 मार्च 2019 तक एक साल की निरंतर सेवा पूरी कर ली हो। जिन कर्मचारियों को 2018-19 में किसी विभागीय अनळ्शासनिक कार्यवाही या आपराधिक मळ्कदमे में दंड दिया गया हो, उन्हें बोनस नहीं मिलेगा। ऐसे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी जिन्होंने बीती 31 मार्च तक तीन वर्ष या उससे अधिक समय तक लगातार काम किया हो उन्हें भी यह सळ्विधा मिलेगी। ऐसे पूर्णकालिक कर्मचारी जिन्होंने बीती 31 मार्च तक एक साल निरंतर सेवा पूरी नहीं की है लेकिन उस तारीख तक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के तौर पर तीन साल या उससे अधिक समय तक लगातार काम करते रहे हों, उन्हें भी यह सळ्विधा मिलेगी। ऐसे कर्मचारियों को बोनस के तौर पर 1184 रुपये मिलेंगे। जो कर्मचारी 31 मार्च 2019 के बाद रिटायर हळ्ए हैं या 30 अप्रैल 2020 तक सेवानिवृत्त होने वाले हों।राज्य ब्यूरो, लखनऊ : राज्य सरकार ने दीपावली के मौके पर सूबे के 15 लाख अराजपत्रित राज्य कर्मचारियोंे, शिक्षकों और शिक्षणोत्तर कर्मचारियों को बोनस की सौगात दी है। कर्मचारियों को वर्ष 2018-19 के लिए 30 दिनों के वेतन के बराबर बोनस मिलेगा। बोनस के लिए प्रति कर्मचारी 6908 रुपये की धनराशि मंजूर की गई है। इसका 75 फीसद हिस्सा कर्मचारियों के भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते में जाएगा जबकि 25 फीसद का नकद भळ्गतान किया जाएगा। इस हिसाब से कर्मचारियों को 1727 रुपये का नकद भळ्गतान होगा। बोनस भळ्गतान पर तकरीबन 950 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। 1 बोनस के प्रस्ताव को मळ्ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी मिलने के बाद वित्त विभाग ने मंगलवार को शासनादेश जारी कर दिया है। बोनस का लाभ 4800 रुपये तक ग्रेड वेतन पाने वाले सभी पूर्णकालिक अराजपत्रित कर्मचारियों, राजकीय विभागों के कार्य प्रभारित कर्मचारियों, सहायताप्राप्त शिक्षण व प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मचारियों को मिलेगा। यह सळ्विधा केवल उन कर्मचारियों को मिलेगी जिन्होंने 31 मार्च 2019 तक एक साल की निरंतर सेवा पूरी कर ली हो। जिन कर्मचारियों को 2018-19 में किसी विभागीय अनळ्शासनिक कार्यवाही या आपराधिक मळ्कदमे में दंड दिया गया हो, उन्हें बोनस नहीं मिलेगा। ऐसे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी जिन्होंने बीती 31 मार्च तक तीन वर्ष या उससे अधिक समय तक लगातार काम किया हो उन्हें भी यह सळ्विधा मिलेगी। ऐसे पूर्णकालिक कर्मचारी जिन्होंने बीती 31 मार्च तक एक साल निरंतर सेवा पूरी नहीं की है लेकिन उस तारीख तक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के तौर पर तीन साल या उससे अधिक समय तक लगातार काम करते रहे हों, उन्हें भी यह सळ्विधा मिलेगी। ऐसे कर्मचारियों को बोनस के तौर पर 1184 रुपये मिलेंगे। जो कर्मचारी 31 मार्च 2019 के बाद रिटायर हळ्ए हैं या 30 अप्रैल 2020 तक सेवानिवृत्त होने वाले हों।

15 लाख कर्मचारियों को बोनस की सौगात

Tuesday, October 15, 2019

GOVERNMENT ORDER, BONUS : प्रदेश के सरकारी वेतन भोगियों को 30 दिन के तदर्थ बोनस 2018-19 देने के सम्बंध में शासनादेश जारी

GOVERNMENT ORDER, BONUS : प्रदेश के सरकारी वेतन भोगियों को 30 दिन के तदर्थ बोनस 2018-19 देने के सम्बंध में शासनादेश जारी

LEAVE, ELECTION : मतदान के दिन होगा अवकाश, संबंधित जिलों में सार्वजनिक अवकाश घोषित

LEAVE, ELECTION : मतदान के दिन होगा अवकाश, संबंधित जिलों में सार्वजनिक अवकाश घोषित

लखनऊ : प्रदेश की 11 विधानसभा सीटों पर 21 अक्टूबर को मतदान है। शासन ने इस दिन संबंधित जिलों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। मतदान से संबंधित सहारनपुर, रामपुर, अलीगढ़, लखनऊ, कानपुर नगर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, बाराबंकी, अंबेडकरनगर, बहराइच और मऊ जिले में 21 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

CIRCULAR, DAY, SANITATION : 15 अक्टूबर 2019 को ग्लोबल हैंडवाशिंग-डे के सम्बंध में आदेश जारी

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Monday, October 14, 2019

NCERT, EXAMINATION : प्री-स्कूल में न ली जाए बच्चों की परीक्षा, इस तरह हो मूल्यांकन

NCERT, EXAMINATION : प्री-स्कूल में न ली जाए बच्चों की परीक्षा, इस तरह हो मूल्यांकन


एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला 


प्री-स्कूल में बच्चों की लिखित या मौखिक, किसी तरह की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। यह एक ऐसी प्रथा है जिसके कारण बच्चों की छोटी उम्र से ही अभिभावक उनसे अलग-अलग अपेक्षाएं रखने लगते हैं। ऐसा करना नुकसानदेह हो सकता है। ये कहना है राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) का। 



मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD Ministry) के तहत एनसीईआरटी पाठ्यक्रम बनाने, विकसित करने व इनमें बदलाव करने का कार्य करता है। इस परिषद ने कहा है कि प्री स्कूल के दौरान होने वाले मूल्यांकन से किसी बच्चे पर पास या फेल का टैग नहीं लगाया जाना चाहिए।

एनसीईआरटी के एक अधिकारी ने कहा कि 'अभी हमारे देश में प्री-स्कूल की व्यवस्था इस तरह बनी हुई है कि छोटी उम्र से ही बच्चों पर सीखने के औपचारिक तरीके थोप दिए जाते हैं। उन्हें अंग्रेजी सीखने, होमवर्क और टेस्ट देने का तनाव रहता है। ये सही नहीं है।'

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इसके लिए एनसीईआरटी ने एक सूची (Guidelines for pre-school education) तैयार की है। इसमें बताया है कि प्री-स्कूल में बच्चों का मूल्यांकन करने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।

क्या दिए गए हैं निर्देश

1.एनसीईआरटी ने जो दिशानिर्देश तैयार किए हैं, उनमें मूल्यांकन के कई तरीकों का जिक्र किया गया है। इनमें से कुछ निम्नलिखित हैं - 


2.हर बच्चे के मूल्यांकन के लिए अलग चेकलिस्ट, पोर्टफोलियो और दूसरे बच्चों के साथ उनके संवाद व घुलने-मिलने के तरीकों को आधार बनाया जाना चाहिए।


3.शिक्षकों को बच्चों की गतिविधियां परख कर उनके अलग-अलग नोट्स बनाने चाहिए। कैसे कोई बच्चा समय व्यतीत कर रहा है, भाषा का किस तरह उपयोग कर रहा है, उसके स्वास्थ्य और पोषण की आदतें क्या हैं व अन्य बातों को परखा जाना चाहिए।


4.हर बच्चे का एक फोल्डर बनाया जाए, जिसमें उसकी पूरी जानकारी हो। वह फोल्डर बच्चे के अभिभावकों को भी दिखाया जाए। 

एनसीईआरटी ने इन दिशानिर्देशों में प्री-स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ की सैलरी, उनकी शिक्षा, प्रवेश प्रक्रिया समेत अन्य बातों का भी जिक्र किया गया है।

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