DELED, ADMISSION : डीएलएड के दूसरे फेज की कॉलेज च्वाइस आज से

DELED, ADMISSION : डीएलएड के दूसरे फेज की कॉलेज च्वाइस आज से

इलाहाबाद : डीएलएड (पूर्व में बीटीसी) 2018 में दूसरे चरण के लिए ऑनलाइन काउंसिलिंग 12 जुलाई शुरू है। पहले चरण में प्रवेश के बाद भी कॉलेजों में 147368 सीटें खाली रह गई थी। इन सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया 27 जुलाई तक चलेगी।1परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से कहा गया है कि पहले फेज का कॉलेज आवंटन कर दिया गया है। अब दूसरे फेज में 20 से 26 जुलाई तक स्टेट रैंक एक से लेकर तीन लाख 53 हजार 140 तक के समस्त श्रेणी व वर्ग के वे अभ्यर्थी जिन्हें कॉलेज आवंटित न हुआ हो। उन्हें 27 जुलाई को कॉलेज आवंटित होगा। 1सचिव ने बताया कि कॉलेजों में 20 जुलाई से 31 जुलाई तक शाम पांच तक अभ्यर्थी प्रवेश ले सकेंगे। यही नहीं निर्देश है कि दूसरे फेज में आरक्षित वर्ग की सीटें सामान्य वर्ग में परिवर्तित कर दी जाएंगी, क्योंकि शत-प्रतिशत सीटें भरने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, प्रशिक्षण संस्थान 31 जुलाई को रात आठ बजे तक प्रवेश लेने वालों की रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। डीएलएड का सत्र पांच जुलाई से ही शुरू हो चुका है।

ALLAHABAD HIGHCOURT, ANUDESHAK, MANDEYA : अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय पर निर्णय लेने का निर्देश, 17 हजार मानदेय देने की अपील कोर्ट ने की निस्तारित

ALLAHABAD HIGHCOURT, ANUDESHAK, MANDEYA : अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय पर निर्णय लेने का निर्देश, 17 हजार मानदेय देने की अपील कोर्ट ने की निस्तारित

इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंशकालिक अनुदेशकों को घोषित मानदेय देने के मामले में शिक्षा योजना बोर्ड की कार्यपालक समिति को तीन माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने याची अनुदेशकों से कहा है कि समिति को प्रत्यावेदन दें। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने पल्लवी प्रिया की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याची का कहना है कि मानव संसाधन विकास मंत्रलय के सर्व शिक्षा अभियान के तहत 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय पर अंशकालिक अनुदेशकों की नियुक्ति की योजना लागू की गई लेकिन, प्रदेश में कार्यपालक समिति ने मनमाने तौर पर 9800 रुपये मानदेय ही स्वीकृत किया है।

FAKE, APPOINTMENT, TEACHER : परिषदीय शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियों की होगी जांच, सात जिलों में वर्ष 2010 के बाद हुई नियुक्तियों की जांच का आदेश जारी

FAKE, APPOINTMENT, TEACHER : परिषदीय शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियों की होगी जांच, सात जिलों में वर्ष 2010 के बाद हुई नियुक्तियों की जांच का आदेश जारी

लखनऊ : राज्य सरकार ने प्रदेश भर में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियों की जांच कराने का फैसला किया है। फिलहाल अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा डॉ.प्रभात कुमार ने आगरा, अलीगढ़, फीरोजाबाद, हाथरस, मुरादाबाद, फतेहपुर व हरदोई के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2010 के बाद सहायक अध्यापकों के पद पर हुई नियुक्तियों में अनियमितताओं की जांच कराने का आदेश जारी कर दिया है। इनमें से ज्यादातर नियुक्तियां अखिलेश और मायावती सरकारों के कार्यकाल में हुई थीं। शेष जिलों के लिए भी एक-दो दिन में आदेश कर दिए जाएंगे।

डॉ. कुमार ने गुरुवार को बताया कि शासन को जानकारी मिली है कि पिछले कई वर्षो के दौरान विभिन्न जिलों के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पदों पर बड़ी संख्या में अनियमित, नियमविरुद्ध तथा फर्जी नियुक्तियां की गई हैं। वर्ष 2010 के बाद हुईं इन फर्जी नियुक्तियों की जांच के लिए आगरा, अलीगढ़, फीरोजाबाद, हाथरस, मुरादाबाद, फतेहपुर और हरदोई के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिये गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक और सहायक मंडलीय शिक्षा निदेशक (बेसिक) इस समिति के सदस्य होंगे। समिति अनियमित, नियमों के खिलाफ और फर्जी नियुक्तियों की जांच करेगी। जिलाधिकारी अपनी देखरेख और निर्देशन में इस जांच को पूरी कराएंगे। इसकी समीक्षा खुद अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा करेंगे। डॉ. कुमार ने बताया कि एक-दो दिन में राज्य के अन्य जिलों के संबंध में भी आदेश जारी कर दिया जाएगा।

इन बिंदुओं पर होगी जांच: शासनादेश में जिलाधिकारियों को जांच में विभिन्न बिंदुओं को शामिल करने का निर्देश दिया गया है। इस अवधि में बेसिक शिक्षा विभाग में नियुक्त हुए शिक्षकों के चयन वर्ष में प्रकाशित मेरिट लिस्ट से मिलान कर यह परीक्षण किया जाएगा कि वर्तमान में जो अध्यापक कार्यरत हैं, वे वही हैं जिनके नाम चयन सूची में थे। साथ ही, कोषागार के माध्यम से वेतन सूची प्राप्त कर यह क्रॉसचेक भी किया जाएगा कि जो लोग अब शिक्षण कार्य कर रहे हैं, क्या वे वही चयनित शिक्षक/कर्मचारी हैं जिनके नाम चयन वर्ष की मेरिट लिस्ट में थे। यह भी जांच की जाएगी कि जिन शिक्षकों का नाम चयन सूची में था, उन्होंने इसके लिए कोई आवेदन किया था या नहीं। इस बारे में विज्ञापन/आवेदन पत्र/चयनित अभ्यर्थी की आवश्यक अर्हताओं की जांच भी करायी जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि जो शैक्षिक प्रमाणपत्र अभ्यर्थी ने लगाये हैं, उनका वास्तविक धारक वहीं अभ्यर्थी है। इस प्रमाणपत्र का संबंधित बोर्ड से सत्यापन कराया जाएगा। ऐसे शिक्षकों की सूची भी तैयार की जाएगी जिन्होंने नियुक्ति पत्र रजिस्टर्ड डाक की बजाय सीधे प्राप्त किये।

SHIKSHAMITRA : मूल तैनाती स्थान पर पांच अगस्त 2018 तक वापस होंगे शिक्षामित्र, मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद जारी किया गया शासनादेश

SHIKSHAMITRA : मूल तैनाती स्थान पर पांच अगस्त 2018 तक वापस होंगे शिक्षामित्र, मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद जारी किया गया शासनादेश


मौजूदा स्थान पर बने रहने का विकल्प भी दिया
प्रदेश भर में तैनात हैं 1.37 लाख शिक्षामित्रों

लखनऊ : अरसे से अपनी मूल तैनाती के विद्यालय में वापस जाने की बाट जोह रहे प्रदेश के 1.37 लाख शिक्षामित्रों की यह हसरत पूरी होने जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षामित्रों को उनके मूल तैनाती के विद्यालय में वापस भेजने का शासनादेश गुरुवार को जारी कर दिया है। शासन ने यह कार्यवाही पांच अगस्त तक पूरा करने का निर्देश दिया है।

शासनादेश में सभी शिक्षामित्रों को उनके मूल तैनाती के स्थान पर वापस तैनात करने के लिए कहा गया है। शिक्षामित्रों को अपने वर्तमान तैनाती के स्थान पर बने रहने का विकल्प भी दिया गया है। शासनादेश में कहा गया है कि यदि शिक्षामित्र अपनी मूल तैनाती के स्थान वाले विद्यालय में जाना चाहते हैं तो उन्हें उस विद्यालय में तैनात कर दिया जाए। यदि मूल तैनाती के विद्यालय में अधिक शिक्षक तैनात हैं तो जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन अन्यत्र कर दिया जाए। महिला शिक्षामित्रों को अतिरिक्त विकल्प दिया गया है कि यदि उसी जिले में उनकी ससुराल या पति का घर है और वे उस स्थान के विद्यालय में जाना चाहती हैं तो उन्हें वहां पर तैनात कर दिया जाए।

शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए परिषदीय स्कूलों में वर्ष 2010 तक मानदेय पर शिक्षामित्रों की तैनाती की गई थी। शिक्षामित्र अपने गांव या पास के स्कूल में तैनात किये गए थे। वर्ष 2014 में शिक्षामित्रों का शिक्षक पद पर समायोजन होने पर उन्हें दूसरे विद्यालयों में भेज दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन रद किये जाने के बाद शासन ने 25 जुलाई 2017 को शिक्षामित्रों को उनके मूल पद पर वापस भेजने का आदेश जारी किया था। समायोजन रद होने के बाद शिक्षामित्र अपनी मूल तैनाती के विद्यालय में वापसी की माग कर रहे थे। यह प्रकरण शासन स्तर पर लंबित था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से इस प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद विभाग ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है।

ATTENDANCE, SSA, SCHOOL : स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की होगी पहचान, अधिकारियों की फर्जी आंकड़ेबाजी पर लगेगा अंकुश, स्कूल चलो अभियान के बाद लांच होगा आगमन एप

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CIRCULAR, GRANT, MANDEYA : इटीनरेंट एवं रिसोर्स टीचर्स के 04 माह के मानदेय के भुगतान हेतु धनराशी जारी, जनपदवार आवंटन व दिशा-निर्देश देखें ।

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IGRS : प्रदेश में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के अन्तर्गत जनपदों से संबंधित बेसिक शिक्षा विभाग के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के समबन्ध में ।

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