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एक छत के नीचे 'प्राइमरी का मास्टर' से जुड़ी शिक्षा विभाग की समस्त सूचनाएं एक साथ

अब सीटेट के 82 अंक मान्य : केन्द्र एवं प्रदेश की अध्यापक पात्रता परीक्षा खटाई में -

अब सीटेट के 82 अंक मान्य : केन्द्र एवं प्रदेश की अध्यापक पात्रता परीक्षा खटाई में -

१-सचिव बेसिक शिक्षा परिषद का प्रदेश के सभी बीएसए को आदेश

२-विज्ञान-गणित शिक्षकों की भर्ती में सभी अभ्यर्थीयों को मिलेगा मौका 

जागरण इलाहाबाद : केंद्र एवं प्रदेश सरकार की अध्यापक पात्रता परीक्षा की खाई पट गई है। अब सीटेट पास वे युवा भी मास्टर बन सकेंगे, जिन्होंने 82 अंक पाए हैं। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस आशय का आदेश जारी कर दिया है। ऐसे युवाओं को जल्द विज्ञान-गणित शिक्षकों की भर्ती में मौका मिलेगा।

केंद्र एवं प्रदेश की अध्यापक पात्रता परीक्षा में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के बीच एक अंक की खाई गहरी हो गई थी। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के टेट (टीईटी) छात्रों को भर्ती में मौके मिल रहे थे, जबकि सीटेट अभ्यर्थी प्रक्रिया से बाहर हो गए थे। दरअसल यूपी टेट में 2013-14 से पिछड़ा वर्ग, एससी, एसटी, विकलांग, स्वतंत्रता सेनानी आश्रित व भूतपूर्व सैनिकों को 83 अंक पर उत्तीर्ण का प्रमाणपत्र दिया है। वहीं सीटेट इसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 82 अंक में उत्तीर्ण कर देता है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने सीटेट के अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग से बाहर कर दिया था। इसकी वजह यह थी कि 83 अंक को 55.33 फीसद अंक होते हैं, जबकि 82 अंक में 54.67 फीसद अंक होते हैं। इस वर्ग को पांच फीसद का लाभ दिया जाता है, सो सीटेट वाले पांच फीसद से कम थे।

सीटेट अभ्यर्थियों ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका की थी, तब कोर्ट ने 54.67 फीसद को ही 55 फीसद मानकर प्रवेश देने को कहा था। साथ ही युवाओं ने यह भी कहा कि विज्ञान एवं गणित के भर्ती विज्ञापन में लिखा है कि केंद्र व प्रदेश की अध्यापक पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण लोगों को मौका दिया जाएगा। ऐसे में सीटेट के 82 अंक वाले उत्तीर्ण हैं तब दोहरा मानदंड क्यों अपनाया जा रहा है।

उप्र बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने गुरुवार को सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि सीटेट में 82 अंक वाले उत्तीर्ण माने जाते हैं उन्हें मुख्य सूची में संशोधन करके सीटेट अभ्यर्थियों को शामिल किया जाए। ऐसे में अब यह तय है कि विज्ञान-गणित शिक्षकों की दूसरे चरण की काउंसिलिंग में उन्हें मौका मिलेगा।

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