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एक छत के नीचे 'प्राइमरी का मास्टर' से जुड़ी शिक्षा विभाग की समस्त सूचनाएं एक साथ

हजारों लुटाकर भी हाथ खाली : आवेदकों के लिए जी का जंजाल बन कर रह गई है 72825 पदों पर भर्ती -

हजारों लुटाकर भी हाथ खाली : आवेदकों के लिए जी का जंजाल बन कर रह गई है 72825 पदों पर भर्ती -

१-अब डायटों को आपत्तियाँ भेजने में जेब हो रहीं हैं ढीली 

३-२०११, २०१२ में के दो बार के आवेदनों में हर अभ्यर्थी के खर्च हुए औसतन ४० हजार 

३-लग रहा था जुलाई में ये नियुक्तियाँ होगी पर यूपी सरकार ने फिर से कोर्ट से आठ हफ्ते का समय लिया

४-बेसिक शिक्षा विभाग के इस प्रकार की भर्ती से मानसिक और आर्थिक तौर से परेशान हैं अभ्यर्थी

इलाहाबाद। तीन बरस बीत गए, दो-दो बार आवेदन किया, एक अभ्यर्थी के कम से कम 40 हजार रुपये फुंक गए लेकिन बेसिक शिक्षा परिषद में 72,825 सहायक अध्यापक पदों की भर्ती के रोड़े दूर नहीं हो रहे हैं। लग रहा था कि इस बार जुलाई तक नियुक्तियां हो जाएंगी लेकिन सरकार को फिर से आठ हफ्ते का समय मिल गया। हालांकि प्रक्रिया चल रही है लेकिन तय नहीं है कि अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल ही जाएगी। आलम यह है कि तीन वर्षों में हजारों रुपये लुटाकर भी आवेदकों के हाथ खाली ही हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग की इस भर्ती प्रक्रिया ने आवेदकों को आर्थिक और मानसिक तौर पर अंदर तक तोड़ कर रख दिया है। एक बार फिर से वेबसाइट पर सूची डालकर उसकी आपत्तियां आवेदकों से ली जा रही है जिसमें उन्हें जेब ढीली करनी पड़ रही है।

दिसंबर 2011 में टीईटी होने के बाद आवेदकों को सबसे पहले 500-500 रूपये के बैंक ड्राफ्ट से पांच जिलों के लिए आवेदन करने की छूट दी गई। जिसमें ढाई हजार बैंक ड्राफ्ट, इंटरनेट, आवेदन करने के लिए दस्तावेजों की फोटोकॉपी और स्पीड पोस्ट करने में आवेदकों के पांच रुपये तक खर्च हुए। नौकरी की चाहत में आवेदकों ने रात-रात भर कड़ाके की ठंड में आवेदन किए। विवादित होने पर भर्ती प्रक्रिया ठप हो गई।

इसके बाद 2012 में जब सपा सरकार आई तो उसने पुराने आवेदनों को निरस्त करके नए सिरे से आवेदन लेने शुरू किए। जिसमें जितने जिलों के आवेदन उतने ही 500 रुपये के बैंक ड्राफ्ट। एक बार फिर नौकरी की चाहत में आवेदकों ने उधार लेकर या फिर घर की जमापूंजी लगाकर ज्यादातर जिलों से आवेदन किया। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने सभी जिलों से आवेदन किया और 40 हजार रुपये तक खर्च हुए।

बाद में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि भर्ती प्रक्रिया 2011 के विज्ञापन के आधार पर होगी। एक बार फिर से भर्ती की तैयारी शुरू हुई और डायट से डाटा लेकर एससीईआरटी ने आवेदनों को वेबसाइट पर जारी किया जिसमें गलतियों का अंबार है। एक आवेदक ने अगर 40 जिलों से आवेदन किया है तो कम से कम 35 जिलों के आवेदन में गलतियां है। आवेदक आपत्तियां स्पीड पोस्ट के जरिए डायट में भेज रहे हैं। जितने तरह की आपत्तियां उनके संशोधन के लिए उनते ही तरह के प्रमाणपत्रों की फोटोकॉपी के साथ डायट को स्पीड पोस्ट भेजना। आवेदकों को फिर मोटी रकम लगानी पड़ रही लेकिन यह तय नहीं है कि नियुक्ति मिल ही जाएगी।

    साभार : अमरउजाला

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