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एक छत के नीचे 'प्राइमरी का मास्टर' से जुड़ी शिक्षा विभाग की समस्त सूचनाएं एक साथ

टीईटी प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती : मेरिट सूची में जन जातियों की भरमार-

टीईटी प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती : मेरिट सूची में जन जातियों की भरमार-

१-एटा में तो सभी अभ्यर्थियों की जन्म तिथि एक ही 

२-एटा जिले में मेरिट सूची में ९९ फिसदी अभ्यर्थियों की जन्म तिथि १२जून २९८७ दर्ज है

३-गलती सुधार १५ जुलाई का समय जहाँ प्रत्यावेदन देना 

लखनऊ। पांच दिन बाद गुरुवार को आखिरकार टीईटी शिक्षक भर्ती मेरिट की वेबसाइट खुलनी शुरू हुई। लेकिन मेरिट सूची में खामियों से अभ्यर्थी परेशान हैं। एटा जिले की मेरिट सूची में 99 फीसदी अभ्यर्थियों की जन्म तिथि 12 जून 1987 दर्ज है। पहले पांच स्थानों पर तो अभ्यर्थियों के नाम ही नदारद हैं। अभ्यर्थियों को गलती सुधरवाने के लिए अपना प्रत्यावेदन 15 जुलाई तक संबंधित डायट केंद्रों पर भेजना है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने कई जिलों में आवेदन कर रखा है, ऐसे में त्रुटि संशोधन कराने के लिए उन्हें काफी पेरशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, एससीईआरटी निदेशक सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह कहते हैं कि मेरिट सूची में गड़बड़ी कैसे हुई, यह पता लगाना मुश्किल है। फिलहाल अभ्यर्थी प्रत्यावेदन देकर गड़बड़ी सही करवा सकते हैं।

नए प्रारूप को लेकर भी असमंजस प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए प्रत्यावेदन का नया प्रारूप जारी किया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि एक्सेल फॉर्मेट में जारी नए प्रारूप में कुछ और सूचनाएं मांगी जा रही हैं। ऐसे में समझ नहीं आ रहा कि पहले कम सूचनाओं के साथ भेजे गए प्रत्यावेदन फॉर्म स्वीकार होंगे या नहीं। वहीं, एससीईआरटी निदेशक सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने प्रारूप में किसी बदलाव से इन्कार करते हुए कहा कि अधिक सूचनाएं अभ्यर्थी के हित के लिए ही मांगी जा रही हैं।
टीईटी प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती मेरिट सूची में
 गलतियों की भरमारडाकघरों में टीईटी अभ्यर्थियों की भीड़टीईटी अभ्यर्थियों को ऑनलाइन संशोधन का प्रत्यावेदन भरने के बाद उसकी फोटो कॉपी डाक से या फिर खुद संबंधित डायट पर जमा करना है। कई जिलों में आवेदन करने के कारण अभ्यर्थी अपना प्रत्यावेदन स्पीड पोस्ट से भेज रहे हैं। ऐसे में डाकघरों में अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के कारण सात-आठ घंटे बाद उनका नंबर आ रहा है। जीपीओ पर गुरुवार सुबह सवा ग्यारह बजे लाइन में लगने वाले आशीष शुक्ला के अनुसार शाम सात बजे तक उनका नंबर नहीं आया। उनके आगे चार-पांच लोग बचे थे कि काउंटर बंद हो गया। ऐसे में फॉर्म जमा करने के लिए उन्हें दूसरी लाइन में लगना पड़ा और कई घंटे लगने के बाद फॉर्म पोस्ट हो पाए।

साभार : अमरउजाला

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