BED : एलयू बीएड प्रवेश परीक्षा की तिथि बढ़ सकती है, फिर बनाए जाएंगे बीएड प्रवेश परीक्षा केंद्र

BED : एलयू बीएड प्रवेश परीक्षा की तिथि बढ़ सकती हैफिर बनाए जाएंगे बीएड प्रवेश परीक्षा केंद्र

सभी जिलों में बनाए जाएंगे परीक्षा केंद्र,

एक केंद्र पर तीन सौ के बजाय पांच सौ अभ्यर्थी होंगे


 लखनऊ : कोरोना संक्रमण के चलते इस वर्ष की बीएड प्रवेश परीक्षा में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। इस बाबत अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग ने सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों संग बैठक की। इसमें लविवि को बीएड प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल परीक्षा स्थगित करने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। वहीं, शासन के आदेशानुसार अब सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाने के भी निर्देश आए हैं, जिसकी वजह से केंद्रों का फिर से निर्धारण किया जा रहा है।


लखनऊ :  आगामी 29 जुलाई को प्रस्तावित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (बीएड)-2020 की तिथि बढ़ाई जा सकती है। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा मोनिका गर्ग की मौजूदगी में सोमवार को विवि में हुई बैठक में इस पर मंथन किया गया। कोरोना को लेकर केन्द्र सरकार के दिशा निर्देश और परीक्षा केन्द्रों को लेकर किए जा रहे बदलावों के मद्देनजर से दिनों शासन ने स्ववित्तपोषित संस्थानों को परीक्षा केन्द्र न बनाने के निर्देश दिए हैं। अब सिर्फ राजकीय और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों को ही केन्द्र आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। बनाना है। इसके लिए दोबारा से प्रक्रिया बता दें कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत इसे 29 जुलाई को प्रदेश भर में 50 जिलों में कराने की तैयारी थी। 


बीएड प्रवेश परीक्षा 2020 कराने की जिम्मेदारी विवि को सौंपी गई है। अभी तक पुराने निर्देशों के हिसाब से तैयारी की जा रही है। विवि के कुलसचिव डॉ.विनोद कुमार सिंह ने बताया कि बीते शुरू की जा रही है। इसके तहत सभी राज्य विश्वविद्यालय को भी पत्र भेजे गए हैं। 8 जुलाई तक सभी से परीक्षा केन्द्र बनाने के लिए राजकीय और सहायता प्राप्त संस्थानों के नाम मांगे गए हैं। इसमें, जिला विद्यालय निरीक्षकों की भी मदद ली जा रही है। ऐसे में परीक्षा की तिथि में परिवर्तन की पूरी संभावनाएं हैं।


सभी जनपदों में होगी परीक्षा कुलसचिव ने बताया पहले परीक्षा 73 जिलों में होनी थी, जिसे बाद में 50 कर दिया गया। अब परीक्षा प्रदेश के सभी जिलों में होगी।हां, केंद्रों की संख्या कम रहेगी। पहले 1440 केंद्र बनाए गए थे। एक केंद्र पर 300 अभ्यर्थियों की परीक्षा कराने की योजना थी। अब एक केंद्र पर अभ्यर्थियों की संख्या 500 की जा रही है।



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