MDM, CIRCULAR, GOVERNMENT ORDER, INSTRUCTION : मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत विद्यालयों में किचेन गॉर्डन विकसित किए जाने के संबंध में दिशा-निर्देश ।

MDM, CIRCULAR, GOVERNMENT ORDER, INSTRUCTION : मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत विद्यालयों में किचेन गॉर्डन विकसित किए जाने के संबंध में दिशा-निर्देश ।
प्रेषक,
रेणका कुमार,
अपर मुख्य सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
समस्त जिलाधिकारी,
उत्तर प्रदेश।
लखनऊः दिनांक:06 अक्टूबर, 2015"

बेसिक शिक्षा अनुभाग-3
विषय : मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत विद्यालयों में किचेन गॉर्डन विकसित किए जाने के संबंध में दिशा-निर्देश ।
महोदय,
अवगत कराया गया है कि मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत विद्यालयों में किचेन गार्डेन विकसित किए जाने के
सबध म भारत सरकार द्वारा की गयी नई पहल के अन्तर्गत राजकीय (जिनमें कक्षा 01 से 05 की कक्षायें संचालित
हा) व परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के प्रांगण में 'स्कल न्यूट्रिशन गार्डेन' अर्थात 'किचेन गार्डन' को प्रोत्साहित किये
जान के निर्देश दिये गये हैं तथा किचेन गार्डेन की स्थापना एवं वार्षिक रख-रखाव हेतु रू0 5000/- प्रति विद्यालय की
धनराशि का प्रावधान किया गया है।
"मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत निर्धारित साप्ताहिक मेनू के अनुसार प्रति कार्य दिवस में अध्ययनरत्
छात्र/छात्राओं को पका-पकाया गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाता है। प्रायः निरीक्षण के समय यह देखा गया
है कि विद्यालय के प्रांगण में अतिरिक्त भूमि का पूर्ण उपयोग नहीं हो पाता है। उक्त के दृष्टिगत विद्यालयों में किचेन
गार्डन को प्रोत्साहन दिया जाना विद्यालय परिसर में मध्यान्ह भोजन.हेत हरी सब्जियां उपलब्ध कराने की दिशा में
एक कारगर प्रयास हो सकता है। विद्यालय में किचेन गार्डेन को प्रोत्साहन दिये जाने के लिये विद्यालयों में अध्ययनरत
छात्र/छात्राओं के माध्यम से विद्यालय के अतिरिक्त भूमि पर क्यारी बनाकर हरी सब्जियां व फल/फूल को
बोने/उगाने हेतु प्रोत्साहित किया जाना एक सफल प्रयोग होगा।
> किचेन गार्डन बनाने के उद्देश्य:-
• बच्चों को मौसमी सब्जियों की उपयोगिता व उसमें पाये जाने वाले पोषण तत्वों के बारे में जानकारी बढ़ाना,
जिससे वह यह संदेश अपने परिवार के सदस्यों तक भी पहुंचा सकें।
• मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत बनाये जा रहे भोजन में किचेन गार्डेन में उगायी गई सब्जियों को मिलाते हुये
उसे और अधिक पोषक बनाना।
• छात्रों में मिल-जुल कर कार्य करने की भावना विकसित करना तथा मनोरंजन एवं व्यायाम के साथ-साथ स्वयं
उगाये गये पौधों के प्रति स्वामित्व/जिम्मेदारी की भावना भी विकसित किया जाना।
अतः भारत सरकार के निर्देशानुसार विद्यालयों में किचेन गार्डेन की स्थापना एवं वार्षिक रख-रखाव की कार्ययोजना
निम्नवत् है:-
> जमीन/स्थान का चिन्हीकरण ।
. प्रत्येक विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा किचेन गार्डेन विकसित किए जाने हेतु विद्यालय में उपलब्ध जमीन का
चिन्हीकरण कराया जायेगा। यदि जमीन की पैमाइश करानी है तो राजस्व विभाग अथवा स्थानीय लेखपाल से कराया
जायेगा।
. ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों में उपयुक्त जमीन की उपलब्धता होती है, किन्तु शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में
जमीन न होने की दशा में छतों/अन्य स्थान पर गमलों, मटके, बोरे, जूट के थैलों आदि में पौधे उगाने की व्यवस्था की जायेगी।

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