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एक छत के नीचे 'प्राइमरी का मास्टर' से जुड़ी शिक्षा विभाग की समस्त सूचनाएं एक साथ

SCHOOL BAG : स्कूल बैग वितरण में किया 26 लाख का घोटाला, इलाहाबाद की आडिट टीम की जांच में हुआ खुलासा, फर्जी छात्रसंख्या के आधार पर घोटाले को दिया अंजाम

SCHOOL BAG : स्कूल बैग वितरण में किया 26 लाख का घोटाला, इलाहाबाद की आडिट टीम की जांच में हुआ खुलासा, फर्जी छात्रसंख्या के आधार पर घोटाले को दिया अंजाम

यू-डायस डाटा की रिपोर्ट ने खोलकर रख दी पोल
बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2016-17 में बच्चों को स्कूल बैग वितरण में 26 लाख पांच हजार 987 रुपये का घोटाला पकड़ा गया है। इलाहाबाद से आई आडिट टीम (भारतीय लेखा तथा लेखा परीक्षा विभाग) ने जांच करने के बाद इसका खुलासा किया है। विभागीय अधिकारियों ने शक की गुंजाइश तक नहीं छोड़ी थी, लेकिन यू-डायस डाटा से मिलान करने पर फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया। इसमें 18047 फर्जी छात्रों के नाम पर गड़बड़ी करने की बात सामने आई है। वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी ने स्कूल बैग वितरण में घोटाले की रिपोर्ट वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) के साथ ही वित्त नियंत्रक (बेसिक शिक्षा) को भेजी है। इस रिपोर्ट से अधिकारियों में हड़कंप है।

वर्ष 2016-17 में परिषदीय, सहायता प्राप्त, जूनियर हाईस्कूल, सहायता प्राप्त मदरसे, राजकीय इंटर कॉलेज में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क बैग वितरित किए जाने थे। जनपद को बैग खरीदने के लिए सरकार ने सात करोड़ 78 लाख 80 हजार 552 रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी थी। शासनादेश के मुताबिक उपभोग प्रमाण पत्र, स्कूल बैगों के सत्यापन एवं भुगतान संबंधी अभिलेख शासन को उपलब्ध कराया जाना था, लेकिन समय पर बैग की खरीद नहीं हुई और न ही वितरण कराया जा सका।

सूत्रों की माने तो विधानसभा चुनाव के बाद बैग वितरित कराए गए, तब तक परीक्षाएं भी संपन्न कराई जा चुकी थी। एडी बेसिक के छह मार्च 2017 को जारी निर्देश पर वित्त एवं लेखाधिकारी ने उपभोग प्रमाण पत्र दिया था, जिसके मुताबिक कुल 5,39,339 छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग वितरण में आवंटित धनराशि 7,78,80,552 रुपये पूर्ण व्यय बताया गया है। एक बैग का मूल्य 144.40 रुपये दर्शाया गया है। इस उपभोग प्रमाण पत्र के आधार पर आडिट टीम ने फरवरी 2014 से मार्च 2017 तक के लेखा अभिलेखों की जांच की, जो एक मई से पांच मई 2017 तक चली। टीम ने 30 सितंबर 2016 के यू-डायस डाटा के अनुसार बैग वितरित किए जाने वाले विद्यालयों की छात्रसंख्या से मिलान किया, जिसमें कुल छात्रसंख्या 5,21,292 पाई गई।

18047 छात्रों की संख्या फर्जी

उपभोग प्रमाण पत्र एवं 30 सितंबर 2016 के यू-डायस डाटा के अनुसार छात्रसंख्या में 18047 विद्यार्थियों का अंतर पाया गया है। टीम ने 144.40 रुपये प्रति बैग के हिसाब से कुल 26,05,987 रुपये का गबन पाया है। इस बाबत टीम ने विभागीय अधिकारियों से जवाब मांगा, तो जांच कर जवाब देने की बात कही गई, जिसे आडिट टीम ने अस्वीकार कर दिया।

आडिट टीम ने अभी हमें कोई जानकारी नहीं दी है। प्रकरण संज्ञान में आया है, तो मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- महेंद्र सिंह राणा, एडी बेसिक, लखनऊ मंडल

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  1. 📌 SCHOOL BAG : स्कूल बैग वितरण में किया 26 लाख का घोटाला, इलाहाबाद की आडिट टीम की जांच में हुआ खुलासा, फर्जी छात्रसंख्या के आधार पर घोटाले को दिया अंजाम
    👉 http://www.basicshikshanews.com/2017/08/school-bag-26.html

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