यूपी के बीएसए-डीआइओएस भ्रष्ट और आरटीआइ कार्यकर्ता दलाल : कई आरटीआइ एक्टिविस्ट कर रहे दलाली : लोकायुक्त
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार चरम पर है। 10 साल से पेपर आउट हो रहे हैं, फर्जी मार्कशीट बन रही हैं, इस तरह नौकरी पाने वाले भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। आज आगरा के एसएन के एमबीबीएस बैच 1965 के गोल्डन जुबली समारोह में अपनी डॉक्टर पत्नी मंजू मेहरोत्रा के साथ शामिल हुए लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा ने बढ़ते भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्ति की। आगरा में लोकायुक्त ने कहा कि उप्र का ऐसा कोई भी बीएसए और डीआइओएस नहीं है, जिसके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत न मिली हो। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग के चेयरमैन का मामला सामने आ चुका है, अभी और भी मामले खुलने हैं। जो लोग पेपर आउट कर और नकल से पास हो रहे हैं, फर्जी मार्कशीट से नौकरी पा रहे हैं, वही भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। पंचायत चुनाव को लेकर कहा कि हजारों शिकायतें आईं, लेकिन कोई सुबूत नहीं था।
नहीं कर सकता राजनीतिक हत्या
लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा ने बताया कि मंत्रियों के भ्रष्टाचार की तमाम शिकायतें मिली हैं। 42 मामलों की जांच कर रिपोर्ट भेज दी गई है। कार्रवाई करना या न करना सरकार और एजेंसी का अधिकार है। मैं किसी की राजनीतिक हत्या नहीं कर सकता हूं, लेकिन संस्तुति के बाद आगे की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
कई आरटीआइ एक्टिविस्ट कर रहे दलाली
लोकायुक्त ने कहा कि तमाम दलाल आरटीआइ एक्टिविस्ट बन गए हैं, वे सूचना मांगकर ब्लैकमेलिंग कर रहे हैं।
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