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संस्कृत के और भी स्कूल (sanskrit school) लिए जाएंगे अनुदान पर : शासन स्तर पर शुरू हुई कवायद

संस्कृत के और भी स्कूल लिए जाएंगे अनुदान पर : शासन स्तर पर शुरू हुई कवायद

लखनऊ। राज्य सरकार कुछ और संस्कृत स्कूलों को अनुदान पर लेने की कवायद जल्द शुरू करने जा रही है। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली के निर्देश पर परीक्षण शुरू कर दिया गया है। जल्द ही माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को निर्देश देने की तैयारी है कि वह इसके लिए जिलेवार रिपोर्ट प्राप्त करते हुए शासन को उपलब्ध कराए। कैबिनेट निर्णय के मुताबिक 246 संस्कृत स्कूलों को अनुदान पर लिया जाना है। इनमें से 77 को अनुदान पर लिया जा चुका है।

प्रदेश में संस्कृत स्कूलों को अनुदान पर लेने की कवायद वर्ष 2007 में शुरू हुई थी। तत्कालीन सरकार ने 12 फरवरी 2007 को कैबिनेट की बैठक में 246 स्कूलों को अनुदान पर लेने का निर्णय किया था। यह प्रक्रिया पूरी हो पाती, इससे पहले प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद छात्र संख्या के चलते इन स्कूलों को अनुदान पर नहीं लिया जा सका। अखिलेश सरकार आने के बाद एक बार फिर से इन संस्कृत स्कूलों को अनुदान पर लेने की कवायद शुरू हुई। इसके लिए 100 छात्रों की अनिवार्यता घटाकर 50 कर दी गई। अखिलेश सरकार ने 5 फरवरी 2014 को कैबिनेट की बैठक में 246 स्कूलों को अनुदान पर लेने संबंधी प्रस्ताव पर मुहर भी लगा दी।

इसके बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने जिलेवार स्कूलों को अनुदान पर लेने के लिए सर्वे कराया। इसमें 333 स्कूलों को शामिल किया गया।

सर्वे में पाया गया कि 109 स्कूल शासन से निर्धारित मानक पूरा करते हैं, 71 स्कूलों में मामूली कमियां थीं तथा 153 स्कूल मानक को पूरा नहीं कर रहे थे। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने सिर्फ 77 स्कूलों को ही अनुदान पर लिया। सरकार ने चूंकि 246 संस्कृत स्कूलों को अनुदान पर लेने का निर्णय किया था, इसलिए शेष स्कूलों को भी मानक पूरा करने का समय देते हुए अनुदान पर लिया जाना है।

     खबर साभार : अमरउजाला

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  1. संस्कृत के और भी स्कूल (sanskrit school) लिए जाएंगे अनुदान पर : शासन स्तर पर शुरू हुई कवायद
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