पेपर न कापी;अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुईं वार्षिक परीक्षाए : व्हाट्स एप पर वितरित किए गए प्रश्नपत्र, श्यामपट पर लिखे गए सवाल-
लखनऊ : बच्चों के पास प्रश्न पत्र नहीं और लिखने के लिए कापियां भी नहीं। कहीं ब्लैक बोर्ड पर सवाल तो कहीं मोबाइल से गुरु जी प्रश्न बोलते नजर आए। कुल मिलाकर भारी अव्यवस्था के बीच परिषदीय विद्यालयों में शुरू हो गईं परीक्षाएं।
काकोरी संवाद सूत्र के मुताबिक शिक्षको के अभाव में बच्चे ही ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न पत्र लिखते नजर आये । परीक्षा कार्यक्रम को लेकर भी संशय रहा जिससे गोहरामऊ पूर्व माध्यामिक विद्यालय में बच्चों को अंकगणित के स्थान पर बीजगणित का प्रश्न पत्र दिया गया। एनपीआरसी ने व्हाट्स एप पर प्रश्नपत्रों का वितरण शिक्षकों को किया। कुछ शिक्षकों के पास व्हाट्स एप की सुविधा न होने की वजह से विद्यालयों में तरह-तरह के प्रश्न पत्र मिलें ।
पूर्व माध्यामिक विद्यालय गोहरामऊ में 15 बच्चे पंजीकृत है। यहां कक्षा सात में बच्चों को बीजगणित का प्रश्न पत्र दिया गया। विद्यालय इंचार्ज रफिया बानो ने बताया कि प्रश्न पत्र आज सुबह ही मिले है। अंकगणित प्रश्नपत्र की फोटो कॉपी नही हो सकी जिससे बच्चो को बीजगणित का प्रश्नपत्र दिया गया। जबकि बच्चे अंकगणित की तैयारी कर आए थे। प्राथमिक विद्यालय भटउजमालपुर में गणित (गिनतारा) का प्रश्नपत्र के स्थान पर विज्ञान (परख) की परीक्षा ली गई ।
विद्यालय इंचार्ज विनीस फतिमा ने बताया कि पहले परीक्षा कार्यक्रम में प्रथम दिन यानी बुधवार को विज्ञान की परीक्षा होने को बताया गया था। बीते मंगलवार का अचानक परीक्षा कार्यक्रम बदल दिया गया। यही हाल भलिया पूर्व माध्यमिक विद्यालय का रहा जहां पहले हिन्दी की परीक्षा होना बताया गया बाद में गणित का। वही गोहरामऊ प्राथमिक विद्यालय और दसदोई ,बहरू, समेत कई विद्यालयों में गणित के तरह तरह के प्रश्न पत्र नजर आये। इसको लेकर दसदोई इंचार्ज दुर्गा देवी दीक्षित ने बताया मुङो गणित का प्रश्न पत्र बडागांव एनपीआरसी से व्हाट्स एप के माध्यम से मिला। जबकि गोहरामउ इंचार्ज अम्बर फतिमा ने बताया कि मेरे पास इस एप की सुविधा न होने से प्रश्न पत्र नही मिल पाया। जिससे प्रश्न पत्रों में यह भिन्नता है। यही नहीं प्रश्नपत्रों के पूर्णाकों में भी अंतर नजर आया।
वही पूर्व माध्यमिक विद्यालय टिकैतगंज गांव में चार शिक्षकों में से मात्र दो शिक्षक शमीमुनिसां व सुषमा मौर्य मौजूद रही। शिक्षकों के अभाव में यहां बच्चे खुद प्रश्नपत्र को ब्लैक बोर्ड पर लिखते नजर आये। वहीं दसदोई, भटउ जमाल पुर के शिक्षक व शिक्षामित्रों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा मे लगे होने को बताया गया।
श्यामपट पर लिखे गए सवाल-
बख्शी का तालाब : परिषदीय विद्यालयों में बुधवार से शुरू हुई परीक्षाओं में अव्यवस्था दिखी। कहीं-कहीं पर प्रश्नपत्र न होने से श्यामपट पर सवाल लिखे गए और कहीं शिक्षकों ने प्रश्नपत्र और कॉपियां खुद खरीद कर परीक्षा कराई। बख्शी का तालाब विकास खंड में कुल प्राथमिक 117 तथा 83 पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। सीतापुर रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय अजरुनपुर में प्रश्नपत्र न होने की वजह से शिक्षकों को श्यामपट पर सवाल लिखने पड़े। जो कापियां दी गईं वह भी बच्चों के चंदे से जुटाए गए धन से। यहां पंजीकृत कक्षा एक से पांच तक पंजीकृत 69 में से 43 बच्चे ही परीक्षा में शामिल हुए। मामपुर बाना में 65 में सी 55 तो भीखापुरवा में 55 में से 50 बच्चे शामिल हुए। बरगदी मगठ में 89 में से 78 तो ताकिया में 74 में से 58 बच्चे परीक्षा देने पहुंचे। ताकिया विद्यालय की शिक्षिका ने बताया कि शिक्षकों ने अपने धन से प्रश्नपत्र और कापियां खरीद कर बच्चों को दीं।
खंड शिक्षा अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को विकास अनुदान निधि से प्रश्नपत्र व कापियां खरीदने के लिए कहा गया है।
परीक्षाओं के नाम पर खानापूर्ति-
माल : प्राथमिक विद्यालय रामनगर में कक्षा पांच में 14 के सापेक्ष तीन, कक्षा चार में 24 की जगह 11 बच्चे उपस्थित थे। यहां परीक्षा जैसी कोई तैयारी नहीं थी, लेकिन जानकारी लेने पर इंचार्ज अध्यापक मो. अकरम ने श्यामपट पर सवाल लिखने शुरू कर दिए। प्राथमिक विद्यालय माल प्रथम में शिक्षक पेड़ के पास खड़े थे। यहां कक्षा पांच में 46 के स्थान पर 24, कक्षा चार में 55 के सापेक्ष 22, कक्षा तीन में 49 के स्थान पर 29 छात्र ही मौजूद थे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय माल में कक्षा आठ में 32 की जगह 17, कक्षा सात में 23 की जगह 13 और कक्षा छह में 26 की जगह 12 छात्र परीक्षा देने पहुंचे थे। कन्या क्रमोत्तर विद्यालय माल में कक्षा आठ में 29 की जगह 16, सात में 31 की जगह 16, छह में 42 के स्थान पर 16 ने परीक्षा दी।
सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप-
परिषदीय विद्यालयों में पंद्रह हजार सहायक अध्यापकों की नियुक्तियों में हो रही हीलाहवाली को लेकर बीटीसी प्रशिक्षु वेलफेयर एसोसिएशन ने लगाया है। एसोसिएशन ने एक बयान जारी कर कहा है कि भर्ती प्रक्रिया के तहत आवेदन की अंतिम तिथि पांच मार्च थी जिसे छह मार्च से दस मार्च तक आवेदनों में संशोधन होना था। सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण अभी तक संशोधन का काम शुरू नहीं हुआ है। एक अप्रैल से परिषदीय विद्यालयों में नए सत्र के शुरू होने से पहले भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होनी है। ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया शुरू होने में तीन महीने होने को आ रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग में सुयोग्य बीटीसी प्रशिक्षितों को केवल इंतजार करना पड़ रहा है। संघ ने सरकार को इस पर ध्यान देने मांग की है|
खबर साभार : दैनिकजागरण/नवभारत टाइम्स
परिषदीय विद्यालयों में उड़ाया जा रहा परीक्षा का मखौल-
लखनऊ (एसएनबी)। राजधानी में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों की वार्षिक गृह परीक्षाएं बुधवार से शुरू हो गयीं लेकिन इन परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा का मखौल उड़ाया जा रहा है। स्थिति यह है कि बच्चों को घरों से कापियां लानी पड़ रही हैं तथा प्रश्नों को ब्लैक बोर्ड पर उतरवाकर परीक्षा करायी जा रही है। यही नहीं बच्चे झुण्डों में बैठकर परीक्षा दे रहे हैं तथा खुलेआम नकल कर रहे हैं।
परिषदीय विद्यालयों में बुधवार से शुरू हुई परीक्षा में पहले दिन सुबह 10 से 12 बजे तक कक्षा एक व दो में मौखिक गणित, कक्षा तीन, चार व पांच में गणित विषय की परीक्षा हुई। दोपहर एक से तीन बजे तक कक्षा एक व दो में गणित लिखित तथा कक्षा तीन, चार व पांच में संस्कृत/उर्दू विषय की परीक्षा का आयोजन किया गया। साथ ही सुबह 10 बजे से कक्षा छह से आठ तक गणित प्रथम अंक गणित की परीक्षा हुई। परीक्षा के दौरान विभिन्न स्कूलों में भारी अव्यवस्थाएं बनी रही तथा परीक्षा मात्र खानापूर्ति बनकर रह गयी। स्थिति यह है कि एक ओर जहां निजी विद्यालयों के बच्चे परीक्षा के दौरान पूरी तरह से तैयारियों में जुटकर परीक्षा देने जाते हैं, वहीं परिषदीय विद्यालयों के बच्चों में परीक्षा को लेकर कोई उत्साह नहीं है। बच्चे परीक्षा देने के लिए भी विद्यालय नहीं आते हैं, ऐसे में शिक्षक खानापूर्ति करने के लिए बच्चों को घरों से बुलाकर किसी तरह परीक्षा में बैठाते हैं। इटौंजा स्थित कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में गणित के प्रश्नपत्र को ब्लैक बोर्ड पर लिखकर परीक्षा करायी गयी। प्रश्नपत्र को लिखने में आधा घंटा लगा और फिर बच्चों ने प्रश्नपत्र की नकल की। यहाँ पर कुल 153 छात्रायें वार्षिक परीक्षा दे रही थीं । बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों को न तो प्रश्नपत्र दिए गये और न ही कापियां दी गई। पूर्व माध्यमिक विद्यालय, इटौंजा में छात्र फर्श पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। पर्याप्त चटाई न होने के कारण बच्चों को फर्श पर बैठना पड़ा। यहाँ पर कुल 210 छात्र अंकित है। इनमें से 205 परीक्षार्थी गणित की परीक्षा दे रहे थे। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय इटौंजा-दो में 11 बजे तक गणित की परीक्षा शुरू नहीं हुई थी, यहाँ पर कुल 165 बच्चें रजिस्टर में अंकित हैं, किन्तु मात्र 65 बच्चें ही उपस्थित थे। शिक्षिका बच्चों को घर से बुलवा रही थी। प्राथमिक विद्यालय उर्दू मीडियम, महोना के बच्चे झुड़ बनाकर ब्लैक बोर्ड से गणित का प्रश्नपत्र लिख रहे थे और साथ ही नकल भी कर रहे थे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय, महोना में बच्चे कमरे में नकल कर रहे थे और शिक्षाकाएँ बाहर बैठी हुई गप्पशप कर रही थीं। काकोरी स्थित परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा भारी अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुई। शिक्षकों के अभाव में बच्चों ने ही ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नपत्र लिखा। परीक्षा कार्यक्रम को लेकर भी संशय रहा, जिससे गोरामऊ पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को अंक गणित के स्थान पर बीज गणित का प्रश्नपत्र दिया गया।
एनपीआरसी ने वॉट्स एप पर शिक्षकों को प्रश्नपत्रों का वितरण किया था। कुछ शिक्षकों के पास वॉट्स एप की सुविधा न होने के कारण विद्यालयों में तरह-तरह के प्रश्नपत्र बांटे गये। पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोहरामऊ में कक्षा सात के बच्चों को बीज गणित का प्रश्नपत्र थमा दिया गया। विद्यालय की इंचार्ज रफिया बानो ने बताया कि प्रश्नपत्र बुधवार की सुबह ही मिले हैं। अंक गणित के प्रश्नपत्र की फोटो कापी नहीं हो सकी, जिससे बच्चों को बीज गणित का प्रश्नपत्र दिया गया, जबकि बच्चे अंक गणित की परीक्षा की तैयारी करके आए थे। प्राथमिक विद्यालय भटऊ जमालपुर में गणित के प्रश्नपत्र के स्थान पर विज्ञान की परीक्षा ली गयी। विद्यालय की इंचार्ज वीनीस फातिमा ने बताया कि पहले परीक्षा कार्यक्रम में प्रथम दिन विज्ञान विषय की परीक्षा होना बताया गया था। इसी प्रकार भलिया पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पहले हिन्दी की परीक्षा होना बताया गया था, बाद में गणित की। गहरामऊ, दसदोई, बहरू सहित कई अन्य प्राथमिक विद्यालयों में गणित के तरह-तरह के प्रश्नपत्रों का वितरण किया गया। इसको लेकर दसदोई विद्यालय की इंचार्ज दुर्गा देवी दीक्षित ने बताया कि मुझे गणित का प्रश्नपत्र बड़ागांव एनपीआरसी महेन्द्र सिंह से वॉट्स एप पर मिला।
साथ ही गोहरामऊ विद्यालय की इंचार्ज अम्बर फातिमा ने बताया कि मेरे पास वॉट्स एप की सुविधा न होने के कारण प्रश्नपत्र नहीं मिल पाया, जिससे प्रश्नपत्रों में यह भिन्नता है। इन प्रश्नपत्रों के पूर्णाकों में भी विभिन्नता पायी गयी। परीक्षा के दौरान पूर्व माध्यमिक विद्यालय टिकैतगंज गांव में चार शिक्षकों में से मात्र दो शिक्षिकाएं ही उपस्थित रहीं। बुधवार से शुरू हुई परिषदीय विद्यालयों की परीक्षाएं बच्चों को लानी पड़ी घरों से कापियां, ब्लैक बोर्ड पर उतारे जा रहे प्रश्नपत्र झुण्ड में बच्चे कर रहे |
खबर साभार : राष्ट्रीयसहारा
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