पीएम के कार्यक्रम की मांगी रिपोर्ट : यूपी जिलेवार तैयार करा रहा है रिपोर्ट
• बीएसए और डीआईएस से मांगी सूचना
•शिक्षा में नहीं होनी चाहिए राजनीति
लखनऊ। शिक्षक दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवाद कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश में कितने बच्चों को दिखाया और सुनाया गया इसकी पूरी रिपोर्ट राज्य सरकार को केंद्र को देनी होगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस संबंध में शीघ्र ही पूरी रिपोर्ट मांगी है। सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की रिपोर्ट तैयार कराने में जुट गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारियों व जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईएस) से जल्द रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें पूछा गया है कि कार्यक्रम कितना सफल रहा व इसमें कितने बच्चे शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षक दिवस के मौके पर स्कूली बच्चों के साथ 3 से 4.45 बजे तक संदेश व संवाद कार्यक्रम रखा था। इसे टीवी, इंटरनेट के साथ रेडियो पर सुना व देखा जा सकता था। उत्तर प्रदेश में इसके लिए जिलेवार तैयारियों के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों से कहा गया था कि बच्चों को तय समय पर एकत्र करके इसे सुनवाया व दिखाया जाए। इसके लिए जरूरी इंतजाम के निर्देश दिए गए थे। प्रमुख सचिव व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक मनोज कुमार सिंह ने यूपी में इस कार्यक्रम की खुद मानीटरिंग की। कहते हैं कि कार्यक्रम में किसी तरह के व्यवधान की सूचना नहीं है। परियोजना निदेशालय से कार्यक्रम के बारे में पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। इसे जल्द ही मिलने की उम्मीद है। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों और इससे जुड़े संस्थानों में आयोजित प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की निगरानी सर्व शिक्षा अभियान की राज्य परियोजना निदेशक कुमुदलता श्रीवास्तव ने स्वयं की।
शिक्षा में नहीं होनी चाहिए राजनीति : महबूब अली
लखनऊ (ब्यूरो)। शिक्षक दिवस पर शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रमों में शिक्षकों को सम्मानित करने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम पर सियासी चर्चा भी हुई। माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली ने कहा कि सपा सरकार शिक्षा में राजनीति के पक्ष में कभी नहीं रही। यही कारण है कि जब शिक्षक दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम की जानकारी मिली तो उसके प्रसारण की अनुमति दे दी गई। हालांकि अली ने कहा कि उन्होंने भी मोदी के भाषण सुने हैं, इसलिए वह जानते हैं कि इससे मीठी गोली के सिवा कुछ मिलने वाला नहीं है। इस अवसर पर माध्यमिक के सात और बेसिक के 17 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
महबूब अली ने कहा कि आज भी कई ऐसे परिवार ऐसे हैं जो अभावों के कारण बच्चों को स्कूल नहीं भेज पाते। सपा सरकार का प्रयास है कि सभी बच्चे शिक्षित हों और इसके लिए कई योजनाएं भी शुरू की गई हैं। सरकार चाहती है कि देश की हर बड़ी कुर्सी पर उत्तर प्रदेश का छात्र ही आगे चलकर बैठे। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में कमी आई है और इसमें सुधार की जरूरत है। मां-बाप बच्चों को जन्म जरूर देता है, लेकिन संस्कार उसमें शिक्षक ही डालता है।
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