टीईटी 2011 प्रकरण : अंकपत्र प्रकरण में गेंद शासन के पाले में
Tue, 16 Jul 2014 12:03 AM (IST)
जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2011 के अंकपत्र मामले में अभ्यर्थी परेशान हालत में इधर-उधर दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन उनका दर्द बांटने वाला कोई नहीं है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस मामले में मौन साध रखा है, लेकिन अंदर खाने में प्रकरण की गंभीरता को लेकर अफसर परेशान है। कहा जा रहा है कि शासन को पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया गया है अब उसके अगले निर्देश का इंतजार है।
टीईटी 2011 की परीक्षा माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कराई थी और अंकपत्र आदि का वितरण 2012 में हुआ था, लेकिन शिक्षक भर्ती के लिए मेरिट बनाने में खेल हुआ। इस मामले में कुछ दबोचे गए और पुलिस ने सारा रिकार्ड जब्त कर लिया। इसके बाद भी निरंतर अभ्यर्थी परिषद मुख्यालय पर जाकर अंकपत्र मांग रहे हैं। कई के अंकपत्र खो गए हैं तो कुछ के अंकपत्र में त्रुटियां हैं। इसे ठीक कराने के लिए आवेदन दिए गए हैं। ऐसे में परिषद निरंतर लिखकर दे रहा है कि उसके पास कुछ नहीं है।
पिछले हफ्ते राजधानी में इस संबंध में बैठक भी हो चुकी है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला और शासन भी चुप है। इस समय परिषद कार्यालय में अभ्यर्थियों की आवाजाही तेज हो गयी है और टीईटी काउंसिलिंग भी करीब आ रही है इससे परिषद के अफसर अंदर-अंदर परेशान हैं। बताते हैं कि अफसरों ने कानपुर देहात की पुलिस को पत्र लिखने की तैयारी में है कि सभी रिकार्ड न रोकें जाएं।
जिन पर संदेह हो उन्हें जारी न करें, लेकिन बाकी प्रमाणपत्र जारी किए जाएं। लेकिन इस मामले में कोई खुलकर बोल नहीं रहा है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव शकुंतला देवी यादव ने कहा कि हमने शासन को सारी स्थिति से अवगत करा दिया है अब उसके निर्देश का इंतजार है।
साभार : दैनिक जागरण
Tue, 16 Jul 2014 12:03 AM (IST)
जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2011 के अंकपत्र मामले में अभ्यर्थी परेशान हालत में इधर-उधर दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन उनका दर्द बांटने वाला कोई नहीं है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस मामले में मौन साध रखा है, लेकिन अंदर खाने में प्रकरण की गंभीरता को लेकर अफसर परेशान है। कहा जा रहा है कि शासन को पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया गया है अब उसके अगले निर्देश का इंतजार है।
टीईटी 2011 की परीक्षा माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कराई थी और अंकपत्र आदि का वितरण 2012 में हुआ था, लेकिन शिक्षक भर्ती के लिए मेरिट बनाने में खेल हुआ। इस मामले में कुछ दबोचे गए और पुलिस ने सारा रिकार्ड जब्त कर लिया। इसके बाद भी निरंतर अभ्यर्थी परिषद मुख्यालय पर जाकर अंकपत्र मांग रहे हैं। कई के अंकपत्र खो गए हैं तो कुछ के अंकपत्र में त्रुटियां हैं। इसे ठीक कराने के लिए आवेदन दिए गए हैं। ऐसे में परिषद निरंतर लिखकर दे रहा है कि उसके पास कुछ नहीं है।
पिछले हफ्ते राजधानी में इस संबंध में बैठक भी हो चुकी है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला और शासन भी चुप है। इस समय परिषद कार्यालय में अभ्यर्थियों की आवाजाही तेज हो गयी है और टीईटी काउंसिलिंग भी करीब आ रही है इससे परिषद के अफसर अंदर-अंदर परेशान हैं। बताते हैं कि अफसरों ने कानपुर देहात की पुलिस को पत्र लिखने की तैयारी में है कि सभी रिकार्ड न रोकें जाएं।
जिन पर संदेह हो उन्हें जारी न करें, लेकिन बाकी प्रमाणपत्र जारी किए जाएं। लेकिन इस मामले में कोई खुलकर बोल नहीं रहा है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव शकुंतला देवी यादव ने कहा कि हमने शासन को सारी स्थिति से अवगत करा दिया है अब उसके निर्देश का इंतजार है।
साभार : दैनिक जागरण

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