BED, FAKE : आंबेडकर विवि आगरा की बीएड 2005 की 812 डिग्री और फर्जी घोषित, 1084 टैंपर्ड पर अब फैसला लेना शेष

BED, FAKE : आंबेडकर विवि आगरा की बीएड 2005 की 812 डिग्री और फर्जी घोषित, 1084 टैंपर्ड पर अब फैसला लेना शेष


डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने बीएड-2005 के मामले में 812 डिग्री और फर्जी मान लीं। विश्वविद्यालय की बुधवार को हुई परीक्षा समिति और कार्य परिषद की बैठक में आपत्ति देने वाले 812 कैंडिडेट को फर्जी मान लिया। एसआईटी की सूची पर 814 ने आपत्ति दी थी। इसमें से सिर्फ दो को ही सही पाया गया।


डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित इंजीनियरिंग संस्थान में कार्य परिषद की बैठक हुई। कुलपति प्रो. अशोक कुमार मित्तल की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में जांच समिति के निर्णयों को रखा गया। विवि की जांच समिति ने एसआईटी की सूची पर प्रत्यावेदन और आपत्ति दर्ज कराने वाले अभ्यर्थियों के आवेदनों का परखा। विवि ने जिन बिन्दुओं पर आपत्ति मांगी थी, ज्यादातर ने उन बिन्दुओं पर सूचना ही नहीं दी थी। जांच समिति ने आपत्तियों को परखने के बाद अपनी रिपोर्ट विवि को सौंप दी। इस पर कार्य परिषद ने फैसला ले लिया।



कार्य परिषद ने आपत्ति देने वाले 814 में से 812 को फेक माना। वहीं दो अभ्यर्थियों की आपत्तियां सही मिलीं। ऐसे में उनके बारे में एसआईटी को रिपोर्ट देने का फैसला लिया गया, ताकि उनके नाम फेक सूची से हटाए जा सकें। बैठक में कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र, परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार, वित्ताधिकारी एके सिंह, प्रो. रामशंकर कठेरिया, डॉ. एसपी सिंह, प्रो. मो. अरशद, प्रो. हेमा पाठक, डॉ. देवेन्द्र कुमार, डॉ. जीके गुप्ता, डॉ. हरीश कुमार शर्मा, प्रो. पीके सिंह, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, प्रो. लवकुश मिश्रा, प्रो. एचएस सोलंकी, प्रो. अजय तनेजा और प्रो. वीके सारस्वत उपस्थित रहे।


अब तक 3635 रोल नंबर हुए फेक

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने एसआईटी की सूची पर आपत्तियां मांगी थीं। इसमें शामिल 814 रोल नंबर पर आपत्ति मिली। फेक सूची में शामिल और आपत्ति ना देने वाले अन्य 2823 रोल नंबर को विवि ने सात फरवरी को हुई कार्य परिषद में फर्जी मान लिया था। विवि अभी तक 3635 रोल नंबर को फर्जी मान चुका है।

1084 टैंपर्ड पर अब लेना है फैसला

एसआईटी की सूची में तीन कैटेगिरी में रोल नंबर को शामिल किया गया था। इसमें फेक, टैंपर्ड और डुप्लीकेट रोल नंबर शामिल थे। विश्वविद्यालय अभी तक फेक मामलों में फैसला ले चुका है। अब विवि टैंपर्ड पर फैसला लेगा। टैंपर्ड की सूची में 1084 रोल नंबर हैं। इन रोल नंबर के परिणाम में अंकों का खेल हुआ था।

Post a Comment

0 Comments