SCHOOL : देश में 76% बच्चों के माता-पिता नहीं चाहते कोरोना वायरस के संक्रमण इस दौर में खुलें स्कूल

SCHOOL : देश में 76% बच्चों के माता-पिता नहीं चाहते कोरोना वायरस के संक्रमण इस दौर में खुलें स्कूल

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देश में 76% बच्चों के माता-पिता नहीं चाहते कोरोना वायरस के संक्रमण इस दौर में खुलें स्कूल

 कोविड-19 संक्रमण इस समय तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते 25 मार्च से ही देश भर के स्कूल बंद हैं। अब कुछ राज्य सरकारें जुलाई में स्कूल दोबारा खोलने की प्लानिंग कर रही हैं। इन सब के बीच देश के अधिकाश पैरंट्स मानते हैं कि कोरोना संक्रमण के बीच स्कूलों को नहीं खोलना चाहिए। देश भर के 76 फीसदी पैरंट्स मानते हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ स्कूलों का संचालन व्यवहारिक नहीं है।

यह बात लोकल सर्कल के एक सर्वे में सामने आई है। इस सर्वे में देश के 224 जिलों के 18 हजार पैरंट्स ने हिस्सा लिया। सर्वे में शामिल 37 प्रतिशत पैरंट्स ने कहा कि जिस जिले में कोरोना के नए मामले 21 दिन तक सामने न आए वहीं पर स्कूलों को खोला जाना चाहिए या फिर जिस स्कूल के 20 किलोमीटर के दायरे में 21 दिन तक कोरोना का कोई नया मामला न आए उन्हें खोला जा सकता है। 16 प्रतिशत ने कहा कि जब तक प्रदेश में कोरोना के मामले आना बंद नहीं होते स्कूल नहीं खोले जाने चाहिए। नए मामले जीरो होने के 21 दिन बाद ही संबंधित राज्यों के स्कूल खुलने चाहिए। जबकि 20 प्रतिशत पैरंट्स मानते हैं कि पूरे देश में जब कोरोना संक्रमण के नए मामले आने बंद हो जाए और इसे तीन हफ्ते हो जाए तभी स्कूलों को खोला जाना चाहिए। सर्वे में शामिल महज 11 प्रतिशत पैरंट्स को ही लगता है कि राज्य सरकार के निर्धारित कलेंडर के मुताबिक ही स्कूल को खुलना चाहिए।

पैरंट्स के अनुसार कई बच्चों के पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट नहीं है ऐसे में टीचर्स को एसएमएस और फोन पर बच्चों से बात करनी चाहिए। 38 प्रतिशत पैरंट्स मानते हैं कि स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं हो पाएगी।

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