FAKE, TEACHER : फर्जी टीचर केस में 25 नहीं बल्कि 9 स्कूलों में काम कर रही थी 'अनामिकाएं'

FAKE, TEACHER : फर्जी टीचर केस में 25 नहीं बल्कि 9 स्कूलों में काम कर रही थी 'अनामिकाएं'

Published By: Shivendra Singh | हिन्दुस्तान टीम, लखनऊ । पिछले एक हफ्ते से जिस अनामिका शुक्ला की चर्चा थी वह आखिरकार मीडिया के सामने आ ही गईं। अनामिका के नाम पर 25 स्कूलों में काम करने और एक करोड़ रुपए कमाने का आरोप था, जबकि वह तो असल में बेरोजगार निकली। अनामिका ने गोंडा बीएसए डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति के सामने पेश होकर अपने डॉक्यूमेंट दिखाए। अनामिका ने कहा कि उन्होंने तीन साल पहले नौकरी के लिए आवेदन जरूर किया था मगर कहीं नौकरी ज्वाइन ही नहीं की थी।

जांच के पाया गया है कि अनामिका शुक्ला के नाम पर दूसरी 'अनामिकाएं' 25 नहीं बल्कि 9 स्कूलों में पढ़ा रही थी। अनामिका ने 2017 में विज्ञान शिक्षक पद पर सुलतानपुर, जौनपुर, बस्ती, मिर्जापुर व लखनऊ जिले के लिए आवेदन किया था। लेकिन इनमें वो जिले नहीं है जहां इन प्रमाणपत्रों पर फर्जी शिक्षिकाएं नौकरी कर रही हैं। फर्जी तरीके से शिक्षिकाएं बागपत, वाराणसी, कासगंज, अलीगढ़, अमेठी, रायबरेली, प्रयागराज, सहारनपुर और अम्बेडकर नगर में काम कर रही थीं।

पूरे प्रदेश में नौ जगह ऐसे मामले, जांच होगी : मंत्री
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में शिक्षिका अनामिका शुक्ला मामले में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने कहा कि अभी तक जांच में सामने आया कि इस प्रमाणपत्र पर 9 स्कूलों में शिक्षिकाएं काम कर रही थीं। इसमें 12,24,700 रुपए मानदेय के रूप में निकले हैं। सभी जिलों में शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन हो रहा है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

गांव वाले देने लगे हैं ताने
अनामिका ने बीएसए को बताया कि उसके एकेडेमिक रिकॉर्ड चोरी कर कई जगह नौकरी करने का मामला प्रकाश में आने के बाद गांव वाले उसे ताने देने लगे थे। इसी के चलते उसे मंगलवार को शपथ पत्र देना पड़ा। अनामिका के पिता सुभाष चन्द्र शुक्ला रेलवे में नौकरी करते थे। इस वजह से उसने रेलवे कालोनी में बने कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज से हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। बीएड करने के बाद अनामिका की शादी मुजेहना ब्लॉक के कमड़ावा गांव निवासी दुर्गेश कुमार शुक्ल से हो गई। उसके परिवार में न वह, न पति और न ही ससुर किसी सरकारी सेवा में हैं।

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