SHIKSHAK BHARTI : 69000 शिक्षक भर्ती में फॉर्म में गलत अंक भरे तो रेस से हो जाएंगे बाहर

SHIKSHAK BHARTI : 69000 शिक्षक भर्ती में फॉर्म में गलत अंक भरे तो रेस से हो जाएंगे बाहर

प्रयागराज। 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में बेसिक शिक्षा परिषद एवं शासन की ओर से अभ्यर्थियों की आवेदन के शैक्षिक रिकार्ड में संशोधन की मांग मंजूर कर दी गई है। इसके अलावा आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबर बदलने की मांग पर भी कोई निर्णय नहीं होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को लॉकडाउन के बावजूद भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने अधिकारियों से आवेदन में संशोधन और मोबाइल नंबर बदलने के बारे में निर्णय लिए जाने की मांग की। 

अभ्यर्थियों का तर्क था कि शिक्षक भर्ती के आवेदन के समय उन्होंने जल्दबाजी में जो रिकार्ड भरे थे, उसमें कुछ संशोधन करना है। वहीं परिषद कार्यालय की ओर से कहा गया कि आखिर में यह अंक उन क्या उन्होंने गलत तरीके से फार्म भर कर परीक्षा पास करने की कोशिश नहीं की? 


परिषद का कहना है कि अब परीक्षा पास होने के बाद काउंसलिंग में गलती पकड़े जाने के डर से अभ्यर्थी आवेदन में संशोधन की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर अन्य अभ्यर्थियों का कहना है कि फार्म भरते समय जो मोबाइल नंबर उन्होंने आवेदन में दर्ज किया था, वह अब काम नहीं कर रहा है। 


कुछ का कहना था कि वह नंबर खो गया या चोरी हो गया। ऐसे में वह मोबाइल नंबर में संशोधन चाहते हैं। परिषद की ओर से इस संबंध में शासन से अनुमति मांगी गई थी, अभी तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं होने से असमंजस की स्थिति बनी है।



केस वन: चमनगंज कानपुर की चांदनी ने 69 हजार शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा के फॉर्म में अपने स्नातक का पूर्णांक 800 की बजाय 900 लिख दिया। अब परिणाम आने के बाद इसमें सुधार के लिए परेशान हैं। शिक्षा निदेशालय स्थित बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय में प्रत्यावेदन देकर संशोधन का अनुरोध किया है।


केस टू: कुशीनगर के विनय यादव ने फार्म में पूर्णांक, प्राप्तांक और प्राप्त प्रतिशत सभी गलत भर दिया था। अब लिखित परीक्षा में पास होने के बाद संशोधन कराने के लिए परेशान हैं। इन्होंने भी बेसिक शिक्षा परिषद में संशोधन के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। ये तो सिर्फ बानगी भर है। 
 

12 मई को घोषित 69 हजार शिक्षक भर्ती के फार्म में सफल सैकड़ों अभ्यर्थियों के फॉर्म में गलत नंबर भरे हैं। पूर्णांक और प्राप्तांक की गलती के कारण अभ्यर्थियों की मेरिट और जिला आवंटन तक प्रभावित हो रहा है। वैसे तो रिजल्ट घोषित होने के साथ ही ऐसे अभ्यर्थियों ने संशोधन के लिए संपर्क करना शुरू कर दिया है। लेकिन फिलहाल कोई राहत मिलती नहीं दिख रही।

ऐसे अभ्यर्थी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन तो कर देंगे लेकिन 3 से 6 जून तक काउंसिलिंग के दौरान जिला चयन समिति उनके अभ्यर्थन पर विचार नहीं करेगी। जो अंक, प्राप्तांक और प्रतिशत लिखित परीक्षा के फार्म में है उसी के आधार पर काउंसलिंग कराई जाएगी। यदि अंकों में किसी प्रकार का अंतर है तो उसे निरस्त कर दिया जाएगा।क्योंकि इससे पहले किसी भी भर्ती में नंबरों की गलती पर कभी विचार नहीं किया गया है। बेसिक शिक्षा परिषद अंकों में संशोधन की छूट देने पर सहमत नहीं है। हालांकि फिलहाल इस मसले पर कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

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