MANTRI, SHIKSHAMITRA : शिक्षामित्रों के कोर्ट जाने से भर्ती प्रक्रिया पर असर नहीं, जब समय आयेगा तो सरकार अपना पक्ष रखेगी -डा.सतीश चन्द्र द्विवेदी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार।

MANTRI, SHIKSHAMITRA, SHIKSHAK BHARTI : शिक्षामित्रों के कोर्ट जाने से भर्ती प्रक्रिया पर असर नहीं, जब समय आयेगा तो सरकार अपना पक्ष रखेगी -डा.सतीश चन्द्र द्विवेदी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ । प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद में होने जा रही 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती का अगले दो से तीन दिनों में परिणाम जारी करने की तैयारी है, इसी बीच सोमवार को भर्ती पर रोक लगाने के लिए शिक्षामित्र सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके हैं। लेकिन शिक्षक भर्ती पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर इस बारे में अमृत विचार की अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। खिलाफ शिक्षा मित्र हाईकोर्ट चले गए थे, वहां भी सरकार के निर्णय कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने योग्य शिक्षक रखना सरकार की ओर से जब सरकार का पक्ष कहा कि विभाग की ओर से सभी लिया गया तो बेसिक शिक्षा राज्य तैयारियां पूरी हैं. आंसर की जारी मंत्री स्वतंत्र प्रभार डा. सतीश प्राथमिकता डा. द्विवेदी ने कहा को सही मानते हए कोर्ट ने भर्ती का योग्य शिक्षकों की तैनाती सरकार आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी की जा चुकी है परिणाम भी जारी की पहली प्राथमिकता है, इसलिए चन्द्र द्विवेदी ने बताया कि सुप्रीम किया जाएगा उन्होंने कहा कि 40 से 45 मेरिट को बदलकर आदित्यनाथ का आदेश है कि कोर्ट में मामला जाने के बाद भी भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए 60 से 65 किया गया था, जिसके 69000 युवाओं के साथ अब

हालांकि कोर्ट ने तीन माह का वक्त सरकार को दिया है। उन्होंने ये भी बताया कि कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए चल रहे लॉकडाउन के बीच थोड़ा बदलाव की प्रक्रिया धीमी हुई है, लेकिन शिक्षा विभाग में अभी और भी सुधार होते रहेंगें।

शिक्षा मित्र बोले,मेरिट के साथ अनुभव भी देखे 

सरकार वहीं दूसरी और नाराज शिक्षा मित्रों का कहना है कि मेरिट तो सरकार देख रही है, लेकिन उनका अनुभव भी एक बार देख लेती उनहें कोर्ट जाने कीजरूरत नहीं पड़ती बता दें कि इससे पहले सपा सरकार में 72826 सहायक अध्यापको की हुई भर्ती के दौरान शिक्षा मित्रों को भी सहायक अध्यापक पद पर सीधे नियुक्त किया गया था. ऐसे मे शिक्षा मित्रों का कहना है कि वे टेट पास कर चुके है, उनका अनुभव भीदस से 12 वर्षों का है, ऐसे में उनके अनुभव के अनुसार उनको भर्ती में वरीयता मिलनी चाहिए।

किसी को भी न्यायालय जाने से नहीं रोका जा सकता है, शिक्षामित्रों का अधिकार है कि वह न्यायालय जाये, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल है, ऐसे में कोई समस्या नहीं है, इसका असर भर्ती पर भी नहीं पड़ेगा. जब समय आयेगा तो सरकार अपना पक्ष रखेगी।
-डा.सतीश चन्द्र द्विवेदी,बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार।

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