MAN KI BAAT : #Fight #Against #Corona पर मेरा विचार.....उत्तर प्रदेश के 16 जनपदों को ही "लाकडाउन" में न रखें बल्कि सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश या यूं कहें 75 जनपदों में पूर्ण रूपेण जनहीत में "लाकडाउन" करने का....

MAN KI BAAT : #Fight #Against #Corona पर मेरा विचार.....उत्तर प्रदेश के 16 जनपदों को ही "लाकडाउन" में न रखें बल्कि सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश या यूं कहें 75 जनपदों में पूर्ण रूपेण जनहीत में "लाकडाउन" करने का....

#Fight #Against #Corona पर मेरा विचार.....
कल के #जनताकर्फ्यू के बाद आज कोरोना के महामारी को सामान्य जन गम्भीरता पूर्वक नहीं ले रहें हैं । कल पीलीभीत जैसे तमाम जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया आदि के माध्यमों से देखा और सुना गया कि लोग कर्मवीरों के प्रोत्साहन हेतु कल दिनांक 22 मार्च के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी जी के आह्वान पर सांय 5 बजे 5 मिनट तक ताली, थाली और घण्टी को समूहों में बजाकर प्रोत्साहित करने की प्रक्रिया को #कोरोनावायरस के भगाने की भ्रांतियों को पालकर कार्य को परिणित रूप देते हुए "जनताकर्फ्यू" का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के मुख्य उपचार को ठेंगा दिखा दिया ।
    आज उत्तर प्रदेश की सामान्य जन सुबह की बेला से ही मान लिया कि कोरोनावायरस भारत को छोड़कर विलुप्त हो गया जबकि वास्तविक रूप में जब यह लेख लिख रहा हूँ तब तक भारत में #CORONA_POSITIVE 425 मरीज न्यूज चैनलों के माध्यमों एवं worldometers.info पर भी दिखा रहा है जिसमें 8 CORONA के मरीज काल के गाल में समां चुके हैं ।
      ताली, थाली और घण्टी बजाकर कोरोना भगाने के उत्साह में देश से लेकर विदेश तक के डाक्टरों, विशेषज्ञों के सलाह के रूप में #COVID19 के मुख्य उपचार #सोशल_डिस्टेंसिंग को पीछे छोड़कर आज लोग समूह में घूमते टहलते देखे जा रहें हैं, जो "जनताकर्फ्यू" के कल के मूल उद्देश्य को बट्टा लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। जिस कारण यदि सरकार द्वारा "लाकडाउन" का सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में या यूं कहें भारत के तमाम राज्यों में समय रहते पालन नहीं कराया गया तो स्थिति भयावह हो सकती है । आज जिस प्रकार से लोग सामान्य तौर पर सामान्य दिनों की तरह ही आने जाने में मशगूल हैं वह कहीं न कहीं बहुत बड़े खतरे अर्थात लोकल स्तर पर कोरोनावायरस के फैलने के संकेत माने जा सकते हैं । वैसे इसमें सरकार की कोई गलती नहीं मानी जा सकती है क्योंकि यदि हम अपने जीवन के प्रति सचेत नहीं है तो फिर सरकार क्या करे? विश्व के तमाम देश अपनी सरकारों की चेतवानी न मानने का परिणाम भुगत रहे हैं । इसका सबसे बड़ा उदाहरण ईटली, ईरान जैसे देश हैं । जो कि भरपूर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता के बाबजूद मूकदर्शक बन कर रह गये हैं क्योंकि जो लापरवाही आज हमारे देश और उत्तर प्रदेश के लोग कर रहे हैं वही उन देशों के लोगों ने किया था जिसका परिणाम आज वहाँ की जनता भुगत रही है और सब  कुछ हाथ से निकलता जा रहा है।
  मेरा व्यक्तिगत तौर पर उत्तर प्रदेश के ओजस्वी मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी महराज से विनम्र निवेदन के साथ आग्रह है कि जैसा कि दिनांक 25 मार्च से नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होने जा रहा है जिसमें आस्था रखने वाले प्रदेश की तमाम जनता मंदिरों में दर्शन-पूजन आदि करने हेतु समूहों में भाग दौड़ करती दिखाई देगी जो कि #कोरोनावायरस के फैलने के लिए मुफीद समय साबित हो सकता है । इस कारण आप से विनम्र आग्रह है कि उत्तर प्रदेश के 16 जनपदों को ही "#लाकडाउन" में न रखें बल्कि सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश या यूं कहें 75 जनपदों में पूर्ण रूपेण जनहीत में "#लाकडाउन" करने का आदेश पारित करने का निर्णय लेने का कष्ट करें । 
लेख में शब्दों के माध्यम से हुई त्रुटि के लिए क्षमा प्रार्थी।

   आपका
दयानन्द त्रिपाठी

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