UPTET : टीईटी अभ्यर्थियों के लिए हड़ताल न बन जाए मुसीबत, श्रम संगठनों की हड़ताल और टीईटी दोनों आठ जनवरी को

UPTET : टीईटी अभ्यर्थियों के लिए हड़ताल न बन जाए मुसीबत, श्रम संगठनों की हड़ताल और टीईटी दोनों आठ जनवरी को




सिविल अस्पताल में उप्र एक्सरे टेक्निशन असोसिएशन की हुई बैठक।
प्रमोशन न होने पर धरना देंगे अस्पतालों के टेक्निशन
निजीकरण के विरोध में आए विभिन्न कर्मचारी संगठन•

एनबीटी, लखनऊ : बिजली के निजीकरण के विरोध में देशभर के 15 लाख कर्मचारी बुधवार को एक दिवसीय कार्य बहिष्कार करेंगे। रविवार को फील्ड हॉस्टल में हुई बैठक में जुटे विभाग के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने आंदोलन की रणनीति बनाते हुए इसकी घोषणा की।

 बैठक में विद्युत संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बिजली के निजीकरण की नियत से आगामी बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी ऐक्ट-2003 को संशोधित करने की तैयारी में है। इस दौरान यूपी राज्य विद्युत परिषद जूनियर संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष जीवी पटेल ने कहा कि पूर्व में विद्युत परिषद के विघटन और निजीकरण नीति असफल प्रयोग साबित हुई है। उन्होंने मांग की कि सभी श्रेणी में इंजिनियरों के रिक्त चल रहे पदों को जल्द भरा जाए। कर्मचारी नेता प्रेमनाथ राय ने मांग की कि निजी घरानों से महंगी दरों पर बिजली खरीदने के बजाय सरकारी क्षेत्र की उत्पादन इकाइयों का नवीनीकरण और उच्चीकरण समय से पूरा किया जाए। तेलंगाना राज्य की तर्ज पर संविदाकर्मियों को वरीयता दी जाए। विद्युत अभियंता संघ के राजीव सिंह ने कर्मचारियों को रिफॉर्म ऐक्ट-1999 और ट्रांसफर स्कीम 2000 के तहत बिजली की सुविधा एलएमवी-10 को जारी रखने की मांग की।

8 को कार्य बहिष्कार करेंगे बिजली कर्मचारी•

एनबीटी संवाददाता, लखनऊ : श्रम संगठनों की प्रस्तावित हड़ताल और शिक्षक पात्रता परीक्षा(टीईटी) एक ही दिन आठ जनवरी को है। देश के सभी प्रमुख आठ संगठनों ने देशव्यापी हड़ताल का नारा दिया है। इस दौरान बैंक, डाक, एलआईसी, परिवहन विभाग समेत करीब 200 से ज्यादा विभागों को बंद रखने का दावा किया गया है। उसी दिन परीक्षा भी है। ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए मुसीबत हो सकती है। यहां तक की सपा और लेफ्ट पार्टियों से जुड़े छात्र संगठनों ने भी हड़ताल में शामिल होने की बात करते हुए कॉलेज और विवि बंद करवाने का फैसला किया है।

परीक्षा देने वालों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए श्रम संगठनों ने खुद मुख्य सचिव को पत्र लिख परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की है। इस परीक्षा में 16 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल होंगे। दलील है कि हड़ताल से अभ्यर्थियों को सेंटर पहुंचने में दिक्कत होगी। इसके अलावा छात्र संगठनों की ओर से हड़ताल का समर्थन करने से भी स्थिति बिगड़ सकती है। सेंट्रल फॉर इंडियन ट्रेड यूनियन के प्रदेश सचिव प्रेमनाथ राय बताते हैं कि हड़ताल का ऐलान एक साल पहले किया गया था। यह राष्ट्रीय हड़ताल है, ऐसे में टाला नहीं जा सकता है। सभी प्रतियोगी परीक्षाएं रविवार को होती हैं लेकिन इस बार टेट बुधवार को रखा गया है। प्रदर्शन में व्यापारी संगठन, बिजली विभाग के कर्मचारी, मजदूर, छात्र संगठन, युवा संगठन और महिला संगठन भी किसानों के आंदोलन में साथ दे रहे हैं।•एनबीटी, लखनऊ : प्रदेश के अस्पतालों में कार्यरत टेक्निशनों ने प्रमोशन की मांग करते हुए धरने की चेतावनी दी है। रविवार को सिविल अस्पताल में उत्तर प्रदेश एक्सरे टेक्निशन असोसिएशन के अध्यक्ष वाईपी शुक्ला की अध्यक्षता में हुई की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में जिला महामंत्री राजेश शुक्ला ने कहा कि 2010 में टेक्निशन वर्ग की ओर से मौजूदा सरकार से प्रमोशन की मांग की गई थी। जिसे 8 सितंबर 2010 को मंजूर कर लिया गया था। लंबा अरसा बीतने के बाद भी प्रमोशन नहीं हुआ। उन्होंने बताया कुछ टेक्निशन रिटायरमेंट की कगार पर हैं, ऐसे में प्रमोशन की जरूरत है। मांग पूरी न होने सभी टेक्निशन एक मार्च को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर धरना देंगे। बैठक में संघ के कार्यकारिणी संरक्षक सतीश गौतम, संयोजक ओपी उपाध्याय, संयुक्त सचिव दिलीप यादव और उपाध्यक्ष राकेश सिंह मौजूद रहे।

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