UPPSS : 21 जनवरी 2020 को उ0प्र0 शिक्षक महासंघ के प्रस्तावित कार्यक्रम के सम्बन्ध में हुई बैठक में शिक्षामित्र प्रदेश अध्यक्ष श्री अनिल कुमार यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधि मण्डल ने भी भाग लेकर जताई प्रतिबद्धता

UPPSS : 21 जनवरी 2020 को उ0प्र0 शिक्षक महासंघ के प्रस्तावित कार्यक्रम के सम्बन्ध में हुई बैठक में  शिक्षामित्र प्रदेश अध्यक्ष श्री अनिल कुमार यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधि मण्डल ने भी भाग लेकर जताई प्रतिबद्धता।

सेवा में,
अध्यक्ष/मंत्री,
समस्त जनपद/महानगर/नगर/विकास क्षेत्र उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ

पत्रांक : ....634-638
दिनांक : ....12-01-2020

विषय : 21 जनवरी 2020 को उ0प्र0 शिक्षक महासंघ के प्रस्तावित कार्यक्रम के सम्बन्ध में।

सम्मानित साथियों,

आपको विदित है कि वर्तमान सरकार के लगभग तीन वर्ष के कार्यकाल में बेसिक शिक्षा के अधिकारियों द्वारा निरन्तर शिक्षा व शिक्षक विरोधी आदेश निर्गत किये जा रहे है। बेसिक शिक्षा के अधिकारियों द्वारा किये जा रहे आदेश जहाँ शिक्षकों की सेवा शर्तों पर कुठाराघात कर रहे हैं वहीं शिक्षकों को अपमानित भी कर रहे हैं। यथा प्रदेश के 158914 परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से लगभग 127000 विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त कर दिये गये है। कारणवश गत तीन वर्षों में एक भी वेसिक शिक्षक की पदोन्नति नहीं हो सकी है। पद समाप्त करने का प्रभाव अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण हेतु निर्गत की गयी रिक्तियों पर भी पड़ रहा है। प्रदेश के लगभग 15000 विद्यालयों का गर्जर करके प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त किये जा चके हैं। प्रदेश के तमाग जनपदो जैसे मऊ, इटाबा. रामपुर आदि के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी निरंकुश होकर शिक्षकों का उत्पीड़न कर रहे हैं तथा भष्टाचार में लिप्त है।
इन अधिकारियों की तमाम शिकायतें शासन व विभाग में करने के उपरान्त भी कोई कार्यवाही नही की जा रही है। प्रदेश के किसी भी विभाग में एक जनपद से दूसरे जनपद में अपनी वरिष्ठता खोकर स्वेच्छा से स्थानान्तरण लेने पर रोवावधि की कोई अनिवार्यता नही है परन्तु प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को पारस्परिक स्थानान्तरण में भी न्यूनतग 03 वर्ष की अनिवार्य रोवावधि निर्धारित की गयी है जिराको शिथिल करने हेतु माननीय मंत्री जी के आश्वासन देने के उपरान्त भी आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण नीति में प्रदेश के आकांक्षी जनपदों में कार्यरत शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार करते हुए दोहरे मापदण्ड अपनाये जा रहे हैं जिससे तगाम शिक्षक अपने परिवारों से पृथक रहने को मजबूर हैं।
प्रदेश भर के शिक्षक उपरोक्त ज्वलंत समस्याओं के साथ ही पुरानी पेशन बहाली
करने, प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक तथा प्रत्येक कक्षा पर अध्यापक की नियुक्ति करने, विद्यालय में छात्रों के बैठने हेतु फर्नीचर, पीने हेतु शुद्ध पेयजल, विजली व पंखे, बाहर दीवारी आदि की व्यवस्था करने, प्रत्येक विद्यालय में सफाई कर्मचारी/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व लिपिक की नियुक्ति, बेसिक शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भाँति उपार्जित अवकाश, द्वितीय शनिवार , निःशुल्क चिकित्सा सुविधा, ए०सी०पी० का लाभ देने, विद्यालयों के संविलियन पर रोक लगाने ग्रेड वेतन 4600 व 4800 पर न्यूनतम मूल वेतन क्रमशः 17140 व 18150 देने, मृत शिक्षकों के आश्रितों को पूर्व की भाँति शिक्षक के पद पर नियुक्ति देने, सामहिक बीमा की बीमित धनराशि 10 लाख रुपये करने, प्रेरणा एप पद्धति को वापस लिए जाने तथा शिक्षकों के सम्मान बचाने आदि की मांगों को लेकर गत 05 सितम्बर 2019 से आन्दोलनरत है।
जिसके अन्तर्गत 05 सितम्बर 2019 को प्रत्येक जनपद मुख्यालय पर बेसिक
शिक्षकों द्वारा शिक्षक दिवस को "शिक्षक सम्मान बचाओ दिवस" मनाकर दिनांक 11
सितम्बर 2019 से 13 सितम्बर 2019 तक जनपद मुख्यालयों पर धरना/प्रदर्शन करके दिनांक 08 नवम्बर 2019 को सभी माननीय विधायकों को ज्ञापन सौंपकर तथा 21 नवम्बर 2019 को प्रदेश भर के लाखों शिक्षकों ने लखनऊ के इको गार्डन में महारैली करके सरकार से अपनी मांगों का निराकरण करने का अनुरोध किया। परन्त दर्भायपूर्ण है कि अभी तक उपरोक्त समस्याओं के निराकरण हेतु कोई कार्यवाही नहीं की गयी है।
उoप्रoशिक्षक महासंघ ने निर्णय लिया है कि प्रदेश भर के शिक्षक दिनांक 21 जनवरी 2020 को सामूहिक आकस्मिक अवकाश लेकर अपने जनपदों के मुख्यालयों पर एकत्र होकर धरना देंगे तथा धरना देकर अपनी मांगों का मांग पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी को प्रेषित करेंगे।
उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षक, महाविद्यालयों के शिक्षक, संस्कृत, अरबिया, उर्दू, मदरसों के शिक्षक सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों के विरूद्ध उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के बैनर तले निरन्तर आन्दोलनरत हैं तथा शिक्षक सम्मान बचाओ आन्दोलन में सम्मिलित है। उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षक दिनांक 21 दिसम्बर 2019 से काली पटटी बांधकर शिक्षक विरोधी नीतियों का विरोध कर रहे है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने यह निर्णय लिया है कि समस्त बेसिक शिक्षक दिनांक 15 जनवरी 2020 से 21 जनवरी 2020 तक काली पट्टी बांधकर सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों का विरोध करेंगे।
उ0प्र0 दूरस्थ बी0टी0सी0 शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मण्डल ने संघ के प्रदेश अध्यक्ष
श्री अनिल कुमार यादव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यालय
87/9 शिक्षक भवन, रिसालदार पार्क, लखनऊ में प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ
पदाधिकारियों के साथ वार्ता की। श्री यादव ने वार्ता के दौरान गत तीन वर्षों में 1800 शिक्षा मित्रों की असमय मृत्यु जैसे अतिसंवेदनशील प्रकरण को उठाते हुए शिक्षा मित्रों की मांगों को उ0प्रशिक्षक महासंघ के मांग पत्र में शामिल करने का अनुरोध किया है। श्री यादव के संगठन के सदस्य शिक्षा मित्र 21 जनवरी 2020 को सामूहिक आकस्मिक अवकाश कार्यक्रम में सम्मिलित रहेंगे। अतः इनके मांग पत्र को भी उ0प्रशिक्षक महासंघ के मांग पत्र के साथ संलग्न किया जाये।
अतः उपरोक्तानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने का कष्ट करें।

भवदीय-

डा.दिनेश चन्द्र शर्मा
   (अध्यक्ष)
 संजय सिंह
   महामंत्री

प्रतिलिपि - निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु सादर प्रेषित।
1. माननीय श्री ओम प्रकाश शर्मा सदस्य विधान परिषद एवं संयोजक उ0प्र0 शिक्षक
महासंघ।
2.समस्त माण्डलिक संगठन मंत्री उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ।
3.श्री अनिल कुमार यादव, प्रदेश अध्यक्ष उ0प्र0दूरस्थ बी0टी0सी0 शिक्षक संघ।
4. कार्यालय प्रति।

डा.दिनेश चन्द्र शर्मा
      अध्यक्ष
   संजय सिंह 
     महामंत्री

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