EDUCATION : प्राथमिक शिक्षा में तैयार होती भविष्य की नींव - राज्यपाल

EDUCATION : प्राथमिक शिक्षा में तैयार होती भविष्य की नींव - राज्यपाल

जागरण संवाददाता, गोरखपुर : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जीवन में प्राथमिक शिक्षा का सर्वाधिक महत्व है, क्योंकि बेहतर भविष्य की नींव इसी शिक्षा से तैयार होती है। इसी कारण केंद्र और प्रदेश सरकार का प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर विशेष जोर है। प्राथमिक शिक्षकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा के दौरान विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों तीनों को बेहद सतर्क रहना चाहिए। पहली सतर्कता स्वास्थ्य को लेकर होनी चाहिए। स्वस्थ बच्चे ही शिक्षा को बेहतर तरीके से आत्मसात कर सकते हैं। लड़कियों के स्वास्थ्य को लेकर की जाने वाली लापरवाही पर चिंता जताते हुए कहा कि पढ़ने वाली लड़कियां बड़ी संख्या में एनीमिया का शिकार होती हैं। इसकी जांच और इलाज की व्यवस्था जरूर होनी चाहिए।

भोजन और जल संरक्षण का दिलाया संकल्प : राज्यपाल ने विद्यार्थियों को भोजन बर्बाद न करने और जल संरक्षण का संकल्प दिलाया। कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही यह शिक्षा दी जानी चाहिए कि वह भोजन उतना ही लें जितना खाना हो। पानी उतना ही लें, जितना पीना हो।

गोरखपुर: महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन कार्यक्रम में परिषद की स्मारिका के विषय में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को जानकारी देते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ’ जागरण

शिक्षक राष्ट्र निर्माण में समङों अपनी भूमिका: योगी

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि व्यक्ति के कार्य ही यश और अपयश से जुड़ते हैं। ऐसे में कार्य की गुणवत्ता को बनाए रखते हुए अपने यश को बढ़ाने का अधिकार व्यक्ति के पास ही होता है। बच्चों को परिश्रम की सीख देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं। परिश्रम व्यक्ति को अमूल्य बना देता है। शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि वह राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका समङों और स्वीकारें, क्योंकि शिक्षक मात्र एक व्यक्ति नहीं वरन एक दृष्टि है, मार्ग दर्शक है। धरती पर शिक्षक के रूप में जन्म होना मानव जीवन का बड़ा सौभाग्य है। लोक कल्याण के लिए राष्ट्रवादी युवा पीढ़ी का सृजन कर शिक्षक अपने जीवन को सार्थक बनाएं। योगी ने कहा कि ऐसा कोई अक्षर नहीं है, जो मंत्र नहीं बन सकता। जरूरी है उसे एक सूत्र में पिरोने वाले विद्वान की। कोई ऐसी वनस्पति नहीं, जिसमें औषधीय गुण नहीं, जरूरत है उसे एक वैद्य की। ऐसे ही एक योग्य शिक्षक एक सामान्य विद्यार्थी को भी विशिष्ट बना सकता है। शिक्षा परिषद की स्थापना की परिस्थितियों और उद्देश्य की विस्तार से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को राष्ट्रवादी बनाने में परिषद महती भूमिका निभा रहा है। स्थापना काल से परिषद का अभीष्ट भी यही है।

’>>महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्थापक सप्ताह समारोह का समापन

’>>आनंदीबेन पटेल ने शिक्षा के साथ स्वास्थ्य और अनुशासन पर दिया जोर, कहा-सजग रहें विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक

प्राथमिक शिक्षा में तैयार होती भविष्य की नींव: राज्यपाल

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