UPTET : यूपीटीईटी के प्रश्नों का आपत्ति करने से पहले अभ्यर्थियों को पड़ेगा सोचना और टटोलनी होगी अपनी जेब, आपत्ति करने पर देना होगा 500 रुपया प्रति प्रश्न

UPTET : यूपीटीईटी के प्रश्नों का आपत्ति करने से पहले अभ्यर्थियों को पड़ेगा सोचना और टटोलनी होगी अपनी जेब, आपत्ति करने पर देना होगा 500 रुपया प्रति प्रश्न

यूपीटीईटी : एक प्रश्न पर आपत्ति करने को देने होंगे 500 रुपये


राज्य ब्यूरो, प्रयागराज : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) 2019 में किसी प्रश्न या फिर उसके जवाब पर आपत्ति करने से पहले अभ्यर्थियों को सोचना पड़ेगा और अपनी जेब टटोलनी होगी। वजह, हर प्रश्न पर आपत्ति के लिए उन्हें 500 रुपये शुल्क देना होगा। हालांकि यदि उनकी आपत्ति सही निकली तो परीक्षा संस्था शुल्क वापस कर देगी लेकिन, गलत आपत्ति पर धन जब्त हो जाएगा। ऐसे ही अब दिव्यांग अभ्यर्थियों को पंजीकरण के साथ ही परीक्षा शुल्क अदा करना होगा।

परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने यूपी टीईटी में यह दोनों बदलाव पहली बार किए हैं। शासन ने इस पर मुहर लगा दिया है और जारी विस्तृत आदेश में इनका भी उल्लेख है। ज्ञात हो कि शासन ने गुरुवार को ही यूपी टीईटी की समय सारिणी व अन्य निर्देश जारी किए हैं।

इसलिए लगा आपत्ति पर बड़ा शुल्क: प्राथमिक स्कूलों की 69000 सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में भी 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए थे। अभ्यर्थियों ने सभी 150 प्रश्नों यानी पूरी परीक्षा पर ही आपत्तियां भेजी थी। कुल आपत्तियों की तादाद 32 हजार से अधिक थी, उनमें 54 ऐसे प्रश्नों पर आपत्तियां थी जिन प्रश्नों के जवाब से अभ्यर्थी सहमत थे, फिर भी आपत्ति की थी। इस भर्ती का अंतिम परिणाम अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन उससे सबक लेकर परीक्षा संस्था ने इस बार फर्जी आपत्तियों पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया है। इसी तरह से दिव्यांग अभ्यर्थियों से पिछली बार तक परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाता था, वे कई बार अलग-अलग जिलों से पंजीकरण कराकर आवेदन करते थे और जिस जिले में उन्हें सहूलियत दिखती वहां परीक्षा देते थे, इसे रोकने के लिए 100 रुपये का शुल्क पहली बार लगाया गया है।

डीएलएड की वेबसाइट पर होंगे आवेदन: परीक्षा संस्था इस बार वेबसाइट को लेकर भी खासा सतर्क है, क्योंकि हर बार वेबसाइट आवेदन के दौरान दगा देती रही है। वजह, राज्य सरकार की दो संस्थाएं एनआइसी व यूपी डेस्को उनकी मॉनीटरिंग करती थीं और दोनों गड़बड़ी का जिम्मा एक-दूसरे पर डालती थी। इस बार डीएलएड की वेबसाइट पर ही आवेदन लिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सिर्फ एनआइसी पर होगी। प्रयास है कि अधिक आवेदन पर वेबसाइट जाम न हो। ज्ञात हो कि इस बार भी करीब 20 लाख आवेदन होने की उम्मीद है।

’>>अब दिव्यांग अभ्यर्थियों से भी परीक्षा शुल्क लेने का आदेश

’>>फर्जी आपत्तियां और फेक पंजीकरण रोकने के लिए उठाया कदम

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