SHIKSHAK BHARTI, ALLAHABAD HIGHCOURT : यूपी में 69000 शिक्षक भर्ती पर आज से रोज सुनवाई करेगा HC, दशहरा से पहले फैसला संभव

SHIKSHAK BHARTI, ALLAHABAD HIGHCOURT : यूपी में 69000 शिक्षक भर्ती पर आज से रोज सुनवाई करेगा HC, दशहरा से पहले फैसला संभव


उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती (Teachers Recruitment) मामले में अब इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ बेंच रोज सुनवाई (Daily Hearing) करेगी.



लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती (Teachers Recruitment) मामले में अब इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ बेंच रोज सुनवाई (Daily Hearing) करेगी. माना जा रहा है कि ये सुनवाई 8 अक्टूबर से पहले पूरी कर कर ली जाएगी और फैसला भी आ जाएगा. बता दें हाईकोर्ट ने पिछली 19 सितंबर को ऐलान किया है कि उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती मामले में 24 सितंबर से रोज सुनवाई होगी. यही नहीं हाईकोर्ट ने इस केस की बेंच में भी बदलाव किया है. न्यायमूर्ति जसप्रीत की जगह न्यायमूर्ति इरशाद अली को शामिल किया गया है.

यूपी सरकार की लचर पैरवी को लेकर अभ्यर्थियों में थी नाराजगी 

दरअसल अर्हता अंकों को लेकर मामला लखनऊ बेंच में है. इससे पहले 19 सितम्बर की तारीख दी गई थी. इस भर्ती की परीक्षा जनवरी में हुई थी लेकिन अर्हता अंकों को लेकर मामला हाईकोर्ट में चला गया. इस मामले में राज्य सरकार हाईकोर्ट गई है लेकिन इसकी लचर पैरवी को लेकर अभ्यर्थी नाराज हैं. नाराज अभ्यार्थी चाहते हैं कि लखनऊ बेंच में होने वाली सुनवाई में महाधिवक्ता की उपस्थिति सुनिश्चित कराए. इसके अलावा उनकी यह भी मांग है कि सरकार अपना पक्ष मजबूती से रखें. इन लोगों की मांग है कि सरकार न्यायालय के अंतरिम आदेश पर आरक्षित वर्ग के लिए 60 और अनारक्षित वर्ग के लिए 65 फीसदी पासिंग मार्क पर भर्ती अतिशीघ्र पूरी करवाकर शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल लाखों अभ्यर्थियों को मानसिक अवसाद से मुक्त कराएं.

4 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में 

आपको बता दें कि बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए जनवरी में परीक्षा कराई गई थी. अब लिखित परीक्षा हुए 9 महीने हो गए हैं फिर भी चार लाख अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है. परीक्षा के बाद सरकार ने भर्ती का कटऑफ सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के लिए 65 प्रतिशत व आरक्षित वर्ग के लिए 60 प्रतिशत की अनिवार्यता के साथ तय कर दिया. इस आदेश को लेकर अभ्यार्थियों ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी. याचिकाकर्ताओं की मांग है कि सरकारी नियमों के हिसाब से भर्ती के लिए डाली गई याचिका पर सुनवाई हो और महाधिवक्ता हर सुनवाई में मौजूद रहें.

  साभार : News18 Hindi

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