MANTRI, PRERNA APP : 25 फीसद शिक्षकों को पता नहीं, किस गांव में है स्कूल, किसी भी हाल में वापस नहीं लेंगे प्रेरणा एप : डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी

25 फीसद शिक्षकों को पता नहीं, किस गांव में है स्कूल


जागरण संवाददाता, गोरखपुर : बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि 25 फीसद शिक्षक अपनी जगह दूसरों को स्कूल भेज रहे हैं। इनको यह भी नहीं पता है कि उनका स्कूल किस गांव में है और वहां तक पहुंचने का रास्ता क्या है। बच्चों को अपने टीचर का नाम ही नहीं पता है। हम टीचरों को 50 हजार रुपये तनख्वाह दिल्ली में कमरा लेकर तैयारी करने के लिए नहीं दे रहे हैं।

रेडियो सिटी के कार्यक्रम में एबीसी पब्लिक स्कूल दिव्यनगर पहुंचे बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी हाल में प्रेरणा एप को वापस नहीं लिया जाएगा। शिक्षकों को स्कूल जाना ही होगा। बिना शिक्षक स्कूल की पढ़ाई की हालत बिना रीढ़ के शरीर जैसी है। शिक्षकों के स्कूल न जाने से रीढ़ को रोग लग गया था। यह रोग हम दूर करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रेरणा एप से शिक्षकों का ही फायदा होगा। जो शिक्षक स्कूल नहीं जाते थे उनसे तो अफसर वसूली करते ही थे जो कुछ देर बाद पहुंचते थे उनका भी शोषण होता था।

हर कार्य में प्रेरणा एप: बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि मिड डे मील देने की फोटो भी प्रेरणा एप के माध्यम से अपलोड की जाएगी। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को हम प्रतिदिन छह सौ रुपये और 12 हजार रुपये मासिक का भत्ता देने जा रहे हैं। इनको रोजाना पांच से 10 स्कूलों का निरीक्षण कर इसकी पूरी सूचना प्रेरणा एप पर देनी होगी। इससे खंड शिक्षा अधिकारी के निरीक्षण की भी जानकारी मिल जाएगी।

तीन दिन में प्रसूता अवकाश: डॉ.सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि महिला शिक्षक शिकायत करती थीं कि प्रसूता अवकाश और बाल्य देखभाल अवकाश के नाम पर उनसे 10-10 हजार रुपये घूस लिए जाते हैं। इसका समाधान कर दिया गया है।

अवकाश के आवेदन के तीन दिन में अफसरों को इसका निस्तारण करना होगा। यदि छुट्टी नहीं दी जा सकती है, तो इसका कारण भी बताना होगा।

रेडियो सिटी के कार्यक्रम को संबोधित करते बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी

’>>किसी भी हाल में वापस नहीं लेंगे प्रेरणा एप : डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी

’>>अपनी जगह दूसरों से पढ़वा रहे हैं शिक्षक, यह नहीं चलेगा

कोई स्कूल शिक्षक विहीन नहीं

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का कोई भी बेसिक स्कूल अब शिक्षकविहीन नहीं है। हर स्कूल में शिक्षकों की तैनाती है। प्राइवेट स्कूलों की तरह हर बेसिक स्कूल में महीने के पहले सोमवार को पैरेंट टीचर्स मीटिंग और हर साल फरवरी में वार्षिकोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

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