GOVERNMENT ORDER, VACANCY : उत्तर प्रदेश में संचालित अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में स्वीकृत एवं रिक्त पदों के औचित्य के सम्बंध में ।

GOVERNMENT ORDER, VACANCY : उत्तर प्रदेश में संचालित अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में स्वीकृत एवं रिक्त पदों के औचित्य के सम्बंध में ।










*अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण सूचना*              -- *शासन ने विद्यालय यें अध्ययन रत छात्रों के सापेक्ष अधियाचित पदों की जाँच/सत्यापन  हेतु टास्कफोर्स बनाने का निश्चय किया*                          -- *वर्तमान कार्यरत शिक्षकों की संख्या में कठोती सम्भव*                    --श्रीमती अराधना शुक्ला, प्रमुख सचिव,माध्यमिक शिक्षा,उ.प्र.शासन ने आदेश दिनाकं-27/09/19 द्वारा सभी जिलाधिकारियों को प्रदेश के समस्त अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में स्वीकृत एवं रिक्त पदों के सापेक्ष ,विद्यालयों में अध्ययन रत छात्रों की संख्यानुसार अधियाचित पदों के औचित्य का सत्यापन करने तथा विद्यालय की मान्यता की शर्तो का अनुपालन न किये जाने की जाँच हेतु प्रत्येक जनपद में टास्कफोर्स गठित करने के आदेश दिये गये है।जनपद में उक्त श्रेणी के विद्यालय की संख्यानुसार टास्कफोर्स का गठन किया जायेगा,प्रत्येक टास्कफोर्स को अधिक से अधिक 10 विद्यालय जाँच हेतु दिये जायेगें।प्रत्येक टास्कफोर्स का गठन निम्न अधिकारियों से होगाः(1) राजस्व विभाग एवं खण्ड विकास कार्यालय का राजपत्रित अधिकारी,(2) लोक निर्माण विभाग एवं ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग के सहायक अभियंता,(3) शिक्षा विभाग एवं अन्य विभागों के जनपदीय स्तर के अधिकारी।।      ---प्रत्येक जनपद में टास्कफोर्स के कार्यों के समन्वय हेतु अपर जिलाधिकारी नोडल तथा जिला विद्यालय निरीक्षक/सह जिला विद्यालय निरीक्षक सह नोडल अधिकारी नामित किया जायेगा।।                               -- *उक्त आदेश की प्रति संयुक्त शिक्षा निदेशकों/जिला विद्यालय निरीक्षकों को भी पृष्ठांकित करते हुए निर्देश दिये गये हैं कि वह सभी अपने अपने जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर टास्कफोर्स के माध्यम से कार्यवाही कराते हुए वाछित सूचना निर्धारित संलग्न प्रारुप पर विलम्बतम 05 अक्टूबर 2019 तक शासन तथा उ.प्र.माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड,प्रयागराज को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें*।।            .                       --शासन के इस कदम से इन विद्यालयों के वर्तमान शिक्षकों की संख्या प्रभावी/कम होने की सम्भावना उत्पन्न हो गयीं है।।                        *अयोध्या प्रसाद अग्रवाल,

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