TRAINING : 31 मार्च के बाद ट्रेनिंग हुई अवैध, प्रशिक्षण की लौटानी होगी पूरी राशि, शिक्षक संगठनों ने प्रशिक्षण के खिलाफ आवाज उठाई, शासन से लेकर बीएसए तक से शिकायत की

TRAINING : 31 मार्च के बाद ट्रेनिंग हुई अवैध, प्रशिक्षण की लौटानी होगी पूरी राशि, शिक्षक संगठनों ने प्रशिक्षण के खिलाफ आवाज उठाई, शासन से लेकर बीएसए तक से शिकायत की

डायट प्राचार्य ने बीईओ से मांगा स्पष्टीकरण, प्रशिक्षण की लौटानी होगी पूरी राशि


सीतापुर। 31 मार्च के बाद ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर चल रहा लर्निंग आउटकम शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम अवैध घोषित कर दिया गया है। बीईओ को इस प्रशिक्षण की पूरी राशि लौटानी होगी। साथ ही निर्धारित अवधि में किस कारण की वजह से प्रशिक्षण नहीं कराया, इसका भी स्पष्टीकरण देना होगा।

डायट प्राचार्य ने इसको लेकर निर्देश जारी करते हुए बीईओ के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। इस निर्देश के बाद विभाग में खलबली मच गई है। वही बीईओ भी अपनी कमियां छिपाने के लिए तरह-तरह के जतन कर रहे है।

शासन ने प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को ट्रेनिंग देकर निपुण करने का फैसला लिया था। इसको लेकर लर्निंग आउटकम शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी किया गया था। इस प्रशिक्षण में प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों को प्रतिभाग करना है। इसके लिए बाकायदा बजट जारी किया गया था। जिसमें शिक्षकों के नाश्ते से लेकर आने जाने का पूरा खर्च शामिल था।

यह प्रत्येक ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर आयोजित होगा। डायट प्राचार्य ने प्रशिक्षण की अवधि 31 मार्च निर्धारित की थी। इस अवधि तक पूरा प्रशिक्षण संपन्न कराना था। लेकिन जिले के बीईओ ने प्रशिक्षण को कराने में खूब लापरवाही बरती। हाल यह रहा प्रशिक्षण से ज्यादा बजट को लूटने की होड़ मच गई।

शिक्षक संगठनों ने प्रशिक्षण के खिलाफ आवाज उठाई। शासन से लेकर बीएसए तक से शिकायत की। जब मामला तूल पकड़ने लगा तो वित्त एवं लेखाधिकारी ने किसी भी बीईओ की चेक पर हस्ताक्षर नहीं किए। अब इसका संज्ञान शासन ने भी लिया है।

31 मार्च के बाद हो रहे प्रशिक्षण को अवैध घोषित कर दिया है। जबकि यह प्रशिक्षण करीब 10 ब्लॉकों पर चल रहा है। इस निर्देश के बाद बीईओ में खलबली मच गई है। इसके साथ बीईओ को प्रशिक्षण की पूरी रकम लौटानी होगी। प्राचार्य ने इन सभी से लेटलतीफी के चलते तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया है।

वापस करें राशि

सभी बीईओ को 31 मार्च तक प्रशिक्षण कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद चल रहे प्रशिक्षण गलत हैं। बीईओ अपना स्पष्टीकरण देते हुए राशि वापस कर दें।
-जेपी मिश्रा, डायट प्राचार्य
आभार/साभार - अमर उजाला

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