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एक छत के नीचे 'प्राइमरी का मास्टर' से जुड़ी शिक्षा विभाग की समस्त सूचनाएं एक साथ

POWER, SCHOOL : प्रदेश का बड़ा अंधेरा उजागर, 55 हजार स्कूलों में नहीं बिजली कनेक्शन

प्रदेश का बड़ा अंधेरा उजागर, 55 हजार स्कूलों में नहीं बिजली कनेक्शन

राब्यू, लखनऊ : जनता को ‘सौभाग्य’ के रूप में बिजली दे रही सरकार अब तक शायद अंधेरे में थी। घर-घर बिजली पहुंचाने की मुहिम के बीच बच्चों का तो यह दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि वह भीषण गर्मी में भी अब तक बिना पंखे-रोशनी के पढ़ाई कर रहे थे। लोकसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद पोलिंग बूथ की तैयारियों में ही यह पोल खुली है कि प्रदेश के 55 हजार प्राइमरी-जूनियर विद्यालयों में बिजली कनेक्शन ही नहीं है। अब यहां कनेक्शन के निर्देश शासन ने दिए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए पिछले दिनों बैठक बुलाई गई थी। उसमें पोलिंग बूथ बनाने के लिए प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों की सूची मांगी गई। तब बिजली विभाग ने ही आंकड़ा पेश किया कि प्रदेश के 55 हजार स्कूलों में अभी बिजली कनेक्शन नहीं है।
लिहाजा, प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन विद्यालयों के भवनों में बिजली कनेक्शन नहीं है, उनकी सूची तैयार कर ली जाए। वह सूची विद्युत वितरण निगमों के नोडल अधीक्षण अभियंताओं को दे दें। बेसिक शिक्षा विभाग धनराशि उपलब्ध करा दे, जिसके बाद प्राथमिकता से सभी विद्यालयों में अभियान चलाकर कनेक्शन करा दें। उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि शिक्षा विभाग छात्रों को मूलभूत सुविधाएं देने की बड़ी-बड़ी बातें करता है लेकिन स्थिति सामने है कि लाखों बच्चे बिना लाइट व पंखों के पढ़ाई कर रहे हैं।
ग्राम पंचायतों से होगा बकाया बिल का भुगतान
प्रमुख सचिव ने कहा कि जिन विद्यालयों का कनेक्शन बिल बकाया की वजह से काटा गया है, वहां ग्राम पंचायतें जिम्मेदारी निभाएं। चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित 50 फीसद धनराशि का उपयोग पूर्व सृजित संपत्तियों के रखरखाव में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित परिषदीय प्राथमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों में बिजली बिल का भुगतान इस निधि से किया जा सकता है। बकाया बिलों का तत्काल भुगतान कर दोबारा कनेक्शन कराए जाएं।
पोलिंग बूथ बनाने की तैयारियों से खुली बिजली विभाग की पोल
सोती रही ग्राम पंचायतें और अफसर रहें सुस्त, अंधेरे में रही सरकार

lok sabha election 2019 : यूपी में चुनाव के बहाने 55 हजार प्राइमरी व जूनियर स्कूल होंगे रोशन


विशेष संवाददाता,लखनऊ।लोकसभा चुनाव के बहाने ही सही प्रदेश के 55 हजार प्राइमरी व जूनियर स्कूल रोशन होंगे। इन स्कूलों में अभी बिजली नहीं है। लोकसभा चुनावों के लिए यहां पर बिजली कनेक्शन करने के निर्देश दिये गये हैं।


हालांकि बीते विधानसभा चुनाव में भी 45 हजार स्कूलों को बिजली कनेक्शन करने के निर्देश दिये गये थे। नये आंकड़ों से साफ हो गया कि उन स्कूलों में तो कनेक्शन करवाया ही नहीं गया बल्कि और स्कूल भी इस श्रेणी में आ गये। बीते दिनों केन्द्रीय निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव के लिए तैयारी बैठक की तो यह तथ्य सामने आया। आयोग ने प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल विद्यालयों को  पोलिंग बूथ बनाने के लिए बिजली कनेक्शन करवाने का निर्देश दिया है। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव ने बेसिक शिक्षा विभाग से बिजली कनेक्शन का पैसा तुरंत जमा कर बिजली कनेक्शन देने का निर्देश दिया है।  

2017 के विधानसभा चुनाव में 45,809 प्राइमरी व जूनियर स्कूलों को पोलिंग स्टेशन बनाते हुए यहां बिजली कनेक्शन देने के निर्देश दिये गये थे। स्कूलों में बिजली न होने के चलते ही गर्मियों में स्कूलों के समय को लेकर शिक्षकों में गुस्सा रहता है। शिक्षक 12 बजे के बाद कड़क गर्मी होने के कारण स्कूलों में रुकना नहीं चाहते। स्कूलों में शौचालय और पीने का पानी की व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हो गई है, जबकि बिजली को लेकर ऐसा कोई आदेश नहीं है।  

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