Thursday, January 31, 2019

BUDGET, TEACHING, RTE : बजट 2019 में स्कूलों में बारहवीं तक की पढ़ाई को मुफ्त कर सकती है मोदी सरकार


बजट 2019 में स्कूलों में बारहवीं तक की पढ़ाई को मुफ्त कर सकती है मोदी सरकार

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। चुनावी मुहाने पर खड़ी सरकार स्कूली छात्रों के अभिभावकों को बजट में एक बड़ा तोहफा दे सकती है। इसके तहत उनकी बारहवीं तक पढ़ाई को मुफ्त किया जा सकता है। अभी यह पहली से आठवीं तक ही मुफ्त है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय इसे लेकर अपनी कवायद काफी पहले ही पूरी कर चुका है। राज्यों की ओर से भी इस दायरे को बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठ रही है।

आरटीई के तहत अभी सिर्फ आठवीं तक शिक्षा ही है मुफ्त

ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार इस घोषणा से राज्यों के साथ उन मध्यवर्गीय परिवारों को भी खुश करने के लिए यह बड़ा दांव खेल सकती है, जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे है। सरकार का यह फैसला इन परिवारों को एक बड़ी राहत देगा। हालांकि सरकार को इसके लिए आरटीई एक्ट में बदलाव करना होगा। जिसके तहत कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने आठवीं तक की स्कूली शिक्षा को मुफ्त किया था।

यूपीए के समय में भी इसकी घोषणा 2009 में चुनावी मैदान में उतरने से पहले की गई थी। बाद में सरकार बनने के बाद यूपीए अगस्त 2009 में संसद में बिल लेकर आयी थी। सूत्रों की मानें तो एनडीए सरकार भी इसी तर्ज पर आरटीई एक्ट को विस्तार देने की यह घोषणा कर सकती है।

वैसे भी स्कूली शिक्षा को मजबूती देने में जुटी एनडीए सरकार ने पिछले बजट में टुकडों में बंटी स्कूली शिक्षा को एक करके उसे समग्र शिक्षा नाम दिया था। इसके तहत सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और टीचर एजुकेशन को एक किया था। इसका फायदा भी देखने को मिला। इसके चलते स्कूलों को इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती पर जोर दिया गया। स्कूलों में खेलकूद और पुस्तकालयों को मजबूती दी गई।

सूत्रों की मानें तो बजट में आरटीई एक्ट को विस्तार देने की उम्मीदें इसलिए भी है, क्योंकि राज्यों के साथ हुई कैब (सेंट्रल एजवाइजरी बोर्ड) की बैठक में सभी राज्यों ने एक सुर में इसकी मांग की थी। केंद्र ने भी इसे लेकर अपनी सैद्धांतिक सहमति दी थी।

हाल ही में मानव संसाधन मंत्रालय ने भी इसे लेकर अपनी तैयारी को अंतिम रुप दिया है। पिछले दिनों मंत्रालय ने अपनी इस तैयारी की जानकारी एक शिक्षाविद् की ओर से मांगी गई जानकारी में भी दी थी।

Posted By: Bhupendra Singh

ALLAHABAD HIGHCOURT, SHIKSHAK BHARTI : 69000 शिक्षक भर्ती में इस मामले में जल्द फैसला लेना चाहती है कोर्ट, इसलिए निस्तारण तक रोज होगी सुनवाई

ALLAHABAD HIGHCOURT, SHIKSHAK BHARTI : 69000 शिक्षक भर्ती में इस मामले में जल्द फैसला लेना चाहती है कोर्ट, इसलिए निस्तारण तक रोज होगी सुनवाई


विधि  संवाददाता,लखनऊ । उत्तर प्रदेश सहायक शिक्षक के 69 हजार पदों पर भर्ती मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के समक्ष राज्य सरकार की ओर से बुधवार को लगातार तीन घंटे तक बहस की गई। इस दौरान न्यायालय ने परीक्षा परिणाम न घोषित करने के सम्बंध में 17 जनवरी को पारित अंतरिम आदेश को याचिकाओं के निस्तारण तक बढ़ा दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में जल्द फैसला लेना चाहती है, लिहाजा मामले की निस्तारण तक प्रतिदिन सुनवाई चलेगी। 


यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की एकल सदस्यीय पीठ ने मोहम्मद रिजवान आदि की ओर से दाखिल कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पारित किया। बुधवार को मामले की सवा दस बजे सुनवाई शुरू होने पर सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत चंद्रा ने पक्ष रखना शुरू किया। उन्होंने लगातार तीन घंटे तक बहस की और 6 जनवरी की लिखित परीक्षा के बाद सरकार द्वारा अर्हता अंक तय करने के निर्णय का बचाव किया। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के ऑब्जर्वेशन का जिक्र करते हुए कहा कि राइट टू एजुकेशन में राइट टू क्वालिटी एजुकेशन समाहित है। उन्होंने दलील दी कि सरकार की मंशा है कि योग्य अभ्यर्थियों का चयन हो। 

उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के खिलाफ नहीं है, लेकिन क्वालिटी एजुकेशन के अपने दायित्व को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की ओर से यह भी दलील दी गई है कि 25 जुलाई 2017 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश में एक लाख 37 हजार शिक्षामित्रों की सहायक शिक्षकों के रूप में नियुक्ति को रद्द करते हुए उन्हें दो बार भर्ती में वरीयता देने की जो बात कही है, उसका तात्पर्य यह नहीं है कि मेरिट से समझौता किया जाए। सरकार यह दलील भी दे चुकी है कि बड़े पैमाने पर अभ्यर्थियों के शामिल होने के कारण अर्हता अंक नियत करना आवश्यक हो गया था।  

CIRCULAR, MEETING, SHIKSHAMITRA, ANUDESHAK, DIRECTOR, BASIC SHIKSHA : प्रदेश में शिक्षामित्र, अनुदेशक, आंगनबाड़ी, रसोईया, आशा और रोजगार सेवक के विभिन्न मांगों/समस्याओं पर विचार विमर्श हेतु मुख्य सचिव महोदय की अध्यक्षता में उनके सभाकक्ष में दिनांक 08/02/2019 को समय 10 बजे से समस्त विभागों के सचिव महोदय के साथ बैठक आहूत।

CIRCULAR, MEETING, SHIKSHAMITRA, ANUDESHAK, DIRECTOR, BASIC SHIKSHA : प्रदेश में शिक्षामित्र, अनुदेशक, आंगनबाड़ी, रसोईया, आशा और रोजगार सेवक के विभिन्न मांगों/समस्याओं पर विचार विमर्श हेतु मुख्य सचिव महोदय की अध्यक्षता में उनके सभाकक्ष में दिनांक 08/02/2019 को समय 10 बजे से समस्त विभागों के सचिव महोदय के साथ बैठक आहूत।

GOVERNMENT ORDER, CIRCULAR, HOUSE HOLD SURVEY, ADMISSION : शैक्षिक सत्र 2019-20 में आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिन्हीकरण, पंजीकरण एवं नामांकन कार्यक्रम "शारदा" (SHARDA- स्कूल हर दिन आयें) संचालित करने के सम्बन्ध में शासनादेश

GOVERNMENT ORDER, CIRCULAR, HOUSE HOLD SURVEY, ADMISSION : शैक्षिक सत्र 2019-20 में आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिन्हीकरण, पंजीकरण एवं नामांकन कार्यक्रम "शारदा" (SHARDA- स्कूल हर दिन आयें) संचालित करने के सम्बन्ध में शासनादेश












ALLAHABAD HIGHCOURT, RECRUITMENT : 69 हजार शिक्षक भर्ती में डेढ़ लाख अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट करने का सरकार का मौखिक प्रस्ताव, सुनवाई कल भी

ALLAHABAD HIGHCOURT, RECRUITMENT : 69 हजार शिक्षक भर्ती में डेढ़ लाख अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट करने का सरकार का मौखिक प्रस्ताव, सुनवाई कल भी


कार्यालय संवाददाता,लखनऊ।उत्तर प्रदेश सहायक शिक्षक के 69 हजार पदों पर भर्ती मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के समक्ष सुनवाई कल भी जारी रहेगी। आज सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत चंद्रा ने  प्रस्ताव रखा कि याचीगण क्वालिफाइंग मार्क्स से संतुष्ट नहीं हैं तो पदों से डेढ़ गुने अभ्यर्थियों की लिस्ट बनाई जा सकती है। अधिक प्राप्तांक पाने वाले ऊपर के डेढ़ लाख अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट करने का सरकार का मौखिक प्रस्ताव है। लेकिन याचीगणों ने नामंजूर कर दिया। कहा कि ऊपर के डेढ़ लाख में शिक्षामित्रों का नहीं चयन होगा। सरकार क्वालिफाइंग मार्क्स 40 और 45 प्रतिशत तय करे।


उत्तर प्रदेश में सहायक शिक्षकों के 69 हजार पदों पर भर्ती की परीक्षा के क्वालिफाइंग मार्क्स को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में चुनौती दी गई थी। दर्जनों याचियों की ओर से दाखिल अलग-अलग नौ याचिकाओं में सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2019 के क्वालिफाइंग मार्क्स को लेकर चुनौती दी गई थी।

इससे पहले कल की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सरकार की ओर से पेश मुख्य स्थाई अधिवकता से पूछा था कि क्या सरकार 7 जनवरी के शासनादेश के बगैर परीक्षा परिणाम घोषित करने को तैयार है।

न्यायालय ने निर्देश प्राप्त कर उसी दिन जानकारी देने को कहा लेकिन अपर महाधिवक्ता व मुख्य स्थाई अधिवक्ता ने बताया कि सरकार से अभी तक उन्हें समुचित निर्देश नहीं मिले हैं और पूरी बात रखने के लिए दो दिन के समय की मांग की गई। जिसके बाद न्यायालय ने यथास्थिति अगली सुनवाई तक बनाए रखने के आदेश दे दिये। जिसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत चंद्रा ने सरकार का पक्ष रखना शुरू किया।


69000 शिक्षक भर्ती: सरकार ने रखा डेढ़ गुना अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट करने का मौखिक प्रस्ताव

69000 शिक्षक भर्ती: सरकार ने रखा डेढ़ गुना अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट करने का मौखिक प्रस्ताव


Posted By: Nawal Mishra

ABSENT, ATTENDANCE, BEO, HEAD TEACHERS, TEACHER : भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं, भ्रष्टाचार में डूबे बीईओ और स्कूलों से गायब शिक्षक, और बाबुओं की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश

ABSENT, ATTENDANCE, BEO, HEAD TEACHERS, TEACHER : भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं, भ्रष्टाचार में डूबे बीईओ और स्कूलों से गायब शिक्षक, और बाबुओं की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश


■ भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं, भ्रष्टाचार में डूबे बीईओ और स्कूलों से गायब शिक्षक, और बाबुओं की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश। 

■ बच्चों के स्कूल नामांकन का लक्ष्य 15 फीसदी बढ़ाया,  स्कूल चलो अभियान को "शारदा" मिला नया नाम। 

■ अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा प्रभात कुमार ने अधिकारियों को दिए निर्देश

■ 'स्कूल से गायब और भ्रष्ट शिक्षकों की लिस्ट तैयार की जाए'

 लखनऊ : अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा प्रभात कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भ्रष्टाचार में लिप्त या स्कूल न आने वाले अध्यापकों, शिक्षा मित्रों और प्रधानाध्यापकों की लिस्ट तैयार करें। ऐसे लोगों की लिस्ट भी तैयार करें, जिनका गैर हाजिर रहने के कारण वेतन काटा गया है। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण करें। भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और बिना सूचना के स्कूल से गायब रहना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

प्रभात कुमार ने कहा कि नई पेंशन नीति के तहत सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के खाते से कटौती सुनिश्चित की जाए। अगले सत्र के लिए आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित किया जाए। हर जिले में स्कूलों में नामांकन 15 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य तय किया जाए। उन्होंने कहा कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को तुरंत बंद करवाएं। प्रदेश में बिना मान्यता के कोई भी स्कूल नहीं चलना चाहिए। एमडीएम वितरण की सही रिपोर्टिंग सुनिश्चित करवाने के लिए विद्यार्थियों के हस्ताक्षर करवाए जाएं। एमडीएम, जूता-मोजा और बैग खरीद का भुगतान करवाया जाए।





ALLAHABAD HIGHCOURT, CUTOFF : कटऑफ अंक पर दो न्यायपीठों में आज एक साथ सुनवाई

कटऑफ अंक पर दो न्यायपीठों में आज एक साथ सुनवाई

जेएनएन, लखनऊ: परिषदीय स्कूलों की 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए तय कटऑफ अंक पर गुरुवार को दो न्यायपीठों में सुनवाई होगी। लखनऊ खंडपीठ में दो दिन से इस मुद्दे पर बहस चल रही है। वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी कुछ अभ्यर्थियों ने कटऑफ को चुनौती दी थी, कोर्ट ने परीक्षा के रिजल्ट पर यथास्थिति बरकरार रखते हुए 31 को सुनवाई की तारीख तय की है।

शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा छह जनवरी को कराई गई, अगले दिन शासन ने परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए कटऑफ अंक तय कर दिए। इसमें सामान्य को 65 व आरक्षित वर्ग को 60 प्रतिशत अंक लाने होंगे। परीक्षार्थियों ने इसी को चुनौती दी है, उनका कहना है कि इम्तिहान के बाद आखिर कटऑफ अंक क्यों तय किए गए और इतना अधिक उत्तीर्ण प्रतिशत निर्धारित करना उचित नहीं है। इस मामले में सरकार ने भी हलफनामा देकर स्पष्ट किया है कि परीक्षार्थियों व सीटों को देखते हुए यह निर्णय किया गया है। कुछ अभ्यर्थियों ने लखनऊ खंडपीठ तो कुछ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट मुख्य न्यायपीठ की ओर रुख किया। लखनऊ में 29 जनवरी से सुनवाई चल रही है, माना जा रहा था कि लखनऊ पीठ दो दिन पहले ही इस मामले में फैसला देगा और उस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट मुहर लगा देगा लेकिन, ऐसा नहीं हो सका है। घंटों बहस के बाद याचिकाओं पर अंतिम निर्णय अब तक नहीं हो सका है। इससे परीक्षा की संशोधित उत्तरकुंजी और परिणाम अधर में लटका है। ज्ञात हो कि संशोधित उत्तर कुंजी 19 जनवरी व परिणाम 22 जनवरी को जारी होना था। शिक्षा विभाग के अफसर व अभ्यर्थी कोर्ट पर निगाहें लगाए हैं कि आखिर निर्णय क्या होता है? इस केस में सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील प्रशांत चंद्रा ने अपनी बहस में लिखित परीक्षा के बाद सरकार द्वारा क्वालीफाइंग मार्क्‍स तय करने के निर्णय को सही करार दिया है।

राज्य ब्यूरो, प्रयागराज : अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए हुई परीक्षा में प्रश्न और उत्तरों की गलतियों का अंबार मिला है। अभ्यर्थियों की ओर से बुधवार तक करीब चार हजार आपत्तियां दी गई हैं। आकड़े ही यह बताने के लिए काफी हैं कि उप्र उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग यानी यूपीएचईएससी ने कैसे विशेषज्ञों का चयन किया। दो चरण में हुई परीक्षा से संबंधित आपत्तियां लेने के बाद अब तीसरे चरण की उत्तरकुंजी के लिए अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र आउट होने के आरोप की न्यायिक जांच रिपोर्ट आने तक इंतजार करना होगा।

यूपीएचईएससी ने विज्ञापन संख्या 47 के तहत 15 दिसंबर को पहले चरण में हुई परीक्षा की उत्तरकुंजी 19 को और पांच जनवरी को दूसरे चरण की लिखित परीक्षा की उत्तरकुंजी 21 को जारी की थी। इन दोनों ही उत्तरकुंजी के वेबसाइट पर अपलोड होते ही अभ्यर्थियों की ओर से विभिन्न प्रश्नों के उत्तर विकल्प पर अंगुली उठी थी। विषय के अलावा सामान्य अध्ययन के प्रश्नों में भी मॉडरेशन ठीक से न होने के आरोप लगे। हालांकि अभ्यर्थियों से 30 तक यूपीएचईएससी ने आपत्तियां मांगी थीं। कुल 35 विषयों के सापेक्ष दो चरण की परीक्षा के तहत 29 विषयों में करीब चार हजार आपत्तियां भेजी गई हैं। हालांकि इसमें एक ही सवाल पर आठ से 10 कॉमन आपत्तियां भी शामिल हैं।

MDM : मिड-डे मील में होगा नया प्रयोग, लागू होगा पूरे प्रदेश में 'बाँदा मॉडल'

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SCHOOL, TEACHERS, DIRECTOR : बेसिक स्कूलों से बगैर सूचना गायब रहने वाले शिक्षकों पर गिरेगी गाज, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने 3 दिन में मांगी आरोपी शिक्षकों की सूची

SCHOOL, TEACHERS, DIRECTOR : बेसिक स्कूलों से बगैर सूचना गायब रहने वाले शिक्षकों पर गिरेगी गाज, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने 3 दिन में मांगी आरोपी शिक्षकों की सूची

स्कूल से गायब रहने वालों की तैयार करें सूची

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : परिषदीय विद्यालयों से गायब रहने वाले शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और प्रधानाध्यापकों की सूची तैयार होगी। यह निर्देश अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा डॉ. प्रभात कुमार ने बुधवार को योजना भवन में वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिये जिला स्तर के विभागीय अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि यह भी सूची बनाई जाए कि इस दौरान स्कूल या कार्यालय से गायब रहने वाले कितने लोगों के वेतन की कटौती की गयी है। डॉ. प्रभात ने कहा कि बेसिक शिक्षा अधिकारी खुद और खंड शिक्षा अधिकारियों के जरिये परिषदीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित कराएं। अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार और स्कूल से गायब रहना कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

STAY, HIGHCOURT : 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में रिजल्ट पर स्टे जारी, आज हाईकोर्ट में फिर सुनवाई रहेगी जारी

STAY, HIGHCOURT : 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में रिजल्ट पर स्टे जारी, आज हाईकोर्ट में फिर सुनवाई रहेगी जारी



Wednesday, January 30, 2019

HIGHCOURT, STAY, RESULT : याचिकाओं के निस्तारण तक सहायक शिक्षक भर्ती परिणाम घोषित करने पर लगी रहेगी रोक

HIGHCOURT, STAY, RESULT : याचिकाओं के निस्तारण तक सहायक शिक्षक भर्ती परिणाम घोषित करने पर लगी रहेगी रोक


विधि संवाददाता,लखनऊ। सहायक शिक्षक के 69 हजार पदों पर भर्ती मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के समक्ष राज्य सरकार की ओर से बुधवार को लगातार तीन घंटे तक बहस की गई। इस दौरान न्यायालय ने परीक्षा परिणाम न घोषित करने के सम्बंध में 17 जनवरी को पारित अंतरिम आदेश को याचिकाओं के निस्तारण तक बढ़ा दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में जल्द फैसला लेना चाहती है लिहाजा मामले की निस्तारण तक प्रतिदिन सुनवाई चलेगी। 


यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की एकल सदस्यीय पीठ ने मोहम्मद रिजवान आदि की ओर से दाखिल कई याचिकाओं पर सुनवायी करते हुए पारित किया। बुधवार को मामले की सवा दस बजे सुनवाई शुरू होने पर, सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत चंद्रा ने पक्ष रखना शुरू किया। उन्होंने लगातार तीन घंटे तक बहस की व 6 जनवरी की लिखित परीक्षा के बाद सरकार द्वारा क्वालिफाइंग  मार्क्स तय करने के निर्णय का बचाव किया। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के ऑब्जर्वेशंस की जिक्र करते हुए कहा कि राइट टू एजुकेशन में राइट टू क्वालिटी एजुकेशन समाहित है।

उन्होंने दलील दी कि सरकार की मंशा है कि योग्य अभ्यर्थियों का चयन हो। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के खिलाफ नहीं है लेकिन क्वालिटी एजुकेशन के अपने दायित्व को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की ओर से यह भी दलील दी गई है कि 25 जुलाई 2017 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश में एक लाख 37 हजार शिक्षामित्रों की सहायक शिक्षकों के रूप में नियुक्ति को रद् करते हुए, उन्हें दो बार भर्ती में वेटेज देने की जो बात कही है उसका तात्पर्य यह नहीं है कि मेंरिट से समझौता किया जाए। सरकार यह दलील भी दे चुकी है कि बड़े पैमाने पर अभ्यर्थियों के शामिल होने के कारण क्वालिफाइंग मार्क्स नियत करना आवश्यक हो गया था।  

उल्लेखनीय है कि सरकार ने 1 दिसम्बर 2018 को प्रदेश  में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रकिया प्रारम्भ की थी। इसके लिए 6 जनवरी 2019 को लिखित परीक्षा हुई। बाद में 7 जनवरी को सरकार ने सामान्य वर्ग के लिए 65 व ओबीसी के लिए 60 प्रतिशत क्वालिफाइंग मार्क्स तय कर दिये। सरकार के इसी 7 जनवरी के निर्णय को याचियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। न्यायालय ने 17 जनवरी को परीक्षा के सम्बंध में यथास्थिति बरकरार रखने के आदेश दिये थे जिसे बुधवार को याचिकाओं के निस्तारण तक बढा दिया है। न्यायालय ने कहा है कि सुनवाई प्रतिदिन चलेगी लिहाजा अंतरिम आदेश याचिकाओें के निस्तारण तक बढ़ाया जाता है।

IVRS, MDM : मिड-डे मील के लिए नए हेल्पलाइन नंबर जारी, IVRS प्रणाली सम्बंधित समस्याओं के निवारण हेतु नये हेल्पलाइन नंबर के सम्बन्ध में आदेश जारी

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CIRCULAR, SCHOOL, BSA : राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में TRL से सम्बन्धित विद्यालयों को सम्मिलित करने के सम्बन्ध में

CIRCULAR, SCHOOL, BSA : राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में TRL से सम्बन्धित विद्यालयों को सम्मिलित करने के सम्बन्ध में


OPRF, UPPSS, INSTRUCTION : पुरानी पेंशन बहाली हेतु महाहड़ताल (6 फरवरी से 12 फरवरी 2019) के सम्बन्ध में जनपदीय अध्यक्ष/ संयोजक पुरानी पेंशन बहाली मंच उत्तर प्रदेश को प्रान्तीय नेतृत्व का दिशा-निर्देश जारी ।

OPRF, UPPSS, INSTRUCTION : पुरानी पेंशन बहाली हेतु महाहड़ताल (6 फरवरी से 12 फरवरी 2019) के सम्बन्ध में जनपदीय अध्यक्ष/ संयोजक पुरानी पेंशन बहाली मंच उत्तर प्रदेश को प्रान्तीय नेतृत्व का दिशा-निर्देश जारी ।


ALLAHABAD HIGHCOURT, UPJHS : उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश की प्रान्तीय कार्यसमिति की वैधता विषय में लंबित याचिका पर देखें 28.01.2019 का माननीय उच्च न्यायालय का आदेश, अब 13/02/2019 को होगी सुनवाई

ALLAHABAD HIGHCOURT, UPJHS : उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश की प्रान्तीय कार्यसमिति की वैधता विषय में लंबित याचिका पर देखें 28.01.2019 का माननीय उच्च न्यायालय का आदेश, अब 13/02/2019 को होगी सुनवाई


ELECTION, GOVERNMENT ORDER, CIRCULAR : आगामी लोकसभा सामान्य निर्वाचन - 2019 निर्वाचन ड्यूटी में तैनात किये जाने वाले कार्मिकों के डाटाबेस के सम्बन्ध में आदेश जारी

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ADMISSION, FORM : राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा नये सत्र में परिषदीय विद्यालयों में प्रवेश हेतु निर्धारित पंजीकरण फार्म।

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