UPTET : प्रदेश में टीईटी से लेकर PCS तक की परीक्षाएं सवालों के घेरे में, आपत्तियों के निस्तारण के बाद भी बना रहता है विवाद

UPTET : प्रदेश में टीईटी से लेकर PCS तक की परीक्षाएं सवालों के घेरे में, आपत्तियों के निस्तारण के बाद भी बना रहता है विवाद


टीईटी से लेकर पीसीएस तक सवालों के घेरे में


- आपत्तियों के निस्तारण के बाद भी बना रहता है विवाद

-  विशेषज्ञों की योग्यता को लेकर उठने लगे हैं सवाल

प्रयागराज। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से लेकर पीसीएस तक सभी परीक्षाएं सवालों के घेरे में हैं। परीक्षाओं में लगातार गलत सवाल पूछे जा रहे हैं और विशेषज्ञों की योग्यता पर सवाल उठ रहे हैं। गंभीर बात यह कि आपत्तियों के निस्तारण के बाद भी विवाद नहीं थम रहे और मामले कोर्ट तक जा रहे हैं। नतीजा कि ज्यादातार परीक्षाओं के परिणाम समय से घोषित नहीं हो पा रहे हैं। 

टीईटी की उत्तरकुंजी पर चार हजार से अधिक आपत्तियां आई हैं। परीक्षा में आए 12 से 14 प्रश्नों पर आपत्तियां उठाई गई हैं। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से 29 नवंबर तक आपत्तियों का निस्तारण किया जाना है और 30 नवंबर को संशोधित उत्तरकुंजी जारी होनी है। सूत्रों का कहना है कि चार से पांच गलत सवाल हटाए जा सकते हैं। ऐसे में बाकी गलत सवालों पर आई आपत्तियों को लेकर अभ्यर्थी कोर्ट में याचिका दाखिल कर सकते हैं। पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा का परिणाम दो साल बाद इसलिए जारी किया गया, क्योंकि प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए गलत सवालों का मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया। इसी तरह पीसीएस-2017 की प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए गलत सवालों के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया और मुख्य परीक्षा विलंब से आयोजित की गई। वहीं, पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा की उत्तरकुंजी जारी होने से पहले परीक्षा वाले दिन ही अभ्यर्थियों ने कई सवालों के गलत होने का दावा किया। 

इस परीक्षा की उत्तरकुंजी जारी होने के बाद प्रश्नों को लेकर विवाद बढ़ने के आसार हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग जल्द ही आरओ/एआरओ-2017 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित करने वाला है। परिणाम के साथ अंतिम उत्तरकुंजी भी जारी की जाएगी। इस परीक्षा में भी कुछ गलत सवाल पूछे गए थे, जिन्हें आयोग ने हटा दिए हैं लेकिन इसके बाद भी कई दूसरे सवालों पर अभ्यर्थियों को आपत्ति है। ऐसे में अंतिम उत्तरकुंजी जारी होने के बाद विवाद थमने की उम्मीद कम है। हालांकि आयोग इन तमाम गड़बड़ियों से सबक लेकर अब विशेषज्ञों का नया पैनल तैयार कर रहा है लेकिन अन्य भर्ती संस्थाओं ने इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।


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