Tuesday, July 31, 2018

GOVERNMENT ORDER, CIRCULAR : "हैजार्ड हंट, आओ खतरों को पहचानें" अभियान दिनांक 01/08/2018 से 15/08/2018 तक चलाये जाने के सम्बन्ध में आदेश सहित दिशा-निर्देश एवं अभियान की रूपरेखा भी देखें ।

GOVERNMENT ORDER, CIRCULAR : "हैजार्ड हंट, आओ खतरों को पहचानें" अभियान दिनांक 01/08/2018 से 15/08/2018 तक चलाये जाने के सम्बन्ध में आदेश सहित दिशा-निर्देश एवं अभियान की रूपरेखा भी देखें ।












CTET : CBSE कल से शुरू करेगी ( सीटीईटी - CTET 2018 ) आवेदन प्रक्रिया, ctet.nic.in से करें ऑनलाइन एप्लाई

CTET : CBSE कल से शुरू करेगी ( सीटीईटी - CTET 2018 ) आवेदन प्रक्रिया, ctet.nic.in से करें ऑनलाइन एप्लाई

हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा ( सीटीईटी - CTET 2018 ) के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू करने की घोषणा की है। इस वर्ष इसकी परीक्षा देश के 92 शहरों में 20 भाषाओं में आयोजित की जाएगी। सीबीएसई इसकी विस्तृत जानकारी www.ctet.nic.in पर 1 अगस्त को जारी करेगी।

सीबीएसई ने कहा है कि जो छात्र इसके लिए आवेदन करेंगे वह पहले सूचना बुलेटिन को डाउनलोड कर ध्यान से पढ़ लें। छात्र सीटीईटी की वेबसाइट से ही ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 27 अगस्त है। 30 अगस्त को शाम साढ़े 3 बजे फीस भुगतान का समय निर्धारित किया गया है।

आपको बता दें कि सीटैट परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 22 जून से शुरू होनी थी लेकिन प्रसाशनिक कारणों से इस प्रक्रिया को कुछ दिनों के लिए रोक दिया गया था।

UPTET, SHIKSHAK BHARTI : यूपी में हर साल होगी TET और शिक्षकों की भर्ती, परीक्षा की तारीख भी पहले से होगी तय

UPTET, SHIKSHAK BHARTI : यूपी में हर साल होगी TET और शिक्षकों की भर्ती, परीक्षा की तारीख भी पहले से होगी तय

🔴अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि रिक्तियों के आधार पर मार्च में नियुक्ति की जाएगी. इसके बाद अप्रैल में ज्वाइनिंग होगी.


लगातार सरकारी शिक्षकों की कमी से जूझ रहे उत्तर प्रदेश के लिए अच्छी खबर है. बेसिक शिक्षा विभाग ने तय किया है कि अब हर साल टीईटी और शिक्षकों की भर्ती होगी. यही नहीं विभाग ने हर साल परीक्षा के महीने और तारीख भी पहले से तय करने का फैसला किया है. इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि रिक्तियों के आधार पर मार्च में नियुक्ति की जाएगी. इसके बाद अप्रैल में ज्वाइनिंग होगी.डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि प्रदेश में अब हर साल टीईटी का आयोजन किया जाएगा. इसके बाद हर साल शिक्षक भर्ती परीक्षा होगी. उन्होंने कहा​ कि एक तरफ इससे छात्रों को क्वालिटी एजुकेशन मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा के क्षेत्र में नौकरियों का इंतजार करने वाले युवाओं को राहत मिलेगी.डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि प्रदेश में अब हर साल टीईटी का आयोजन किया जाएगा. इसके बाद हर साल शिक्षक भर्ती परीक्षा होगी. उन्होंने कहा​ कि एक तरफ इससे छात्रों को क्वालिटी एजुकेशन मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा के क्षेत्र में नौकरियों का इंतजार करने वाले युवाओं को राहत मिलेगी.अपर मुख्य सचिव ने बताया कि टीईटी का प्रति वर्ष निर्धारित माह और तिथि कराने की योजना है. टीईटी का परिणाम आने के बाद हर साल निर्धारित तिथि और माह में ही रिक्त पदों पर सहायक अध्यापकों की भर्ती परीक्षा कराई जाएगी. जानकारी के अनुसार इस साल के आखिर में टीईटी की परीक्षा करा ली जाएगी. इसके बाद करीब 65 हजार से अधिक रिक्त पदों पर सहायक शिक्षकों की भर्ती निकाली जाएगी.
(रिपोर्ट: शैलेश अरोड़ा)

SUPREME COURT, TEACHERS, SALARY : सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था- चपरासी का वेतन टीचर से ज्यादा क्यों?, अस्थाई शिक्षकों को समान वेतन दिया तो स्कूलों को बंद करना पड़ जाएगा - बिहार सरकार

SUPREME COURT, SALARY, TEACHERS : सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था- चपरासी का वेतन टीचर से ज्यादा क्यों?, अस्थाई शिक्षकों को समान वेतन दिया तो स्कूलों को बंद करना पड़ जाएगा - बिहार सरकार




 

 

 

 

लिहाजा राज्य सरकार इन शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने में सक्षम नहीं है.राज्य सरकार ने कहा कि जिन लोगों की तुलना की जा रही है वो पुराने टाइम के कैडर शिक्षक है, इसलिए उनके साथ इनकी तुलना नहीं की जा सकती.


नई दिल्लीः बिहार के 3.7 लाख अस्थाई शिक्षकों के मामले में राज्य सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को भी सुनवाई जारी रहेगी.जस्टिस एएम सप्रे और जस्टिस यूयू ललित की पीठ में मंगलवार को बिहार सरकार की तरफ से वरिष्ठ वकील दिनेश द्विवेदी ने पक्ष रखना शुरू किया.वरिष्ठ वकील दिनेश द्विवेदी ने कहा कि राज्य सरकार आर्थिक पर सक्षम नहीं है कि इन शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन दे सके.अगर इन शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिया तो स्कूलों को बंद करना पड़ जाएगा.लिहाजा राज्य सरकार इन शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने में सक्षम नहीं है.राज्य सरकार ने कहा कि जिन लोगों की तुलना की जा रही है वो पुराने टाइम के कैडर शिक्षक है, इसलिए उनके साथ इनकी तुलना नहीं की जा सकती.राज्य सरकार की ओर से कल भी मामले में बहस जारी रहेगी.

"राज्य सरकार आर्थिक तौर सक्षम नहीं"

बिहार सरकार के वकील दिनेश द्विवेदी ने कहा कि राज्य सरकार आर्थिक तौर सक्षम नहीं है कि इन शिक्षकों को समान वेतन दे.राज्य सरकार ने कहा कि 1981 में जिन शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग की ओर से की गई थी उनकी तुलना 2006 के इन अस्थाई शिक्षकों से नहीं की जा सकती. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा कि इन स्कूलों को कौन चलाता है, स्कूलों को चलाने का जिम्मा राज्य सरकार के पास है? राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि ये पंचायत स्कूल है, इन्हें पंचायत चलाती है.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मतलब है कि राज्य सरकार ने इन स्कूलों को चलाने का जिम्मा लोकल बॉडी को दे रखा है.

पिछली सुनवाई में बिहार सरकार को केंद्र का मिला था समर्थन

दरअसल, पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने बिहार सरकार का समर्थन करते हुए समान कार्य के लिए समान वेतन का विरोध किया था. कोर्ट में केंद्र सरकार ने बिहार सरकार के स्टैंड का समर्थन किया था.केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर 36 पन्नों के हलफनामे में कहा गया था कि इन अस्थाई शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं दियाजा सकता क्योंकि समान कार्य के लिए समान वेतन के कैटेगरी में ये अस्थाई शिक्षक नहीं आते.ऐसे में इन अस्थाई शिक्षकों को नियमित शिक्षकों की तर्ज पर समान कार्य के लिए समान वेतन अगर दिया भी जाता है तो सरकार पर प्रति वर्ष करीब 36998 करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा. केंद्र ने इसके पीछे यह तर्क दिया था कि बिहार के अस्थाई शिक्षकों को इसलिए लाभ नहीं दिया जा सकता क्योंकि बिहार के बाद अन्य राज्यों की ओर से भी इसी तरह की मांग उठने लगेगी.  

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था- चपरासी का वेतन टीचर से ज्यादा क्यों?

अस्थाई शिक्षकों को समान काम समान वेतन मामले में पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा था जब चपरासी को 36 हजार रुपए वेतन दे रहे हैं, तो फिर छात्रों का भविष्य बनाने वाले शिक्षकों को मात्र 26 हजार ही क्यों? इसके पहले 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर राज्य सरकार को झटका दिया था.कोर्ट ने तब सरकार को यह बताने के लिए कहा था कि अस्थाई शिक्षकों को सरकार कितना वेतन दे सकती है? इसके लिए लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी तय कर बताए 

क्या है पूरा मामला? 

दरअसल, बिहार में करीब 3.7 लाख अस्थाई शिक्षक काम कर रहे हैं। शिक्षकों के वेतन का 70 फीसदी पैसा केंद्र सरकार और 30 फीसदी पैसा राज्य सरकार देती है.वर्तमान में अस्थाई शिक्षकों (ट्रेंड) को 20-25 हजार रुपए वेतन मिलता है.अगर समान कार्य के बदले समान वेतन की मांग मान ली जाती है तो शिक्षकों का वेतन 35-44 हजार रुपए हो जाएगा. 
   - सुमित कुमार

CIRCULAR, ADD SCHOOL, VACANCY : अशासकीय मान्यता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापक के रिक्त पदों के भरे जाने के सम्बन्ध में समय सारिणी का निर्धारण के सम्बन्ध में ।

CIRCULAR, ADD SCHOOL, VACANCY : अशासकीय मान्यता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापक के रिक्त पदों के भरे जाने के सम्बन्ध में समय सारिणी का निर्धारण के सम्बन्ध में ।

CIRCULAR, AUDIT, BRC, FINANCE CONTROLLER, NPRC, SMC, URC : वित्तीय वर्ष 2017-18 के ऑडिट रिपोर्ट में बीआरसी/एनपीआरसी/एसएमसी आदि के खातों में विगत कई वर्षों से अवशेष चली आ रही धनराशि का मदवार विवरण समाहित करने हेतु आदेश जारी ।

CIRCULAR, AUDIT, BRC, FINANCE CONTROLLER, NPRC, SMC, URC : वित्तीय वर्ष 2017-18 के ऑडिट रिपोर्ट में बीआरसी/एनपीआरसी/एसएमसी आदि के खातों में विगत कई वर्षों से अवशेष चली आ रही धनराशि का मदवार विवरण समाहित करने हेतु आदेश जारी ।

CIRCULAR  SHOES-SOCKS : जूता-मोज़ा की आपूर्ति प्राप्त होने के पश्चात भी वितरण की कार्यवाही पूर्ण न करने पर उदासीनता एवं लापरवाही परिलक्षित, तत्काल जूता-मोजा वितरित करने के आदेश जारी ।

CIRCULAR  SHOES-SOCKS : जूता-मोज़ा की आपूर्ति प्राप्त होने के पश्चात भी वितरण की कार्यवाही पूर्ण न करने पर उदासीनता एवं लापरवाही परिलक्षित, तत्काल जूता-मोजा वितरित करने के  आदेश जारी ।

PROTEST, PURANI PENSION : पुरानी पेंशन के आंदोलन में केंद्र-राज्य कर्मी हुए एकजुट

PROTEST, PURANI PENSION : पुरानी पेंशन के आंदोलन में केंद्र-राज्य कर्मी हुए एकजुट


UNIFORM, BOOKS, SHOES-SOCKS : अगस्त के अंत तक सभी बच्चों को मिल सकेंगी किताबें, यूनिफार्म और जूते-मोजे, बेसिक शिक्षा विभाग ने बाँटने के लिए 31 जुलाई तक दिया था समय ।

UNIFORM, BOOKS, SHOSE SCOCKS : अगस्त के अंत तक सभी बच्चों को मिल सकेंगी किताबें, यूनिफार्म और जूते-मोजे, बेसिक शिक्षा विभाग ने बाँटने के लिए 31 जुलाई तक दिया था समय ।

SCREENING, RETIREMENT : बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किया पत्र, 50 वर्ष से ऊपर वाले शिक्षकों व कर्मचारियों को होगी स्क्रीनिंग परीक्षा ।

SCREENING, RETIREMENT : बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किया पत्र, 50 वर्ष से ऊपर वाले शिक्षकों व कर्मचारियों को होगी स्क्रीनिंग परीक्षा ।

SHIKSHAK BHARTI, ANUDESHAK : परिषदीय स्कूलों की शिक्षक व अनुदेशकों की भर्तियां सवा साल से अधर में अटकी, फिर भी लंबित भर्तियों पर अफसर मौन

SHIKSHAK BHARTI, ANUDESHAK : परिषदीय स्कूलों की शिक्षक व अनुदेशकों की भर्तियां सवा साल से अधर में अटकी, फिर भी लंबित भर्तियों पर अफसर मौन

इलाहाबाद : परिषदीय स्कूलों की शिक्षक व अनुदेशकों की भर्तियां सवा साल से अधर में अटकी हैं। दो भर्तियों में एक भी नियुक्ति नहीं हो सकी है, जबकि तीन भर्तियों के रिक्त पद भरे जाने हैं। कोर्ट की एकल पीठ और डबल बेंच ने प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है, इसके बाद भी विभागीय अफसर इस मामले में बोलने को तैयार नहीं हैं।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों की अटकी सारी भर्तियां सपा शासनकाल की हैं। इनमें से कुछ में अधिकांश पद भरे जा चुकी हैं और अगली काउंसिलिंग का इंतजार है तो कुछ में आवेदन लिए गए लेकिन, अब तक काउंसिलिंग नहीं हो सकी है। एक भर्ती की कुछ महीने प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन, कोर्ट के आदेश से सारे पदों पर चयन नहीं हो सका है। असल में सूबे में पिछले वर्ष योगी सरकार ने 23 मार्च को चल रही सभी भर्तियों को जहां का तहां रोक दिया था। कहा गया कि पहले इनकी जांच होगी, तब नियुक्तियां की जाएंगी। कई माह प्रतियोगियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने नियुक्तियां पूरी करने का निर्देश दिया। सरकार ने इसे बड़ी बेंच में चुनौती दी वहां से भी भर्ती पूरी करने का आदेश हुआ। उसके बाद भी अमल नहीं हो रहा है।

विभागीय अफसर कहते हैं कि इस बीच सात साल की भर्तियों की जांच हो रही है, इसीलिए नई भर्तियां शुरू नहीं की जा रही हैं। 12460 शिक्षकों की भर्ती मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पूरी हो जाती लेकिन, कोर्ट ने दूसरे जिले के अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने से रोक दिया। दो भर्तियों को छोड़ बाकी में चंद पद बचे हैं। अब जांच पूरी होने के बाद ही निर्णय होने के आसार हैं।

उच्च प्राथमिक में विज्ञान गणित शिक्षकों की 29334 भर्ती के रिक्त पद। शासनादेश 11 जुलाई 2013’ उच्च प्राथमिक में शारीरिक शिक्षक अनुदेशक 32022 भर्ती में कोई नियुक्ति नहीं। शासनादेश 19 सितंबर 2016’प्राथमिक में सहायक अध्यापक भर्ती 16448 भर्ती के रिक्त पद। शासनादेश 16 जून 2016’ प्राथमिक में 12460 सहायक अध्यापक भर्ती के रिक्त पद। कोर्ट के आदेश पर प्रक्रिया रुकी। शासनादेश 15 दिसंबर 2016’प्राथमिक में 4000 उर्दू शिक्षकों की भर्ती में कोई नियुक्ति नहीं। शासनादेश 15 दिसंबर 2016।


ALLAHABAD HIGHCOURT, SHIKSHAK BHARTI : 12460 सहायक अध्यापक भर्ती मामले में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका, कोर्ट ने अपनाया कड़ा रुख

ALLAHABAD HIGHCOURT, SHIKSHAK BHARTI : 12460 सहायक अध्यापक भर्ती मामले में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका, कोर्ट ने अपनाया कड़ा रुख

विधि संवाददाता, इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2016 की 12460 सहायक अध्यापक भर्ती में एक से अधिक जिलों में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को प्रथम काउंसिलिंग में शामिल न होने देने पर प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को अगली तारीख तक जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने अवनीश कुमार व 15 अन्य की याचिका पर दिया है। याची के अधिवक्ता अनिल सिंह बिसेन ने बताया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने एक जिले में अर्जी देने वाले अभ्यर्थियों की ही काउंसिलिंग की अनुमति दी है। जिन्होंने एक से अधिक जिलों में अर्जी दी है उन्हें अन्य जिलों के दावे छोड़ने का दबाव डाला जा रहा है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव से जवाब दाखिल करने या कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया था। 30 जुलाई को जवाब न देने और हाजिर न होने पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया, हालांकि एक अवसर और देते हुए अगली तारीख तक जवाब दाखिल करने को कहा है।


12460 शिक्षक भर्ती केस में सरकार को जवाब दाखिल करने का मिला एक और मौका


Monday, July 30, 2018

ALLAHABAD HIGHCOURT, SHIKSHAK BHARTI : 12460 भर्ती में दूसरे जिले के अभ्यर्थियों के प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय ने मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए दिया आदेश ।

ALLAHABAD HIGHCOURT, SHIKSHAK BHARTI : 12460 भर्ती में दूसरे जिले के अभ्यर्थियों के प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय ने मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए दिया आदेश ।

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

Court No. - 7

Case :- WRIT - A No. - 10587 of 2018

Petitioner :- Avanish Kumar And 15 Others
Respondent :- State Of U P And 2 Others
Counsel for Petitioner :- Agnihotri Kumar Tripathi,Anil Kumar Singh Bishen,Tarun Agrawal
Counsel for Respondent :- C.S.C.,Shashi Kant Verma

Hon'ble Surya Prakash Kesarwani,J.
Heard learned counsel for the petitioners and learned Standing Counsel for the State-respondents.
Leading arguments has been advanced on behalf of the petitioners by Sri R. K. Ojha, learned Senior Advocate assisted by Sri Shivendu Ojha.
According to the petitioners, they being fully eligible, applied for the post of Assistant Teacher pursuant to advertisement issued in the month of December, 2016 on the basis of the Government Order dated 15.12.2016, inviting applications for vacant posts of 12,460 Assistant Teachers. The petitioners herein applied for the post of Assistant Teacher in more than one district against separate advertisement issued for the concerned districts.
Petitioners are aggrieved by the decision of the concerned District Basic Education Officers in denying them to participate in the first counselling on the ground that they have applied in more than one district. They are ready to opt for only one district and they want to leave their claim with respect to their applications in other districts.
Sri A. K. Yadav, learned counsel for U.P. Basic Education Board and learned counsel for District Basic Education Officers of different districts have supported the action and submitted that the writ petition may be dismissed, inasmuch as, the petitioners were not entitled to apply for the post of Assistant Teacher in more than one district.
Sri S. P. Singh, learned Standing Counsel submits that a week's time may be granted to the State-respondents to file counter affidavit.
In view of the aforesaid, a week's time is granted to the State-respondents to file a detailed counter affidavit annexing therewith copies of all the relevant Government Orders, advertisement, notifications, Rules etc. The petitioners shall have three days time thereafter to file rejoinder affidavit.
List peremptorily on 30.07.2018 at 02:00 PM along with all connected writ petitions.
If the counter affidavit is not filed by the State-respondents, the respondent No.1, Principal Secretary (Basic Education), U.P., Lucknow, shall remain personally present before this Court.
Order Date :- 18.7.2018
Nitin Verma

CIRCULAR, BUDGET, GRANT, 7th PAY COMMISSION : अशासकीय सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक / शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के कैलेण्डर वर्ष 2016 के सातवें वेतन आयोग के अनुसार पुनरीक्षित वेतन अवशेष की आधी धनराशि का भुगतान करने के लिए बजट आंटन के सम्बंध में आदेश जारी ।

CIRCULAR, BUDGET, GRANT, 7th PAY COMMISSION : अशासकीय सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक / शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के कैलेण्डर वर्ष 2016 के सातवें वेतन आयोग के अनुसार पुनरीक्षित वेतन अवशेष की आधी धनराशि का भुगतान करने के लिए बजट आंटन के सम्बंध में आदेश जारी ।


UNIFORM, BUDGET : सूबे के प्राइमरी स्कूलों में बेहतर यूनिफार्म के लिए सरकार ने बढ़ाया बजट, सत्र 2011-12 में प्रति यूनिफॉर्म 200 रुपये का निर्धारित किया गया था बजट

UNIFORM, BUDGET : सूबे के प्राइमरी स्कूलों में बेहतर यूनिफार्म के लिए सरकार ने बढ़ाया बजट


🔴 सत्र 2011-12 में प्रति यूनिफॉर्म 200 रुपये का बजट निर्धारित किया गया था. तब से महंगाई तो हर साल बढ़ी लेकिन यूनिफॉर्म का बजट नहीं बढ़ा था.


सूबे के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले डेढ़ करोड़ से अधिक छात्रों को अब पहले से बेहतर, कॉन्वेंट स्कूल के बच्चों जैसी यूनिफॉर्म दी जाएगी. केंद्र सरकार ने छात्रों को दी जाने वाली यूनिफॉर्म का बजट डेढ़ गुना करने को सहमति दे दी है. 2011 के बाद अब जाकर छात्रों की यूनिफॉर्म के बजट को बढ़ाया गया है.प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूल के छात्रों को सर्व शिक्षा अभियान और राज्य सरकार के बजट से हर साल दो-दो स्कूल यूनिफॉर्म दी जाती हैं. सत्र 2011-12 में प्रति यूनिफॉर्म 200 रुपये का बजट निर्धारित किया गया था. तब से महंगाई तो हर साल बढ़ी लेकिन यूनिफॉर्म का बजट नहीं बढ़ा. इसे लेकर प्रदेश के राज्य परियोजना कार्यालय ने केंद्र में बजट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया.प्रदेश सरकार के इस प्रस्ताव को देखते हुए एमएचआरडी की प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में यूनिफॉर्म के बजट को बढ़ा दिया गया है. अब छात्रों की यूनिफॉर्म 200 रुपये की जगह 300 रुपये में तैयार कराई जाएगी.  प्रदेश सरकार ने पिछले साल ही छात्रों की यूनिफॉर्म का रंग और डिजाइन बदला था. इसे कॉन्वेंट स्कूल के छात्रों जैसा बनाया गया. अब माना जा रहा है कि कीमत बढ़ने से नई यूनिफॉर्म की क्वालिटी भी बेहतर हो जाएगी.राज्य परियोजना निदेशक एवं विशेष सचिव बेसिक शिक्षा, डॉ. वेदपति मिश्र कहते हैं कि उत्तर प्रदेश के प्राइमरी, अपर प्राइमरी स्कूल के करीब 1.5 करोड़ से अधिक छात्रों को यूनिफॉर्म दी जाती है. हर छात्र को 2 जोड़ी यूनिफॉर्म दी जाती है. अब तक 1 यूनिफॉर्म के लिए 200 रुपये का बजट रखा गया था, अब इसे बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है.(रिपोर्ट: शैलेश अरोड़ा)

SCHOOL, BASIC SHIKSHA NEWS : यूपी के कई जिलों में प्राइमरी स्कूलों के 'इस्लामिया' नामकरण से मचा हड़कंप

SCHOOL, BASIC SHIKSHA NEWS : यूपी के कई जिलों में प्राइमरी स्कूलों के 'इस्लामिया' नामकरण से मचा हड़कंप


🔴स्कूलों में मदरसे जैसी हो रही पढ़ाई. रविवार की जगह शुक्रवार को होती है साप्ताहिक बंदी. बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल ने प्रदेश के सभी बीएसए को खुद जाकर स्कूलों का निरीक्षण करने का आदेश दिया.


उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों कई जिलों देवरिया, बलिया, सिद्धार्थनगर, गाजीपुर में एक के बाद एक कई प्राइमरी स्कूलों का नाम इस्लामिया लिखे जाने से हड़कंप मचा हुआ है. पता चला है कि न सिर्फ नामकरण बल्कि इन स्कूलों में मदरसों की पढ़ाई कराई जा रही है. यही नहीं, यहां सरकारी आदेश के विपरीत रविवार की जगह शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश किया गया. उधर मामले में योगी सरकार सतर्क हो गई है. बेसिक शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के सभी बीएसए को खुद जाकर स्कूलों का निरीक्षण करने का आदेश दिया है.देवरिया में आया पहला मामला, तो शुरू हुई जांच
दरअसल पहला मामला देवरिया जिले से सामने आया. पिछले दिनों देवरिया जिले के सलेमपुर तहसील के नवलपुर गांव में स्थित प्राइमरी स्कूल की बिल्डिंग में विद्यालय का नाम प्राइमरी स्कूल की जगह इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय नवलपुर लिखा मिला. इसके बाद  जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए स्कूल का नाम बदल दिया. वहीं प्रिंसिपल के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस मामले की जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार पांडे ने जांच में पाया कि कागजों और रजिस्टर पर स्कूल का नाम राजकीय प्राथमिक विद्यालय है, जबकि स्कूल का बोर्ड इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय के तौर पर लिखा गया है.सिद्धार्थनगर के स्कूल में बीएसए पहुंचे तो दीनी तालीम लेते मिले बच्चे 
उधर यूपी के देवरिया जिले के सरकारी प्राइमरी स्कूलो में दीनी तालीम देने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि सिद्धार्थनगर जिले के एक सरकारी स्कूल में दीनी तालीम देने का मामला सामने आया. पता चला है कि ये स्कूल 'मदरसा' की तरह चलाया जा रहा है. जिले के खेसरहा ब्लॉक के देवरी गांव के सरकारी स्कूल में बच्चों के बैग्स में उर्दू भाषा की किताबें मिलने से हड़कंप मच गया. यह खुलासा तब हुआ, जब जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सिंह देवरी के प्राइमरी स्कूल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे.निरीक्षण के दौरान स्कूल के विद्यार्थी उर्दू की किताबें पढ़ते दिखे. जब उनसे नाम लिखने को कहा गया तो वह उर्दू भाषा में ही लिखने लगे. तब पता चला कि यहां शासन द्वारा निर्धारित सिलेबस को दरकिनार कर दीनी तालीम दी जा रही है. इस मामले को गंभीरता से लेकर बीएसए ने तत्काल विद्यालय के अभिलेखों को जब्त किया, जो उर्दू भाषा में लिखे गए थे.बलिया के इस्लामिया स्कूलों में शुक्रवार को साप्ताहिक बंदी 
वहीं यूपी के बलिया ज़िले में भी कई स्कूलों में नियम विरुद्ध इस्लामिया लिखा पाया गया. शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एसडीआई निर्भय नारायण ने छह इस्लामिया प्राथमिक स्कूलों को भवन से इस्लामिया शब्द हटाने का निर्देश दे दिया. इसके बाद सभी छह स्कूलों के भवन से इस्लामिया शब्द हटा लिया गया. ये सभी विद्यालय रविवार की बजाय अब तक शुक्रवार को ही बंद रहते थे और रविवार को यहां पढ़ाई होती थी लेकिन अब यहां रविवार को पूर्ण रूप से बंदी कर दी गई है.सभी बीएसए खुद और खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ करें निरीक्षण: अनुपमा जायसवाल
मामले में प्रदेश के बेसिक शिक्षा ​मंत्री अनुपमा जायसवाल ने बताया कि पिछले दिनों समीक्षा बैठक के दौरान इस मामले पर गौर किया गया. उन्होंने कहा​ कि मामले में सभी बीएसए को निर्देश दिए गए हैं कि वे खुद और खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से सभी विद्यालयों का निरीक्षण कराएं. देखें कि प्रदेश में कहीं और इस तरह की बातें न हो रही हों. मंत्री ने कहा कि निरीक्षण के बाद जो भी गड़बड़ियां सामने आएंगी, उन पर कार्रवाई होगी.(इनपुट: शैलेश अरोड़ा)

ALLAHABAD HIGHCOURT, DIRECTOR, WRIT, CONTEMPT : मा0 उच्च न्यायालय में योजित रिट याचिकाओं / अवमानना याचिकाओं में प्रतिशपथ-पत्र दाखिल करने तथा प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देशों के क्रम में निर्धारित प्रारूप पर सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में आदेश जारी।

ALLAHABAD HIGHCOURT, DIRECTOR, WRIT, CONTEMPT : मा0 उच्च न्यायालय में योजित रिट याचिकाओं / अवमानना याचिकाओं में प्रतिशपथ-पत्र दाखिल करने तथा प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देशों के क्रम में निर्धारित प्रारूप पर सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में आदेश जारी।

CIRCULAR, FINANCE CONTROLLER, IGRS : समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) जनसुनवाई के प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण कराये जाने सम्बन्ध में आदेश जारी ।

CIRCULAR, FINANCE CONTROLLER, IGRS : समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) जनसुनवाई के प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण कराये जाने सम्बन्ध में आदेश जारी ।


CIRCULAR, FINANCE CONTROLLER, GPF, GRATUITY, PENSION, RETIREMENT : दिनांक 31.03.2018 से 31.07.2018 तक सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं अन्य के पेंशन, जीपीएफ, बीमा आदि के निस्तारण/भुगतान की सूचना तत्काल निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने सम्बन्धी वित्त नियंत्रक का आदेश जारी ।

CIRCULAR, FINANCE CONTROLLER, GPF, GRATUITY, PENSION, RETIREMENT : दिनांक 31.03.2018 से 31.07.2018 तक सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं अन्य के पेंशन, जीपीएफ, बीमा आदि के निस्तारण/भुगतान की सूचना तत्काल निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने सम्बन्धी वित्त नियंत्रक का आदेश जारी ।

ONLINE SYSTEM, TEACHING QUALITY : स्कूलों में छठीं से 12वीं कक्षा तक डिजिटल शिक्षा की पहल, 32 राष्ट्रीय चैनलों से शैक्षणिक ई-सामग्रियों का प्रसारण हुआ प्रारम्भ

ONLINE SYSTEM, TEACHING QUALITY : स्कूलों में छठीं से 12वीं कक्षा तक डिजिटल शिक्षा की पहल, 32 राष्ट्रीय चैनलों से शैक्षणिक ई-सामग्रियों का प्रसारण हुआ प्रारम्भ






CIRCULAR, PAINTING : राष्ट्रीय जागरूकता अभियान-2018 के अन्तर्गत ऊर्जा संरक्षण विषय पर चित्रकला प्रतियोगितायें आयोजित कराने के सम्बन्ध में आदेश जारी ।

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SCHOOL, CIRCULAR, PAINTING, Helpline : महिला हेल्पलाइन 181 को वाल पेंटिंग के रूप में विद्यालयों पर अंकित कराने के सम्बंध में।

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BOOKS, CIRCULAR, INSTRUCTION : नेशनल टीचर प्लेटफार्म दीक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्य पुस्तकों को QR CODE के माध्यम से Energized Textbook का प्रयोग करने के सम्बंध में आवश्यक दिशा निर्देश पुजारी ।

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SHIKSHAMITRA, CM, COMMITEE : शिक्षामित्रों के लिए सीएम द्वारा बनाई गई हाईपावर कमेटी में शिक्षामित्र भी हों शामिल, कमेटी 1.70 लाख शिक्षामित्रों का भविष्य करेगी तय

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BASIC SHIKSHA NEWS, PRIMARY KA MASTER : अभी तक की सभी खबरें/आदेश/निर्देश/सर्कुलर/पोस्ट्स एक साथ एक जगह, बेसिक शिक्षा न्यूज ● कॉम के साथ क्लिक कर पढ़ें ।

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