GOVERNMENT ORDER, SALARY : वित्तीय वर्ष 2018-2019 में माह मार्च, 2018 के वेतन का भुगतान ।

GOVERNMENT ORDER, SALARY : वित्तीय वर्ष 2018-2019 में माह मार्च, 2018 के वेतन का भुगतान ।

SHIKSHAMITRA, BASIC SHIKSHA NEWS : अखिलेश यूपी के सीएम नहीं है, इसलिए दिन में सपने देखना छोड़े, शिक्षामित्रों के मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम ने कहा कि उनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है - केशव मौर्य

SHIKSHAMITRA, BASIC SHIKSHA NEWS : अखिलेश यूपी के सीएम नहीं है, इसलिए दिन में सपने देखना छोड़े, शिक्षामित्रों के मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम ने कहा कि उनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है - केशव मौर्य

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने शनिवार को प्रेस कॉफ्रेंस आयोजित कर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों का करारा जवाब दिया. उन्होंने अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा कि वह अब यूपी के मुख्यमंत्री नहीं है, इसलिए दिन में सपने देखना छोड़ दें.

शिक्षामित्रों के मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम ने कहा कि उनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है. फैसला आते ही एक महीने के अंदर समाधान किया जाएगा. हमारी सहानुभूति उनके साथ है. शिक्षामित्रों के हालात के लिए उन्होंने अखिलेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया. बता दें कि, शनिवार को अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए जमकर आरोप लगाए थे.

उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों में कितना काम किया गया है, हम उसका आंकड़ा इकट्ठा कर रहे हैं. वहीं केंद्र द्वारा एनओसी न देने के आरोप पर डिप्टी सीएम ने कहा कि गोमती रिवर फ्रंट के लिए उन्होंने एनओसी कब ली थी, उसका प्रमाण दिखाएं. केशव मौर्य ने कहा कि राजा भैया तो हमारे पड़ोस के ही रहने वाले है और वे हमारे मित्र हैं. वहीं बाबा साहेब की मूर्ती तोड़े जाने पर डिप्टी सीएम ने दावे के साथ कहा कि बाबा साहब हमारे पूज्य हैं, उनकी प्रतिमा से जो छेड़छाड़ करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा.

अखिलेश, मुलायम और मायावती पर निशाना साधते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि बुआ, भतीजा और पिता जी ने जितना काम पिछले 15 सालों में नहीं किया, उतना हमने एक साल में किया है. एक्सप्रेस-वे को लेकर उन्होंने कहा कि उसका उद्घाटन किया था तो उसे अधूरा क्यों छोड़ा. एलिवेटेड रोड के उद्घाटन पर भी उन्हें दर्द होने लगा.

  साभार : News18 Hindi अपडेट्स. Uttar Pradesh News in Hindi

UPTET, ALLAHABAD HIGHCOURT, SHIKSHAMITRA : टीईटी 2017 में अचयनित शिक्षामित्रों की याचिका पर सुनवाई दो अप्रैल को, ओएमआर शीट में गलत प्रविष्टियां भरने पर हुए चयन से बाहर

UPTET, ALLAHABAD HIGHCOURT, SHIKSHAMITRA : टीईटी 2017 में अचयनित शिक्षामित्रों की याचिका पर सुनवाई दो अप्रैल को, ओएमआर शीट में गलत प्रविष्टियां भरने पर हुए चयन से बाहर

🔵 टीईटी 2017 में अचयनित शिक्षामित्रों की याचिका पर सुनवाई दो अप्रैल को

🔴 ओएमआर शीट में गलत प्रविष्टियां भरने पर हुए चयन से बाहर

🌑 एकलपीठ खारिज कर चुकी है याचिका, अब दाखिल की विशेष अपील

इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानि टीईटी 2017 में असफल शिक्षामित्रों की याचिका को सुनवाई के लिए दो अप्रैल को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। ये ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने ओएमआर शीट में गलत प्रविष्टियां भरी थीं। एकलपीठ ने इन याचियों की याचिका बलहीन मानते हुए खारिज कर दी थी।

यह आदेश न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता व न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने जय करन सिंह व 53 अन्य शिक्षामित्रों की विशेष अपील पर दिया है। याचियों का कहना है कि राज्य सरकार ने उन्हें सहायक अध्यापक पद पर समायोजित कर लिया था जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने सही नहीं माना। समायोजन रद करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने याचियों को टीईटी में उत्तीर्ण होने के लिए दो अवसरों की छूट दी। जिसके तहत उन्होंने टीईटी 2017 की परीक्षा दी। याचियों का कहना है कि वे सफल हैं लेकिन, ओएमआर शीट भरने में पंजीकरण संख्या, अनुक्रमांक, उत्तर पुस्तिका क्रमांक आदि भरने में त्रुटि हो गई जिसके चलते उन्हें अयोग्य करार दिया गया है। न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने लंबी सुनवाई के बाद याचिकाएं खारिज कर दी। इस पर यह विशेष अपील दाखिल की गई है।

याचियों का कहना है कि टीईटी परीक्षा प्रतियोगी परीक्षा नहीं है। इस चयन से किसी तीसरे पक्ष का हित नहीं बनता। यह मात्र योग्यता के लिए अर्हता परीक्षा है। यदि त्रुटियों को सही करने का अवसर दिया गया तो इससे किसी तीसरे पक्ष का हित प्रभावित नहीं होगा। कहा कि छोटी सी गलती की इतनी बड़ी सजा नहीं दी जा सकती।

विशेष अपील पर दो अप्रैल को सुनवाई होगी। मालूम हो कि टीईटी, कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पढ़ाने वाले अध्यापकों पद पर नियुक्ति के लिए पात्रता परीक्षा है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी उप्र इलाहाबाद ने परीक्षा कराई थी। 15 दिसंबर 2017 को इसका परिणाम घोषित हुआ।

ADD SCHOOL, APPOINTMENT : प्रदेश के तीन हजार ऐडेड जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक भर्ती को मंजूरी, न्यूनतम मानक के तहत सीधी भर्ती से भरे जाएंगे रिक्त पद ।

ADD SCHOOL, APPOINTMENT : प्रदेश के तीन हजार ऐडेड जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक भर्ती को मंजूरी, न्यूनतम मानक के तहत सीधी भर्ती से भरे जाएंगे रिक्त पद

TRANSFER, BASIC SHIKSHA NEWS : शिक्षक झुके न सरकार, सत्र भर तबादले का रहा इंतजार, परिषदीय स्कूलों में समायोजन, जिले के अंदर व अंतर जिला तबादले नहीं छिटपुट नियम बदले, दूसरे जिले में जाने की तस्वीर अब भी साफ नहीं

TRANSFER, BASIC SHIKSHA NEWS : शिक्षक झुके न सरकार, सत्र भर तबादले का रहा इंतजार, परिषदीय स्कूलों में समायोजन, जिले के अंदर व अंतर जिला तबादले नहीं छिटपुट नियम बदले, दूसरे जिले में जाने की तस्वीर अब भी साफ नहीं

इलाहाबाद : छात्र-छात्रओं की संख्या के लिहाज से समायोजन, जिले के मनचाहे स्कूल में तैनाती और पसंदीदा जिले में जाने की शिक्षकों की ख्वाहिश गुजरते शैक्षिक सत्र में पूरी नहीं हो सकी है। 2017-18 की शुरुआत से लेकर अंत तक हजारों परिषदीय शिक्षक तबादला आदेश की राह देखते रह गए। तबादला नीति में नियमों का ऐसा पेंच फंसा कि शिक्षक उसे मानने को तैयार न थे और सरकारी हुक्मरान उससे पीछे हटने को राजी न हुए। दो तरह के तबादलों पर पूर्ण विराम लग चुका है, अंतर जिला तबादले की प्रक्रिया जरूर चल रही है लेकिन, वह भी अंजाम पहुंचेगी यह भी स्पष्ट नहीं है। 1योगी सरकार ने सत्ता में आने के चंद माह बाद ही 13 जून 2017 को बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के तबादले की नीति जारी की। इसमें चरणबद्ध तरीके से समायोजन व स्थानांतरण करने के आदेश हुए। पहले जिले में छात्र संख्या के हिसाब से समायोजन, फिर जिले के अंदर और अंत में रिक्त पदों पर अंतर जिला तबादले होने थे। इसमें अफसरों ने 30 अप्रैल की छात्र संख्या के हिसाब से समायोजन करने का निर्देश दिया।

यहीं से विवाद शुरू हुआ, क्योंकि शिक्षक 31 जुलाई की छात्र संख्या के आधार पर समायोजन चाहते थे। प्रकरण कोर्ट में पहुंचा तो स्थगनादेश जारी हुआ। इससे समायोजन व जिले के अंदर तबादले की प्रक्रिया रुक गई, जो अब तक बहाल नहीं हो सकी है। छह माह बाद दिसंबर में परिषद ने अंतर जिला तबादला करने का निर्देश जारी किया व ऑनलाइन आवेदन मांगे। पहले चरण के आवेदन पूरे हुए थे कि शिक्षिकाओं ने कोर्ट से पांच वर्ष की सेवा से छूट की मांग की। कोर्ट ने उस पर मुहर लगाई और फिर आवेदन लिए गए। अब गंभीर रोग से पीड़ित पुरुष शिक्षक व अविवाहित शिक्षिकाएं भी कोर्ट की शरण में हैं। 1तय नियम बदलने से खफा अफसर अंतर जिला तबादला प्रक्रिया धीमी गति से आगे बढ़ा रहे हैं। जिन 36 हजार से अधिक शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन किए, उनके गुणवत्ता अंक वेबसाइट पर सार्वजनिक किए गए हैं और उनसे आपत्तियां मांगी गई हैं। यह प्रक्रिया आठ अप्रैल तक चलेगी। अफसरों की कार्यशैली से अब तक स्पष्ट नहीं है कि अंतर जिला तबादलों में आदेश होंगे या नहीं। कोई अफसर इस मामले में बोलने को तैयार नहीं है।

7TH PAY COMMISSION, ARREAR, BASIC SHIKSHA NEWS : शिक्षकों और राज्य कर्मियों दो बार मिलेगा सातवें वेतन आयोग का एरियर ।

7TH PAY COMMISSION, ARREAR, BASIC SHIKSHA NEWS : शिक्षकों और राज्य कर्मियों दो बार मिलेगा सातवें वेतन आयोग का एरियर ।

PROMOTION, GOVERNMENT ORDER, CIRCULAR : परिषदीय शिक्षकों की पदोन्नति का आदेश जारी, परिषद सचिव संजय सिन्हा ने सभी बीएसए को इस संबंध में भेजे निर्देश

PROMOTION, GOVERNMENT ORDER, CIRCULAR : परिषदीय शिक्षकों की पदोन्नति का आदेश जारी, परिषद सचिव संजय सिन्हा ने सभी बीएसए को इस संबंध में भेजे निर्देश

इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों की पदोन्नति करने के आदेश जारी हुए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारियों को यह कार्य एक माह में पूरा करना है। इसमें अंतर जिला तबादलों के लिए घोषित पदों पर कोई पदोन्नति नहीं होगी। परिषद सचिव संजय सिन्हा ने सभी बीएसए को इस संबंध में निर्देश भेज दिया है।

प्रदेश के सभी परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत सहायक अध्यापकों की पदोन्नति करने का निर्देश हुआ है। सचिव ने यह भी निर्देश दिया है कि परिषद के प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की वास्तविक रिक्तियों में से उन पदों पर पदोन्नति नहीं होगी, जिनके पद अंतर जिला तबादले में विज्ञापित हुए हैं। शेष पदों पर पदोन्नति एक माह में पूरी करके परिषद मुख्यालय को अवगत कराना है। ज्ञात हो कि अंतर जिला तबादलों में 47485 पद रिक्त घोषित हुए हैं। इसमें 40766 प्राथमिक स्कूलों के सहायक अध्यापक हैं। इन पदों पर कोई पदोन्नति नहीं होगी।

SHIKSHAK BHARTI, ADD SCHOOL : सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भर्ती से रोक हटी , खाली पदों पर भर्तियाँ शुरू करने के निर्देश

SHIKSHAK BHARTI, ADD SCHOOL : सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भर्ती से रोक हटी , खाली पदों पर भर्तियाँ शुरू करने के निर्देश

DELED, BASIC SHIKSHA NEWS : कैमरे की निगरानी में होगा बीटीसी (डीएलएड) परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन, परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय बना रहा योजना ।

DELED, BASIC SHIKSHA NEWS : कैमरे की निगरानी में होगा बीटीसी (डीएलएड) परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन, परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय बना रहा योजना ।

GOVERNMENT ORDER, RETIREMENT : दिनांक 28/02/2018 तक सेवानिवृत्‍त अधिकारियों/कर्मचारियों के सभी देयकों का भुगतान दिनांक 31.03.2018 तक सुनिश्चित किये जाने के सम्बन्ध में ।

GOVERNMENT ORDER, RETIREMENT : दिनांक 28/02/2018 तक सेवानिवृत्‍त अधिकारियों/कर्मचारियों के सभी देयकों का भुगतान दिनांक 31.03.2018 तक सुनिश्चित किये जाने के सम्बन्ध में ।

GOVERNMENT ORDER, RETIREMENT, SCREENING : सरकारी सेवकों में दक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी कर्मचारियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति हेतु स्क्रीनिंग ।

GOVERNMENT ORDER, RETIREMENT, SCREENING : सरकारी सेवकों में दक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी कर्मचारियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति हेतु स्क्रीनिंग ।

UNIFORM, SHOES-SOCKS, SCHOOL BAG, BASIC SHIKSHA NEWS : फटे जूते-मोजे और स्कूल बैग सप्लाईकर्ता से बदलवाने के निर्देश, एक साल पूरा नहीं हुआ फटने लगे स्कूल बैग और जूते, राज्य सरकार ने पहली बार बांटे थे जूते-मोजे

UNIFORM, BASIC SHIKSHA NEWS : फटे जूते-मोजे और स्कूल बैग सप्लाईकर्ता से बदलवाने के निर्देश, एक साल पूरा नहीं हुआ फटने लगे स्कूल बैग और जूते, राज्य सरकार ने पहली बार बांटे थे जूते-मोजे

--एक साल पूरा नहीं हुआ फटने लगे स्कूल बैग और जूते

- राज्य सरकार ने पहली बार बांटे थे जूते-मोजे

प्रमुख संवाददाता-राज्य मुख्यालय । सरकारी प्राइमरी स्कूलों में निशुल्क जूते-मोजे और स्कूल बंटे एक साल भी नहीं हुआ, उनके फटने की शिकायतें आने लगी। इसे लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने नाराजगी जताई है। बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने जूते-बैग को तत्काल बदलवाने और सप्लाईकर्ता पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे निर्देश में कहा है कि ऐसे सभी मामलों की जानकारी इकट्ठा की जाए और एक हफ्ते में रिपोर्ट दी जाए। जूते-मोजे व स्कूल बैग फटने की शिकायतें मिल रही हैं और जानकारी में आया है कि गुणवत्ता में समझौता कर शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया।

श्री सिंह ने कहा कि वारंटी के मुताबिक डिलीवरी के एक वर्ष के भीतर सामान में कोई भी समस्या आने पर सप्लाईकर्ता इसे बदल कर नया देगा। यदि वह ऐसा नहीं करता तो नियमानुसार पेनाल्टी लगाई जाएगी। श्री सिंह ने कहा है कि ये नियम सभी स्कूलों को बताया जाए और सभी फटे हुए जूते-मोजे और स्कूल बैग सप्लाईकर्ता को दिए जाए। इन सब पर एक साल की वारंटी है। ऐसे में गुणवत्ता से समझौता न किया जाए। राज्य सरकार ने पहली बार सरकारी स्कूलों के 1.54 करोड़ बच्चों को जूता-मोजा दिया था। वहीं स्कूली बैग भी बंटवाए थे लेकिन शैक्षिक सत्र पूरा नहीं हुआ और जूते फटने लगे।

TRANSFR, BASIC SHIKSHA NEWS : एक महीने बाद शुरू होगी शहरी स्कूलों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया, अंतर्जनपदीय स्थानांतरण उपरांत ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों से लिया जाएगा विकल्प, बेसिक शिक्षा मंत्री ने यह घोषणा कांग्रेस विधायक अदिति सिंह के सवाल के जवाब में की।

TRANSFR, BASIC SHIKSHA NEWS : एक महीने बाद शुरू होगी शहरी स्कूलों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया, अंतर्जनपदीय स्थानांतरण उपरांत ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों से लिया जाएगा विकल्प, बेसिक शिक्षा मंत्री ने यह घोषणा कांग्रेस विधायक अदिति सिंह के सवाल के जवाब में की।


लखनऊ । बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल ने कहा है कि अंतर्जनपदीय तबादले होने के बाद सरकार ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों से विकल्प लेकर शहरी क्षेत्र के स्कूलों में रिक्त पद भरेगी।

जायसवाल ने यह घोषणा कांग्रेस विधायक अदिति सिंह के सवाल के जवाब में की। अदिति ने शहरी क्षेत्र के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी का मामला उठाया था।

मंत्री ने बसपा के सुखदेव राजभर के पूरक सवाल पर बताया कि सरकार ने सत्ता में आते ही शिक्षकों की कमी से स्कूल बंद होने, शहरी क्षेत्र के कई स्कूलों में छात्र न होने के बावजूद शिक्षकों की तैनाती जैसी स्थितियों का संज्ञान लिया था।

इसी के मद्देनजर छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुसार शिक्षकों के समायोजन का फैसला किया। इसके बाद अंत: जनपदीय और फिर अंतर्जनपदीय तबादले होने थे। लेकिन समायोजन पर रोक लगा दी गई।

वर्तमान में ऑनलाइन प्रक्रिया से अंतर्जनपदीय तबादले की कार्यवाही चल रही है। यह काम एक महीने में पूरा होने की संभावना है। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्र से शिक्षकों का विकल्प लेकर नगर क्षेत्र के स्कूलों में रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।

AGITATION, BED, UPTET, BASIC SHIKSHA NEWS : बीएड टीईटी 2011, अनशन पर बैठे दो बीएड अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी, नियुक्ति की मांग को लेकर सीएम से वार्ता को अड़े हैं बीएड अभ्यर्थियों

AGITATION, BED, UPTET : बीएड टीईटी 2011, अनशन पर बैठे दो बीएड अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी, नियुक्ति की मांग को लेकर सीएम से वार्ता को अड़े हैं बीएड अभ्यर्थियों

राज्य ब्यूरो, लखनऊ: निज संवाददाता गांधी प्रतिमा पार्क में अनशन के तीसरे दिन सोमवार को दो बीएड अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ गई। पुलिस प्रशासन की मदद से उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनका इलाज जारी है। अभ्यर्थी नियुक्ति दिए जाने की मांग के संबंध में सीएम से वार्ता करने पर अड़े हैँ। उनका कहना है कि जिला प्रशासन लगातार उन्हें झूठा आश्वासन दे रहा है। यह लोग उप्र. बीएड टीईटी 2011 संघर्ष मोर्चा व के बैनर तले एकजुट हैं। संगठन के सुनील यादव ने बताया कि अनशन पर बैठे राज बहादुर और दिप्ती गुप्ता के पेट में अचानक दर्द उठ गया। इसके बाद उन्हें पुलिस की मदद से सिविल अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। वहां उनकी हालत सामान्य है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी बीएड टेट 2011 उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं हुआ है, जबकि प्रदेश की बीजेपी सरकार ने उनको प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति दिलाने का वादा किया था। उन्होंने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। रुखसाना ने कहा कि कोर्ट ने समस्त अंतरिम आदेशों का पालन करने का आदेश देते हुए प्रदेश सरकार को छूट दी थी कि सरकार अभ्यर्थियों के हित को देखते हुए जारी विज्ञापन पर लंबित भर्ती प्रकिया को आगे बढ़ाकर उनको न्याय दे सकती है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सीएम से मुलाकात के बाद ही आंदोलन समाप्त करेंगे।

DELED, ONLINE APPLICATION : अगले माह शुरू होगा डीएलएड में प्रवेश, तीन अप्रैल से शुरू होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, चार से जमा होगा शुल्क, एक जुलाई से शुरू होगा प्रशिक्षण ।

DELED, ONLINE APPLICATION : अगले माह शुरू होगा डीएलएड में प्रवेश, तीन अप्रैल से शुरू होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, चार से जमा होगा शुल्क, एक जुलाई से शुरू होगा प्रशिक्षण

INTERDISTRICT TRANSFER, BASIC SHIKSHA NEWS : इस बार भी तबादलों से प्रभावित होगी पढ़ाई, नए सत्र में ही तबादला आदेश होने की उम्मीद, शैक्षिक सत्र के दौरान शिक्षकों के तबादलों का सिलसिला टूट नहीं रहा

INTERDISTRICT TRANSFER, BASIC SHIKSHA NEWS : इस बार भी तबादलों से प्रभावित होगी पढ़ाई, नए सत्र में ही तबादला आदेश होने की उम्मीद, शैक्षिक सत्र के दौरान शिक्षकों के तबादलों का सिलसिला टूट नहीं रहा

इलाहाबाद : शैक्षिक सत्र के दौरान शिक्षकों के तबादलों का सिलसिला टूट नहीं रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद में अंतर जिला तबादले की प्रक्रिया कई माह से चल रही है, वहीं माध्यमिक में भी अतिरिक्त शिक्षकों की खोज कुछ दिन पहले ही शुरू हुई है। ऐसे में दोनों जगह अब नए सत्र में ही तबादला आदेश होने की उम्मीद है, जिससे पढ़ाई प्रभावित होना तय है।

परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में तबादलों का आदेश 13 जून 2017 को हुआ था लेकिन, समायोजन, जिले के अंदर तबादले की प्रक्रिया विभाग करा नहीं सका। शासन के नियमों में बदलाव न करने से कोर्ट ने समायोजन व जिले की अंदर तबादलों पर रोक लगा दी। दिसंबर माह में अंतर जिला तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए। कोर्ट ने महिला शिक्षकों को पांच वर्ष से छूट देने का निर्देश दिया तो दोबारा आवेदन हुए। उसके बाद से अब तक आदेश का इंतजार है। इस बीच गंभीर रोग से पीड़ित पुरुष शिक्षक व अविवाहित महिला शिक्षक भी कोर्ट पहुंच चुकी हैं। माना जा रहा था कि तबादले नया सत्र शुरू होने से पहले पूरे होंगे लेकिन, अब तक प्रक्रिया चल रही है। अब परिषद सचिव संजय सिन्हा ने एनआइसी के उप महानिदेशक को पत्र भेजा है कि अंतर जिला तबादले के लिए तैयार किए गए गुणांक एक सप्ताह के लिए वेबसाइट पर प्रदर्शित करें।

माध्यमिक राजकीय कालेजों में भी बीते वर्ष अतिरिक्त शिक्षकों के समायोजन के आदेश पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी। अब वह रोक हट गई है। अफसरों ने जिलों में नए सिरे से अतिरिक्त शिक्षकों की सूची मांगी है। अधिकांश जिलों ने ऐसे शिक्षकों की सूची भेज दी है। अब अगले आदेश का इंतजार हो रहा है। इसमें अभी आवेदन आदि होने हैं जिससे तबादले नए सत्र में ही हो सकेंगे। उस समय शिक्षकों के इधर से उधर होने का असर पठन-पाठन पर पड़ना तय है।

SCHOOL, SESSION, ADMISSION, BASIC SHIKSHA NEWS : बिना मान्यता स्कूल संचालन पर जुर्माना, नया शैक्षिक सत्र इस बार दो अप्रैल से शुरू, शत-प्रतिशत नामांकन को दिशा निर्देश जारी

SCHOOL, SESSION, ADMISSION, BASIC SHIKSHA NEWS : बिना मान्यता स्कूल संचालन पर जुर्माना, नया शैक्षिक सत्र इस बार दो अप्रैल से शुरू, शत-प्रतिशत नामांकन को दिशा निर्देश जारी

इलाहाबाद : नया शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले ही बिना मान्यता के स्कूल संचालन के संबंध में निर्देश जारी हो गए हैं। अफसरों से कहा गया है कि किसी दशा में बिना मान्यता वाले स्कूलों का संचालन न होने पाए। यदि किसी स्कूल की मान्यता इसलिए वापस ली गई हो कि उसके प्रमाणपत्र सही थे, फिर भी चलता मिले तो उस पर एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। उल्लंघन होते रहने पर दस हजार रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाया जा सकता है।

नया शैक्षिक सत्र इस बार दो अप्रैल से शुरू हो रहा है, शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने प्रदेश के सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक व बेसिक शिक्षा अधिकारियों को बिना मान्यता वाले स्कूलों पर अंकुश लगाने का निर्देश जारी किया है। भेजे निर्देश में कहा गया है कि छह से 14 वर्ष तक के छात्र-छात्रओं के लिए परिषदीय प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल, मान्यता प्राप्त व सहायता प्राप्त प्राथमिक व जूनियर स्कूल संचालित हो रहे हैं। वहां नामांकन शत-प्रतिशत कराया जाए।

BTC, ONLINE APPLICATION : बीटीसी 2013 व 2014 के अभ्यर्थी ऑनलाइन करें आवेदन, सचिव ने निर्देश किए जारी

BTC, ONLINE APPLICATION : बीटीसी 2013 व 2014 के अभ्यर्थी ऑनलाइन करें आवेदन, सचिव ने निर्देश किए जारी

इलाहाबाद : बीटीसी प्रशिक्षण 2013 सेवारत मृतक आश्रित व बीटीसी 2014 प्रथम, द्वितीय व तृतीय सेमेस्टर अवशेष व उत्तीर्ण की लिखित परीक्षा अप्रैल माह के तीसरे या फिर अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है। अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 अप्रैल तक पूरी करें।

सचिव ने निर्देश दिया है कि जो अभ्यर्थी सेमेस्टर परीक्षाओं में तीन बार अनुत्तीर्ण हो चुके हैं वह अब आवेदन न करें, क्योंकि एनसीटीई के निर्देश के अनुसार प्रशिक्षु को तीन बार में परीक्षा उत्तीर्ण करनी है। अन्य अभ्यर्थी 28 मार्च से 10 अप्रैल तक आवेदन पूर्ण करें और 11 से 14 अप्रैल तक वह ऑनलाइन आवेदन में त्रुटि ठीक कर सकेंगे। 16 अप्रैल तक आवेदन हार्ड कॉपी में परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय इलाहाबाद भेजे जाने हैं। यह निर्देश सचिव डॉ. सुत्ता सिंह ने सभी डायट प्राचार्य व कालेज प्रधानाचार्य, प्रबंधकों को दिया है।

WRIT, SUPREME COURT, BASIC SHIKSHA NEWS : पुनर्विचार याचिका के बाद दाखिल हो सकती है क्यूरेटिव याचिका, कानूनी पेंच फंसने पर संसद के पास कानून में संशोधन के असीमित अधिकार होते हैं, संसद सीधे तौर पर कोर्ट के फैसले को निरस्त नहीं कर सकती, फैसले में आधार बनाए गए कानून के प्रावधानों में बदलाव करके फैसला कर सकती है निष्प्रभावी

WRIT, SUPREME COURT, BASIC SHIKSHA NEWS : पुनर्विचार याचिका के बाद दाखिल हो सकती है क्यूरेटिव याचिका, कानूनी पेंच फंसने पर संसद के पास कानून में संशोधन के असीमित अधिकार होते हैं, संसद सीधे तौर पर कोर्ट के फैसले को निरस्त नहीं कर सकती, फैसले में आधार बनाए गए कानून के प्रावधानों में बदलाव करके फैसला कर सकती है निष्प्रभावी

नई दिल्ली : पुनर्विचार याचिका के बाद फैसले से संतुष्ट नहीं होने पर क्यूरेटिव (सुधार) याचिका दाखिल हो सकती है। हालांकि इसके लिए भी शर्ते तय हैं। क्यूरेटिव याचिका पर मुख्य न्यायाधीश और दो वरिष्ठतम न्यायाधीशों के अलावा फैसला देने वाली पीठ के न्यायाधीश विचार करते हैं। इसमें भी सकरुलेशन के जरिये चैंबर में सुनवाई होती है। बहुत कम मामलों में नोटिस जारी कर खुली अदालत में सुनवाई होती है। क्यूरेटिव का मुख्य आधार किसी ऐसी कानूनी बात या तथ्य को सामने लाना होता है, जिससे पूरे मामले की परिस्थिति और परिदृश्य ही बदल जाती हो। ऐसा विरले ही मामलों में होता है। इसलिए क्यूरेटिव की सफलता दर भी बहुत कम है।

संसद के पास भी कम है गुंजाइश : कानूनी पेंच फंसने पर संसद के पास कानून में संशोधन के असीमित अधिकार होते हैं। संसद सीधे तौर पर कोर्ट के फैसले को निरस्त नहीं कर सकती, फैसले में आधार बनाए गए कानून के प्रावधानों में बदलाव करके फैसला निष्प्रभावी कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट के वकील ज्ञानंत सिंह कहते हैं कि इस मामले में संसद के पास कुछ करने की गुंजाइश जरा कम है। क्योंकि कोर्ट ने कानून के किसी भी प्रावधान को असंवैधानिक या रद घोषित नहीं किया है। कानून जस का तस अपनी जगह कायम है।

RECENT POSTS

BASIC SHIKSHA NEWS, PRIMARY KA MASTER : अभी तक की सभी खबरें/आदेश/निर्देश/सर्कुलर/पोस्ट्स एक साथ एक जगह, बेसिक शिक्षा न्यूज ● कॉम के साथ क्लिक कर पढ़ें ।

BASIC SHIKSHA NEWS, PRIMARY KA MASTER : अभी तक की सभी खबरें/ आदेश / निर्देश / सर्कुलर / पोस्ट्स एक साथ एक जगह , बेसिक शिक्षा न्यूज ●...

लोकप्रिय पोस्ट