Tuesday, October 31, 2017

MADARASA, EDUCATION : योगी सरकार मदरसा शिक्षा पर हुई मेहरबान, बनाएगी रोजगारपरक

MADARASA, EDUCATION : योगी सरकार मदरसा शिक्षा पर हुई मेहरबान, बनाएगी रोजगारपरक

लखनऊ : योगी आदित्यनाथ सरकार मदरसा शिक्षा को रोजगारपरक बनाने जा रही है। मदरसों में पढ़ाए जाने वाले आधुनिक विषयों के पाठ्यक्रम में बदलाव करने की तैयारी है। पाठ्यक्रम इस तरह से तैयार किया जा रहा है ताकि मदरसा शिक्षा को अधिक उपयोगी व रोजगारपरक बनाया जा सके। आधुनिक विषय पढ़ाने के लिए एनसीईआरटी की किताबों का सहारा लिया जाएगा। यूपी मदरसा बोर्ड की नवंबर व दिसंबर में होने वाली बोर्ड बैठक में पाठ्यक्रम में बदलाव के प्रस्तावित संशोधनों पर विचार किया जाएगा। इसमें पास होने के बाद आगामी सत्र 2018-19 से नए पाठ्यक्रम से मदरसों में पढ़ाई शुरू हो जाएगी।

सरकार ने साफ किया कि मदरसों में दी जा रही धार्मिक शिक्षा में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। सरकार इस तरह से आधुनिक विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने जा रही है ताकि धार्मिक शिक्षा में कोई असर न पड़े। प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए अब तक कई बैठकें भी कर चुकी है। यह बैठक प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण मोनिका एस गर्ग व मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता के नेतृत्व में मदरसा प्रबंधकों, शिक्षकों, मुस्लिम समाज के विचारकों व एनसीईआरटी के प्रतिनिधियों के साथ हुई हैं। इसमें प्रतिनिधियों ने मदरसा शिक्षा को और अधिक कैसे उपयोगी बनाया जाए, इस पर विस्तार से चर्चा की। प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण ने बताया कि पाठ्यक्रम में परिवर्तन का उद्देश्य इसे व्यवस्थित व सुगम बनाना है।

BASIC SHIKSHA, EDUCATION : परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारेंगे अफसर, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से लेकर संयुक्त उप शिक्षा निदेशक तक की तय की गई जिम्मेदारी

BASIC SHIKSHA, EDUCATION : परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारेंगे अफसर, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से लेकर संयुक्त उप शिक्षा निदेशक तक की तय की गई जिम्मेदारी

APPOINTMENT, TEACHER : संविदा पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के चयन के लिए हर जिले में एक पूल बनाया जाएगा।

APPOINTMENT, TEACHER : संविदा पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के चयन के लिए हर जिले में एक पूल बनाया जाएगा।

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक कालेजों में सेवानिवृत्त शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आदेश जारी हो गया है। अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने यह आदेश नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना के पहले ही जारी कर दिया है, अब यह जिलों में पहुंच रहा है। इसमें संविदा पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के चयन के लिए हर जिले में एक पूल बनाया जाएगा।

साथ ही हर साल एक से 20 अप्रैल तक उन सेवानिवृत्त शिक्षकों से आवेदन लिए जाएंगे, जिनकी संबंधित शैक्षिक सत्र पूरा होने तक आयु 70 वर्ष पूरी न होती हो।उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से चयनित अभ्यर्थी के आने या एक जुलाई से 20 मई तक की समाप्ति में जो पहले घटित हो रहा हो तक के लिए अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक कालेजों में सहायक अध्यापक व प्रवक्ता के पद पर सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक व प्रवक्ता की नियुक्ति होगी। इसमें शर्त यह है कि मानदेय पर नियुक्ति पाने वाला शैक्षिक सत्र एक जुलाई से मई में ग्रीष्मावकाश घोषित होने तक की अवधि में 70 वर्ष की आयु पूरी न कर रहा हो। अपर मुख्य सचिव ने यह नियुक्तियां अल्पकालिक व्यवस्था के तहत छात्र-छात्रओं के हित में करने को कहा है, क्योंकि प्रदेश के तमाम कालेजों में सहायक अध्यापक व प्रवक्ताओं के आकस्मिक निधन, सेवाच्युत होने या फिर सेवानिवृत्त होने से पद रिक्त चल रहे हैं।

ज्ञात हो कि सरकार ने माध्यमिक कालेजों में 26 हजार सेवानिवृत्त शिक्षकों को मानदेय पर नियुक्त करने का आदेश दिया था। प्रवक्ता को 20 हजार व सहायक अध्यापक को 15 हजार रुपये मानदेय प्रतिमाह मिलेगा। अपर मुख्य सचिव ने इन नियुक्तियों के लिए हर जिले में जिला विद्यालय निरीक्षक को पूल गठित करने का निर्देश दिया है। जिसमें हर साल एक से 20 अप्रैल तक उन सेवानिवृत्त शिक्षकों से आवेदन लिए जाएंगे जो सेवा शर्ते पूरी करते हैं।

DELED, ADMISSION : 186 कालेजों की 4380 सीटें रह गई हैं खाली, यह सीटें अब कैसे भरे इसको लेकर अफसरों में असमंजस

DELED, ADMISSION : 186 कालेजों की 4380 सीटें रह गई हैं खाली, यह सीटें अब कैसे भरे इसको लेकर अफसरों में असमंजस

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : डीएलएड (पूर्व बीटीसी) 2017 की 4380 सीटें अब तक भर नहीं सकी हैं। यह सीटें प्रदेश के पूरब व पश्चिम के जिलों में स्थित 186 कालेजों की हैं, इनमें सर्वाधिक 84 कालेज गाजीपुर के हैं, वहीं सबसे कम दो कालेज आजमगढ़ में रह गए हैं। इसी तरह से पश्चिम के मेरठ, मुजफ्फर नगर आदि जिले भी हैं। यह सीटें अब कैसे भरे इसको लेकर अफसरों में असमंजस है।

डीएलएड 2017 के लिए तीसरे चरण में विशेष आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को अतिरिक्त मौका दिए जाने के बाद भी 33116 सीटें खाली रह गई थी। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डा. सुत्ता सिंह ने इन सीटों को भरने के लिए सभी सीटें सामान्य घोषित करके बीते 27 से 29 अक्टूबर तक अभ्यर्थियों से विकल्प मांगे थे। बताते हैं कि इस बार सीटों के सापेक्ष अभ्यर्थियों ने कालेजों के विकल्प ही नहीं दिए। ऐसे में 33116 सीटों के सापेक्ष केवल 28736 को ही कालेज आवंटित हो सके हैं और 4380 सीटें खाली गई हैं। सचिव की मानें तो कुल सीटें दो लाख 900 में से एक लाख 97 हजार 620 सीटें आवंटित की जा चुकी हैं। इस बार प्रदेश के 2818 डीएलएड कालेजों को यह सीटें आवंटित थी, उनमें से 2632 की सभी सीटें भर गई हैं, जबकि 186 कालेजों की सीटें खाली गई हैं। उनमें आजमगढ़ जिले के दो, बागपत के 13, गाजीपुर के 84, मेरठ के 61, मुजफ्फर नगर के चार, सहारनपुर के 15 व शामली के सात कालेज शामिल हैं। इन कालेजों की सीटें अब 10 नवंबर के पहले कैसे भरी जाएं इसको लेकर मंथन शुरू हो गया है। ज्ञात हो कि तैयारी थी कि 10 नवंबर तक सभी कालेजों की सीटें भरकर सत्र विधिवत चलाया जाएगा। बड़ी संख्या में कालेजों को सीटें खाली हैं ऐसे में अब चौथे चरण के लिए विकल्प मांगना लगभग मजबूरी बन गई हैं। वैसे तो तमाम कालेजों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर रखी है कि परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के असहयोग के कारण उनके यहां पर सीटें भरना मुश्किल हो रहा है।

ANGANBADI : राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने समेत अन्य मांग को लेकर राजधानी की सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की काम बंद-कलम बंद हड़ताल सोमवार को स्थगित हो गई

ANGANBADI : राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने समेत अन्य मांग को लेकर राजधानी की सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की काम बंद-कलम बंद हड़ताल सोमवार को स्थगित हो गई

हिन्दुस्तान टीम, लखनऊ । राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने समेत अन्य मांग को लेकर राजधानी की सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की काम बंद-कलम बंद हड़ताल सोमवार को स्थगित हो गई। यह निर्णय मुख्य सचिव अनीता श्रीमेसराम से हुई संगठन के पदाधिकारियों की वार्ता के बाद लिया गया। आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका ऐसोसिएशन की जिलाध्यक्ष इंदु वर्मा ने बताया कि कुछ बिन्दुओं पर सहमति बनी है। यदि जल्द ही मांग पूरी नहीं हुई तो एक बार फिर से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

इंदु वर्मा ने बताया कि संगठन की प्रदेश अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या और महामंत्री प्रभावती की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात मुख्य सचिव से हुई। वार्ता में उन्होंने धरने के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के ऊपर की गई विभागीय और पुलिसिया कार्रवाई को वापस लेने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही योग्यता एवं वरीयता के आधार पर आंगनबाड़ियों का मुख्य सेविका पद पर पदोन्नति देने, बकाए मानदेय का भुगतान करने सहित अन्य कई बिन्दुओं को जल्द पूरा करने की सहमति दी है। उन्होंने बताया कि 18 सितम्बर से मांगों के समर्थन में उनका काम बंद-कलम बंद हड़ताल चल रहा था, जिसे स्थगित कर दिया गया है।

MEETING : भर्ती की मांग पर अब प्रधानमंत्री से मिलेंगे प्रतियोगी, युवा मंच, बीएड उत्थान जनमोर्चा एवं युवा अधिकार मंच की बैठक में लिया गया निर्णय, प्रदेश सरकार पर शोषण करने का लगाया आरोप 20 को पीएम से मिलने की योजना

MEETING : भर्ती की मांग पर अब प्रधानमंत्री से मिलेंगे प्रतियोगी, युवा मंच, बीएड उत्थान जनमोर्चा एवं युवा अधिकार मंच की बैठक में लिया गया निर्णय, प्रदेश सरकार पर शोषण करने का लगाया आरोप 20 को पीएम से मिलने की योजना

🔵 प्रदेश सरकार पर शोषण करने का लगाया आरोप 20 को पीएम से मिलने की योजना

🔴 युवा मंच, बीएड उत्थान जनमोर्चा एवं युवा अधिकार मंच की बैठक में लिया गया निर्णय

ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद । युवा मंच, बीएड उत्थान जनमोर्चा एवं युवा अधिकार मंच अब बेरोजगार की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री से मिलने की योजना बना रहा है। मंच के पदाधिकारियों ने साफ किया है कि प्रदेश सरकार ने युवाओं के हित में जल्द कदम न उठाया तो 20 नवंबर को दिल्ली में पीएम से मिलकर मुख्यमंत्री को हटाने का अनुरोध करेंगे।

मंच की सोमवार को प्रधान कार्यालय में हुई बैठक में कहा गया कि प्रदेश सरकार युवाओं के शोषण पर आमादा है। सरकार ने सभी भर्ती प्रक्रिया ठप कर दी है। सेवानिवृत्त शिक्षकों को संविदा पर रखने का निर्णय लिया गया है। इसकी वजह से प्रदेश के लाखों प्रतियोगी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। कहा गया कि सरकार ने पहले उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग एवं माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का विलय कर शिक्षा सेवा चयन आयोग बनाने का शिगूफा छोड़ा। इसके नाम पर बोर्ड एवं आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों से इस्तीफा ले लिया गया और अब चयन बोर्ड और चयन आयोग के अलग-अलग गठन का निर्णय ले लिया।

बैठक में कहा गया कि जीआईसी में एलटी ग्रेड के 9342 पदों पर लिखित परीक्षा आश्वासन देकर सरकार अब प्रतिनियुक्ति करने जा रही है। इसके खिलाफ प्रतियोगियों ने न्यायालय में गुहार लगाई है।

जब न्यायालय ने सरकार को फटकार लगाई तो माध्यमिक विद्यालयों में संविदा पर 26500 पदों पर सेवानिवृत्त शिक्षकों के समायोजन का दूसरा रुख अपनाया। सरकार को इस तरह के निर्णय को न्यायालय के माध्यम से रोकने का प्रयास किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता अनिल सिंह ने की। इसमें संगीता पाल, अक्षय कुशवाहा, अरविंद मौर्य, उमाशंकर, राहुल सिंह, राजाराम प्रजापति, कंचन सिंह, अर्चना मौर्या, राकेश, हेमंत यादव आदि शामिल थे।

ALLAHABAD HIGHCOURT, PENSION : सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को भारी पड़ी गलत बयानी, पेंशन विवाद, हाईकोर्ट में गलत सूचना देने पर तलब किए गए

ALLAHABAD HIGHCOURT, PENSION : सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को भारी पड़ी गलत बयानी, पेंशन विवाद, हाईकोर्ट में गलत सूचना देने पर तलब किए गए

ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद । सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को हाईकोर्ट में गलत बयानी करना महंगा पड़ गया। मांगी गई जानकारी देने के बजाय दूसरी सूचना देने पर हाईकोर्ट ने उनको तलब कर लिया है। मामला बेसिक शिक्षा विभाग में पेंशन विवाद का है। अप्रशिक्षित अध्यापकों की पेंशन के विवाद को लेकर हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल हैं। कोर्ट ने विभाग से इन याचिकाओं की जानकारी मांगी थी। इसके बजाए सचिव ने विभाग में दाखिल अर्जियों की संख्या कोर्ट में बता दी। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा सचिव को हलफनामे के साथ याचिकाओं की संख्या बताने और अगली सुनवाई पर हाजिर रहने का निर्देश दिया है।

वाराणसी के महेश प्रसाद और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी ने यह आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई छह नवंबर को होगी। याची के अधिवक्ता का कहना था कि याचीगण पुरानी पेंशन पाने के हकदार हैं, क्योंकि उनका जीपीएफ 2009 तक काटा गया है। जबकि सरकार का कहना है कि मृतक आश्रित कोटे के तहत अप्रशिक्षित अध्यापकों को स्थायी नियुक्ति देने का निर्णय 15 नवंबर 2011 मेें लिया गया। जो लोग एक अप्रैल 2005 से काम कर रहे हैं, उनको नई पेंशन मिलेगी वह पुरानी पेंशन पाने के हकदार नहीं हैं। इसी एक प्रकरण को लेकर हाईकोर्ट में सैकड़ों याचिकाएं लंबित हैं।

कोर्ट का मत था कि एक ही विषय होने के कारण सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होनी चाहिए। इसलिए सभी लंबित याचिकाओं की सूची मांगी गई। इसके जवाब में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा की ओर से दाखिल हलफनामे में बताया गया कि विभाग में मृतक आश्रित कोटे के तहत 1020 अर्जियां अभी लंबित हैं। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि परिषद मांगी गई सूचना देने के बजाए दूसरी सूचना दे रहा है। इसके लिए उस पर हर्जाना लगाया जाना चाहिए। इस स्पष्टीकरण के साथ अगली सुनवाई पर सचिव को तलब किया है।

SHIKSHAK BHARTI, FAKE : चयन में फर्जीवाड़े के आसार, प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक चयन में फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अब माध्यमिक कालेजों में शिक्षक भर्ती पर भी अंगुलियां उठ रही

SHIKSHAK BHARTI, FAKE : चयन में फर्जीवाड़े के आसार, प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक चयन में फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अब माध्यमिक कालेजों में शिक्षक भर्ती पर भी अंगुलियां उठ रही

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक चयन में फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अब माध्यमिक कालेजों में शिक्षक भर्ती पर भी अंगुलियां उठ रही हैं। इसकी वजह यह है कि माध्यमिक कालेजों में शिक्षक बनने की अहम अर्हता बीएड ही रही है। वहां जालसाजी से इन्कार नहीं किया जा सकता है। चयन बोर्ड और मंडलों से शिक्षकों का चयन होने के बाद नियुक्ति कालेजों में मिली है, लेकिन उनके अभिलेखों की गहनता से जांच अब तक नहीं हुई है।

डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से 2004-05 के बीएड सत्र के परिणाम में फर्जी अंकतालिकाएं और प्रमाणपत्र पकड़े गए हैं।

प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक पद पर 4570 शिक्षक इन अंक पत्रों के आधार पर नौकरी पा चुके हैं, जिन पर कार्रवाई करने का निर्देश हुआ है। बेसिक स्कूलों में शिक्षक पद पर बीएड के साथ ही बीटीसी व अन्य प्रशिक्षण कोर्स करने वालों को भी नियुक्ति मिली है, ऐसे में यह संख्या कम हो सकती है, लेकिन प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक कालेजों और राजकीय हाईस्कूल व इंटर कालेजों में हुई शिक्षक भर्तियों में बीएड प्रशिक्षण के आधार पर ही नियुक्तियां हुई हैं।

SHIKSHAK BHARTI : छोटे सवालों से मिलेगा बड़ा जवाब, बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों की शिक्षक भर्ती का मामला, परीक्षा के सिलेबस में डीएलएड का पाठ्यक्रम मूल में रखा गया है साथ ही अन्य प्रश्न इंटरमीडिएट स्तर के होंगे।

SHIKSHAK BHARTI : छोटे सवालों से मिलेगा बड़ा जवाब, बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों की शिक्षक भर्ती का मामला, परीक्षा के सिलेबस में डीएलएड का पाठ्यक्रम मूल में रखा गया है साथ ही अन्य प्रश्न इंटरमीडिएट स्तर के होंगे।

राब्यू, इलाहाबाद : बच्चों को अक्षर ज्ञान कराने का जिम्मा उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेगा, जो विभागीय कसौटी पर खरे उतरेंगे। शैक्षिक मेरिट की जगह शिक्षा अर्जित करते समय मिली मेधा ही अब काम आएगी। इसीलिए परिषदीय शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थियों को अब दो-दो परीक्षाएं उत्तीर्ण करनी हैं। पहली परीक्षा अर्हता है तो दूसरी में मिले अच्छे अंक ही यह रास्ता आसान करेंगे। शिक्षकों की गुणवत्ता बेहतर करने को लिखित परीक्षा का ऐसा खाका खींचा गया है, जिसमें टीईटी से भी कठिन सवाल होंगे। छोटे सवालों के उत्तर से ही बड़ा जवाब मिलने की उम्मीद है।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती मेरिट के आधार पर होती रही है, पहली बार लिखित परीक्षा का आयोजन होना है। असल में प्रदेश सरकार लगातार शैक्षिक गुणवत्ता की बेहतरी पर जोर दे रही है, लेकिन पठन-पाठन का स्तर विद्यालयों में सुधर नहीं रहा है। डीएलएड यानी पूर्व बीटीसी कालेजों में पढ़ाई का स्तर का किसी से छिपा नहीं है, इसीलिए अभ्यर्थी टीईटी तक उत्तीर्ण नहीं कर पा रहे हैं। इसको ध्यान में रखकर तय हुआ कि उन्हीं अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने का मौका दिया जाए, जो मेधावी हों। शीर्ष कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि टीईटी सिर्फ अर्हता परीक्षा है उसके आधार पर चयन नहीं होगा। ऐसे में 68500 शिक्षकों की भर्ती परीक्षा दिसंबर माह में कराने की तैयारी है। यह परीक्षा माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को देने की तैयारी है।

बेसिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षक भर्ती का सिलेबस तैयार करने को सभी डायटों से सुझाव मांगे हैं। तीन घंटे होने वाली परीक्षा 150 अंकों की होगी। इसमें अति लघु उत्तरीय ही प्रश्न पूछे जाएंगे। किस विषय के कितने सवाल होंगे यह भी तय हो चुका है। परीक्षा के सिलेबस में डीएलएड का पाठ्यक्रम मूल में रखा गया है साथ ही अन्य प्रश्न इंटरमीडिएट स्तर के होंगे। इसमें तार्किक ज्ञान, सामान्य ज्ञान, विज्ञान, गणित, अंग्रेजी के अलावा पर्यावरण व आइटी के प्रश्न अभ्यर्थियों को छकाएंगे। निबंध के अलावा हर प्रश्न का जवाब लिखकर लेने का कारण अभ्यर्थियों के लेखन का सूक्ष्म परीक्षण करना है।

ALLAHABAD HIGHCOURT, EXAMINETION, WRIT : परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक भर्ती हेतु लिखित परीक्षा को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई खबर के साथ आर्डर ।

ALLAHABAD HIGHCOURT, EXAMINETION : परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक भर्ती हेतु लिखित परीक्षा को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई खबर के साथ आर्डर

🔴 हाईकोर्ट इलाहाबाद परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक भर्ती हेतु लिखित परीक्षा को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई का आर्डर

शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा को हाईकोर्ट में चुनौती

विधि संवाददाता, इलाहाबाद : प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक भर्ती की प्रस्तावित लिखित परीक्षा को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी की है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि याचिका लंबित रहने का यह आशय नहीं होगा कि कोर्ट ने इस मामले में कोई अंतरिम आदेश दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने शिक्षामित्र अनिल कुमार वर्मा व दिनेश कुमार की याचिका पर दिया है। याची के अधिवक्ता ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि बीते 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को शिक्षामित्रों का समायोजन रद करने के बाद शिक्षामित्र के रूप में ही बनाए रखने का विवेकाधिकार दिया है। राज्य सरकार ने टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को भी लिखित परीक्षा कराकर सहायक अध्यापक नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। सरकार ने परीक्षा कराने का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना बताया है। अधिवक्ता ने शिक्षामित्रों की दलील दी कि शिक्षकों की लिखित परीक्षा शीर्ष कोर्ट के आदेश के अनुपालन को शून्य करने वाली है। शिक्षामित्र विशेष वर्ग से आते हैं इसलिए उन पर भर्ती की शर्ते थोपी नहीं जा सकती।

यदि परीक्षा करानी ही है तो उसमें गैर शिक्षामित्र को शामिल न किया जाए, बल्कि उनके ही वर्ग में कराई जाए। शीर्ष कोर्ट के निर्णय में लिखित परीक्षा का कोई प्रावधान नहीं था, हालांकि शासन को चयन प्रक्रिया निर्धारित करने और सेवा नियमावली में संशोधन का पूरा अधिकार है। कोर्ट में कहा गया कि शीर्ष कोर्ट ने विशेष तथ्य व परिस्थितियों को देखकर ही शिक्षामित्रों को आयु में छूट, भारांक व आगामी दो भर्तियों में अवसर देने को कहा है। शिक्षामित्रों को मूल पद पर वापसी का मामला शासन के विवेक पर छोड़ दिया था। कहा गया कि शासन एक ओर शीर्ष कोर्ट का अनुपालन करने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर लिखित परीक्षा कराकर आदेश को व्यर्थ कर रहा है।

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

?Court No. - 19

Case :- WRIT - A No. - 49684 of 2017

Petitioner :- Anil Kumar Verma And Another
Respondent :- State Of U.P. And 4 Others
Counsel for Petitioner :- Satish,Gyanendra Srivastava
Counsel for Respondent :- C.S.C.,Bhanu Pratap Singh,Rashmi Tripathi

Hon'ble Suneet Kumar,J.
Sri Rashmi Tripathi has put in appearance on behalf of the fifth respondent.�
Admit.
*Issue notice.*
*Pendency of the petition shall not mean that any interim order is granted in the matter.*
Order Date :- 27.10.2017
S.Prakash

SCHOOL, SWACHCHHATA MIDSION : स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2017-18में पंजीकरण को अंतिम तिथि 15 नवंबर 2017 ।

SCHOOL : स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2017-18में पंजीकरण को अंतिम तिथि 15 नवंबर 2017 ।

15 नवम्बर अपने विद्यालय का पंजीकरण करें ।

स्वच्छ विद्यालय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के रजिस्ट्रेशन हेतु कुछ महत्वपूर्ण बिंदु :-

पंजीकरण कैसे करें सबसे पहले आप
www.mhrd.gov.in स्वच्छ विद्यालय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार की वेबसाइट को Google में जाकर अंकित करें ।

वेबसाइट अंकित करने के बाद स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार पर आप क्लिक करें जिससे एक नई विंडो ओपन होगी नई विंडो ओपन होने के पश्चात आप लॉगिन पर क्लिक करें लॉगिन होने के पश्चात स्कूल लोगिन मैं आप यू डाइस कोड एवं पासवर्ड अंकित करें पासवर्ड आप अपना मोबाइल नंबर रखें उसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें इतना करने के बाद आपके फोन पर एक OTP code  आएगा ओटीपी कोड डालने के पश्चाताप आप अपने विद्यालय की बेसिक जानकारी अंकित करें उसके बाद समस्त प्रश्नों का उत्तर देते हुए कुछ महत्वपूर्ण फोटो एवं सर्टिफिकेट अपलोड करें फोटो अपलोड करने के पश्चात आप फाइनल सबमिट करें ।

SCHOOL INSPECTION : परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था सुधारेंगे अफसर, एससीईआरटी के निदेशक ने जारी किया आदेश, अफसर हर माह करेंगे दो जिलों का निरीक्षण

SCHOOL INSPECTION : परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था सुधारेंगे अफसर, एससीईआरटी के निदेशक ने जारी किया आदेश, अफसर हर माह करेंगे दो जिलों का निरीक्षण

🔴 सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से लेकर संयुक्त उप शिक्षा निदेशक तक की तय की गई जिम्मेदारी

🔴 एससीईआरटी के निदेशक ने जारी किया आदेश, अफसर हर माह करेंगे दो जिलों का निरीक्षण

ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद । सरकार ने प्रदेश भर के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गुणवत्तापरक शिक्षा एवं विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के अफसरों को दी है। अफसर प्रतिमाह हर जिले का निरीक्षण कर शिक्षण कार्यक्रमों एवं अन्य शैक्षिक गतिविधियों का अनुश्रवण करेंगे और विद्यालय की गुणवत्ता के साथ शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। इसके लिए 39 अफसरों की जिम्मेदारी तय की गई है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।

परिषदीय विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए मूलभूत सुविधाओं की स्थापना, शिक्षकों की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था, छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली विभिन्न सुविधाएं सुनिश्चित हैं, लेकिन प्रदेश के अधिकांश विद्यालयों में गुणवत्तापरक शिक्षा एवं विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास अपेक्षा के मुताबिक नहीं हो रहा है। सरकार ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है, सो विद्यालयों के निरीक्षण की योजना बनाई गई। इसकी शुरुआत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, जनपदों में संचालित शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों एवं अन्य शैक्षिक गतिविधियों की निगरानी से होगी। शिक्षा महकमे के अफसर जिलों का दौरा करके इसका हाल देखेेंगे। निदेशक डॉ.सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने इसके लिए सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा से लेकर संयुक्त उप शिक्षा निदेशक (एससीईआरटी) तक कुल 39 अफसरों की जिलेवार जिम्मेदारी तय की है। ये अफसर हर माह दो-दो जिलों का दौरा करेंगे।

निरीक्षण के मुख्य बिंदु

डायट का निरीक्षण-डायट प्रपत्र के अनुसार
विद्यालयों का निरीक्षण शिक्षा निदेशक (बेसिक) से निर्धारित प्रपत्र के अनुसार
न्यायालय में चल रहे वादों में शपथ पत्र दाखिल किए जाने तथा पैरवी की स्थिति
बीटीसी 2014, 2015 में प्रशिक्षण एवं बीटीसी 2017 में प्रवेश की स्थिति
डायट की ओर से ब्लाक संसाधन केंद्रों पर संचालित प्रशिक्षण की स्थिति
जनसूचना पंजिका/निस्तारण की स्थिति
प्रशिक्षु शिक्षक चयन की स्थिति
विभिन्न आयोगों से संबंधित प्रकरण
शिक्षक-शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना के अनुसार स्वीकृत कार्य
मुख्यमंत्री संदर्भ, आश्वासन, आईजीआरएस से संबंधित प्रकरण

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