Sunday, April 30, 2017

DROP OUT, SCHOOL, CHILDREN : आउट ऑफ स्कूल बच्चों की खोज कल से, प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने की मुहिम फिर शुरू हो रही

SCHOOL, CHILDREN : आउट ऑफ स्कूल बच्चों की खोज कल से, प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने की मुहिम फिर शुरू हो रही

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने की मुहिम फिर शुरू हो रही है। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक ने हाउस होल्ड सर्वे अभियान एक मई से शुरू करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षक घर-घर जाकर स्कूल न जाने वाले बच्चों को चिह्न्ति करेंगे। वहीं मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक व बीएसए को सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है।

निश्शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत छह से 14 वर्ष तक के बालक-बालिकाओं को मुफ्त में प्रारंभिक शिक्षा देने का प्रावधान है। स्कूलों में शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन कराने के लिए उनके चिह्न्ीकरण का कार्य एक मई से शुरू होना है। शिक्षकों को इसके लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाना है। इसका सत्यापन करने का जिम्मा मंडलीय एडी बेसिक व बेसिक शिक्षा अधिकारियों को सौंपा गया है। राज्य परियोजना निदेशक डा.वेदपति मिश्र ने इसकी समय सारिणी भी जारी कर दी है। इसमें एक मई को जिला स्तरीय सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी व ब्लाक संसाधन केंद्र के समंवयकों के लिए जिला स्तर पर एक दिवसीय कार्यशाला होगी। तीन मई को शिक्षकों को प्रपत्र भरे जाने का निर्देश देने की बैठक होगी। पांच से 15 मई तक सर्वे होगा। 18 को विद्यालय स्तर, 20 को न्याय पंचायत स्तर, 22 को ब्लाक स्तर व 30 मई को जिलास्तर पर सर्वे का संकलन होगा। 15 जून को यह संकलन कार्य राज्य स्तर पर होगा।आउट ऑफ स्कूल बच्चों की खोज कल से

SALARY, ARREAR : पांच लाख शिक्षकों को वेतन भुगतान एरियर का इंतजार, शिक्षकों को अप्रैल माह के वेतन से नियमानुसार भुगतान की उम्मीद थी, लेकिन मार्च माह के वेतन से ही नया वेतनमान जारी हो गया

SALARY : पांच लाख शिक्षकों को वेतन भुगतान एरियर का इंतजार, शिक्षकों को अप्रैल माह के वेतन से नियमानुसार भुगतान की उम्मीद थी, लेकिन मार्च माह के वेतन से ही नया वेतनमान जारी हो गया

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश के पांच लाख शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो गई है। उन्हें सातवें वेतनमान के अनुसार वेतन का भुगतान कर दिया गया है, हालांकि जनवरी व फरवरी माह का एरियर अभी लंबित है। शिक्षकों को अप्रैल माह के वेतन से नियमानुसार भुगतान की उम्मीद थी, लेकिन मार्च माह के वेतन से ही नया वेतनमान जारी हो गया है।

सातवें वेतन आयोग के अनुरूप शिक्षकों को वेतनमान नहीं मिल पा रहा था। इसका कारण साफ्टवेयर तैयार न हो पाना रहा है। इसको लेकर शिक्षकों ने कई बार प्रदर्शन किया और उप्र दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने तो प्रदेश भर में चाक डाउन हड़ताल तक की थी। शिक्षकों के उग्र रुख को देखते हुए आनन-फानन में साफ्टवेयर तैयार किया गया और सभी जिलों को भेजा गया। सातवें वेतनमान के अनुसार मार्च माह का वेतन भुगतान शनिवार को जारी हो गया है। इससे शिक्षकों में खुशी का ठिकाना न रहा। बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी देश दीपक पांडेय ने प्रदेश सरकार के प्रयास का स्वागत करते हुए कहा कि है कि प्रदेश सरकार अब जल्द ही शिक्षकों को जनवरी व फरवरी माह का एरियर भुगतान भी जारी करे।

SHIKSHAMITRA : तैयार हो रहे तर्क व दलीलें, शीर्ष कोर्ट में शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन व अवशेष शिक्षामित्रों को लेकर होनी है सुनवाई दो मई को

SHIKSHAMITRA : तैयार हो रहे तर्क व दलीलें, शीर्ष कोर्ट में शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजनअवशेष शिक्षामित्रों को लेकर होनी है सुनवाई दो मई को

तैयार हो रहे तर्क व दलीलें : शीर्ष कोर्ट में शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन व अवशेष शिक्षामित्रों को लेकर दो मई को सुनवाई होनी है। इसके लिए उप्र दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ तैयारियों में जुटा है। प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार यादव व अन्य शिक्षक अधिवक्ताओं से मिलकर केस के संबंध में संभावित सवाल व उनके जवाब पर मंथन कर रहे हैं। हालांकि शिक्षामित्रों का मनोबल शीर्ष कोर्ट के रुख से बढ़ा हुआ है। ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने 72 हजार शिक्षक भर्ती में नियुक्त हो चुके शिक्षकों को राहत देने का संकेत दिया है।

MANTRI : शिक्षा मंत्री ने प्रेजेंटेशन बनाने को कहा, राजस्थान की तर्ज पर होगा स्कूलों का विकास

MANTRI : शिक्षा मंत्री ने प्रेजेंटेशन बनाने को कहा, राजस्थान की तर्ज पर होगा स्कूलों का विकास

फास्ट न्यूज  लखनऊ: शहर के प्राइमरी और जूनियर स्कूलों का अब राजस्थान के स्कूलों की तर्ज पर विकास किया जाएगा। राजस्थान में पिछले तीन साल में सरकारी स्कूल बेहतर होने से 10 लाख बच्चे प्राइवेट से सरकारी स्कूल में गए हैं। राजस्थान सरकार की सीएम परामर्श समिति की सदस्य उर्वशी साहनी से शुक्रवार को इस संबंध में शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से मुलाकात की। शिक्षा मंत्री ने इसकी एक प्रेजेंटेशन बनाने की बात कही है जो सीएम योगी आदित्यनाथ को दिखाई जाएगी। इसके बाद यह स्कूलों में लागू की जाएंगी।

TRANSFER, MANTRI : बेसिक शिक्षा स्कूलों के लिए नई ट्रांसफर नीति, सरकारी स्कूलों में जल्द होगा सुधार - अनुपमा

TRANSFER, MANTRI : बेसिक शिक्षा स्कूलों के लिए नई ट्रांसफर नीति, सरकारी स्कूलों में जल्द होगा सुधार - अनुपमा

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : प्रदेश सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल ने कहा कि शिक्षकों के तबादले के लिए सरकार जल्द ही नई नीति लेकर आएगी। महिला शिक्षकों को होने वाली परेशानी का ख्याल रखते हुए तबादला नीति तैयार की जाएगी। बेसिक विभाग के लिए बजट बढ़ाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल बजट को नहीं बढ़ाया जाएगा। संजयनगर स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची अनुपमा जायसवाल ने सरकारी स्कूलों में जल्द ही सुधार का दावा किया।

कार्यक्रम के दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री ने महानगर संगठन और उन कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया जिन्होंने बहराइच में चुनाव के दौरान प्रचार-प्रसार की कमान संभाली थी। महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा और उनकी टीम का अनुपमा जायसवाल ने पुष्प गुच्छ देकर अभिनंदन किया। इस मौके पर साहिबाबाद के विधायक सुनील शर्मा ने बेसिक शिक्षा से संबद्ध महिला शिक्षकों के जनपद में ही तबादले, स्कूलों में बायोमीट्रिक उपस्थिति सहित स्कूलों में फर्नीचर का सुझाव उनके समक्ष रखा। राज्यमंत्री अतुल गर्ग और पूर्व विधायक नरेंद्र शिशौदिया ने भी कुछ सुझाव बेसिक शिक्षा मंत्री को दिए। महापौर आशु वर्मा ने पब्लिक स्कूलों में फीस वृद्धि को लेकर शिकायत की। बेसिक शिक्षा मंत्री ने सभी मुद्दों पर गौर करने का आश्वासन दिया। गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी से लेकर बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों पर उन्होंने धीरे-धीरे सुधार आने का दावा किया। इस मौके पर सतेंद्र शिशौदिया, अशोक मोंगा, राजा वर्मा, बलदेवराज शर्मा, विजय मोहन, आशा शर्मा, राजीव अग्रवाल, राजेश त्यागी, मानसिंह, संजय कश्यप, मयंक गोयल, डा. वीरेश्वर त्यागी, राहुल गोयल, गोल्डन आदि मौजूद रहे।

Saturday, April 29, 2017

GOVERNMENT ORDER, GPF : सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा धनराशि के अन्तिम प्रत्याहरण संबंधी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किये जाने के संबंध में ।

GOVERNMENT ORDER, GPF : सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा धनराशि के अन्तिम प्रत्याहरण संबंधी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किये जाने के संबंध में ।

BED, EXAMINATION : प्रदेश के 16 जिलों के 905 केंद्रों पर बीएड प्रवेश परीक्षा तीन मई को होगी

BED, EXAMINATION : प्रदेश के 16 जिलों के 905 केंद्रों पर बीएड प्रवेश परीक्षा तीन मई को होगी

जागरण संवाददाता, लखनऊ: राजधानी समेत प्रदेश के 16 जिलों के 905 केंद्रों पर बीएड प्रवेश परीक्षा तीन मई को होगी। परीक्षा कोऑर्डिनेटर नवीन खरे की अध्यक्षता में लखनऊ विवि में हुई बैठक में परीक्षा को लेकर मंथन किया गया। परीक्षा में लगे शिक्षकों को एक मई को शाम तीन बजे रिपोर्ट करनी होगी। परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन की भी मदद ली जाएगी।

PF : पीएफ पर 8.65 फीसद ब्याज भुगतान का निर्देश जारी, सरकार से अनुमति मिलने के बाद खातों में जल्द मिलेगा ब्याज, दिसंबर में ट्रस्टी बोर्ड ने 8.65 फीसद ब्याज को दी थी

PF : पीएफ पर 8.65 फीसद ब्याज भुगतान का निर्देश जारी, सरकार से अनुमति मिलने के बाद खातों में जल्द मिलेगा ब्याज, दिसंबर में ट्रस्टी बोर्ड ने 8.65 फीसद ब्याज को दी थी

दिल्ली, प्रेट्र : जल्दी ही कर्मचारियों के खातों में पीएफ पर 8.65 फीसद ब्याज का भुगतान कर दिया जाएगा। सरकार ने बीते वित्त वर्ष 2016-17 के लिए 8.65 फीसद ब्याज देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने फील्ड कार्यालयों को निर्देश दिया है कि सदस्यों के खाते में ब्याज का भुगतान कर दिया जाए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि श्रम मंत्रलय से इस संबंध में सूचना मिलने के बाद ईपीएफओ ने यह कदम उठाया है।

इस महीने के शुरू में श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने कहा था कि वित्त मंत्रलय ने पीएफ पर 8.65 फीसद ब्याज देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पिछले साल दिसंबर में ईपीएफओ के ट्रस्टी बोर्ड ने ब्याज दर को मंजूरी दी थी लेकिन वित्त मंत्रलय से अनुमति न मिलने की वजह से आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं। कहा जा रहा था कि वित्त मंत्रलय श्रम मंत्रलय पर ब्याज दर घटाने का दबाव बना रहा है जिससे पीएफ की ब्याज दर पीपीएफ जैसी लघु बचत योजनाओं के बराबर रखी जा सके। लेकिन दत्तात्रेय ने कहा था कि पीएफ पर 8.65 फीसद ही ब्याज दिया जाएगा। सामान्य प्रक्रिया के रूप में ट्रस्टी बोर्ड ईपीएफओ की आय का आकलन करके ब्याज दर का निर्धारण करता है। इसके बाद वित्त मंत्रलय अनुमति देने से पहले यह सुनिश्चित करता है कि प्रस्तावित ब्याज ईपीएफओ अपनी आय से दे सकेगा। वित्त मंत्री से मंजूरी मिलने के बाद ब्याज सदस्यों के खातों में जमा कर दी जाती है।

वित्त मंत्रलय ने पिछले वित्त वर्ष 2015-16 के लिए ब्याज दर घटाकर 8.7 फीसद कर दिया था जबकि ट्रस्टी बोर्ड ने 8.8 फीसद देने का फैसला किया था। इसके बाद वित्त मंत्रलय के फैसले का कड़ा विरोध हुआ तो सरकार ने ट्रस्टी बोर्ड के निर्णय को दे दी। वित्त मंत्रलय लगातार श्रम मंत्रलय से कह रहा है कि वह ब्याज दरों को लघु बचत स्कीमों के बराबर लाने के लिए कमी करे। आमतौर पर सरकार ट्रस्टी बोर्ड द्वारा स्वीकृत ब्याज दर पर मुहर लगा देती है क्योंकि ईपीएफ स्वायत्त संगठन के रूप में काम करता है और वह अपनी आय से ब्याज देता है।

MEETING, MANTRI : माननीया बेसिक शिक्षा मंत्री जी का गाजियाबाद व मेरठ आगमन व मेरठ मण्डल के समस्त विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ।

MEETING, MANTRI : माननीया बेसिक शिक्षा मंत्री जी का गाजियाबाद व मेरठ आगमन व मेरठ मण्डल के समस्त विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक

YOGA, DAY : बिना प्रशिक्षण दिए योग कराने का फरमान, हर जिले में मास्टर ट्रेनर सिखाएंगे योग प्रदर्शन के गुर, 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के संबंध में जिलों में पहुंच रहे आदेश, हर जिले से 200 छात्र-छात्रओं को लखनऊ ले जाने का फरमान जारी

YOGA, DAY : बिना प्रशिक्षण दिए योग कराने का फरमान, हर जिले में मास्टर ट्रेनर सिखाएंगे योग प्रदर्शन के गुर,  21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के संबंध में जिलों में पहुंच रहे आदेश, हर जिले से 200 छात्र-छात्रओं को लखनऊ ले जाने का फरमान जारी

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : विकास खंड स्तर के प्राथमिक शिक्षकों को योग का प्रशिक्षण नहीं मिला, लेकिन प्रदेश भर में विद्यालय स्तर पर योग करने का आदेश जारी हो गया है। तीन महीने पहले जनवरी में योग प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन, अधिकांश जगह जिला स्तर के आगे नहीं बढ़ सकी। खंड शिक्षा अधिकारी व बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी इस संबंध में तेजी नहीं दिखाई, बल्कि अब योग कराने का विद्यालयों में दबाव बनाया जा रहा है। यह सारी सरकार को खुश करने के लिए की जा रही है।

बेसिक शिक्षा परिषद ने दो दिन पहले प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए समय सारिणी जारी की है। इसमें एक लाख से अधिक प्राथमिक व करीब 50 हजार उच्च प्राथमिक स्कूलों में प्रार्थना के बाद योग करने का आदेश दिया गया है। अफसरों ने यह फरमान जारी करने से पहले विद्यालय स्तर की जमीनी हकीकत नहीं जानी कि विद्यालय के शिक्षकों को योग का प्रशिक्षण ही नहीं मिला है। असल में शिक्षकों को योग का प्रशिक्षण देने का खाका छह जुलाई 2016 को ही खींचा गया था। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उप्र यानी एससीईआरटी के निदेशक ने आदेश के पांच माह बाद पांच जनवरी को प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी किया।

इसमें सभी जिलों से दो-दो जिला स्तरीय संदर्भदाताओं को प्रशिक्षित किया जाना था। इसके लिए 11 से 13, 16 से 18 और 19 से 21 जनवरी तक का कार्यक्रम जारी हुआ। यह प्रशिक्षण परिषद कार्यालय लखनऊ में दिया गया। एससीईआरटी ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी डायट के जरिये दो-दो संदर्भदाताओं को प्रशिक्षित करके भेजा। उन्हें अपने जिले के डायट में दूसरे शिक्षकों को प्रशिक्षित करना था। इसमें पहले बीआरसी स्तर पर और फिर उसी क्रम में आगे शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना था। प्रदेश के कुछ जिलों को छोड़कर योग का प्रशिक्षण डायट स्तर से आगे नहीं बढ़ सका। कहा गया कि प्राथमिक स्कूलों में शारीरिक शिक्षक नहीं होते हैं वहां पर चालीस वर्ष से कम आयु के शिक्षकों को इसका प्रशिक्षण दिया जाए।

एससीईआरटी ने इस संबंध में डायट प्राचार्य व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को समान रूप से निर्देश दिये थे लेकिन, डायट और बीएसए ने यह काम एक-दूसरे का मानकर ठीक से मानीटरिंग ही नहीं की। इसलिए प्रशिक्षण पाने के लिए न तो शिक्षकों ने रुचि दिखाई और प्रशिक्षण दाताओं ने ही ब्लाक स्तर पर भ्रमण करके योग सिखाया। अब परिषद सचिव संजय सिन्हा का आदेश होने के बाद से हड़कंप मचा है। योग के नाम पर अब स्कूलों में खानापूरी हो रही है।

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश के सभी जिलों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की तैयारियां जल्द ही तेज हो जाएंगी। 21 जून को लखनऊ में होने वाले योग प्रदर्शन कार्यक्रम में हर जिले से 200 छात्र-छात्रओं के पहुंचने का लक्ष्य तय किया गया है। शासन की ओर से योग से जुड़ी सीडी व मास्टर ट्रेनर का भी प्रबंध किया जा रहा है, ताकि जो प्रदर्शन छात्रों को सामूहिक रूप से करना है उसका विधिवत अभ्यास पहले कर लिया जाये।1देश ही नहीं दुनिया के कई देशों में 21 जून को योग दिवस मनाया जाता है। इस बार प्रदेश की राजधानी लखनऊ में योग प्रदर्शन कार्यक्रम हो रहा है। अफसरों का दावा है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाग लेंगे। इस आयोजन में करीब 50 हजार लोगों के प्रतिभाग करने का लक्ष्य रखा गया है।

अपर मुख्य सचिव अनीता भटनागर जैन की ओर से सभी जिलों में इस संबंध में निर्देश पहुंच रहे हैं। आदेश में कहा गया है कि करीब एक घंटे के योग आसन का कार्यक्रम है। इस संबंध में सीडी व मास्टर ट्रेनर का प्रबंध किया जाएगा। इसमें प्रतिभाग कराने के लिए हर जिले से 15 से 25 वर्ष तक के 200 छात्र-छात्रओं व नागरिकों को चिह्न्ति करने का निर्देश दिया गया है। यह आयोजन सुबह सात से आठ बजे के बीच होगा। इसके लिए मंडल व जिला स्तर पर एक-एक अधिकारी को नोडल अफसर के रूप में नियुक्ति दी जा रही है। शासन ने उसका नाम, पदनाम व मोबाइल नंबर भी मांगा है। यह भी निर्देश दिया गया है कि जिन छात्र-छात्रओं और नागरिकों को आयोजन में प्रतिभाग करना है उनका चिह्नंकन जल्द किया जाए, ताकि समय रहते उन्हें प्रशिक्षित भी कर दिया जाए।

🔵 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के संबंध में जिलों में पहुंच रहे आदेश

🔴 हर जिले से 200 छात्र-छात्रओं को लखनऊ ले जाने का फरमान जारी

HRA : HRA10% से 28% के बीच रखने का सुझाव, लवासा कमिटी ने सरकार को सौंपी अपनी रिपोर्ट, छठे पे कमिशन की मौजूदा दरों को भी बताया तर्कसंगत, 196 में से 52 भत्ते खत्म करने की सिफारिश भी मानी

HRA : HRA10% से 28% के बीच रखने का सुझाव, लवासा कमिटी ने सरकार को सौंपी अपनी रिपोर्ट, छठे पे कमिशन की मौजूदा दरों को भी बताया तर्कसंगत, 196 में से 52 भत्ते खत्म करने की सिफारिश भी मानी

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली । 47 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को जल्द ही बढ़े भत्तों की सौगात मिल सकती है। भत्तों पर गठित लवासा कमिटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में एचआरए को 28, 18 और 10 फीसदी तक रखने की सिफारिश की गई है। यह भी कहा गया है कि मौजूदा दरें भी तर्कसंगत हैं। सरकार चाहे तो इन पर गौर किया जा सकता है। 196 भत्तों में से 52 को पूरी तरह खत्म करने और 36 अन्य बड़े भत्तों में मिलाने के सुझाव का भी समर्थन किया गया है।

केंद्रीय कर्मचारियों की नैशनल जॉइंट काउंसिल ऑफ ऐक्शन के संयोजक शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि हमें भत्तों पर 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें मंजूर नहीं हैं। छठे पे कमिशन के हिसाब से हमें 30, 20 और 10 फीसदी एचआरए मिल रहा था। 7वें वेतन आयोग ने इसे अचानक कम करने की सिफारिश कर दी। बता दें कि छठे पे कमिशन के तहत क्लास X शहरों के कर्मचारियों को 30 फीसदी, क्लास Y में 20 फीसदी और क्लास Z में 10 फीसदी एचआरए मिलता है। 7वें पे कमिशन ने इसे 24, 16 और 8 फीसदी की सिफारिश की थी, जिसका कर्मचारियों ने विरोध किया था। इसके बाद सरकार ने लवासा कमिटी बनाई थी।

SHIKSHAMITRA, TRAINEE TEACHERS, SUPREME COURT : शीर्ष कोर्ट से शिक्षामित्रों में बंधी नियळ्क्ति की उम्मीद, 72825 शिक्षकों भर्ती के अभ्यर्थियों को राहत के संकेत से शिक्षामित्र खुश, 32 हजार शिक्षामित्रों के समायोजन को लेकर असमंजस, सुनवाई 2 मई 2017 को

SHIKSHAMITRA, TRAINEE TEACHERS, SUPREME COURT : शीर्ष कोर्ट से शिक्षामित्रों में बंधी नियळ्क्ति की उम्मीद, 72825 शिक्षकों भर्ती के अभ्यर्थियों को राहत के संकेत से शिक्षामित्र खुश, 32 हजार शिक्षामित्रों के समायोजन को लेकर असमंजस, सुनवाई 2 मई 2017 को

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षामित्रों से लेकर शिक्षक भर्ती के तमाम प्रकरणों की सुप्रीम कोर्ट में सिलसिलेवार सुनवाई होने जा रही है। एक-एक करके सभी मामलों का कुछ ही माह में निस्तारण होने की चर्चा है। शीर्ष कोर्ट ने गुरुवार को 72825 शिक्षक भर्ती में जिस तरह के संकेत दिये हैं, उससे शिक्षामित्र गदगद हैं। साथ ही 32 हजार के समायोजन को लेकर चिंता भी बढ़ गई है।

पिछले करीब एक वर्ष से बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की सुनवाई शीर्ष कोर्ट में लगातार टल रही थी। इससे दो लाख 75 हजार शिक्षकों को लेकर उहापोह बना था। परिषदीय स्कूलों में 72825 शिक्षकों की भर्ती में 66 हजार अभ्यर्थियों की नियुक्ति टीईटी मेरिट व बीटीसी अभ्यर्थियों की भर्ती एकेडमिक मेरिट पर हुई है। इस पर शीर्ष कोर्ट ने नियुक्त अभ्यर्थियों को राहत देने का संकेत दिया है साथ ही अगली भर्तियों के लिए जल्द आदेश जारी होगा। इसके अलावा 12091 की नियुक्ति, 1100 याची प्रकरण की तस्वीर साफ नहीं है। वहीं, 9770, 10800, 29334, 4280, 10 हजार, 15 हजार, 16448 व 3500 उर्दू भर्ती भी न्यायालय के आदेश पर निर्भर हैं।

बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में एक लाख 37 हजार शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया जा चुका है, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 सितंबर 2015 को समायोजन रद कर दिया था। इस आदेश के बाद करीब 32 हजार शिक्षामित्रों का समायोजन भी रोक दिया गया।

सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को शीर्ष कोर्ट में चुनौती दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने सात दिसंबर 2015 को समायोजित शिक्षामित्रों को राहत देते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। अब शीर्ष कोर्ट ने शिक्षामित्रों का प्रकरण शिक्षक भर्ती से अलग कर दिया है और उस पर दो मई को सुनवाई होनी है। कोर्ट का रुख देखते हुए 32 हजार शिक्षकों का समायोजन खतरा में पड़ता दिख रहा है।

वहीं, समायोजित शिक्षक कोर्ट से राहत पाने की उम्मीद पाल बैठे हैं। उनका कहना है कि यूपी सरकार को अपने संकल्प पत्र का वादा पूरा करना चाहिए। सरकार ने वादा किया था कि वह तीन माह में शिक्षामित्रों के प्रकरण की बाधाएं खत्म कर देगी। अब शीर्ष कोर्ट में सरकार उनकी पैरवी करे।

🔵 72825 शिक्षकों भर्ती के अभ्यर्थियों को राहत के संकेत से शिक्षामित्र खुश

🔴 32 हजार शिक्षामित्रों के समायोजन को लेकर असमंजस, सुनवाई दो को

FIR, FAKE : सचिव बेसिक शिक्षा के फर्जी हस्ताक्षर से जारी कराये गए पत्र, प्रशासनिक अधिकारी रामेंद्र कुमार मिश्र ने महानगर कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई

FIR, FAKE : सचिव बेसिक शिक्षा के फर्जी हस्ताक्षर से जारी कराये गए पत्र, प्रशासनिक अधिकारी रामेंद्र कुमार मिश्र ने महानगर कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : सचिवालय में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों के कैंप कार्यालय से उनके फर्जी दस्तखत बनाकर पत्र जारी करने का हैरतअंगेज मामला फिर प्रकाश में आया है। ताजा प्रकरण में सचिव बेसिक शिक्षा अजय कुमार सिंह के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर उनके कैंप कार्यालय से दो फर्जी पत्र जारी कराये जाने का प्रकरण सामने आया है। यह मामला सामने आने पर बेसिक शिक्षा निदेशक के शिविर कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी रामेंद्र कुमार मिश्र ने महानगर कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।

सचिव बेसिक शिक्षा ने बताया कि उनके कैंप कार्यालय से उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर दो पत्र जारी कराये गए थे। इनमें से एक पत्र छह मार्च को अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) अर्थ(1) अनुभाग, इलाहाबाद को संबोधित और वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा, देवरिया को पृष्ठांकित है। वहीं 16 मार्च को लिखा गया दूसरा पत्र देवरिया में बेसिक शिक्षा के वित्त एवं लेखाधिकारी को संबोधित और अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) अर्थ(1) इलाहाबाद को पृष्ठांकित है। इन पत्रों के जरिये प्रबंध समिति जनक लघु माध्यमिक विद्यालय व अन्य के मामले में हाई कोर्ट की ओर से 24 नवंबर 2016 को पारित आदेश का अनुपालन कराये जाने के निर्देश दिये गए हैं।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : सचिवालय में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों के कैंप कार्यालय से उनके फर्जी दस्तखत बनाकर पत्र जारी करने का हैरतअंगेज मामला फिर प्रकाश में आया है। ताजा प्रकरण में सचिव बेसिक शिक्षा अजय कुमार सिंह के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर उनके कैंप कार्यालय से दो फर्जी पत्र जारी कराये जाने का प्रकरण सामने आया है। यह मामला सामने आने पर बेसिक शिक्षा निदेशक के शिविर कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी रामेंद्र कुमार मिश्र ने महानगर कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।1सचिव बेसिक शिक्षा ने बताया कि उनके कैंप कार्यालय से उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर दो पत्र जारी कराये गए थे। इनमें से एक पत्र छह मार्च को अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) अर्थ(1) अनुभाग, इलाहाबाद को संबोधित और वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा, देवरिया को पृष्ठांकित है। वहीं 16 मार्च को लिखा गया दूसरा पत्र देवरिया में बेसिक शिक्षा के वित्त एवं लेखाधिकारी को संबोधित और अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) अर्थ(1) इलाहाबाद को पृष्ठांकित है। इन पत्रों के जरिये प्रबंध समिति जनक लघु माध्यमिक विद्यालय व अन्य के मामले में हाई कोर्ट की ओर से 24 नवंबर 2016 को पारित आदेश का अनुपालन कराये जाने के निर्देश दिये गए हैं।

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