Friday, September 30, 2016

GO, LIC : जनरल प्राविडेन्‍ट फण्‍ड (उत्‍तर प्रदेश), कन्ट्रीब्यूट्री प्राविडेन्‍ट फण्‍ड (उत्‍तर प्रदेश) तथा उत्‍तर प्रदेश कन्ट्रीब्यूट्री प्राविडेन्‍ट पेंशन इन्‍शयोरेन्‍स फण्‍ड में अभिदाताओं (सब्‍सक्राइबर्स) द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2016-2017 में जमा कुल राशि पर दिनांक 01-07-2016 से दिनांक 30 सितम्‍बर, 2016 तक ब्‍याज दर विषयक ।

GO, LIC : जनरल प्राविडेन्‍ट फण्‍ड (उत्‍तर प्रदेश), कन्ट्रीब्यूट्री प्राविडेन्‍ट फण्‍ड (उत्‍तर प्रदेश) तथा उत्‍तर प्रदेश कन्ट्रीब्यूट्री प्राविडेन्‍ट पेंशन इन्‍शयोरेन्‍स फण्‍ड में अभिदाताओं (सब्‍सक्राइबर्स) द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2016-2017 में जमा कुल राशि पर दिनांक 01-07-2016 से दिनांक 30 सितम्‍बर, 2016 तक ब्‍याज दर विषयक ।

BUDGET : प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालयों एवं अशासकीय सहायता प्राप्त के0जी0 नर्सरी मान्टेसरी स्कूलों के शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वित्तीय वर्ष 2016-17 के द्वितीय छः माहों हेतु वेतनादि मद में धन आवंटन के सम्बन्ध में ।

BUDGET : प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालयों एवं अशासकीय सहायता प्राप्त के0जी0 नर्सरी मान्टेसरी स्कूलों के शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वित्तीय वर्ष 2016-17 के द्वितीय छः माहों हेतु वेतनादि मद में धन आवंटन के सम्बन्ध में ।

MAN KI BAAT : प्रदेश में पहली बार संभल के एक प्राइमरी स्कूल में बायोमीट्रिक हाजिरी जल्दी ही शुरू होने जा रही, यह व्यवस्था बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए की जा रही, तकनीक जितनी जल्दी लायी जाएगी, भ्रष्टाचार का खात्मा उतनी ही.....

MAN KI BAAT : प्रदेश में पहली बार संभल के एक प्राइमरी स्कूल में बायोमीट्रिक हाजिरी जल्दी ही शुरू होने जा रही, यह व्यवस्था बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए की जा रही, तकनीक जितनी जल्दी लायी जाएगी, भ्रष्टाचार का खात्मा उतनी ही.....

राज्य सरकार की दो कोशिशों की सराहना की जानी चाहिए। इनमें एक तो यह है कि प्रदेश में पहली बार संभल के एक प्राइमरी स्कूल में बायोमीटिक हाजिरी जल्दी ही शुरू होने जा रही है। यह व्यवस्था बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए की जा रही है। इससे जहां एक ओर दूरस्थ आबादी को भी आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा सकेगा वहीं शिक्षकों के स्कूल आने जाने पर भी नजर रखी जा सकेगी।

एक पक्ष यह भी है कि बच्चों की हाजिरी से उन्हें मिलने वाले मिड डे मील के वितरण का हिसाब रखने में भी आसानी हो जाएगी। तकनीक जितनी जल्दी लायी जाएगी, भ्रष्टाचार का खात्मा उतनी ही तीव्रता से होगा। बायोमीटिक हाजिरी के संदर्भ में सरकार का दूसरा प्रयास उन डाक्टरों पर नियंत्रण करने वाला है जो बावजूद सारी कोशिशों और प्रोत्साहन के छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में नौकरी करने नहीं जाना चाहते। वे शहर में ही बने रहते हैं और कभी-कभी मानो मूड बदलने के लिए ग्रामीण अंचलों में चिकित्सा कार्य करने पहुंचते हैं।

दशकों से चली आ रही यह समस्या अब बड़ा नासूर बन चुकी है। स्वास्थ्य चुनौतियां बढ़ रही हैं लेकिन, उनसे पार पाने के लिए जो वर्ग प्रशिक्षित किया गया और जिसे भारी वेतन मिलता है, वह गांवों में जाने को तैयार नहीं। अब सरकार यदि प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक बायोमीटिक हाजिरी सिस्टम लगाना चाहती है तो उसकी इस पहल का स्वागत होना चाहिए। बड़े शहरों में रहकर निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डाक्टरों पर अंकुश लगाना ही होगा।

इन सार्थक प्रयासों का दूसरा पक्ष भी है। यह कि इन्हें लागू करने के बाद इनकी मॉनीटरिंग कैसे की जाती है। जैसे, लखनऊ के कई बड़े सरकारी दफ्तरों में बायोमीटिक हाजिरी के लिए उपकरण लगाए गए लेकिन, कुछ ही दिन बाद वे बेकार कर दिए गए। कर्मचारी पहले की ही तरह जब मन चाहा आते-जाते हैं। दिन में कितनी ही बार वे दफ्तर छोड़ते हैं, कितनी ही बार दफ्तरों के बाहर वे चाय पान की दुकानें आबाद करते हैं। जब तक कर्मचारियों के इस रवैये पर अंकुश नहीं लगता, मशीनी नियंत्रण का कोई उपाय प्रभावी नहीं होगा। दफ्तर आकर गायब हो जाने वाले चंद लोगों पर सख्त कार्रवाई हो जाए तो बाकी अपने आप ही सुधर जाएंगे। कर्मचारी अपनी सीट पर बैठने लगें तो जनहित के बहुत सारे काम अपने आप ही होने लगेंगे।

    साभार दैनिक जागरण सम्पादकीय पृष्ठ

MADRASA : मदरसों को अनुदान सूची में शामिल किए जाने व आधुनिक शिक्षकों को नियमित करने समेत 21 सूत्री मांगों को लेकर मदरसा शिक्षकों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया

MADRASA : मदरसों को अनुदान सूची में शामिल किए जाने व आधुनिक शिक्षकों को नियमित करने समेत 21 सूत्री मांगों को लेकर मदरसा शिक्षकों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया
   
लखनऊ। मदरसों को अनुदान सूची में शामिल किए जाने व आधुनिक शिक्षकों को नियमित करने समेत 21 सूत्री मांगों को लेकर मदरसा शिक्षकों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। सभी ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।

SALARY : डायटों के गुरुओं को मिलेगा चार महीने का वेतन, एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश तिवारी ने बताया कि एससीईआरटी के निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने इसके लिए बजट का आवंटन कर दिया

SALARY : डायटों के गुरुओं को मिलेगा चार महीने का वेतन, एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश तिवारी ने बताया कि एससीईआरटी के निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने इसके लिए बजट का आवंटन कर दिया
   
लखनऊ। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में पढ़ा रहे गुरुओं को अब पिछले चार महीने का रुका हुआ वेतन एक साथ मिलेगा। अब यूपी एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल ऑफिसर्स एसोसिएशन का 2 अक्तूबर को प्रस्तावित मौन उपवास का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश तिवारी ने बताया कि एससीईआरटी के निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने इसके लिए बजट का आवंटन कर दिया है। वहीं उन्होंने वेतन को सभी डायटों को नान प्लान मद में संचालन का आश्वासन दिया है।

ATTENDANCE : स्कूलों में बायोमीटिक मशीन से हाजिरी की शुरुआत संभल से, शिक्षक-बच्चे मशीन से लगाएंगे हाजिरी, फिंगर प्रिंट लेना शुरू

ATTENDANCE : स्कूलों में बायोमीटिक मशीन से हाजिरी की शुरुआत संभल से, शिक्षक-बच्चे मशीन से लगाएंगे हाजिरी, फिंगर प्रिंट लेना शुरू

तेजप्रकाश सैनी, मुरादाबाद । प्रदेश में सम्भल जिले के असमोली ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय इटायला माफी पहला ऐसा विद्यालय होगा जिसमें बायोमीटिक मशीन से हाजिरी लगेगी। खास बात यह है कि इसके लिए शासन से कोई बजट नहीं मिला पर स्कूल को मिली पुरस्कार राशि से यह मशीन प्रधानाध्यापक कपिल मलिक ने मंगवाकर एक मिसाल कायम कर दी। अब शिक्षक व बच्चे स्कूल आने में देरी पर सही समय डालने के लिए बाध्य होंगे। बच्चे भी कोई बहाना नहीं बना पाएंगे।

पिछले महीने शिक्षक दिवस के मौके पर लखनऊ में एक लाख 20 हजार रुपये का पुरस्कार प्रधानाध्यापक मलिक को आदर्श विद्यालय घोषित होने पर मिला था। इस धनराशि से 30 हजार रुपये का लैपटॉप व 14 हजार रुपये की बायोमीटिक मशीन खरीद ली गई। इन दिनों स्कूल में पढ़ने वाले 308 बच्चे व छह शिक्षकों के फिंगर प्रिंट लेने व लैपटॉप में नामों की फीडिंग का कार्य चल रहा है। मशीन का उद्घाटन सात अक्टूबर को बतौर मुख्य अतिथि मंडलायुक्त एल वेक्टेश्वर लू के साथ-साथ क्षेत्र की विधायक पिंकी यादव व एडी बेसिक भगवत पटेल द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा पुरस्कार की जो धनराशि बची है उससे बच्चों के लिए फर्नीचर भी खरीदा गया है। एडी बेसिक भगवत पटेल ने बताया कि यह बेसिक शिक्षा परिषद का प्रदेश में पहला ऐसा विद्यालय होगा जिसमें बायोमीटिक मशीन से शिक्षक व बच्चे हाजिरी लगाएंगे। मशीन का उद्घाटन अक्टूबर में होगा।

Thursday, September 29, 2016

TRANSFER, BSA : उत्तर प्रदेश शासन ने तत्काल प्रभाव से महराजगंज के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जावेद आलम आजमी सहित 6 शिक्षाधिकारीयों को हटाते हुए पीलीभीत के बीएसए जेपी सिंह जी को महराजगंज में दी नवीन तैनाती, क्लिक कर खबर के साथ जारी आदेश देखें ।

TRANSFER, BSA : उत्तर प्रदेश शासन ने तत्काल प्रभाव से महराजगंज के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी  जावेद आलम आजमी सहित 6शिक्षाधिकारियों को हटाते हुए पीलीभीत के बीएसए जेपी सिंह जी को महराजगंज में दी नवीन तैनाती, क्लिक कर जारी आदेश देखें ।

BOOKS, WORKSHOP : पुस्तकों में दिखे पाठ्यक्रम व स्थानीय परिवेश का सन्तुलन, प्राथमिक विद्यालयों के पुस्तकों को इस समय नये सिरे से तैयार करने की कवायद शुरू ।

BOOKS, WORKSHOP : पुस्तकों में दिखे पाठ्यक्रम व स्थानीय परिवेश का सन्तुलन, प्राथमिक विद्यालयों के पुस्तकों को इस समय नये सिरे से तैयार करने की कवायद शुरू ।

AWARD : सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत ‘‘स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार-2016’ के लिए पचास विद्यालयों के नाम की संस्तुति की गयी

AWARD : सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत ‘‘स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार-2016’ के लिए पचास विद्यालयों के नाम की संस्तुति की गयी

लखनऊ (एसएनबी)। सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत ‘‘स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार-2016’ के लिए पचास विद्यालयों के नाम की संस्तुति की गयी है। अब इन विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए जनपद स्तर पर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी को भौतिक सत्यापन पूरा कर अपनी संस्तुति की रिपोर्ट राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।

राज्य परियोजना निदेशक ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।ज्ञात हो परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों में साफ-सफाई व्यवस्था अच्छी रखने वाले विद्यालयों को ‘‘स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार-2016’ से सम्मानित करने की योजना बनाई गयी है। इसके लिए राज्य परियोजना निदेशालय ने ऑनलाइन नामांकन मांगे थे। इसमें अंतिम तिथि तक प्रदेश भर से 3,799 विद्यालयों के नामांकन किए गये। इनमें से 2,747 का नामांकन ही पूरा हो सका।

जनपद स्तरीय पुरस्कारों के लिए आठ विद्यालयों (छह ग्रामीण व दो शहरी) को समग्र श्रेणी व 40 विद्यालयों (दस शहरी व तीस ग्रामीण) को उप श्रेणियों में भौतिक सत्यापन के बाद सबसे अधिक स्कोर के आधार पर पुरस्कृत किया जाना था। इस हिसाब से 21 जनपदों की ओर से जनपद स्तरीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार प्राप्त करने वाले 50 विद्यालयों को राज्य स्तरीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार-2016 के लिए संस्तुत किया गया है।

अब प्रक्रिया के अगले चरण में जनपदों द्वारा नामित पांच स्टार तथा चार स्टार पाने वाले अधिकतम चालीस विद्यालयों को राज्य स्तरीय समिति स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार-2016 के लिए अनुमोदित कर सकती है। इनमें 2- परिषदीय विद्यालय तथा 20 माध्यमिक विद्यालय शामिल होंगे। जनपदों द्वारा संस्तुत किए गये पचास विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए सचिव बेसिक शिक्षा से संबंधित जनपद के बीएसए, जिला पंचायत अधिकारी व मंडल के सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गयी है, जो अपनी रिपोर्ट देगी।

BOOKS, HANDICAPPED : बच्चों को ब्रेल लिपि की किताबें मिलेंगी, सर्व शिक्षा अभियान के निदेशक जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि 5830 पुस्तकें छपवाई जाएंगी

BOOKS, HANDICAPPED : बच्चों को ब्रेल लिपि की किताबें मिलेंगी, सर्व शिक्षा अभियान के निदेशक जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि 5830 पुस्तकें छपवाई जाएंगी

लखनऊ: सरकारी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले दृष्टबाधित बच्चों के लिए ब्रेल लिपि में पाठ्य-पुस्तकें छपवाई जाएंगी।

सर्व शिक्षा अभियान के निदेशक जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि 5830 पुस्तकें छपवाई जाएंगी। छपाई के लिए 40 प्रतिशत धनराशि राजकीय ब्रेल प्रेस निशातगंज को जारी की जा चुकी है। किताबों की छपाई के बाद तीन दिन के अंदर जिलों को किताबें भेज दी जाएंगी। उन्होंने इसके लिए सभी बीएसए को निर्देश दिए हैं कि इस काम के लिए अपने स्तर से जिले में एक अधिकारी नामित कर दें।

PROTEST : BTC प्रशिक्षितों का अनशन जारी, बीटीसी प्रशिक्षित बैच 2013 के 30 हजार टीईटी पास प्रशिक्षितों की मांग है कि उन्हें प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पदों पर नियुक्ति दी जाए

PROTEST : BTC प्रशिक्षितों का अनशन जारी, बीटीसी प्रशिक्षित बैच 2013 के 30 हजार टीईटी पास प्रशिक्षितों की मांग है कि उन्हें प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पदों पर नियुक्ति दी जाए

लखनऊ : बीटीसी प्रशिक्षितों का अनशन मंगलवार को भी जारी रहा। अनशन पर अखिलानंद यादव, साधना यादव, विद्या, सोनम, संजय, विनीत, नीतू, अमित सहित अन्य बैठे। बीटीसी प्रशिक्षित बैच 2013 के 30 हजार से अधिक प्रशिक्षित हैं, जो टीईटी पास हैं और प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पदों पर नियुक्ति की पूर्ण अर्हता रखते हैं।

धरना-प्रदर्शन, मांगें न मानीं गईं तो होगा क्रमिक

लखनऊ: सीटीआई प्रशिक्षित बेरोजगार अनुदेशक कल्याण समिति के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को क्रमिक अनशन की चेतावनी दी। उन्होंने सेवायोजन निदेशालय में चल रहे धरने के नौवें दिन सांकेतिक भूख हड़ताल की। समिति के महामंत्री विनीत श्रीवास्तव ने कहा कि अगर तीस सितंबर तक हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो एक अक्टूबर से क्रमिक अनशन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। मांग है कि 2498 पदों की भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई जांच करवाई जाए।

UPTET : टीईटी 2016 की परीक्षा 19 दिसंबर को, चार अक्टूबर को निकलेगा विज्ञापन, पांच से लिए जाएंगे ऑनलाइन आवेदन, परीक्षा नियामक प्राधिकारी के प्रस्ताव पर शासन ने लगाई मुहर

UPTET : टीईटी 2016 की परीक्षा 19 दिसंबर को, चार अक्टूबर को निकलेगा विज्ञापन, पांच से लिए जाएंगे ऑनलाइन आवेदन, परीक्षा नियामक प्राधिकारी के प्रस्ताव पर शासन ने लगाई मुहर

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2016 इसी साल होगी। शासन ने बुधवार को परीक्षा नियामक प्राधिकारी के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक की परीक्षा 19 दिसंबर को कराई जाएगी। गुरुवार को परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव की ओर से इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी होगा। एनआइसी ने पांच अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन लिए जाने को झंडी दे दी है।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थी को टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। एनसीटीई का निर्देश है कि साल में दो बार टीईटी की परीक्षा कराई जा सकती है, लेकिन एक बार इम्तिहान होना अनिवार्य है। इस बार परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने अगस्त में ही टीईटी 2016 का प्रस्ताव कुछ माह पहले शासन को भेजा था। असल में इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रतिभाग करते हैं इसलिए आवेदन लेने से लेकर परीक्षा की अन्य तैयारियों को पूरा करने में कम से कम दो माह का वक्त लगता है।

BTC : प्रदेश सरकार की पहल पर सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से जल्द ही बीटीसी 2016 में प्रवेश की प्रक्रिया के लिए आवेदन नवम्बर में, बीटीसी 2015 में प्रवेश से वंचित अभ्यर्थी न हों निराश

BTC : प्रदेश सरकार की पहल पर सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से जल्द ही बीटीसी 2016 में प्रवेश की प्रक्रिया के लिए आवेदन नवम्बर में, बीटीसी 2015 में प्रवेश से वंचित अभ्यर्थी न हों निराश

CLERK, MANTRI : स्थानांतरित बाबूओं को सात दिन में कार्यमुक्त करें बीएसए, बैसिक शिक्षामंत्री ने दी चेतावनी, एमडीएम की क्वालिटी पर भी दिया जोर

CLERK, MANTRI : स्थानांतरित बाबूओं को सात दिन में कार्यमुक्त करें बीएसए, बैसिक शिक्षामंत्री ने दी चेतावनी, एमडीएम की क्वालिटी पर भी दिया जोर

RESULT, BTC : बी0टी0सी0 द्विवर्षीय पाठ्यक्रम परीक्षा बैच 2014 का परीक्षा वर्ष 2016 का प्रणाम घोषित, यहीं क्लिक कर देखें और डाउनलोड करें ।

RESULT, BTC : बी0टी0सी0 द्विवर्षीय पाठ्यक्रम परीक्षा बैच 2014 का परीक्षा वर्ष 2016 का प्रणाम घोषित, यहीं क्लिक कर देखें और डाउनलोड करें ।

ANGANBADI, MANDEYA : आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का प्रदर्शन खत्म, मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का मानदेय आठ सौ रुपए, सहायिकाओं व मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र पर कार्यरत कार्यकर्त्रियों का मानदेय चार सौ बढ़ाने का आश्वासन

ANGANBADI, MANDEYA : आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का प्रदर्शन खत्म, मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का मानदेय आठ सौ रुपए, सहायिकाओं व मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र पर कार्यरत कार्यकर्त्रियों का मानदेय चार सौ बढ़ाने का आश्वासन 

लखनऊ । आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का प्रदर्शन 31 घण्टे बाद समाप्त हो गया। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का मानदेय आठ सौ रुपए, सहायिकाओं व मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र पर कार्यरत कार्यकर्त्रियों का मानदेय चार सौ बढ़ाने का आश्वासन दिलाया है। नियमितीकरण व मानदेय वृद्धि समेत 11 सूत्री मांगों को लेकर कार्यकर्त्रियों मंगलवार सुबह से हजारों की तादाद में राजधानी में एकत्र हो गई थी। दिन भर उहापोह की स्थिति बनी रही थी।

प्रदर्शन में जमकर उपद्रव हुआ लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका था। आक्रोशित कार्यकर्त्रियों बुधवार को भी निषातगंज रोड स्थित संकल्प वाटिका से सिकन्दरबाग चौराहे तक डेरा जमाए रखा। दिन भर सब सरकार विरोधी नारेबाजी करती रहीं। सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद शाम करीब पांच बजे प्रदर्शन समाप्त हुआ। इसके बाद यातायात सुचारु रूप से चल सका।

प्रदर्शनकारियों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल की मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से वार्ता हुई। महिला राज्य कर्मचारी आंगनबाड़ी संघ के आजमगढ़ मण्डल की मण्डल उपाध्यक्ष सीमा यादव ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का मानदेय 32 सौ से बढ़ाकर चार हजार रुपए कर दिया गया है। वहीं सहायकाओं का मानदेय 16 सौ से बढ़ाकर दो हजार रुपए व मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर कार्यरत कार्यकर्त्रियों का मानदेय 26 सौ से बढ़ाकर तीन हजार कर दिया गया है।

आगंनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का प्रदर्शन पूरी तरह से नेतृत्व विहीन दिखा। हजारों की संख्या में एकजुट हुई प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करने वाला कोई पदाधिकारी नहीं था। मंगलवार दोपहर बाद ही प्रदर्शनकारी अपने-अपने तरीके से आन्दोल करने लगे। जिसके चलते 31 घण्टे तक यातायात बाधित रहा।


BOOKS : अफसरों ने फिर किया सरकारी स्कूलों की पढ़ाई से मजाक, ताजा मामला यह कि सातवीं की किताब में आठवीं का पाठ्यक्रम छपी हुई किताबें बच्चों को मिली

BOOKS : अफसरों ने फिर किया सरकारी स्कूलों की पढ़ाई से मजाक, ताजा मामला यह कि सातवीं की किताब में आठवीं का पाठ्यक्रम छपी हुई किताबें बच्चों को मिली

बस्ती : परिषदीय विद्यालयों और जूनियर हाई स्कूलों में एक तो छह महीने यानि आधा सत्र बीत जाने के बाद किताबें पहुंची वो भी एक से बढ़कर एक गलतियों से भरी हुई। ताजा मामला यह कि सातवीं की किताब में आठवीं का पाठ्यक्रम छपी हुई किताबें बच्चों को मिली हैं।

कक्षा सात की किताब के कवर पेज पर पुस्तक का नाम ‘पृथ्वी और हमारा जीवन’ लिखा गया है। यानी यह भूगोल की पुस्तक है। वहीं अन्दर पहले ही पृष्ठ पर लिखा गया है ‘हमारा इतिहास और नागरिक जीवन’ (कक्षा 8)। पृष्ठ संख्या चार पर पाठ्यक्रम भी इतिहास का ही लिखा गया है।
पाठ्यक्रम के बाद पृष्ठ संख्या नौ पर विषय सूची दी गई है। जिसमें पहला अध्याय ‘भूगोल’ विषय से संबंधित ‘पृथ्वी की आंतरिक  संरचना’ का उल्लेख किया गया है। विषय सूची में एक से लेकर दस नम्बर तक भूगोल विषय से संबंधित अध्याय का ही उल्लेख किया गया है।

विषय सूची में अध्याय नौ ‘विषुवतीय या भूमध्य रेखीय प्रदेश’ पृष्ठ संख्या 65 से 70 तक और अध्याय दस ‘साहसिक यात्राएं- उत्तरी ध्रुव, दक्षिणी धु्रव’ 71 से 76 के बीच है। लेकिन अन्दर पृष्ठ संख्या 68 के बाद सीधे 109 आ गया है। बीच में 42 पृष्ठ गायब हैं। और तो और जब विषय सूची के मुताबिक पूरी पुस्तक ही दस अध्याय की 76 पृष्ठों की है तो 68 के बाद सीधे 109 से 116 तक कैसे आ गया समझ से परे है।


SALARY : शिक्षक भर्ती के तीन माह बाद भी वेतन नहीं, शिक्षक काट रहे अधिकारियों के चक्कर हो रहे परेशान ।

SALARY : शिक्षक भर्ती के तीन माह बाद भी वेतन नहीं, शिक्षक काट रहे अधिकारियों के चक्कर हो रहे परेशान ।


MEENA KI DUNIYA, GO, CIRCULAR, SPO : 'मीना की दुनिया'- मीना रेडियो कार्यक्रम का दिनांक 17 अक्टूबर 2016 से 28 फ़रवरी 2017 के मध्य प्रसारण के सम्बन्ध में आदेश निर्देश जारी, क्लिक कर कार्यक्रम की रूप रेखा देखें ।

MEENA KI DUNIYA, GO, CIRCULAR, SPO : 'मीना की दुनिया'- मीना रेडियो कार्यक्रम का दिनांक 17 अक्टूबर 2016 से 28 फ़रवरी 2017 के मध्य प्रसारण के सम्बन्ध में आदेश निर्देश जारी, क्लिक कर कार्यक्रम की रूप रेखा देखें ।










MDM, GO, CUG : प्राधिकरण द्वारा आवंटित सी0यू0जी0 से अनुमन्य धनराशि से अधिक बात करने पर अतरिक्त धनराशि सी0यू0जी0 धारक से लिए जाने के संबंध में आदेश जारी ।

MDM, GO, CUG : प्राधिकरण द्वारा आवंटित सी0यू0जी0 से अनुमन्य धनराशि से अधिक बात करने पर अतरिक्त धनराशि सी0यू0जी0 धारक से लिए जाने के संबंध में आदेश जारी ।




SYLLABUS, BTC : द्विवर्षीय बीटीसी पाठ्यक्रम की शैक्षिक पाठ्य सामग्री के पुनरीक्षण के सम्बन्ध में आदेश-निर्देश जारी ।

SYLLABUS, BTC : द्विवर्षीय बीटीसी पाठ्यक्रम की शैक्षिक पाठ्य सामग्री के पुनरीक्षण के सम्बन्ध में आदेश-निर्देश जारी ।




MDM, SAVACHCHHATA CHART : मध्यान्ह भोजन योजना पर एक परिचय व मिड-डे-मील योजना साप्ताहिक आहार तालिका (मेन्यू) और विद्यालय हेतु स्वच्छता चार्ट यहीं क्लिक कर देखें ।

MDM, SAVACHCHHATA CHART : मध्यान्ह भोजन योजना पर एक परिचय व मिड-डे-मील योजना साप्ताहिक आहार तालिका (मेन्यू) और विद्यालय हेतु स्वच्छता चार्ट यहीं क्लिक कर देखें ।

मध्यान्ह भोजन योजना भारत सरकार तथा राज्य सरकार के समवेत प्रयासों से संचालित है| भारत सरकार द्वारा यह योजना 15 अगस्त 1995 को लागू की गयी थी, जिसके अंतर्गत कक्षा 1 से 5 तक प्रदेश के सरकारी/परिषदीय/राज्य सरकार द्वारा सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों में पढने वाले सभी बच्चों को 80 प्रतिशत उपस्थिति पर प्रति माह 03 किलोग्राम गेहूं अथवा चावल दिए जाने की व्यवस्था की यी थी| किन्तु योजना के अंतर्गत छात्रों को दिए जाने वाले खाद्यान्न का पूर्ण लाभ छात्र को न प्राप्त होकर उसके परिवार के मध्य बट जाता था, इससे छात्र को वांछित पौष्टिक तत्व कम मात्रा में प्राप्त होते थे|

मा० सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 28 नवम्बर 2001 को दिए गए निर्देश के क्रम में प्रदेश में दिनांक 01 सितम्बर 2004 से पका पकाया भोजन प्राथमिक विद्यालयों में उपलब्ध कराये जाने की योजना आरम्भ कर दी गयी है| योजना की सफलता को दृष्टिगत रखते हुए अक्तूबर 2007 से इसे शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े ब्लाकों में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालयों तथा अप्रैल 2008 से शेष ब्लाकों एवं नगर क्षेत्र में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालयों तक विस्तारित कर दिया गया है| इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2007-08 में प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 1.83 करोड़ बच्चे तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 39 लाख बच्चे आच्छादित थे|

वर्तमान में इस योजना से प्रदेश के 1,14,220 प्राथमिक विद्यालयों एवं 54,166 उच्च प्राथमिक विद्यालय आच्छादित हैं| इन विद्यालयों में प्राथमिक स्तर पर अध्ययनरत 130.62 लाख विद्यार्थी एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर 56.09 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं|

योजना के क्रियान्वयन से निम्न उद्द्येश्यों की प्राप्ति हेतु मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण का गठन अक्तूबर 2006 में निम्न उद्द्येश्यों को ध्यान में रख कर किया गया है :-

👉 प्रदेश के राजकीय, परिषदीय तथा राज्य सरकार द्वारा सहायता प्राप्त अर्ह प्राथमिक विद्यालयों, ई०जी०एस० एवं अ०आइ०ई० केन्द्रों में अध्ययनरत बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करना|

👉 पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा कर बच्चों में शिक्षा ग्रहण करने की क्षमता को विकसित करना|

👉 विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाना|

👉 प्राथमिक कक्षाओं में विद्यालय में छात्रों के रुकने की प्रवृत्ति विकसित करना तथा ड्राप आउट रेट कम करना|

👉 बच्चों में भाई-चारे की भावना विकसित करना तथा विभिन्न जातियों एवं धर्मो के मध्य के अंतर को दूर करने हेतु उन्हें एक साथ बिठा कर भोजन कराना ताकि उनमे अच्छी समझ पैदा हो|

योजन्तार्गत पके पकाए भोजन की व्यवस्था:-

इस योजनान्तर्गत विद्यालयों में मध्यावकाश में छात्र-छात्राओं को स्वादिष्ट एवं रुचिकर भोजन प्रदान किया जाता है| योजनान्तर्गत प्रत्येक छात्र को सप्ताह में 4 दिन चावल के बने भोज्य पदार्थ तथा 2 दिन गेहूं से बने भोज्य पदार्थ दिए जाने की व्यवस्था की गयी है| इस योजनान्तर्गत भारत सरकार द्वारा प्राथमिक स्तर पर 100 ग्राम प्रति छात्र प्रति दिवस एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर 150 ग्राम प्रति छात्र प्रति दिवस की दर से खाद्यान्न (गेहूं/चावल) उपलब्ध कराया जाता है| खाद्यान्न से भोजन पकाने के लिए परिवर्तन लागत की व्यवस्था की गयी है| परिवर्तन लागत से सब्जी, तेल, मसाले एवं अन्य सामग्रियों की व्यवस्था की जाती है| भोजन को तैयार करने एवं अन्य सामग्रियों के व्यवस्था हेतु वर्तमान समय में प्राथमिक स्तर पर रु० 4.13 प्रति छात्र प्रति दिवस (जिसमे रु० 1.65 राज्यांश है) तथा उच्च प्राथमिक स्तर पर रु० 6.18 प्रति छात्र प्रति दिवस (जिसमे रु० 2.47 राज्यांश है), परिवर्तन लागत के रूप में उपलब्ध करा जाता है| प्राथमिक विद्यालयों में उपलब्ध कराये जा रहे भोजन में कम से कम 450 कैलोरी ऊर्जा व 12 ग्राम प्रोटीन एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम 700 कैलोरी ऊर्जा व 20 ग्राम प्रोटीन उपलब्ध होना चाहिए| परिवर्धित पोषक मानक के अनुसार मेनू में व्यापक परिवर्तन किया गया है, तथा इसका व्यापक प्रसार प्रचार किया गया है|

खाद्यान्न की व्यवस्था:-

मध्यान्ह भोजन योजना के क्रियान्वयन अर्थात भोजन निर्माण का कार्य मुख्यतः ग्राम पंचायतों/वार्ड सभासदों की देख रेख में किया जा रहा है| भोजन बनाने हेतु आवश्यक खाद्यान्न (गेहूं एवं चावल) जो फ़ूड कोर्पोरतिओं ऑफ़ इंडिया से निःशुल्क प्रदान किया जाता है, उसे सरकारी सस्ते गल्ले की दिकन के माध्यम से ग्राम प्रधान को उपलब्ध कराया जाता है जो अपने देखरेख में विद्यालय परिसर में बने किचन शेड में भोजन तैयार करते हैं| भोजन बनाने हेतु लगने वाली अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवथा करने का दायित्व भी ग्राम प्रधान का ही है| इस हेतु उसे परिवर्तन लागत भी उपलब्ध करायी जाती है| नगर क्षेत्रों में अधिकाँश स्थानो पर भोजन बनाने का कार्य स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है|

किचन कम स्टोर एवं किचन उपकरणों की व्यवस्था :-

योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा किचन शेड हेतु रु० 85,000 प्रति विद्यालय तथा किचन उपकरण हेतु रु० 5000 प्रति विद्यालय चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है| वर्त्तमान में 1,12,762 विद्यालयों में किचन शेड से निर्मित है तथा समस्त विद्यालयों द्वारा किचन उपकरण मद में प्राप्त धनराशी से किचन उपकरणों का क्रय किया जा चुका है |

भोजन हेतु मेनू की व्यवस्था:-

मध्यान्ह भोजन की विविधता हेतु सप्ताह के प्रत्येक कार्य दिवस हेतु भिन्न-२ प्रकार का भोजन (मेनू) दिए जाने की व्यवथा की गयी है, जिससे भोजन के सभी पोषक तत्व उपलब्ध हो तथा वह बच्चों की अभिरुचि के अनुसार भी हो| मेनू निर्धारित होने से पारदर्शिता आई है तथा जन-समुदाय मेनू के अनुपालन की स्थिति को ज्ञात करने में सक्षम हो सका है|

अनुश्रवन एवं पर्यवेक्षण की व्यवस्था:-

विद्यालयों में पके-पकाए भोजन की व्यवस्था की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु नगर क्षेत्र पर वार्ड समिति एवं ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत समिति का गठन किया गया है| मंडल स्तर पर योजना के अनुश्रवन एवं पर्यवेक्षण हेतु मंडलीय सहायक निदेशक (बसिक शिक्षा) को दायित्व सौंपा गया है| जनपद स्तर पर योजना के अनुश्रवन एवं पर्यवेक्षण हेतु जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है| विकास खंड स्तर पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में टास्क फ़ोर्स गठित की गयी है, जिसमे सहायक बसिक शिक्षा अधिकारी/प्रति उप विद्यालय निरीक्षक को सदस्य सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है|

विशिष्ट उपलब्धियां:-

👉 नवीन मेनू को विद्यालयों की दीवारों पर ६' X ८' साइज़ में पेंट कराया गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे एवं परोसा जा रहा भोजन मेनू के अनुरूप है की नहीं, यह सर्वविदित रह सके|

👉 परिवर्तन लगत के मद में प्राप्त धनावंटन को ग्राम निधि के पृथक बैंक खाते में रखे जाने की व्यवस्था का निरूपण, ताकि व्यय का सही लेखा जोखा रखा जा सके|

👉 पूर्व में खाद्यान्न वितरण हेतु यह व्यवस्था प्रचलित थी कि जिस माह में भोजन दिया जाना था, उसी माह में खाद्यान्न विद्यालयों तक पहुँचता था| इस व्यवस्था में इस बात की प्रबल सम्भावना रहती थी की माह के प्रारंभ के दिनों में खाद्यान्न विद्यालय तक न पहुँचने के कारण भोजन पकाया जाना संभव न हो सके| इस समस्या को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य विभाग, उ०प्र० के साथ समन्वय कर भोजन वितरण के माह से पूर्ववर्ती माह में ही खाद्यान्न को विद्यालय तक पहुंचाए जाने की व्यवस्था लागू की गयी |

👉 योजना के अनुश्रवन हेतु प्रभावी व्यवस्था के निरूपण के लिए शासनादेश संख्या १७२०/७९-६-२००७ दिनांक १५ जून २००७ द्वारा परिवर्तन लागत का दैनिक आय-व्यय लेखा विवरण प्रपत्र, दैनिक खाद्यान्न स्टॉक रजिस्टर प्रपत्र एवं ग्रामपंचायत स्तरीय मासिक सूचना प्रपत्र पर सूचना संकलन की व्यवस्था की गयी है| इसके अतिरिक्त निदेशक, मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण के स्तर से विद्यालय, ब्लाक एवं जनपद स्तर पर मिड डे मील रजिस्टर की व्यवस्था की गयी है ताकि खाद्यान्न एवं परिवर्तन लगत के व्यय का लेखा जोखा सही रूप से रखा जा सके|

👉 मध्यान्ह भोजन योजना के क्रियान्वयन के आधार पर विद्यालयों के श्रेणीकरण की व्यवस्था की गयी है| श्रेणीकरण के विभिन्न मानक भोजन की गुणवत्ता, उपलब्धता, भौतिक संसाधन की उपलब्धता, स्वच्छता, पंजीयन के सापेक्ष उपस्थिति एवं अभिलेखों का रख रखाव आदि है|

RECENT POSTS

BASIC SHIKSHA NEWS, PRIMARY KA MASTER : अभी तक की सभी खबरें/आदेश/निर्देश/सर्कुलर/पोस्ट्स एक साथ एक जगह, बेसिक शिक्षा न्यूज ● कॉम के साथ क्लिक कर पढ़ें ।

BASIC SHIKSHA NEWS, PRIMARY KA MASTER : अभी तक की सभी खबरें/ आदेश / निर्देश / सर्कुलर / पोस्ट्स एक साथ एक जगह , बेसिक शिक्षा न्यूज ●...