Sunday, July 31, 2016

BEO TRANSFER : 10 साल से ज्यादा एक ही ब्लॉक में जमे करीब 98 खंड शिक्षा अधिकारी के किये गये तबादले, तारीख के बाद कार्यभार न ग्रहण करने पर इसे शासन के आदेश की अवहेलना माना जाएगा और उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

BEO TRANSFER : 10 साल से ज्यादा एक ही ब्लॉक में जमे करीब 98 खंड शिक्षा अधिकारी के किये गये तबादले, तारीख के बाद कार्यभार न ग्रहण करने पर इसे शासन के आदेश की अवहेलना माना जाएगा और उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ : 10 साल से ज्यादा एक ही ब्लॉक में जमे करीब 98 खंड शिक्षा अधिकारी(बीईओ) के तबादले किए गए थे। इन्हें 26 जुलाई तक नई जगह जॉइन करना था। मगर ज्यादातर ने नई जॉइनिंग नहीं ली। इस पर बेसिक शिक्षा निदेशालय ने सभी बीईओ को नोटिस जारी करके पांच अगस्त तक जवाब मांगा है। यह भी कहा कि जिसने नई तैनाती नहीं ली, उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने कार्यभार ग्रहण करते ही कहा था कि कई साल से जमे बीईओ ही भ्रष्टाचार की जड़ हैं। वर्षों से एक ही जगह जमे ऐसे बीईओ को हटाया जाएगा। उसके बाद प्रदेश सरकार ने नई तबादला नीति के तहत ऐसे बीईओ के तबादले के आदेश जारी किए, जो 10 साल से एक ही ब्लॉक में जमे थे। मगर ज्यादातर बीईओ ने नई तैनाती वाले ब्लॉक में कार्यभार नहीं लिया। प्रदेश में कुल 1031 खंड शिक्षा अधिकारियों के पद हैं, जिनमें से 850 भरे हैं। इनमें से करीब 98 अधिकारी 10 साल से ज्यादा एक ही ब्लॉक में जमे हैं। उन सभी के तबादला आदेश जारी कर दिए गए थे। उन्हें 26 जुलाई तक नए ब्लॉक में कार्यभार संभालना था। मगर 98 में 50 से ज्यादा ने अब तक कार्यभार नहीं संभाला है। अब बेसिक शिक्षा निदेशालय ने उन्हें नोटिस जारी करके पांच अगस्त तक जवाब मांगा है। कहा गया है कि इस तारीख के बाद कार्यभार न ग्रहण करने पर इसे शासन के आदेश की अवहेलना माना जाएगा और उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। अपर शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय ने इस बारे में सभी बीएसए को निर्देश जारी कर दिए हैं।

SCHOOL : केंद्रीय विद्यालयों में शाम को भी चलेंगी कक्षाएं, योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से

SCHOOL : केंद्रीय विद्यालयों में शाम को भी चलेंगी कक्षाएं, योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से

जागरण संवाददाता, वाराणसी : केंद्रीय विद्यालयों में अब शाम को भी कक्षाएं चलेंगी। इस बाबत मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. महेंद्रनाथ पांडेय ने शनिवार को वाराणसी परिक्षेत्र के 32 स्कूलों के प्रधानाचार्यो संग सर्किट हाउस में बैठक की। शाम को कक्षाएं चलने से कितने छात्रों को होगा लाभ, क्या उठानी होगी परेशानी आदि पर उन्होंने विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है, ताकि इस संभावना को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से की जाएगी। पांडेय ने कहा कि केंद्रीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने का निर्देश दिया गया है।

प्रधानाचार्यो से कहा गया है कि ऐसी शिक्षा दें जिससे छात्रों में देशप्रेम की भावना जागृत हो। नैतिक शिक्षा का विकास हो, उनमें संस्कार पनपें। तकनीकी शिक्षा पर विशेष जोर हो क्योंकि कौशल विकास होगा तभी वे राष्ट्र निर्माण में सहयोग देंगे। प्रधानाचार्यो की बैठक के बाद राज्यमंत्री ने जल निगम व पावर ग्रिड के अधिकारियों संग भी चर्चा की।

SCHOOL : कई जिलों में विद्यालय शिक्षक विहीन, सर्व शिक्षा अभियान को भेजे डाटा में खुली पोल, विद्यालय निरीक्षण के निर्देश

SCHOOL : कई जिलों में विद्यालय शिक्षक विहीन, सर्व शिक्षा अभियान को भेजे डाटा में खुली पोल, विद्यालय निरीक्षण के निर्देश

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश में एकल शिक्षक वाले विद्यालयों की ही भरमार नहीं है, बल्कि ऐसे भी बड़ी संख्या में विद्यालय हैं जहां शिक्षक ही नहीं है। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की पोल किसी और ने नहीं खुद बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने ही खोली है। उनकी ओर से सर्व शिक्षा अभियान परियोजना कार्यालय को भेजी रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। परियोजना निदेशक ने बीएसए को शिक्षक विहीन दर्शाए गए स्कूलों का निरीक्षण करके रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पिछले दो वर्षो में शिक्षकों की खूब भर्ती हुई है। एक अनुमान के मुताबिक करीब तीन लाख नए शिक्षकों को तैनाती दी गई है।

इसके बाद भी सूबे में एकल शिक्षक एवं शिक्षक विहीन विद्यालयों का मिलना किसी चमत्कार से भी बढ़कर है। साथ ही यह प्रकरण उजागर करता है कि आखिर किस तरह बेसिक शिक्षा अधिकारियों की कृपा पाकर शिक्षक मनचाहे स्कूलों में तैनाती पा रहे हैं जिससे कुछ विद्यालय तैनाती के मामले में हाशिए पर हैं। खास बात यह है कि शिक्षा निदेशक बेसिक दिनेश बाबू शर्मा ने शुक्रवार को ही एकल विद्यालयों पर चिंता जताते हुए समायोजन के निर्देश दिए हैं। वहीं सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक जीएस प्रियदर्शी ने भी एक रिपोर्ट का हवाला देकर विभाग की कलई खोल दी है। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारियों से पूछा है कि उन्होंने जो प्रपत्र भेजे हैं उसमें स्कूलों को शिक्षक विहीन दिखाया गया है। ऐसे स्कूलों का खंड शिक्षा अधिकारी से निरीक्षण कराकर रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही समस्त शिक्षकों की संख्या की ब्लाकवार समीक्षा भी की जाए।

इन जिलों से मांगी गई रिपोर्ट

आगरा, अंबेडकर नगर, अमेठी, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बलरामपुर, बरेली, बांदा, चंदौली, एटा, फैजाबाद, गाजीपुर, गोंडा, हरदोई, हमीरपुर, जौनपुर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर, संत कबीरनगर, संभल, शाहजहांपुर, शामली, श्रवस्ती, सिद्धार्थ नगर, सीतापुर, वाराणसी, उन्नाव आदि।

CHILDREN : अब दिव्यांग बच्चों को स्कूल पहुंचाने पर मिलेगा किराया, माता पिता को भी मिलेगी धनराशि, दस माह में मिलेंगे 2500 रुपये, 70 फीसद उपस्थिति होनी अनिवार्य, बच्चे के खाते में आएंगे रुपये

CHILDREN : अब दिव्यांग बच्चों को स्कूल पहुंचाने पर मिलेगा किराया, माता पिता को भी मिलेगी धनराशि, दस माह में मिलेंगे 2500 रुपये, 70 फीसद उपस्थिति होनी अनिवार्य, बच्चे के खाते में आएंगे रुपये

सम्भल : जो दिव्यांग बच्चा स्कूल में पढ़ने के लिए जाएगा। उसे स्कूल पहुंचाने वाले को दी जानी वाली धनराशि बच्चे के खाते में ही आएगी। इसके लिए स्कूल के शिक्षकों ने बच्चों के खाते में बैंक में खुलवाने शुरू कर दिए है। यह धन राशि सत्र पूरा होते ही खाते में आ जाएगी।

सचिन चौधरी, सम्भल : सरकार सभी को शिक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। ऐसे में शासन ने दिव्यांग बच्चों को भी शिक्षित बनाने के लिए उन्हें स्कूल पहुंचाने वाले लोगों को किराया देने का प्रबंध किया है। इसके लिए दिव्यांग बच्चे की उपस्थिति 70 फीसद हो। ऐसे में शासन फिर चाहे वह माता पिता क्यों न हो उसे भी दस माह के 2500 रुपये देने का निर्णय लिया है।

यहां बता दें कि सरकार का बच्चों को शत प्रतिशत शिक्षित बनाना है। ऐसे में शिक्षा विभाग स्कूल चलो अभियान के अलावा अनेक कार्यक्रम चलाता रहता है। कुछ हद तक बच्चों को स्कूल पहुंचाने में विभाग कामयाब रहा, लेकिन जो बच्चे दिव्यांग हैं और किसी के सहारे ही चल सकते हैं। ऐसे बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। शासन ने ऐसे बच्चों को स्कूल पहुंचाने की तैयारी कर ली है। ऐसे में शासन ने दिव्यांग बच्चों को स्कूल पहुंचाने वाले लोगों के लिए किराया देने का प्रबंध किया है। शासन के निर्देशानुसार जिस बच्चे की उपस्थिति 70 फीसद होगी। उस दिव्यांग बच्चों को स्कूल पहुंचाने वाले लोगों को दस माह में 2500 रुपये दिए जाएंगे। चाहे वह उस बच्चे के माता ही क्यों न हो। निर्देश मिलते ही शिक्षकों ने ऐसे बच्चों की तलाश शुरू कर लोगों से पहुंचाने की अपील करनी शुरू कर दी।

जो दिव्यांग बच्चों को स्कूल पहुंचाएगा। उसे शासन की तरफ से दस माह में 2500 रुपये प्राप्त होंगे। इसके लिए बच्चे की उपस्थिति 70 फीसद होगी। उसे ही यह धन राशि प्राप्त होगी।
-सत्यनारायण बीएसए

TEACHERS : जूनियर टीईटी पास भी अब बन सकेंगे जीआईसी शिक्षक

TEACHERS : जूनियर टीईटी पास भी अब बन सकेंगे जीआईसी शिक्षक

अब राजकीय माध्यमिक एवं राजकीय इंटर कॉलेजों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती में बीएड के साथ जूनियर टीईटी पास अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाएगी। शासन स्तर पर इस संबंध में विचार किया जा रहा है कि मेरिट से एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हो जाने से शिक्षकों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। वर्ष 2011 में जूनियर टीईटी पास करने वालों के लिए सरकार ने उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 29,334 विज्ञान-गणित शिक्षकों की भर्ती के अलावा कोई पद घोषित नहीं किए हैं। शासन की इस नई पहल से जूनियर टीईटी पास अभ्यर्थियों को नौकरी का मौका मिल सकेगा। सरकार के इस निर्णय के बाद मेरिट से होने वाली एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े पर लगाम लग सकती है।

माध्यमिक शिक्षा मंत्री बलराम यादव को शिक्षाधिकारियों ने बैठक के दौरान सलाह दी कि एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती में मेरिट के फेर में बड़ा फर्जीवाड़ा हो रहा है। इसलिए एलटी ग्रेड की भर्ती में बीएड के साथ जूनियर टीईटी पास अभ्यर्थियों को भी प्राथमिकता दी जाए। इससे जूनियर टीईटी पास अभ्यर्थियों को नौकरी में मौका मिलेगा और फर्जीवाड़े पर अंकुश भी लगाया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना था कि जूनियर टीईटी पास करने वाले अभ्यर्थियाें का प्रमाणपत्र चेक करने के बाद ही उन्हें टीईटी का प्रमाणपत्र जारी किया जाता है, ऐसे में फर्जीवाड़े पर रोक लग सकेगी।

राजकीय इंटर कॉलेज एवं राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा छह से दसवीं तक पढ़ाने के लिए एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती होती है, इसके लिए शैक्षिक अर्हता स्नातक और बीएड तय है। एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती शैक्षिक मेरिट के आधार पर होती है। प्रदेश के राजकीय कॉलेजों में 6145 पदों पर एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया तीन वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो सकी। इस भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर अभ्यर्थियों ने नौकरी हासिल कर ली थी, प्रमाणपत्रों की जांच में फर्जीवाड़ा खुल जाने के बाद अभ्यर्थियों ने ज्वाइन ही नहीं किया।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक में शामिल होने गए इलाहाबाद मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती में बीएड के साथ जूनियर टीईटी पास को वरीयता देने की पहल का शिक्षामंत्री ने स्वागत किया। उन्होंने इसको शीघ्र लागू करने का आश्वासन दिया है। जूनियर भाषा टीईटी पास करने वाले अभ्यर्थियों को इस भर्ती में मौका मिल सकेगा। ऐसे में एनसीटीई की ओर से कक्षा छह से आठवीं तक पढ़ाने के लिए टीईटी पास करने का मानक भी पूरा हो सकेगा।

BTC COUNSELING : अगस्त को पहले सप्ताह में बीटीसी 2015 में प्रवेश, प्रदेश के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में होगी काउन्सलिंग

BTC COUNSELING : अगस्त को पहले सप्ताह में बीटीसी 2015 में प्रवेश, प्रदेश के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में होगी काउन्सलिंग

FAKE : हेराफेरी का खुलासा, नौकरी के लिए टीईटी के नंबर बढ़ा दिए, पकड़े गए, कई जिलों में धांधली

FAKE : हेराफेरी का खुलासा, नौकरी के लिए टीईटी के नंबर बढ़ा दिए, पकड़े गए, कई जिलों में धांधली

प्रसं, लखनऊ: सीतापुर के परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में उर्दू शिक्षक के पद पर नौकरी के लिए एक आवेदक ने अधिकारियों से मिलकर अपने टीईटी के नंबरों में हेराफेरी करवाई। इससे उसका नाम मेरिट लिस्ट में काफी ऊपर आ गया। हालांकि इसका असर जब दूसरे आवेदक की मेरिट पर पड़ा तो उसने आरटीआई लगा दी। इसमें सामने आया कि भर्ती के लिए तैयार मेरिट सूची में हेराफेरी हुई है।

हेराफेरी का खुलासा

अलीमुद्दीन ने आवेदन पत्र के साथ अपनी शैक्षिक योग्यता का जो ब्योरा दिया उसके मुताबिक जामिया उर्दू अलीगढ़ से उन्होंने मोअल्लि-ए-उर्दू का प्रशिक्षण लिया, जिसमें उन्हें शैक्षिक परीक्षा में 400 में 168 नंबर और प्रयोगिक परीक्षा में 200 में 105 नंबर मिले थे। जबकि सहायक अध्यापक की काउंसलिंग के बाद जारी अंतिम चयन सूची में उनके शैक्षिक परीक्षा में 400 में 248 नंबर और प्रयोगिक परीक्षा में 200 में 125 नंबर दिखाए गए थे। खुलासे के बाद अब महबूब अली न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है।

कई जिलों में धांधली

सहायक अध्यापकों (उर्दू) की भर्ती में धांधली का लगातार खुलासा हो रहा है। इससे पहले लखीमपुर खीरी में भर्ती के बाद दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान दस आवेदकों की डिग्रियां फर्जी पाई गई थीं, जिसकी जांच चल रही है। वहीं, बलरामपुर में हुईं नब्बे सहायक अध्यापकों की भर्ती में पांच आवेदकों के टीईटी के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे।

खैराबाद के महबूब अली ने सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए आवेदन किया था। मैरिट लिस्ट में रैंक कम होने की वजह से उन्हें नौकरी नहीं मिली। मेरिट लिस्ट में उनसे कम नंबर वाले बिसवां के अलीमुद्दीन का नाम उनसे काफी ऊपर था। इस पर उन्होंने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, खैराबाद से आरटीआई के जरिए अलीमुद्दीन के आवेदन पत्र और मेरिट लिस्ट की फोटो कॉपी मांगी।

Saturday, July 30, 2016

RESULT : उत्तर प्रदेश अध्यापक पात्रता परीक्षा (UPTET) प्राथमिक/उच्च प्राथमिक स्तर का परिणाम यहां क्लिक कर देखें ।

RESULT : उत्तर प्रदेश अध्यापक पात्रता परीक्षा (UPTET) प्राथमिक/उच्च प्राथमिक स्तर का परिणाम यहां क्लिक कर देखें ।

HOUSE HOLD SURVEY : प्रदेश में स्कूलों से दूर (आउट आफ स्कूल) बच्चों का हाउस होल्ड सर्वे पहली से 20 अगस्त के बीच, सम्बन्धित आदेश जारी क्लिक कर देखें ।

HOUSE HOLD SURVEY : प्रदेश में स्कूलों से दूर (आउट आफ स्कूल) बच्चों का हाउस होल्ड सर्वे पहली से 20 अगस्त के बीच, सम्बन्धित आदेश जारी क्लिक कर देखें ।

लखनऊ (एसएनबी)। प्रदेश में स्कूलों से दूर (आउट आफ स्कूल) बच्चों का हाउस होल्ड सव्रे इस बार पहली से 20 अगस्त के बीच होगा। राज्य परियोजना कार्यालय ने इसके लिए सभी मण्डलीय सहायक निदेशकों को पत्र जारी किया है और इसके बाद सभी एडी बेसिक ने अपने मण्डल के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पहली से ही हाउस होल्ड सर्वे कराने का आदेश जारी कर दिया है।

📌 यहां क्लिक कर HOUSE HOLD SURVEY : शैक्षिक सत्र 2016-17 में 1 अगस्त से 20 अगस्त 2016 की अवधि में हाउस होल्ड सर्वे कराये जाने के सम्बन्ध में आदेश निर्देश जारी ।

हाउस होल्ड सव्रे में इस बार बाल श्रम के रूप में काम करने वाले बच्चों का भी सर्वे होगा, जो 0-14 वर्ष के बीच के होंगे। उन्हें कामकाजी बच्चों की श्रेणी में रखा जाएगा और इसके लिए जिलों में उपश्रमायुक्त कार्यालय से समन्वय करने को भी कहा गया है, ताकि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रह जाए।

MODEL SCHOOL : बनेंगे 15 मॉडल प्राथमिक स्कूल वर्ष 2016-17 को प्रदेश को दी अखिलेश जी ने सौगात, राज्य सरकार दे रही है बच्चों के समुचित शिक्षा, आरटीई से गरीब बच्चों के हो रहा है लाभ

MODEL SCHOOL : बनेंगे 15 मॉडल प्राथमिक स्कूल वर्ष 2016-17 को प्रदेश को दी अखिलेश जी ने सौगात, राज्य सरकार दे रही है बच्चों के समुचित शिक्षा, आरटीई से गरीब बच्चों के हो रहा है लाभ

विशिष्ट बीटीसी 2004-05 की जीपीएफ कटौती हेतु मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक लखनऊ द्वारा समस्त जिला बेसिक शिक्षाधिकारी से पत्रचार कर नियम संगत अनुपालन करने के सम्बन्ध में ।

विशिष्ट बीटीसी 2004-05 की जीपीएफ कटौती हेतु मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक लखनऊ द्वारा समस्त जिला बेसिक शिक्षाधिकारी से पत्रचार कर नियम संगत अनुपालन करने के सम्बन्ध में ।

RESPECT, BSA : मा0 सांसदों एवं विधान मण्डल के सदस्यों के प्रति शिष्टाचार/प्रोटोकॉल एवं सौजन्य प्रदर्शन के सम्बन्ध में सभी बीएसए को आदेश जारी

RESPECT, BSA : मा0 सांसदों एवं विधान मण्डल के सदस्यों के प्रति शिष्टाचार/प्रोटोकॉल एवं सौजन्य प्रदर्शन के सम्बन्ध में सभी बीएसए को आदेश जारी

COOK MANDEYA : तीन गुना तक बढ़ सकता है रसोइया मानदेय, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय लेगा जल्द फैसला

COOK MANDEYA : तीन गुना तक बढ़ सकता है रसोइया मानदेय, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय लेगा जल्द फैसला

नई दिल्ली : सरकारी स्कूलों में छोटे बच्चों को भोजन परोसने वाले रसोइये खुद भूखे हैं। सरकार ने उनकी सुध लेने का फैसला किया है, ताकि वे भूखे पेट न रहें। उनका मानदेय हजार रुपये से बढ़कर तीन हजार रुपये किया जा सकता है।

इन रसोइयों का दुख दर्द संसद में लगातार उठाने वाले केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडेय को ही अब फैसला लेना है। करीब पांच लाख रसोइये देश के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए दोपहर का भोजन पकाते हैं। मिल रहे मेहनताने से परिवार तो दूर अकेले का भी पेट भरना संभव नहीं है। इस काम के लिए उन्हें प्रतिमाह केवल एक हजार रुपये मिलता है। प्रतिदिन की आय केवल 27 रुपये 39 पैसे बैठती है।

7th PAY COMMISSION : एकमुश्त बकाए के साथ मिलेगा अगस्त का वेतन, अबकी वेतन में पहली जनवरी से जुलाई तक का बकाया भी शामिल

7th PAY COMMISSION : एकमुश्त बकाए के साथ मिलेगा अगस्त का वेतन, अबकी वेतन में पहली जनवरी से जुलाई तक का बकाया भी शामिल

नई दिल्ली । देश भर में 47 लाख केंद्रीय कर्मी और 53 लाख पेंशनरों की दिवाली दो महीने पहले ही हो जाएगी। सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक अगस्त की तनख्वाह बढ़े हुए वेतनमान के साथ देने का एलान किया है। इसमें पहली जनवरी से जुलाई तक का बकाया भी शामिल होगा।

केंद्र सरकार के तमाम मंत्रलयों को भेजे एक ज्ञापन में वित्त मंत्रलय ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर अमल का खाका पेश किया है। इसी के साथ यह साफ हो गया है कि केंद्र सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पेंशनरों को 31 अगस्त को मोटी रकम मिलेगी जबकि दिवाली 30 अक्टूबर को है। गौरतलब है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के हिसाब से न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये और अधिकतम 2.50 लाख रुपये तय किया गया है। वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी 14.5 फीसद से लेकर 23 फीसद के बीच है। वित्त मंत्रलय ने भी स्पष्ट कर दिया है कि बकाये का भुगतान इनकम टैक्स काटने के बाद किया जाएगा। साथ ही जनरल प्रॉविडेंट फंड और न्यू पेंशन स्कीम में भी किस्त डाली जाएगी।

वित्त मंत्रलय के मुताबिक, वेतन में फेरबदल पहली जनवरी से प्रभावी होगा। हालांकि 1 जनवरी से लागू संशोधित वेतनमान में महंगाई भत्ते की दर शून्य होगी। मंत्रलय ने कहा है कि संशोधित वेतनमान के लिए महंगाई भत्ते की पहली किस्त की दर और लागू होने की तारीख का एलान बाद में होगा।

महंगाई भत्ते के छोड़ बाकी भत्ताें में फेरबदल के लिए अधिसूचना बाद में जारी होगी। अधिसूचना जारी होने तक महंगाई भत्ते को छोड़े बाकी भत्ते पुरानी दर और पुराने वेतनमान के हिसाब से मिलेंगे। एलटीसी, ट्रैवलिंग अलाउंस और इलाज के लिए एडवांस की पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।

7th PAY COMMISSION: ढाई गुना नहीं, सिर्फ 14 फीसदी बढ़ा वेतन, आकड़ों की आड़ में भ्रामक प्रचार से कर्मचारी नाराज, सरकार को जी सलाह, स्पष्ट की जाए स्थिति

7th PAY COMMISSION: ढाई गुना नहीं, सिर्फ 14 फीसदी बढ़ा वेतन, आकड़ों की आड़ में भ्रामक प्रचार से कर्मचारी नाराज, सरकार को जी सलाह, स्पष्ट की जाए स्थिति

ढाई गुना नहीं, सिर्फ 14 फीसदी बढ़ा वेतन
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद


कर्मचारियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि सरकार सातवें वेतन आयोग के तहत वेतनवृद्धि को लेकर भ्रामक प्रचार कर रही है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन में ढाई गुना नहीं, बल्कि महज 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जो छठे वेतन आयोग में हुई वेतनवृद्धि से भी बहुत कम है। कर्मचारियों ने इसे आंकड़ों के साथ साबित किया है और सरकार से मांग की है कि सातवें वेतन आयोग को लेकर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट की जाए।
सबसे कम वेतन पाने वाले मल्टी टास्किंग स्टाफ की ही बात करें तो सातवें वेतन आयोग के तहत महज 14.28 फीसदी की वेतन वृद्धि हुई है जबकि सरकार दावा कर रही है कि वेतन ढाई गुना बढ़ा है। दरअसल, सरकार आंकड़ों का गलत इस्तेमाल कर रही है। एमटीएस कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के तहत सात हजार हजार रुपये न्यूनतम मूल वेतन मिल रहा है। अब उनका कुल न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये हो गया है। सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया कि सात हजार रुपये मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी को 1800 रुपये ग्रेड पे और 125 फीसदी महंगाई भत्ते समेत कुल 15750 रुपये मिल रहा है। ऐसे में न्यूनतम वेतन कुल 18 हजार रुपये किए जाने पर वेतन वृद्धि 2250 रुपये की हो रही है, जो वर्तमान वेतन का 14.28 फीसदी है।
इसी तरह कोई सीनियर ऑडिट अफसर 29 जुलाई को रिटायर हुआ तो मूल वेतन, ग्रेड पे और 125 फीसदी महंगाई भत्ता समेत उसे 74160 रुपये वेतन मिल रहा था। वहीं, सातवें वेतन आयोग के तहत निर्धारित फार्मूले से इसी पद पर कुल वेतन 85 हजार 221 रुपये हो रहा है। यानी 10611 रुपये की वेतनवृद्धि हो रही है, जो वर्तमान में मिल रहे वेतन 74160 रुपये का महज 14.22 फीसदी है। आल इंडिया ऑडिट एंड एकाउंट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष चंद्र पांडेय का कहना है कि सरकार वेतन वृद्धि को लेकर भ्रामक प्रचार न करे और स्थिति स्पष्ट करे। सीओसी के जिलाध्यक्ष टीपी मिश्र, कर्मचारी नेता प्रमोद मिश्र, प्रखर श्रीवास्तव, विजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि कर्मचारी अपने हक के लिए आंदोलन करेंगे।

ALLAHABAD HIGHCOURT : सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति पर करें विचार, हाईकोर्ट का कुशीनगर के बीएसए को निर्देश, कट ऑफ मेरिट से नीचे वालों को मिल सकता है मौका

ALLAHABAD HIGHCOURT : सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति पर करें विचार, हाईकोर्ट का कुशीनगर के बीएसए को निर्देश, कट ऑफ मेरिट से नीचे वालों को मिल सकता है मौका

विसं, इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 15000 सहायक अध्यापकों की भर्ती में ज्वाइन न करने के कारण खाली पदों पर कट ऑफ मेरिट से नीचे के अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर विचार करने का निर्देश दिया है। याची का कहना है कि कुशीनगर में आठ चयनित अभ्यर्थियों ने उर्दू टीचर पद पर ज्वाइन करने के कारण सामान्य सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति से इन्कार कर दिया है। इन खाली पदों पर मेरिट में नीचे होने के कारण याचियों की नियुक्ति पर विचार किया जाए।

यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र ने मनोज कुमार सिंह व तीन अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। कोर्ट ने बीएसए को इस मामले में तीन माह में निर्णय लेने का आदेश दिया है। याची के अधिवक्ता राघवेन्द्र सरन तिवारी का कहना है कि कुशीनगर के सहायक अध्यापक पद पर चयनित आठ अभ्यर्थियों ने बीएसए को पत्र लिखकर ज्वाइन करने से इन्कार किया है। इसके बावजूद चयन व नियुक्ति सूची में उन्हीं का नाम दिखाया जा रहा है। इसी प्रकार कई लोगों के पद खाली रह गए हैं। ऐसे में कट ऑफ मेरिट में नीचे के अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर विचार किया जाए।

SCHOOL : अब प्रदेश में न रहेगा एकल शिक्षक विद्यालय, बड़ी संख्या में तैनाती के बावजूद कई एकल शिक्षक विद्यालय संचालित, सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों से 10 अगस्त तक मांगा गया प्रस्ताव

SCHOOL : अब प्रदेश में न रहेगा एकल शिक्षक विद्यालय, बड़ी संख्या में तैनाती के बावजूद कई एकल शिक्षक विद्यालय संचालित, सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों से 10 अगस्त तक मांगा गया प्रस्ताव

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश में लाखों शिक्षकों की तैनाती के बाद भी ऐसे स्कूलों की भरमार है, जो एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। ऐसे विद्यालयों को चिन्हित करके वहां शिक्षकों का समायोजन करने की तैयारी है। इसके लिए सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों से एकल शिक्षक स्कूलों के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही उन विद्यालयों की भी सूची तलब भी गई है, जहां आठ या उससे अधिक शिक्षक तैनात हैं। माना जा रहा है कि बेसिक शिक्षा अधिकारियों पर शासन नकेल कसने की तैयारी में है।

🔴 क्लिक कर सम्बन्धित आदेश देखें - SCHOOL TEACHERS : एकल अध्यापक विद्यालयों में अध्यापकों की व्यवस्था और ऐसे विद्यालय जहां 08 अध्यापकों से अधिक कार्यरत हैं को चिन्हित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी ।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में इधर दो वर्षो में लगभग तीन लाख नए शिक्षकों की तैनाती हुई है। इतनी संख्या में शिक्षकों के आने के बाद भी एकल शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या में भी कमी नहीं आई है, बल्कि प्रदेश भर में करीब आठ हजार विद्यालय एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। इस पर शासन ने कड़ी आपत्ति जताई है खास बात यह है कि सूबे में ऐसे भी स्कूलों की कमी नहीं है जहां आवश्यकता से अधिक शिक्षक तैनात हैं। एकल शिक्षक वाले स्कूलों में नई तैनाती समायोजन के जरिए करने की तैयारी है। शिक्षा निदेशक बेसिक डीबी शर्मा ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों से उन प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की रिपोर्ट मांगी है, जहां आठ से अधिक अध्यापक तैनात हैं। वहीं दूसरी सूचना उन स्कूलों की देनी है, जहां एक ही शिक्षक नियुक्त है।

शिक्षा निदेशक ने बीएसए को यह निर्देश दिया है कि एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में शिक्षकों का स्थानांतरण एवं समायोजन प्रस्ताव दस अगस्त तक बेसिक शिक्षा परिषद सचिव के कार्यालय भेजें। माना जा रहा है कि इसके बाद जिलों के अंदर तबादले के लिए नए निर्देश जारी होंगे। असल में शासन ने बीएसए की मनमानी कार्यशैली पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया है। साथ ही वह शिक्षक भी इस कार्रवाई की जद में आएंगे जो पैसे एवं पहुंच के दम पर मनचाहे स्कूलों में तैनाती लिए हैं भले ही वहां पहले से छात्रों के अनुपात में शिक्षक अधिक तैनात रहे हों। यह स्थानांतरण समायोजन अगस्त माह में ही पूरा कर लिए जाने की तैयारी है। परिषद सचिव भी इस संबंध में निर्देश जारी करने की तैयारी में हैं।

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