Thursday, June 30, 2016

मन की बात : बढ़े वेतन की सौगात पर चर्चा करें तो आखिर जब कर्मचारियों के मूल वेतन में 2.5 गुना वृद्धि हो रही है, न्यूनतम वेतन 7 हजार रुपये से बढ़कर 18 हजार होने जा रहा है और अधिकतम वेतन 90 हजार रुपये से बढ़कर 2.56 लाख रुपये हो जाएगा तब फिर नाराजगी जताने का क्या मतलब? विडंबना यह है कि...............

मन की बात : बढ़े वेतन की सौगात पर चर्चा करें तो आखिर जब कर्मचारियों के मूल वेतन में 2.5 गुना वृद्धि हो रही है, न्यूनतम वेतन 7 हजार रुपये से बढ़कर 18 हजार होने जा रहा है और अधिकतम वेतन 90 हजार रुपये से बढ़कर 2.56 लाख रुपये हो जाएगा तब फिर नाराजगी जताने का क्या मतलब? विडंबना यह है कि...............

आखिरकार सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों की मंजूरी का जो इंतजार हो रहा था वह पूरा हुआ। इससे करीब 47 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 53 लाख पेंशनधारकों को खुश होना चाहिए, लेकिन यह अजीब है कि कर्मचारियों के कुछ संगठन न केवल नाराजगी प्रकट कर रहे हैं, बल्कि हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दे रहे हैं। इस रवैये से आम लोगों के लिए यह समझना मुश्किल होगा कि आखिर जब केंद्रीय कर्मचारियों के मूल वेतन में 2.5 गुना वृद्धि हो रही है, न्यूनतम वेतन सात हजार रुपये से बढ़कर 18 हजार होने जा रहा है और अधिकतम वेतन 90000 रुपये से बढ़कर 2.56 लाख रुपये हो जाएगा तब फिर नाराजगी जताने का क्या मतलब? विडंबना यह है कि ऐसा हमेशा होता है। ऐसा लगता है कि कुछ काम परिपाटी सी बन गए हैं।

यह संभव है कि वेतन आयोग की सिफारिशों से संबंधित कुछ प्रावधान ऐसे हों जिन पर कर्मचारियों के विरोध का कोई औचित्य बनता हो, लेकिन जब एक समिति को शिकायत सुनने और विसंगतियों की छानबीन करने का जिम्मा सौंप दिया गया है तब फिर हड़ताल के रास्ते पर जाने का क्या मतलब? बेहतर हो कि नाराज कर्मचारी संगठन सरकार से बातचीत के जरिये समस्या सुलझाने की राह पकड़ें। यह ठीक नहीं कि जब आम लोगों को यह संदेश जा रहा हो कि केंद्रीय कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन का तोहफा मिला तब वे धरना-प्रदर्शन की बातें करें। यह उम्मीद की जानी चाहिए कि सरकार को केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन-भत्तों संबंधी मसलों को सही तरह से सुलझाने में मदद मिलेगी और यह काम जल्द ही हो जाएगा।

हालांकि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से सरकारी खजाने पर करीब 1.02 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा, लेकिन इसका एक पहलू यह भी है कि केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन बढऩे से अर्थव्यवस्था में करीब एक लाख करोड़ रुपये आने का अनुमान है। यह एक बड़ी राशि है। इससे उपभोक्ता मांग बढ़ेगी और उसका लाभ जीडीपी वृद्धि में दिखना चाहिए। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन धारकों के रूप में एक करोड़ लोगों की क्रय क्षमता में वृद्धि होने के सकारात्मक नतीजे अर्थव्यवस्था को हासिल होंगे, इसके संकेत गत दिवस रियल एस्टेट, ऑटो और सीमेंट कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने से भी मिले। यह भी एक शुभ संकेत है कि ज्यादातर विशेषज्ञ यह मान रहे हैं कि वेतन वृद्धि के नतीजे में महंगाई बढऩे के वैसे कोई आसार नहीं हैं जैसे अतीत में दिखते रहे। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बने वेतन आयोग की सिफारिशों की मंजूरी के बाद यह लगभग तय है कि राज्यों के कर्मचारी भी ऐसी ही मांग करेंगे। राज्य सरकारों को देर-सबेर उनकी मांग को पूरा करना ही होगा। समय के साथ वेतन वृद्धि एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन प्रशासनिक सुधार भी समय की मांग हैं।

आम तौर पर वेतन आयोग प्रशासनिक सुधार की आवश्यकता रेखांकित करते हैं, लेकिन उनकी पूर्ति मुश्किल से ही होती है। इन स्थितियों में यह जरूरी है कि प्रशासनिक तंत्र में सुधार के लिए ठोस उपाय किए जाएं। यह समझना कठिन है जब हर तरह के सुधारों पर चर्चा हो रही है तब फिर प्रशासनिक सुधार केंद्र और साथ ही राज्य सरकारों के एजेंडे पर क्यों नहीं आ पा रहे हैं? जिस तरह एक निश्चित अंतराल पर वेतन आयोग आवश्यक हैं उसी तरह प्रशासनिक सुधार आयोग भी।
[ मुख्य संपादकीय ]

उत्तर प्रदेश शासन ने डायट के 8 वरिष्ठता प्रवक्ता अंकित पद/स्थान से स्थानांतरित करते हुए अंकित पद/स्थान पर स्थानांतरित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी ।

उत्तर प्रदेश शासन ने डायट के 8 वरिष्ठता प्रवक्ता अंकित पद/स्थान से स्थानांतरित करते हुए अंकित पद/स्थान पर स्थानांतरित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी ।

शिक्षा विभाग में भारी फेरबदल 41 से अधिक जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS)/संयुक्त शिक्षा निदेशक(JD) स्तर के अधिकारीयों का हुआ स्थानांतरण ।

शिक्षा विभाग में भारी फेरबदल 41 से अधिक जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS)/संयुक्त शिक्षा निदेशक(JD) स्तर के अधिकारीयों का हुआ स्थानांतरण ।

लखनऊ-शिक्षा विभाग में शिक्षाधिकारियों के बंपर तबादले-
अहिबरन सिंह -प्रभारी जेडी सहारनपुर,
महेंद्रप्रताप सिंह -उप प्राचार्य डायट उन्नाव,
विजयशंकर मिश्र - उपप्राचार्य डायट सारनाथ,
मनमोहन शर्मा - वरिष्ठप्रवक्ता डायट बस्ती,
कमलाकर पाण्डेय -प्रभारी DIOS हरदोई ,
अशोक कुमार- DIOS कौशांबी ,
आशुतोष भारद्वाज - DIOS-II  सहारनपुर, 
प्रभुराम चौहान प्रभारी - DIOS सोनभद्र
बृजेश मिश्र - DIOS  प्रतापगढ़ ,
ओम प्रकाश राय-  DIOS कुशीनगर ,
राम सिंह प्रभारी - DIOS बलरामपुर ,
शिव कुमार ओझा -DIOS  संतकबीरनगर
 गजेंद्र  कुमार -उप प्राचार्य डायट पीलीभीत,
गिरधारी लाल -उप प्राचार्य डायट बदायूं,
योगेंद्र कुमार सिंह - उपप्राचार्य डायट चंदौली,
राकेश कुमार - वरिष्ठप्रवक्ता डायट ललितपुर
इंद्र प्रकाश सोलंकी - उपप्राचार्य डायट मथुरा,
रामज्ञा कुमार - उप प्राचार्य डायट अमरोहा
शिवचंद्र राम - उप  प्राचार्य   डायट  देवरिया,
शिवपूजन पटेल - उप  प्राचार्य डायट सोनभद्र
प्रवीण उपाध्याय - उप  प्राचार्य डायट मुजफ्फरनगर
बीना यादव  - DIOS बुलंदशहर 
कालीचरण - DIOS महराजगंज ,

दिनांक 04 जुलाई 2016 को "ग्रीन यू0पी0 क्लीन" यू0पी कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को शपथ दिलाने के आदेश जारी ।

दिनांक 04 जुलाई 2016 को "ग्रीन यू0पी0 क्लीन" यू0पी कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को शपथ दिलाने के आदेश जारी ।

प्रदेश के समस्त जनपद में संचालित अमान्य विद्यालायों को बन्द कराये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी ।

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आगामी ईद के त्यौहार को देखते हुए सभी शिक्षकों का वेतन भुगतान ईद से पहले करने का आदेश जारी ।

आगामी ईद के त्यौहार को देखते हुए सभी शिक्षकों का वेतन भुगतान ईद से पहले करने का आदेश जारी ।

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से नाराज 32 लाख सरकारी कर्मचारी 11 जुलाई से हड़ताल पर

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से नाराज 32 लाख सरकारी कर्मचारी 11 जुलाई से हड़ताल पर





नई दिल्ली: सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से नाराज 32 लाख कर्मचारी 11 जुलाई से हड़ताल पर हैं। सिफारिशों को बुधवार को ही सरकार ने मंज़ूरी ही है। वहीं सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लेकर विरोध शुरू हो गया है। सरकारी कर्मचारियों के महासंघ ने 11 जुलाई को हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है।

32 लाख सरकारी कर्मचारियों के महासंघ ने 11 जुलाई से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इनमें रेलवे, पोस्ट और सेना की ऑर्डिनेंस फैक्टरी के कर्मचारी शामिल हैं। अगर रेलवे कर्मचारी भी इस हड़ताल में शामिल होते हैं तो ये 42 साल बाद पहला मौका होगा जब रेलवे कर्मचारी हड़ताल करेंगे। एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए ऑल इंडिया रेलवे मेंस फ़ेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल शर्मा ने कहा कि यह अब तक की सबसे ख़राब वेतन बढ़ोतरी है।

चेन्नई में सरकारी कर्मचारी बुधवार को ही वेतन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ सड़क पर उतर आए। यह शुरुआत भर है। 32 लाख सरकारी कर्मचारियों के महासंघ ने 11 जुलाई से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इनमें रेलवे, पोस्ट और सेना की ऑर्डिनेंस फैक्टरी के कर्मचारी शामिल हैं।

वेतन आयोग ने निचले स्तर पर मूल वेतन में 14.27 फीसदी बढ़ोतरी की सिफ़ारिश की है, जो सत्तर साल में सबसे कम बताई जा रही है। औसतन बढ़ोतरी 23.55 फ़ीसदी तक मानी जा रही है। कर्मचारी संघ 18,000 रुपये के न्यूनतम वेतन को बढ़ाने की मांग कर रहा है। उसे मौजूदा पेंशन व्यवस्था भी नामंजूर है। हालांकि वित्त मंत्री का दावा है कि अगर कोई विसंगति है तो दूर की जाएगी।

स्कूल और आंगनबाड़ी को एक ही निगरानी तंत्र में लाने की पहल : केंद्र के विभिन्न मंत्रालय करेंगे अपनी योजनाओं का तालमेल

स्कूल और आंगनबाड़ी को एक ही निगरानी तंत्र में लाने की पहल : केंद्र के विभिन्न मंत्रालय करेंगे अपनी योजनाओं का तालमेल

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति से ले कर उनके प्रदर्शन और स्वास्थ्य की निगरानी के लिए तैयार हो रही आइटी आधारित केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं को जल्द ही एकीकृत कर दिया जाएगा। साथ ही इससे आंगनबाड़ी को भी जोड़ा जाएगा। इससे सरकार के लिए बच्चों तक तीन साल की उम्र से स्कूल छोड़ने तक नियमित रूप से पहुंच पाना आसान हो सकेगा।

केंद्र सरकार के वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक, आइटी आधारित तंत्र को एकीकृत करने की पहल पर सैद्धांतिक रूप से कोई मतभेद नहीं है। इससे फायदा यह होगा कि बच्चों के लिए शुरुआत से ही सभी योजनाएं एक साथ समग्र रूप से लागू की जा सकेंगी। आंगनबाड़ी में दी जाने वाली 70 फीसदी सेवाएं वही हैं, जिनकी निगरानी स्वास्थ्य मंत्रलय अपनी अलग व्यवस्था के तहत कर रहा है।’

मानव संसाधन विकास मंत्रलय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रलय तथा महिला और बाल विकास मंत्रलय अपने निगरानी तंत्र को न सिर्फ एक-दूसरे के लिए उपलब्ध करवा देंगे, बल्कि इसे पूरी तरह एकीकृत करने के लिए काम करेंगे। वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि अगले दो साल के दौरान यह मुमकिन हो सकता है। इस लिहाज से आधार पहचान पत्र बड़ी भूमिका निभा सकता है।

मानसून में धनवर्षा : एक जनवरी-16 से लागू, केंद्रीय कर्मियों के वेतन व पेंशन में ढाई गुना वृद्धि, संशोधनों के साथ सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें मंजूर

मानसून में धनवर्षा : एक जनवरी-16 से लागू, केंद्रीय कर्मियों के वेतन व पेंशन में ढाई गुना वृद्धि, संशोधनों के साथ सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें मंजूर

             👇एक जनवरी-16 से लागू 👇

🔴 संशोधनों के साथ सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें मंजूर

🔵 अब शुरुआती न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये

🌑 क्लास वन अधिकारियों का वेतन 56,100 रुपये से शुरू

🌕 बकाया राशि का भुगतान इस वर्ष के अंत तक ही होगा

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में मानसून पहली जुलाई को पहुंचने वाला है। इससे दो दिन पहले केंद्र सरकार ने अपने एक करोड़ कर्मचारियों के लिए धनवर्षा कर दी। सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को बुधवार को स्वीकार कर लिया। इससे केंद्र सरकार के 47 लाख कर्मियों के वेतन और लगभग 53 लाख पेंशनरों की पेंशन में 2.57 गुना की बढ़ोतरी होगी। बढ़ोतरी का यह फैसला पहली जनवरी, 2016 से लागू होगा। सरकार ने कहा है कि हर तरह के बकाया राशि की अदायगी दिसंबर, 2016 तक कर दी जाएगी। इस फैसले का पूरी अर्थव्यवस्था पर बहुआयामी असर पड़ने की संभावना है क्योंकि केंद्र सरकार पर सालाना 1,02,100 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक के फैसलों के बारे में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनवरी से मार्च, 2016 तक के बकाये भत्ते के भुगतान के तौर पर 12 हजार करोड़ रुपये का बोझ सरकार पर आएगा। इस तरह से चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार पर 1,14,000 करोड़ रुपये का बोझ आएगा। इससे वित्तीय संतुलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि बजटीय गणना में इसका समायोजन पहले ही किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि वेतन आयोग ने न्यूनतम वेतन में 2.57 गुना बढ़ोतरी की जो सिफारिश की थी, उसे स्वीकार कर लिया गया है। आयोग की अधिकांश सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया है लेकिन दो मुद्दों पर अलग से समितियां गठित की गई हैं। इनमें से एक समिति वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद विभिन्न पदों और विभिन्न वर्गो के कर्मचारियों के वेतनमान में जो विसंगतियां आती हैं, उन्हें दूर करने पर सिफारिश देगी। एक अन्य समिति नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) को और आकर्षक बनाने पर सुझाव देने के लिए गठित की गई है। उन्होंने इस बात के भी साफ संकेत दिए कि अभी जितने तरह के भत्ते मिल रहे हैं, उन्हें अब ज्यादा दिनों तक जारी नहीं रखा जा सकता।

वित्त सचिव की अध्यक्षता में एक समिति सरकारी भत्तों को नए सिरे से परिभाषित करने के लिए बनाई गई है। अभी 196 तरह के भत्ते लागू हैं। लेकिन वेतन आयोग ने इनमें से 53 को खत्म करने की सिफारिश की है। भत्ताें पर समिति का फैसला आने तक मौजूदा भत्ते आदि लागू रहेंगे।

जेटली ने बताया कि निजी और सरकारी क्षेत्र के बीच वेतनमान में बढ़ रहे अंतर को खत्म करना जरूरी है ताकि बेहतर प्रतिभाओं को सरकारी नौकरियों की तरफ आकर्षित किया जा सके। बताते चलें कि इस फैसले से जिन एक करोड़ केंद्रीय कर्मियों और पेंशनरों को फायदा होगा, उनमें सेना में काम करने वाले 14 लाख जवान और अधिकारी और भारतीय सेना से सेवानिवृत्त 16 लाख पेंशन भोगी भी शामिल हैं।

👉 ग्रैच्युटी: इसकी राशि 10 लाख रुपये से बढ़ा कर 20 लाख रुपये। सेवा के दौरान मृत्यु होने पर आश्रितों को मिलने वाली 10 से 20 लाख रुपये की मौजूदा सीमा बढ़ाकर 25 से 45 लाख रुपये

👉 ब्याज मुक्त एडवांस: मेडिकल चिकित्सा, ट्रैवल अलाउंस और एलटीसी के लिए यह जारी रहेगी।

👉 सालाना भत्ता बढ़ोतरी: 3 फीसद जारी।

👉 हाउस बिल्डिंग लोन: 7.5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख

👉  ये सुविधाएं खत्म: ब्याज रहित ऑटो और कार लोन।

        🌕 इस तरह मिलेगा वेतन-पेंशन 🔵

🔴 बढ़कर कितना होगा

👉 सात हजार का न्यूनतम मूल वेतन होगा 18 हजार रुपये

👉 90 हजार रुपये का अधिकतम मूल वेतन होगा 2.5 लाख रुपये

👉 क्लास 1 अधिकारियों का शुरुआती वेतन 56,100 रुपये

👉 एरियर: एक जनवरी, 2016 से जून, 2016 तक का इसी साल मिलेगा। अभी तय नहीं कि एकमुश्त मिलेगा या किस्तों में।

👉 भत्तों का क्या होगा : वेतन आयोग ने 196 में से 53 भत्तों को खत्म करने की सिफारिश की है। इसका यूनियनों ने विरोध किया था। इसलिए सचिवों की समिति को विचार के लिए सौंपा। रिपोर्ट के बाद अंतिम निर्णय। कमेटी की सिफारिशें आने तक मौजूदा भत्ते जारी रहेंगे।

👉 वन रैंक वन पेंशन : केंद्रीय कर्मियों के लिए भी इस तरह की सिफारिश को सरकार ने सिद्धांत रूप में स्वीकार कर लिया है। लेकिन इसे लागू करने के तौर-तरीके का फैसला वित्त सचिव की अध्यक्षता वाली समिति करेगी।

👉 ग्रुप इंश्योरेंस : इसके लिए वेतन से डेढ़ हजार से पांच हजार की कटौती की आयोग की सिफारिश नहीं मानी।

खत्म होगी आठवीं तक फेल नहीं करने की नीति : केंद्र सरकार ने ट्विटर पर जारी किए नई शिक्षा नीति के अहम बिंदु, शिक्षा के लिए भी अखिल भारतीय कैडर की सिफारिश

खत्म होगी आठवीं तक फेल नहीं करने की नीति : केंद्र सरकार ने ट्विटर पर जारी किए नई शिक्षा नीति के अहम बिंदु, शिक्षा के लिए भी अखिल भारतीय कैडर की सिफारिश

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली: लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार केंद्र सरकार ने संकेत दे दिए हैं कि नई शिक्षा नीति का स्वरूप कैसा होगा। बुधवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदे के अहम बिंदु जारी कर दिए गए। केंद्र सरकार के ट्विटर हैंडल माईगोव इंडिया पर इसे जारी करते हुए हालांकि यह साफ नहीं किया कि ये बिंदु कैसे तैयार किए गए। पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रrाण्यम की अध्यक्षता में बनाई गई मसौदा समिति की रिपोर्ट की इसमें कोई चर्चा नहीं है। न ही यह बताया गया कि इसे जारी करने से पहले राज्यों से कोई चर्चा हुई या नहीं।

मानव संसाधन विकास मंत्रलय की ओर से जारी अहम बिंदु या ‘इनपुट’ में स्कूलों में छात्रों के सीखने के स्तर पर गंभीर चिंता जताई गई है। इसमें कहा गया कि आठवीं तक बच्चों को फेल नहीं करने की मौजूदा नीति को बदला जाएगा क्योंकि इससे छात्रों के अकादमिक प्रदर्शन पर गंभीर असर पड़ा है। इसे पांचवीं तक सीमित किया जाएगा। इसी तरह आइएएस और आइपीएस की तरह शिक्षा व्यवस्था के लिए अलग अखिल भारतीय कैडर तैयार करने का प्रस्ताव है, जिसका नियंत्रण मानव संसाधन विकास मंत्रलय के पास हो।

सभी राज्य छात्रों को पांचवीं तक की शिक्षा उनकी मातृभाषा अथवा स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा में दें। अंग्रेजी को दूसरी भाषा का दर्जा देने की सिफारिश की गई है। व्यापक स्तर पर ओपन अॅानलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की जरूरत पर ध्यान देते हुए इस काम के लिए अलग से स्वायत्त संस्थान शुरू करने की सिफारिश की है। इससे पहले मंत्रलय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मसौदा तैयार करने के लिए पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रrाण्यम की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी। मगर उनके अनुरोध के बावजूद एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी ने उनकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने से इन्कार कर दिया था।

स्मृति ने कहा था कि मसौदा तभी जारी होगा, जब राज्यों से एक बार फिर संपर्क कर लिया जाएगा। हालांकि जारी मसौदे में समिति की अधिकांश सिफारिशें शामिल कर ली गई हैं।

यूपी सरकार सातवां वेतन देने को तैयार, केंद्र की अधिसूचना का इंतजार : सरकार को सूबे के अधिकारियों और कर्मचारियों को सातवां वेतन देने में कोई दिक्कत नहीं, बजट में पहले ही किया गया व्यवस्था - सचिव वित्त अजय अग्रवाल

यूपी सरकार सातवां वेतन देने को तैयार, केंद्र की अधिसूचना का इंतजार : सरकार को सूबे के अधिकारियों और कर्मचारियों को सातवां वेतन देने में कोई दिक्कत नहीं, बजट में पहले ही किया गया व्यवस्था - सचिव वित्त अजय अग्रवाल

राज्य मुख्यालय । केंद्रीय कैबिनेट द्वारा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दिए जाने के बाद यूपी सरकार भी सातवां वेतन देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से प्रदेश के करीब 22 लाख कर्मचारी, शिक्षक और पेंशनरों को लाभ मिलेगा।

अभी तक की जानकारी के अनुसार 18 फीसदी से 24 फीसदी तक का लाभ कर्मचारियों से लेकर पेंशनरों को मिलेगा। सूत्रों के अनुसार यूपी सरकार को सातवें वेतन आयोग को लागू करने के लिए केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी होने का इंतजार है। केंद्र की अधिसूचना जारी होते ही यूपी सरकार उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करेगी। छठवां वेतन देने गठित की गई कमेटी की तर्ज पर किसी रिटायर आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी छह माह में रिपोर्ट देगी।

यूपी सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष-2016-17 के वार्षिक बजट में करीब 23 हजार करोड़ का अतिरिक्त प्राविधान सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए ही किया है। सचिव वित्त अजय अग्रवाल का कहना है कि सरकार को सूबे के अधिकारियों और कर्मचारियों को सातवां वेतन देने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। सरकार ने पहले से ही बजट में पर्याप्त अतिरिक्त धनराशि का प्राविधान किया है।

आईएएस, आईपीएस और आईएफएस को तत्काल मिलेगा लाभ

अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को केंद्र की अधिसूचना जारी होने के बाद तत्काल बाद यूपी सरकार सातवें वेतन आयोग का लाभ दे देगी। जबकि प्रदेश काडर के अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को कमेटी की रिपोर्ट के बाद यह लाभ दिया जाएगा।




कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में शैक्षिक सत्र 2016-17 के लिये आवश्यक कार्यवाही किये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी ।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में शैक्षिक सत्र 2016-17 के लिये आवश्यक कार्यवाही किये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी ।














01 अप्रैल 2005 से लागू नवपरिभाषित अंशदान पेंशन योजना से आच्छादित शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के प्रान(PRAN) नंo आवंटन कराने के सम्बन्ध में आदेश जारी ।

01 अप्रैल 2005 से लागू नवपरिभाषित अंशदान पेंशन योजना से आच्छादित शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के प्रान(PRAN) नंo आवंटन कराने के सम्बन्ध में आदेश जारी ।


वार्षिक स्थानांतरण नीति के तहत मण्डल में 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके 16 खण्ड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की स्थानान्तरण सूची जारी : क्लिक कर आदेश देखें ।

वार्षिक स्थानांतरण नीति के तहत मण्डल में 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके 16 खण्ड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की स्थानान्तरण सूची जारी : क्लिक कर आदेश देखें ।






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