Monday, August 31, 2015

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार (Award) से नवाजे जाएंगे यूपी के 28 शिक्षक : मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किए जाने वाले सभी शिक्षकों को नई दिल्ली में होने वाले समारोह में शामिल होने के लिए दे दी जानकारी

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजे जाएंगे यूपी के 28 शिक्षक : मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किए जाने वाले सभी शिक्षकों को नई दिल्ली में होने वाले समारोह में शामिल होने के लिए दे दी जानकारी

लखनऊ : इस वर्ष पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के 28 शिक्षक राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किए जाएंगे। इन सभी शिक्षकों को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सम्मान प्रदान करेंगे। इस सम्बंध में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किए जाने वाले सभी शिक्षकों को नई दिल्ली में होने वाले समारोह में शामिल होने के लिए जानकारी दे दी है।

सम्मानित होने वाले शिक्षकों में लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय अल्लूनगर के मिश्रीलाल यादव, चिनहट स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय धौना के आदिल मंसूरी और बंथरा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय खानदेव के शिक्षक वासुदेव यादव शामिल हैं। इन सभी को शिक्षक दिवस के अवसर राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान करेंगे।

शिक्षकों को सम्मान देने के लिए सन 1958 से राष्ट्रीय पुरस्कार प्रारंभ किए गए। राष्ट्रपति प्रारंभिक, मिडल और माध्यमिक स्कूलों में कार्य कर रहे प्रतिभाशाली शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने के लिए प्रत्येक वर्ष पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर पुरस्कार देते हैं।

खबर साभार : अमरउजाला/हिन्दुस्तान/दैनिकजागरण/नवभारतटाइम्स

शिक्षकों के जनपद के अन्दर स्थानांतरण (Teachers Transfer) 19 सितम्बर 2015 तक करने के सम्बन्ध नवीन आदेश जारी : चुनावी आचार संहिता को देखते हुए आवेदन पत्र भरकर ऑनलाइन करने की भी है तैयारी : क्लिक कर आवेदन पत्र का प्रारूप देखें

शिक्षकों के जनपद के अन्दर स्थानांतरण 19 सितम्बर 2015 तक करने के सम्बन्ध नवीन आदेश जारी : चुनावी आचार संहिता को देखते हुए आवेदन पत्र भरकर ऑनलाइन करने की भी है तैयारी : क्लिक कर आवेदन पत्र का प्रारूप देखें |

शिक्षक ट्रान्सफर नीति कार्यक्रम.........

1-निर्धारित मानक के अनुसार रिक्तियों की संख्या NIC की साईट पर अपलोड करने की अंतिम तिथि-5 सितम्बर 2015

2-BEO को आवेदन पत्र लेने की अंतिम तिथि -10 सितम्बर 2015

3-समस्त आवेदन पत्र BEO द्वारा बी एस ए कार्यालय में पहुंचाने की अंतिम तिथि 12 सितम्बर 2015

4-ट्रान्सफर लेटर जारी करने की तिथि-19 सितम्बर 2015

परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के जनपद के अंदर स्थानांतरण (Teachers Transfer) सम्बन्धी आदेश जारी : यहीं डाउनलोड करें

परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के जनपद के अंदर स्थानांतरण सम्बन्धी आदेश जारी : यहीं डाउनलोड करें

सवाल तो है ? उच्च प्राथमिक टी0ई0टी0 (uptet) उत्तीर्ण अभ्यर्थी ठगे से महसूस कर रहे : जब नियुक्ति और समायोजन नहीं करना था तो क्यों आयोजित की गयी सा0 विज्ञान और भाषा विषयों की पात्रता परीक्षा?

सवाल तो है ? उच्च प्राथमिक टी0ई0टी0 उत्तीर्ण अभ्यर्थी ठगे से महसूस कर रहे : जब नियुक्ति और समायोजन नहीं करना था तो क्यों आयोजित की गयी सा0 विज्ञान और भाषा विषयों की पात्रता परीक्षा?

       खबर साभार : राष्ट्रीयसहारा

1 जुलाई 2015 से महंगाई भत्ते (Dearness allowance) में 6 प्रतिशत की हो सकती है बढ़ोत्तरी : सितंबर के दूसरे या तीसरे सप्ताह में घोषणा कर सकती है सरकार

1 जुलाई 2015 से महंगाई भत्ते में 6 प्रतिशत की हो सकती है बढ़ोत्तरी : सितंबर के दूसरे या तीसरे सप्ताह में घोषणा कर सकती है सरकार

केंद्र सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता सितंबर के दूसरे या तीसरे सप्ताह में बढा सकती है सरकार

सभी केन्द्रीय कर्मचारियों को 6 प्रतिशत बढोत्तरी का लाभ 1 जुलाई 2015 से मिलेगा

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार के कर्मचारियों का 1 जुलाई 2015 से बकाया महंगाई भत्ता पर सरकार के आदेश का इंतजार है। केंद्र सरकार कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि वर्ष में दो बार यानि 1 जनवरी तथा 1 जुलाई से करती है। सरकार द्वारा आखिरी बढोत्तरी 1 जनवरी से की गई थी जिसकी घोषणा अप्रैल में हुई थी। उस समय महंगाई भत्ता 107 प्रतिशत से बढाकर 113 प्रतिशत किया गया था। अब 1 जुलाई से महंगाई भत्ता में बढोत्तरी देय है जो 6 प्रतिशत लगभग तय है। परंतु इसकी घोषणा कब सरकार द्वारा की जाएगी इसका इंतजार सभी केंद्रीय कर्मचारियों को है।

सामान्य तौर पर जुलाई से बढाये जाने वाले महंगाई भत्ता की घोषणा सरकार सितंबर माह दौरान करती है। इसी को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि सितंबर के दूसरे अथवा तीसरे सप्ताह में होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा और घोषणा की जाएगी। 6 प्रतिशत की बढोत्तरी के साथ केंद्र सरकार के कर्मचारियों के मूल वेतन पर महंगाई भत्ता कुल 119 प्रतिशत हो जाएगा। इसके बाद दिसंबर 2015 के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की घोषणा जनवरी 2016 की आखिरी तारीख को होगी।

जिसके आधार पर 1 जनवरी 2016 से मिलने वाले महंगाई भत्ता पर कितने प्रतिशत की बढोत्तरी होगी यह साफ होगा। इस पर जब कैबिनेट संभवत: मार्च अथवा अप्रैल 2016 में लेगी यदि तब तक सातवें वेतन आयोग की सिफारिश पर फैसला नहीं लिया गया हो। छठवें वेतन आयोग अंतर्गत 1 जनवरी 2016 से महंगाई भत्ते पर घोषित होने वाली यह संभावित आखिरी किश्त होगी।

गौरतलब है कि हाल ही में सातवें वेतन आयोग द्वारा रिपोर्ट सौंपने के लिए आयोग ने सरकार से 4 महीने की मोहलत मांगी थी तथा रिपोर्ट 31 दिसंबर 2015 तक सौंपने की अनुमति मांगी थी। जिस पर सरकार ने मोहर लगाते हुए उनकी यह गुजारिश मंजूर की थी।

संभवत: सातवां वेतन आयोग 31 दिसंबर 2015 के आसपास सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। जिसके बाद इस पर भारत सरकार के वित्त मंत्रालय तथा कैबिनेट द्वारा सभी पहलूओं को ध्यान में रखते हुए विचार किया जाएगा और फैसला लिया जाएगा। इसके लिए सरकार को कम से कम 3 से 4 महीने का समय लगने की संभावना है। जिसके बाद ही आयोग की सिफारिशों पर अमल किया जाएगा। इसका मतलब है कि सातवें वेतन आयोग के वेतनमान अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को अप्रैल 2016 के बाद ही मिल सकते है। जिसमें 1 जनवरी 2016 से मिलने वाला बकाया भी शामिल होगा।

#DA #मंहगाईभत्ता #Dearnessallowance
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सातवें वेतन आयोग (7th pay commission) की सिफारिशों का भार अगले वित्त वर्ष में : आम बजट (Budget) बनाने की प्रक्रिया शुरू , मंत्रालयों के बजट में 10 से 15 प्रतिशत के बीच हो सकती है वृद्धि

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का भार अगले वित्त वर्ष में : आम बजट बनाने की प्रक्रिया शुरू , मंत्रालयों के बजट में 10 से 15 प्रतिशत के बीच हो सकती है वृद्धि

आम बजट बनाने की प्रक्रिया शुरू


नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने आम बजट 2015-16 बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चार सितंबर से केंद्रीय मंत्रालयों के साथ योजनागत आवंटन पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि इस बार मंत्रालयों के बजट में 10 से 15 प्रतिशत के बीच वृद्धि हो सकती है। साथ ही केंद्र प्रायोजित योजनाओं की संख्या में भी कटौती जा सकती है।

सूत्रों ने कहा कि अगले वित्त वर्ष से वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) लागू होने का प्रस्ताव है। इसलिए आम बजट में राजस्व का लक्ष्य इस तथ्य को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा। साथ ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का भार भी अगले वित्त वर्ष में आएगा। ऐसे में वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि इस परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए अपने योजनागत आवंटन के प्रस्ताव तैयार करें। वित्त मंत्रालय का बजट डिवीजन इस संबंध में अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के साथ चर्चा करेगा।

योजनागत आवंटन पर मत्रालयों के साथ पहले दौर की चर्चा चार सितंबर से शुरू होगी। अगर किसी योजना या कार्यक्रम के फंडिंग पैटर्न या अन्य मद में आवंटन को लेकर किसी मंत्रालय की शंका है तो इन बैठकों पर उन्हें दूर किया जाएगा। साथ ही आवंटन भी तय किया जाएगा। अगले वित्त वर्ष के बजट में केंद्र प्रायोजित योजनाओं की संख्या में और कटौती की जा सकती है। वित्त मंत्रालय इस संबंध में विभिन्न विभागों के साथ चर्चा और नीति आयोग की टास्कफोर्स की सिफारिश के आधार पर निर्णय लेगा।

माना जा रहा है कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं की संख्या सीमित करके डेड़ दर्जन के करीब की जा सकती है। नीति आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में टास्कफोर्स का गठन किया था। मंत्रालयों से चर्चा के बाद नवंबर और दिसंबर में आर्थिक कार्य विभाग अर्थव्यवस्था के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के साथ विचार विमर्श करेगा।

#Budget #सातवांवेतनआयोग 

          खबर साभार : नई दुनिया

पांच सितम्बर को सरकारी अवकाश होने के कारण चार सितम्बर को मनाएंगे शिक्षक दिवस : प्रधानमंत्री "मन की बात" (Man ki baat) कार्यक्रम से बच्चों से होंगे रूबरू

पांच सितम्बर को सरकारी अवकाश होने के कारण चार सितम्बर को मनाएंगे शिक्षक दिवस : प्रधानमंत्री "मन की बात" कार्यक्रम से बच्चों से होंगे रूबरू

~क्लिक कर पढ़ें-यूपी के बच्चे भी सुनेंगे मोदी के मन की बात (Man Ki Baat) : 4 को स्कूलों में कराए जाएंगे सभी जरूरी इंतजाम ; प्रमुख सचिव ने डीआईओएस को दिए निर्देश

       खबर साभार : हिन्दुस्तान

कागजों पर मदरसे (Madarasa) बंट रहा करोड़ों का अनुदान! : आयोग में सुनवाई के दौरान हुआ खुलासा

कागजों पर मदरसे, बंट रहा करोड़ों का अनुदान! : आयोग में सुनवाई के दौरान हुआ खुलासा

मुरादाबाद में जिन मदरसों के नाम पर केंद्र और राज्य सरकारों से हर साल करोड़ों का अनुदान लिया जा रहा है, असल में उनका कोई नाम-ओ-निशान ही नहीं है। करोड़ों के इस अनुदान का अल्पसंख्सक विभाग के अधिकारी और मदरसा प्रबंधक बंदरबाट कर रहे हैं। इसका खुलासा राज्य सूचना आयोग में मुरादाबाद के मदरसों से संबंधित मांगी गई सूचना पर सुनवाई के दौरान हुआ। 

इसके बाद राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने मुरादाबाद के डीएम को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही सूचना आयोग के आदेश के बाद भी मदरसों के बारे में जानकारी न देने वाले जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पर पचीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

यह था मामला 

बिलारी, मुरादाबाद निवासी राविल हुसैन ने पिछले साल मुरादाबाद के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से आरटीआई के तहत जिले के अनुदानित और वित्तविहीन मदरसों के बारे में सूचना मांगी थी। उन्होंने पूछा था कि जिले में कितने मदरसे हैं और 2005 से 2015 के बीच कितने मदरसों को तहतानिया, फौकानिया और आलिया स्तर की मान्यता दी गई। उन्होंने जिले में संचालित मदरसों के नाम, पतों के साथ उनके पंजीकरण और नवीनीकरण की सूचना भी मांगी। साथ ही पूछा कि मदरसों में केंद्र सरकार द्वारा संचालित मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत कितने शिक्षकों को मानदेय का भुगतान किया जा रहा है।

आवेदक के आरोप गंभीर हैं। दस्तावेज से इसकी पुष्टि भी हो रही है। मैंने डीएम मुरादाबाद को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं और एक महीने में जांच रिपोर्ट आयोग में दाखिल करने को कहा है। 
- हाफिज उस्मान, राज्य सूचना आयुक्त
विभाग ने कहा गोपनीय है जानकारी

कागजों पर मदरसे, बंट रहा करोड़ों का अनुदान!
और न ही व्यक्तिगत। वह सरकारी अभिलेख हैं। सुनवाई के दौरान आवेदक ने दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिससे खुलासा हुआ कि अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने दर्जनों ऐसे मदरसों को मान्यता दी, जिनका जमीन पर अस्तित्व ही नहीं है। एक-एक भवन में चार से पांच मदरसों को मान्यता मिल गई। राविल का का आरोप है कि विभागीय अधिकारी, मदरसों प्रबंधकों से मिल कर केंद्र और राज्य से मिलने वाला करोड़ों का अनुदान हजम कर रहे हैं। इसी के खुलासे के डर से अधिकारी सूचना देने से इनकार कर रहे हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से सूचना न मिलने पर राविल ने राज्य सूचना आयोग में अपील की।

आयोग के हस्तक्षेप के बाद मुरादाबाद के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने इन सूचनाओं को गोपनीय और व्यक्तिगत बताते हुए उन्हें देने में असमर्थता जताई। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने बताया कि आवेदक ने जो सूचनाएं मांगी हैं, वह न तो गोपनीय हैं |

        खबर साभार : नवभारतटाइम्स

अब दूध की जांच टालने में जुटा प्रशासन : दूध पीकर बीमार होने वाले बच्चों का मामला ; घटना होते धीरे-धीरे एक महीना, अब तक प्रशासन तय नहीं कर पाया आरोपित

अब दूध की जांच टालने में जुटा प्रशासन : दूध पीकर बीमार होने वाले बच्चों का मामला ; घटना होते धीरे-धीरे एक महीना, अब तक प्रशासन तय नहीं कर पाया आरोपित

दूध पीकर बीमार होने वाले बच्चों का मामला

√घटना होते धीरे-धीरे एक महीना

√अब तक प्रशासन तय नहीं कर पाया आरोपित

लखनऊ : 29 जुलाई को कैंट में दूध पीकर 77 से अधिक बच्चे बीमार हो गए। शनिवार को घटना हुए पूरा एक महीना हो गया, लेकिन अब तक प्रशासन कार्रवाई तो दूर की बात आरोपित तक तय नहीं कर पाया है। विगत 19 अगस्त को डीएम की ओर से पराग और अक्षय पात्र को दोबारा नोटिस जारी किया। साथ ही एक अतिरिक्त जांच शुरू की, जिसमें अक्षय पात्र के खाना वितरण प्रक्रिया की जांच होनी थी। इसे एक सप्ताह में पूरा करना था, लेकिन दस दिन गुजरने के बाद न तो जांच हुई न ही कोई रिपोर्ट आई। अब प्रशासन पूरी तरह इस मामले को टालने में जुट गया है। 

अब तक नहीं जुटा पाए कारण

एक महीने की जांच के बाद भी जिला प्रशासन के अधिकारी कारण तक नहीं जुटा पाए। न ही उन्हें ये पता चल पाया है कि घटना कैसे हुई। मामले की जांच कर रहे सिटी मैजिस्ट्रेट शत्रुहन वैश्य का कहना है कि दूध लैब में सही पाया गया। अब ये पता लगाना है कि बच्चे बीमार कैसे हुए। मजे की बात ये है कि एक माह पहले जब उन्हें जांच सौंपी गई थी, तब भी उन्हें यही कारण पता लगाना था कि सिर्फ दो स्कूलों के बच्चे बीमार कैसे हुए/ क्योंकि दूध सब जगह बंटा था। एक माह की जांच के बाद भी उनका वही जवाब है, अब पता लगाना है बच्चे बीमार कैसे हुए/ 

नोटिस की बात से किया इनकार

दस दिन पहले डीएम की ओर से अक्षय पात्र और पराग को नोटिस जारी किया गया था। इसमें उन्हें एक सप्ताह में जवाब देना था, लेकिन अब वे नोटिस से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोई नोटिस नहीं जारी किया गया। 

जांच किन्हीं कारणों से लंबित है, जल्द ही उसे पूरा किया जाएगा। जांच में बच्चों के बीमार होने के कारण का पता किया जा रहा है। 
- शत्रोहन वैश्य, 

#मिडडेमील #MDM

      खबर साभार : नवभारतटाइम्स

रिवर्ट कर्मचारियों को पदावनत (Demotion) पद पर नहीं मिलेगा अतिरिक्त कार्यभार : सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिव से कहा कि वे 15 सितंबर तक इस पर हुई कार्यवाही के ब्योरे समेत शपथ पत्र दाखिल

रिवर्ट कर्मचारियों को पदावनत पद पर नहीं मिलेगा अतिरिक्त कार्यभार : सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिव से कहा कि वे 15 सितंबर तक इस पर हुई कार्यवाही के ब्योरे समेत शपथ पत्र दाखिल

राज्य मुख्यालय : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रिवर्ट किए गए कर्मचारियों को पदावनत पद पर अतिरिक्त कार्यभार नहीं दिया जाएगा। सरकार ने यह बात सरकारी महकमों को साफ तौर पर बता दी है। साथ ही यह भी कह दिया है कि वे रिवर्ट किए जाने वाले कर्मचारियों का ब्योरा एकत्र कर नौ सितंबर तक हर हाल में भेज दें। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव राजीव कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। विभागों से कहा गया है कि वे 28 अप्रैल 2012 से पहले व 15 नवंबर 1997 के बाद प्रोन्नत कर्मियों को पदानवत किए जाने के बारे में पूरी जानकारी भेजें।

इसमें बताना है कि कितने कर्मचारी रिवर्ट के लिए श्रेणीवार चिन्हित कर लिए गए हैं। यह भी बताना है कि अब तक कितने कार्मिकों को रिवर्ट किया जा चुका है? यही नहीं, 8 मई 2012 से अब तक अभी तक प्रोन्नत कार्मिकों की श्रेणीवार संख्या की पूरी जानकारी समूह क, समूह ख व समूह ग के हिसाब से दी जाए। सरकारी विभागों ने इसी हिसाब से काम शुरू कर दिया है।

इसी महीने की 20 तारीख को सुप्रीम कोर्ट ने रिवर्ट किए जाने का निर्णय दिया और मुख्य सचिव से कहा कि वे 15 सितंबर तक इस पर हुई कार्यवाही के  ब्योरे समेत शपथ पत्र दाखिल करें। अब सरकार ने सभी प्रमुख सचिवों से कहा है कि वे अपने नियंत्रणाधीन विभागाध्यक्ष कार्यालय, सार्वजनिक उपक्रम, बोर्ड, अर्धसरकारी संस्थाओं, सहकारी संस्थाओं व सरकार द्वारा वित्त पोषित संस्थाओं के सभी कर्मचारियों के संबंध में पदानवत किए जाने संबंधी ब्योरा भेजें।

     खबर साभार : हिन्दुस्तान

बीटीसी प्रवेश (btc admission) के लिए मेरिट पांच सितंबर तक जारी होगी : डायट की ओर से निजी बीटीसी कॉलेजों में प्रवेश की की जायेगी निगरानी

बीटीसी प्रवेश के लिए मेरिट पांच सितंबर तक जारी होगी : डायट की ओर से निजी बीटीसी कॉलेजों में प्रवेश की की जायेगी निगरानी

इलाहाबाद (ब्यूरो)। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से प्रदेश के सरकारी एवं निजी बीटीसी कॉलेजों में प्रवेश के लिए मेरिट तैयार करने का काम जोरों पर चल रहा है। परीक्षा नियामक की ओर से मेरिट तैयार करके पांच सितंबर तक डायट को मेरिट भेज दी जाएगी। डायट की ओर से निजी बीटीसी कॉलेजों में प्रवेश की निगरानी की जाएगी।

       खबर साभार : अमरउजाला

निरीक्षण में बंद मिले 20 फीसदी आंगनबाड़ी (Anganbadi) केंद्र : एक से 14 अगस्त के बीच सूबे में चलाए गए आंगनबाड़ी केंद्रों के सघन निरीक्षण (Inspection) अभियान में बड़े पैमाने पर हुआ धर पकड़

निरीक्षण में बंद मिले 20 फीसदी आंगनबाड़ी केंद्र : एक से 14 अगस्त के बीच सूबे में चलाए गए आंगनबाड़ी केंद्रों के सघन निरीक्षण अभियान में बड़े पैमाने पर हुआ धर पकड़

लखनऊ (ब्यूरो)। एक से 14 अगस्त के बीच सूबे में चलाए गए आंगनबाड़ी केंद्रों के सघन निरीक्षण अभियान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आई हैं। जांच में 20% आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले हैं। कई स्थानों पर हॉट एंड कुक्ड फूड नहीं बांटा जा रहा है तो कई जिलों में स्टोर बदहाल मिले। स्टॉक में भी गड़बड़ियां मिली हैं।

अभियान के दौरान अफसरों ने 34393 आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच की। इसमें से 6790 आंगनबाड़ी केंद्र बंद पाए गए। लखनऊ में ही इस विभाग के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश ने जांच की। निरीक्षण में प्रमुख सचिव को लखनऊ के गोसाईगंज क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र मलौली प्रथम, मलौली द्वितीय व मलौली तृतीय बंद मिला।

यही नहीं कई केंद्रों पर पोषाहार का वितरण भी हो रहा था। दूसरे अफसरों को भी केंद्रों में हॉट एंड कुक्ड फूड वितरित होता नहीं मिला। इस स्थिति पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताई है। इस रिपोर्ट के आधार पर बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की है। इस बीच आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां व सुपरवाइजरों ने कार्रवाई न हो इसके लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। विभाग के वरिष्ठ अफसरों पर राजनीतिक दबाव भी बनाने की कोशिश हो रही है।

     खबर साभार : अमरउजाला

यूपी के बच्चे भी सुनेंगे मोदी के मन की बात (Man Ki Baat) : 4 को स्कूलों में कराए जाएंगे सभी जरूरी इंतजाम ; प्रमुख सचिव ने डीआईओएस को दिए निर्देश

यूपी के बच्चे भी सुनेंगे मोदी के मन की बात : 4 को स्कूलों में कराए जाएंगे सभी जरूरी इंतजाम ; प्रमुख सचिव ने डीआईओएस को दिए निर्देश

√4 को स्कूलों में कराए जाएंगे सभी जरूरी इंतजाम

√प्रमुख सचिव ने डीआईओएस को दिए निर्देश

लखनऊ (ब्यूरो)।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 सितंबर को स्कूली बच्चों से मन की बात करेंगे। यह कार्यक्रम शिक्षक दिवस से एक दिन पहले आयोजित हो रहा है। प्रदेश सरकार इसके लिए स्कूलों में जरूरी इंतजाम कराएगी। प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को इसकी तैयारियों के संबंध में निर्देश भेज दिए हैं।

प्रमुख सचिव ने कहा है कि प्रधानमंत्री 4 सितंबर को प्रात: 10 से 11.45 बजे तक स्कूली छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उनसे सीधा संवाद करेंगे। दूरदर्शन के सभी चैनलों, सेटकॉम, एजूसेट, वेब कास्टिंग, यू ट्यूब आदि से इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसलिए स्कूलों में ऐसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं जिससे प्रधानमंत्री का प्रसारण बच्चों तक पहुंच सके। स्कूलों में टीवी सेट के जरिये बच्चों को यह कार्यक्रम दिखाया जाएगा। यदि छात्र संख्या अधिक है तो अतिरिक्त टीवी सेट या प्रोजेक्टर के माध्यम से कार्यक्रम दिखाने की व्यवस्था होगी।

यह कहा गया है कि टीवी चलाने के लिए पावर बैकअप इनवर्टर, जेनरेटर की व्यवस्था पहले से कर ली जाए। आईसीटी योजना के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में उपलब्ध कंप्यूटरों को हाईस्पीड इंटरनेट से कनेक्ट करते हुए लाइव वेब कास्टिंग की व्यवस्था की जाएगी। ऐसे स्कूल जहां पर टीवी सेट उपलब्ध नहीं है, वहां किराए पर लेकर अथवा सामुदायिक सहयोग से इसकी व्यवस्था होगी। जहां टीवी सेट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है वहां रेडियो पर बच्चों को कार्यक्रम सुनवाया जाएगा। कार्यक्रम को दिखाने या सुनाने की जानकारी माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को फोटोग्राफ के जरिये दी जाएगी।

        खबर साभार : अमरउजाला

Sunday, August 30, 2015

"बा" बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर ब्लाक स्तर पर खोले गए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को हाईस्कूल तक का दर्जा : अगले शैक्षिक सत्र से इस योजना को मिल जायेगी हरी झंडी

"बा" बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर ब्लाक स्तर पर खोले गए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को हाईस्कूल तक का दर्जा : अगले शैक्षिक सत्र से इस योजना को मिल जायेगी हरी झंडी

बदायूं। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर ब्लाक स्तर पर खोले गए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को हाईस्कूल तक का दर्जा दिए जाने की शासन स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। इस सिलसिले में पिछले दिनों प्रमुख सचिव आलोक रंजन ने विभागीय अधिरकारियों को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जरूरी निर्देश दिए। यदि शासन की इस योजना को अमली जामा पहनाया जाता है तो निश्चित तौर पर यह बालिका शिक्षा की दिशा में एक लाभकारी कदम साबित होगा।

गरीब बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2004 में ये योजना शुरू की। हालांकि बदायूं जिले में यह योजना वर्ष 2008 में शुरू हुई। विभागीय सूत्रों के अनुसार शासन अब प्रत्येक कस्तूरबा स्कूल को 10वीं कक्षा तक करने जा रहा है। उन्होंने हाईस्कूल का दर्जा दिए जाने के विषय में बताया।

सूत्र बताते हैं कि अगले शैक्षिक सत्र से इस योजना को हरी झंडी मिल जाएगी, जो बालिका कक्षा आठ में अध्ययनरत हैं, वह पास होने पर स्वत: ही कक्षा नौ में आ जाएंगी |

      खबर साभार : अमरउजाला

प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में डेढ़ लाख शिक्षकों की कमी : आरटीई 2009 (RTE-2009) के मानक के मुताबिक शिक्षकों (Teachers) की कमी से प्रदेश में बड़ी संख्या में विद्यालयों में है तालाबंदी

प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में डेढ़ लाख शिक्षकों की कमी : आरटीई 2009 के मानक के मुताबिक शिक्षकों की कमी से प्रदेश में बड़ी संख्या में विद्यालयों में है तालाबंदी

इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नौकरशाहों, राजनेताओं एवं सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को पढ़ाने का हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। आदेश के पालन में एक जो बड़ी बाधा है वह है स्कूलों में शिक्षकों की कमी। प्रदेश में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती पर बने गतिरोध के कारण शिक्षक और छात्रों का अनुपात आरटीई मानक के अनुरूप नहीं है। आरटीई 2009 के अनुसार विद्यालयों में शिक्षकों और छात्रों का अनुपात एक और तीस होना चाहिए, जबकि यह अनुपात एक और 45 का बना हुआ है।

राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से जारी रिपोर्ट में आरटीई मानक के लिए लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों की कमी बनी है। आरटीई मानक के अनुसार शिक्षकों की बात कौन करे, कुछ विद्यालय तो ऐसे हैं जहां एक शिक्षक के भरोसे सैकड़ों छात्रों का भविष्य जुड़ा है। प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे विद्यालय हैं जहां शिक्षामित्र ही तैनात हैं, कुछ विद्यालयों में शिक्षक नहीं होने से तालाबंदी है।

प्रदेश में इस समय कुल 1.13 लाख प्राथमिक और 46 हजार जूनियर स्तर के विद्यालय हैं। परिषदीय विद्यालयों में प्राथमिक में 5.33 लाख शिक्षक तथा जूनियर स्तर पर 2.69 लाख शिक्षक तैनात हैं। प्रदेश में आरटीई के मानक के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों के 2.60 करोड़ छात्रों के लिए 8.70 लाख शिक्षक होने चाहिए, जबकि तैनात 4.60 लाख ही हैं। जूनियर स्तर के 92 लाख छात्रों के लिए 3.06 लाख शिक्षक चाहिए, जबकि तैनाती 2.69 लाख की ही है। प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती के लिए सरकार की ओर से 72825 शिक्षकाें की भर्ती के साथ जूनियर हाईस्कूलों में विद्यालयों में विज्ञान एवं गणित के शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। शिक्षामित्रों के समायोजन के बाद शिक्षकों के मानक में कुछ सुधार होने की संभावना है।

आरटीई 2009 के मानक के मुताबिक शिक्षकों की कमी से प्रदेश में बड़ी संख्या में विद्यालयों में है तालाबंदी

        खबर साभार : अमरउजाला

मौलिक नियुक्ति तिथि से शिक्षकें को नहीं मिलेगी वरिष्ठता : अन्तरजनपदीय तबादले (Teachers Transfer) के तहत अपने जिलों में गये शिक्षकों का मामला; क्लिक कर बेसिक शिक्षा सचिव का आदेश देखें |

मौलिक नियुक्ति तिथि से शिक्षकें को नहीं मिलेगी वरिष्ठता : अन्तरजनपदीय तबादले के तहत अपने जिलों में गये शिक्षकों का मामला; क्लिक कर बेसिक शिक्षा सचिव का आदेश देखें |

~ अन्तर्जनपदीय स्थानांतरित (Interdistrict Transfer) अध्यापकों की वरिष्ठता के निर्धारण के सम्बन्ध में सचिव बेसिक शिक्षा द्वारा जारी स्पष्टीकरण आदेश |

       खबर साभार : हिन्दुस्तान

पीजी की डिग्री, प्राइमरी में हो रहे फेल : प्राइमरी और अपर प्राइमरी में 20 फीसदी भी शिक्षक नहीं हो पा रहे सफल; शैक्षणिक गुणवत्ता (Quality Education) में गिरावट से पठन-पाठन पर असर

पीजी की डिग्री, प्राइमरी में हो रहे फेल : प्राइमरी और अपर प्राइमरी में 20 फीसदी भी शिक्षक नहीं हो पा रहे सफल; शैक्षणिक गुणवत्ता में गिरावट से पठन-पाठन पर असर

मेरठ : सरकारी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे गणित के सामान्य सवाल नहीं हल कर पा रहे, हिंदी की किताब नहीं पढ़ पा रहे हैं। लेकिन ऐसा नहीं है, शिक्षक बनने की दौड़ में शामिल होने वाले बहुत से अभ्यर्थी भी प्राइमरी की परीक्षा में ही फेल हो रहे हैं, जिसका अंदाजा हर साल होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा के परिणाम से लगाया जा सकता है।

प्राइमरी और माध्यमिक स्तर पर सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन का स्तर लगातार गिर रहा है। इसका एक बड़ा कारण शिक्षकों का शिक्षा का स्तर है। शिक्षक बनने की कतार में खड़े बहुत से अभ्यर्थियों के पास अपेक्षित योग्यता नहीं है। परास्नातक तक की डिग्री लेने के बाद भी बहुत से अभ्यर्थी प्राइमरी और जूनियर स्तर की पात्रता परीक्षा को पास नहीं कर पा रहे हैं। शिक्षक बनने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा होने के बाद से तो शिक्षकों की शैक्षणिक गुणवत्ता और सामने आने लगी है। पिछले दो साल से निराशाजनक परिणाम देखने को मिल रहा है, जिसमें 80 फीसदी अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनकी शैक्षणिक योग्यता परास्नातक है, लेकिन वह प्राइमरी और जूनियर कक्षाओं की परीक्षा में फेल हो रहे हैं।

चौंका रहे सीटीइटी के नतीजे, 2014 के बोलते परिणाम : प्राइमरी स्तर के स्कूल में शिक्षक बनने वाले अभ्यर्थियों में पुरुषों में केवल 12.95 और जूनियर में महज 3.13 फीसदी सीटीइटी पास कर पाए। महिलाओं में देखें तो प्राइमरी में 11.95 फीसद और जूनियर में मात्र 2.80 फीसद पास हुईं।

2015 में थोड़ा सा सुधार : फरवरी 2015 के सीटीइटी के नतीजे देखें तो प्राइमरी में 19.26, जूनियर में 9.62 फीसद पुरुष अभ्यर्थी सफल हुए थे। महिलाओं में प्राइमरी में 17.90 और जूनियर में 9.16 फीसद सफल हुईं।

         खबर साभार : दैनिकजागरण

केन्द्रिय कैबिनेट ने सांतवे वेतन आयोग (7th Pay Commission) का कार्यकाल 4 महीने बढ़ाया, वेतन आयोग का कार्यकाल 31 अगस्त 2015 को हो रहा था समाप्त : क्लिक कर भारत सरकार के सूचना कार्यालय द्वारा जारी पत्र भी देखें |

केन्द्रिय कैबिनेट ने सांतवे वेतन आयोग का कार्यकाल 4 महीने बढ़ाया, वेतन आयोग का कार्यकाल 31 अगस्त 2015 को हो रहा था समाप्त : क्लिक कर भारत सरकार के सूचना कार्यालय द्वारा जारी पत्र भी देखें |

नई दिल्ली। केंद्र ने बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में सांतवे वेतन आयोग के कार्यकाल को 4 महीने के लिए और बढ़ा दिया है। प्रारंभिक रूप से मिल रही खबरों के अनुसार जस्टिस माथुर ने सरकार से दो महीने का अतिरिक्त समय मांगा था।

पहले उम्‍मीद की जा रही थी कि आज होने वाली बैठक में यह कार्यकाल दो महीने ही बढ़ाया जाएगा लेकिन इसे चार महीने बढ़ा दिया गया। पूर्व संप्रग सरकार ने केंद्र सरकार के करीब 48 लाख कर्मचारियों तथा 55 लाख पेंशनभोगियों के पारितोषिक में संशोधन के लिये फरवरी 2014 में वेतन आयोग का गठन किया था।

आयोग को अपनी रिपोर्ट अगस्त के अंत तक देनी थी। अब तक की योजना के अनुसार, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें एक जनवरी, 2016 से लागू होनी हैं। केंद्रीय कर्मियों में 90 फीसद सैन्य और अर्धसैन्य बलों बलों में काम करते हैं।

हाल ही में आयोग के अध्‍यक्ष जस्टिस एके माथुर ने कहा था कि, करीब 48 लाख कर्मचारियों और 55 लाख पेंशनरों के लिए गठित सातवां वेतन आयोग सितंबर माह के अंत तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा। वेतन आयोग का कार्यकाल 31 अगस्त 2015 को समाप्त हो रहा है।

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        खबर साभार : नई दुनिया

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