Saturday, January 31, 2015

प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती : नपेंगे फर्जी मार्कशीट लगाने वाले, जेल भी जा सकते हैं : नियुक्ति पत्र पाने के बाद भी छिन सकती है नौकरी-

प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती : नपेंगे फर्जी मार्कशीट लगाने वाले, जेल भी जा सकते हैं : नियुक्ति पत्र पाने के बाद भी छिन सकती है नौकरी-

१-नियुक्ति पत्र पाने के बाद भी छिन सकती है नौकरी
२-काउंसलिंग के समय से ही आ रहीं शिकायतें
३-6,000 अभ्यर्थी पहले ही शक के दायरे में

"मूल रिजल्ट वेबसाइट पर डाल दिया गया है। लगातार शिकायतें आ रही थीं। अब रिजल्ट से मिलान करने से तस्वीर साफ हो जाएगी। बीएसए ही नियुक्ति अधिकारी होते हैं, वे इस रिजल्ट से मिलान करेंगे। यदि कोई फर्जीवाड़ा पाया जाता है तो वे ही कार्रवाई भी करेंगे।"
-सर्वेंद्र विक्रम सिंह, निदेशक एससीईआरटी

लखनऊ | प्राइमरी स्कूलों में चल रही शिक्षक भर्ती में नियुक्ति पत्र मिलने के बाद भी हजारों अभ्यर्थियों की नौकरी छिन सकती है। यही नहीं वे जेल तक जा सकते हैं। दरअसल 6,000 ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिनकी मार्कशीट फर्जी होने की आशंका है। भर्ती होने के समय से ही लगभग हर जिले से फर्जी मार्कशीट की शिकायतें भी आई हैं। यही वजह है कि सरकार ने सभी अभ्यर्थियों का टीईटी का मूल रिजल्ट वेबसाइट पर डाल दिया है। अब हर जिले के बीएसए को मूल रिजल्ट से मिलान करना है। जिसकी मार्कशीट फर्जी पाई गई, उसके खिलाफ बीएसए कार्रवाई करेंगे। टीईटी की परीक्षा 2011 में यूपी बोर्ड ने करवाई थी। हालांकि टीईटी अर्हता परीक्षा होती है लेकिन उस समय प्रदेश सरकार ने इसी को भर्ती परीक्षा मानते हुए विज्ञापन जारी किया था। मामला हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए कि सरकार ने भर्ती परीक्षा के तौर पर विज्ञापन जारी किया, इसलिए इसी के आधार पर भर्ती कराई जाए।

काउंसलिंग के समय से ही आ रहीं शिकायतें-

काउंसलिंग के समय से ही शिकायतें लगातार आ रही हैं। अभ्यर्थियों ने कहा था कि जिनके रिजल्ट के समय कम नंबर थे, उन्होंने काउंसलिंग में ज्यादा नंबर की मार्कशीट लगाई है। उन्होंने एससीईआरटी, बीएसए दफ्तरों में दर्जनों शिकायतें दर्ज कराने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी ऐसे कई रोल नंबर डालकर इसको उजागर करने का दावा किया था। उनके ही दबाव के बाद अब सरकार ने मूल रिजल्ट वेबसाइट पर डाला है और बीएसए को मिलान करके कार्रवाई के लिए कहा गया है।

धांधली के आरोप में जेल गए थे निदेशक-

ये वही परीक्षा है, जिसमें धांधली के आरोप लगे थे और माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन जेल गए थे। उस समय संशोधन के नाम पर नंबर बढ़ाने के आरोप लगे थे। इस वजह से यह परीक्षा रद करने की भी मांग उठी थी लेकिन बाद में टीईटी अभ्यर्थियों ने कोर्ट में यह याचिका दायर की कि जिन्होंने अच्छे नंबर से परीक्षा पास की है, उनकी इसमें कोई गलती नहीं है। इस पर कोर्ट ने भर्ती कराने के आदेश दिए।

मुश्किल से मिला था मूल रिजल्ट-

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जब से यह भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई, तब से इसमें फर्जीवाड़े के आरोप लग रहे हैं। इसकी वजह बताई जा रही है कि काफी फर्जी मार्कशीट जारी हुई हैं।

टीईटी 2011 के मूल रिजल्ट को लेकर भी विवाद उठा था। यह कहा जा रहा था कि बिना मूल रिजल्ट के ही भर्ती हो रही है। इस पर सचिव बेसिक शिक्षा ने यूपी बोर्ड और एससीईआरटी के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए थे और मूल रिजल्ट को जल्द देने की मांग की थी।

            खबर साभार : नवभारत टाइम्स

प्रशिक्षु शिक्षक चयन-2011हेतु मध्यमिक़ शिक्षा परिषद उ0 प्र0 इलाहाबाद दवारा आयोजित TET-2011 के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का विवरण : यहीं से डाउनलोड करें व देखें|

बी0टी0सी0-2010 व 2011 का (आंशिक)चतुर्थ सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित : यहीं पर रिजल्ट देखें व डाउनलोड करें-

बी0टी0सी0-2010 व 2011 का (आंशिक) चतुर्थ सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित : यहीं पर रिजल्ट देखें व डाउनलोड करें-

देवरिया में हाईस्कूल, इंटर फेल भी बन गये शिक्षक : प्रथम बैच में नौकरी पाये 166 शिक्षामित्रों के प्रमाण पत्र संदिग्ध-

देवरिया में हाईस्कूल, इंटर फेल भी बन गये शिक्षक : प्रथम बैच में नौकरी पाये 166 शिक्षामित्रों के प्रमाण पत्र संदिग्ध-

देवरिया | शिक्षक बने शिक्षामित्रों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन में फर्जीवाड़ा सामने आने लगा है। प्रथम बैच में नौकरी पाए जिले के 166 शिक्षामित्रों के प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए गए हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो हाईस्कूल और इण्टमीडिएट में फेल हैं। ऐसे सभी लोगों को बीएसए ने नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के अंदर जवाब मांगा है। प्रथम बैच में जिले के 1066 शिक्षामित्र परिषदीय स्कूलों में बतौर सहायक अध्यापक तैनात हो चुके हैं। इन्हें अगस्त माह में नियुक्तिपत्र जारी किया गया। इनके प्रमाणपत्रों के सत्यापन का कार्य हो रहा है। इसमें से यूपी बोर्ड से सम्बंधित 977 शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन की रिपोर्ट आ चुकी है,जिसमें से 166 ऐसे हैं जिनके प्रमाणपत्र संदिग्ध मिले हैं।

इसमें करीब आधे दर्जन ऐसे हैं जो फेल होने के बावजूद पहले शिक्षामित्र और अब शिक्षक बने बैठे हैं। 21 लोगों के पिता के नाम मेल नहीं खा रहे हैं तो 40 ऐसे हैं जिनके प्रमाणपत्रों का रिकार्ड ही यूपी बोर्ड के पास नहीं है। 39 के अंकपत्रों में मिले अंक मेल नहीं खा रहे हैं। बीएसए मनोज मिश्र ने बताया कि इन लोगों से 15 दिनों में जवाब मांगा गया है। जवाब न देने वालों के प्रमाणपत्रों को फर्जी मानते हुए बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। इनसे शिक्षामित्र के रूप में लिए मानदेय की रिकवरी भी की जाएगी।

     खबर साभार : हिन्दुस्तान

परिषदीय बच्चों के लिए कम्प्यूटर शिक्षा सपना : 33 लाख रूपये इस योजना पर खर्च लेकिन एक भी बच्चा नहीं सीख सका कम्प्यूटर-

परिषदीय बच्चों के लिए कम्प्यूटर शिक्षा सपना :  33 लाख रूपये इस योजना पर खर्च लेकिन एक भी बच्चा नहीं सीख सका कम्प्यूटर-

सिद्धार्थनगर। शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे परिषदीय विद्यालयों में व्यवस्थागत खामियां भी कम नहीं हैं। यहां अधिकतर योजनाएं कागजों में संचालित हो रही हैं। रिपोर्ट में सब ठीकठाक लेकिन वास्तविकता में अधिकतर कागजी चल रहा है। योजनाओं में परिषदीय पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के लिए मिले कम्प्यूटर इसकी एक बानगी है। करीब 33 लाख रूपये इस योजना पर विभाग का खर्च हो चुका हे लेकिन एक भी बच्च कम्प्यूटर नहीं सीख सका।परिषदीय पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए आये अधिकतर कम्प्यूटर गायब हैं।

कम्प्यूटरों का सटीक आंकड़ा विभाग के पास भी नही हैं।वर्ष 2007 से जिले के परिषदीय पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा देने की योजना अमल में आई तो जिले के करीब 110 विद्यालयों को भी कम्प्यूटर मिल गया। कम्प्यूटर दिए जाने के बाद विद्यालय के एक शिक्षक को इसे चलाने का प्रशिक्षण भी दिया गया लेकिन कम्प्यूटर नहीं चले।

       खबर साभार : हिन्दुस्तान

दो फरवरी से शिक्षण कार्य का बहिष्कार करेंगे शिक्षामित्र : समायोजन की रफ्तार बेहद सुस्त होने से आक्रोश-

दो फरवरी से शिक्षण कार्य का बहिष्कार करेंगे शिक्षामित्र : समायोजन की रफ्तार बेहद सुस्त होने से आक्रोश-

लखनऊ (एसएनबी)। उप्र शिक्षामित्र शिक्षक कल्याण समिति ने दो फरवरी से शिक्षण कार्य के बहिष्कार का ऐलान किया है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि द्वितीय बैच के शिक्षामित्रों के समायोजन के लिए समय-सारिणी जारी होने तक उनका आन्दोलन चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि द्वितीय बैच में 92 हजार शिक्षामित्रों का प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन होना है। रिजल्ट घोषित हुए करीब एक महीना हो चुका है, लेकिन अभी तक समायोजन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। उन्होंने इस मामले में राज्य के शिक्षामंत्री राम गोबिंद चौधरी से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि द्वितीय बैच के प्रशिक्षण पूरा कर चुके शिक्षामित्रों का समायोजन सहायक अध्यापक के पदों पर हो सके।

उन्होंने बताया कि शिक्षामित्र दो से छह फरवरी तक शिक्षण कार्य का बहिष्कार, 9, 10 व 11 फरवरी को विद्यालयों में काली पट्टी बांधेंगे। इसके बाद 17 फरवरी को विद्यालयों में पूरी तरह तालाबंदी करने के साथ ही 26 फरवरी को जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करके मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन भेजा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव ने 88 हजार शिक्षामित्रों के समायोजन के लिए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन विभाग के सचिव हीरालाल गुप्ता ने सभी 92 हजार शिक्षामित्रों के समायोजन के लिए प्रस्ताव नये सिरे से भेजने का निर्देश दिया है। इसके बाद से विभाग में शिक्षामित्रों के समायोजन की रफ्तार बेहद सुस्त हो गयी है, इससे शिक्षामित्रों में आक्रोश है।

       खबर साभार : राष्ट्रीयसहारा

अन्तरराष्ट्रीय प्री-प्राइमरी व प्राइमरी प्रधानाचार्य सम्मेलन आज से : समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा-

अन्तरराष्ट्रीय प्री-प्राइमरी व प्राइमरी प्रधानाचार्य सम्मेलन आज से : समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा-

"सम्मेलन में भारत सहित सात देशों की 500 से अधिक प्रधानाचार्य भाग लेंगे।"

लखनऊ (एसएनबी)। सिटी मान्टेसरी स्कूल के क्वालिटी इश्योरेन्स व इनोवेशन डिपार्टमेन्ट के तत्वावधान में शनिवार को चार दिवसीय कानपुर रोड स्थित सीएमएन के सभागार में अन्तरराष्ट्रीय प्री प्राइमरी व प्राइमरी प्रधानाचार्य सम्मेलन होगा। यह जानकारी शुक्रवार को सीएमएस के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी हरि ओम शर्मा ने दी। कार्यक्रम की शुरुआत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम से होगी। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने की। सम्मेलन में भारत सहित सात देशों की 500 से अधिक प्रधानाचार्य भाग लेंगे।

        खबर साभार : राष्ट्रीयसहारा

प्राइमरी के रिटार्यड शिक्षकों की पेंशन के लिए लगेंगे शिविर : बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी ने जारी की विज्ञप्ति-

प्राइमरी के रिटार्यड शिक्षकों की पेंशन के लिए लगेंगे शिविर : बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी ने जारी की विज्ञप्ति-

लखनऊ (एसएनबी)। प्राइमरी के रिटार्यड शिक्षकों को निर्धारित समय में पेंशन भुगतान को ध्यान में रखकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से शिविर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शिविर दस से 25 फरवरी के बीच आयोजित किया जाएगा। शिविर राज्य सरकार की ओर से जारी शासनादेश को ध्यान में रखकर आयोजित किया जा रहा है जिसमें कहा गया है कि रिटायर शिक्षकों को निर्धारित अवधि में पेंशन की सुविधा शुरू कर दी जाय। बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि लखनऊ जिले में नौ शिविर आयोजित किये जाएंगे। शिविर में पेंशन संबंधित सभी अधिकारी मौजूद होंगे। यह सभी ब्लॉक में आयोजित किये जाएंगे। इसकी तिथि निर्धारित कर दी गयी है। मॉल ब्लॉक में दस फरवरी, मलिहाबाद में 11, काकोरी में 12, गोसाईगंज में 13, मोहनलालगंज में 16, चिनहट में 18, बख्शी का तालाब में 19, सरोजनीनगर में 20 और नगर क्षेत्र में 21 से 25 फरवरी तक शिविर का आयोजन किया जाएगा।

       खबर साभार : राष्ट्रीयसहारा

बीटीसी परीक्षा शुल्क 150 रुपये बढ़ा : प्रदेश में बीटीसी की करीब 34000 सीटें-

बीटीसी परीक्षा शुल्क 150 रुपये बढ़ा : प्रदेश में बीटीसी की करीब 34000 सीटें-

लखनऊ(ब्यूरो)। प्रदेश सरकार ने बीटीसी परीक्षा शुल्क 150 रुपये बढ़ा दिया है। बढ़ा परीक्षा शुल्क नए सेमेस्टर से लागू होगा। प्रदेश में बीटीसी की करीब 34000 सीटें हैं। इसमें 10400 सरकारी और बाकी निजी संस्थाओं में हैं। सेमेस्टर के आधार पर परीक्षा के लिए पहले से 250 रुपये परीक्षा शुल्क है। सरकार ने परीक्षा शुल्क में 150 रुपये की वृद्धि कर 400 रुपये कर दिया है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी नीना श्रीवास्तव ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। बढ़ा हुआ परीक्षा शुल्क नए सेमेस्टर की परीक्षाओं से लागू होगा।
      
       खबर साभार : अमरउजाला /हिन्दुस्तान

प्रदेश सरकार ने मीनाक्षी कौल को एससीईआरटी (SCERT) की चेयरमैन नियुक्त किया-

प्रदेश सरकार ने मीनाक्षी कौल को एससीईआरटी (SCERT) की चेयरमैन नियुक्त किया-

• मीनाक्षी कौल बनीं एससीईआरटी की चेयरमैन 

लखनऊ। प्रदेश सरकार ने मीनाक्षी कौल को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) का चेयरमैन नियुक्त किया है। यह पद सुरभि शुक्ला को हटाए जाने के बाद से खाली चल रहा था। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
 
       खबर साभार : अमर उजाला

अलीगढ़ में शिक्षामित्रों के रिकॉर्ड में आग लगने का मामला : फॉरेंसिक टीम ने राख में खंगाले आग के सबूत-

अलीगढ़ में शिक्षामित्रों के रिकॉर्ड में आग लगने का मामला : फॉरेंसिक टीम ने राख में खंगाले आग के सबूत-

अलीगढ़ (ब्यूूरो)। बीएसए दफ्तर में शिक्षामित्रों का रिकॉर्ड जलाने वाला अपने निशान छोड़ गया है। आरोपी के जूते के निशान उसकी पहचान बता रहे हैं। आग लगाने की घटना में एक ही व्यक्ति के शामिल होने की बात सामने आ रही है। फॉरेंसिक टीम की जांच में दरवाजे और तालों का टूटना भी अलग ही कहानी बयां कर रहा है। टीम ने शुक्रवार को शिक्षामित्रों के रिकॉर्ड की राख में साढ़े तीन घंटे तक सबूत खंगाले। आरोपी के हाथ और पैर के निशान उठाए। घटना स्थल के फोटो भी लिए।

बीएसए दफ्तर में गुरुवार को लगाई गई आग का जल्द ही खुलासा हो सकता है। दफ्तर की हर दीवार पर आरोपी की उंगलियों के निशान मिले हैं। दफ्तर की बाहरी जमीन और दीवार भी जूते के निशान मिले हैं।

       खबर साभार : अमरउजाला

बीएसए दफ्तर में लगी आग, शिक्षामित्रों का रिकॉर्ड जला : सीटी मजिस्ट्रेट को मिली जांच : और खबरों के लिए यहां क्लिक करें |

निजी कॉलेज 81250 से ज्यादा नहीं ले सकेंगे बीएड की फीस : सूबे के विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों ने शासन को भेजा प्रस्ताव-

निजी कालेजों के दो वर्षीय बीएड की फीस 81 हजार रुपये तय-

लखनऊ (एसएनबी)। राज्य सरकार ने दो वर्षीय बीएड कोर्स की नई फीस तय कर दी है। दो वर्षीय बीएड छात्रों को 81 हजार रुपये फीस के रूप में चुकाने होंगे। इसके लिए हाल में हुई बैठक में इसका फैसला हुआ है। वहीं एक वर्षीय बीएड कोर्स के लिए छात्र को 51 हजार रुपये फीस के रूप में देना होता था। लविवि सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार ने दो वर्षीय बीएड के लिए फीस तय कर दी है। अभी तक एक वर्षीय बीएड कोर्स के लिए छात्रों को 51250 रुपये देना पड़ता था। इस फीस में राज्य सरकार की ओर से कोई बदलाव नहीं किया गया है जबकि दूसरे साल की फीस 30 हजार रुपये अतिरिक्त निर्धारित की गयी है। यह फीस छात्रों को दूसरे साल के शुरू में जमा करनी होगी। ऐसे में छात्रों को बीएड करने में कुल 81250 रुपये फीस के रूप में देना होगा। गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से इस वर्ष बीएड प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी लखनऊ विविद्यालय को सौंपी गयी है। बीएड प्रवेश के लिए दस फरवरी से आवेदन पत्र मिलने शुरू हो जाएंगे। आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए एक हजार रुपये और आरक्षित वर्ग के छात्रों को पांच सौ रुपये निर्धारित किया गया है। पहले एक साल में 51250, दूसरे साल 30 हजार देय होंगे |

            खबर साभार : राष्ट्रीय सहारा

निजी कालेज 81250 रूपये से ज्दाया नहीं ले सकेंगे बीएड की फीस : सूबे के विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों ने शासन को भेजा प्रस्ताव-

"सरकारी कॉलेजों में यह फीस तीन हजार रुपये से लेकर 23 हजार रुपये के बीच होगी।"

१-बीएड में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म 10 फरवरी से भरने शुरू हो जाएंगे।

२-आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 मार्च होगी।

३-10 मार्च तक रजिस्ट्रेशन कराने वाले स्टूडेंट्स को 12 मार्च तक फीस जमा करने का मौका

४-20 से 25 अप्रैल के बीच प्रवेश परीक्षा आयोजित

लखनऊ। प्रदेश के निजी कॉलेजों में बीएड करने के लिए स्टूडेंट्स को अब 81,250 रुपये फीस देनी होगी। जबकि सरकारी कॉलेजों में यह फीस तीन हजार रुपये से लेकर 23 हजार रुपये के बीच होगी। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजूकेशन (एनसीटीई) के निर्देश पर बीएड पाठ्यक्रम दो वर्ष के किए जाने के बाद सूबे के विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों ने नए सिरे से बीएड फीस निर्धारित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। दो वर्षीय पाठ्यक्रम होने के बाद पहले साल निजी कॉलेज 51,250 रुपए और दूसरे साल अधिकतम 30 हजार रुपए फीस ले सकेंगे। जबकि अभी तक निजी कॉलेजों के लिए बीएड की अधिकतम फीस महज 51,250 रुपये थी।

बता दें कि इस साल लखनऊ विश्वविद्यालय को सूबे में संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एनसीटीई ने इस साल बीएड पाठ्यक्रम दो वर्षीय करने के निर्देश जारी किए थे। निर्देश के बाद सिलेबस के साथ ही दो वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए फीस निर्धारण भी नए सिरे से होना है। इस संबंध में लखनऊ विश्वविद्यालय समेत सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में निजी कॉलेजों के लिए अधिकतम फीस निर्धारण पर विचार हुआ। विचार-विमर्श के बाद निजी कॉलेजों के लिए पहले साल की फीस 51,250 रुपए और दूसरे साल के लिए 30 हजार रुपए तय करने पर सहमति बनी। इस तरह से दो साल के कोर्स के लिए कुल फीस 81,250 रुपए का प्रस्ताव शासन को दिया गया। शासन को निजी के साथ ही सरकारी कॉलेजों की फीस पर अपनी मुहर लगानी है।

गौरतलब है कि इस साल बीएड में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म 10 फरवरी से भरने शुरू हो जाएंगे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 मार्च होगी। 10 मार्च तक रजिस्ट्रेशन कराने वाले स्टूडेंट्स को 12 मार्च तक फीस जमा करने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद 20 से 25 अप्रैल के बीच प्रवेश परीक्षा आयोजित कराने की योजना है।

        खबर साभार : अमरउजाला

Friday, January 30, 2015

बी0टी0सी0-2013 के गुस्साए प्रशिक्षुओं ने घेरा परीक्षा नियामक दफ्तर : सेमेस्टर परीक्षा कराने के लिखित आश्वासन पर माने प्रशिक्षु-

बी0टी0सी0-2013 के गुस्साए प्रशिक्षुओं ने घेरा परीक्षा नियामक दफ्तर : सेमेस्टर परीक्षा कराने के लिखित आश्वासन पर माने प्रशिक्षु-

जासं, इलाहाबाद : परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की मनमानी कार्यशैली पर युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। तमाम अनुरोध की अनसुनी होने पर प्रशिक्षुओं ने शुक्रवार को उनके कार्यालय का घेराव किया और जोरदार नारेबाजी की। दिनभर धरना-प्रदर्शन का दौर चला। सेमेस्टर परीक्षा कराने के लिखित आश्वासन पर ही युवा माने।

प्रदेश भर के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में बीटीसी 2013 बैच के प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण चल रहा है। इस प्रशिक्षण के 11 माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पहले सेमेस्टर की भी परीक्षा नहीं कराई गई है, बल्कि हर दूसरे-तीसरे महीने में नई सूची जारी करके युवाओं को अब तक प्रवेश दिलाया जा रहा है। सेमेस्टर परीक्षा में देरी से युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हो उठे हैं और उन्होंने मिलकर बीटीसी संघर्ष समिति का गठन किया है और उसी के बैनर तले आंदोलन शुरू किया है। युवाओं का कहना है कि 2013 बैच के युवाओं को प्रवेश देना गलत नहीं है, लेकिन जो साथी पहले से प्रशिक्षण ले रहे हैं उनकी परीक्षाएं आदि समय पर ही होनी चाहिए। अन्यथा बाद में उन्हें परीक्षा देने के लिए इंतजार करना होगा। डायट इलाहाबाद के युवाओं ने इकट्ठा होकर नियामक परीक्षा प्राधिकारी के दफ्तर का घेराव किया और दिन भर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि शिक्षामित्रों की प्रशिक्षण परीक्षा, परिणाम समय पर दिया जा सकता है तो उन लोगों के साथ ऐसा क्यों किया जा रहा है।

प्रशिक्षु परीक्षा नियामक प्राधिकारी नीना श्रीवास्तव से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा साथ ही सेमेस्टर परीक्षा जल्द कराने की मांग की। इस पर श्रीवास्तव ने प्रशिक्षुओं को लिखकर दिया कि पहली सेमेस्टर परीक्षा अप्रैल के प्रथम सप्ताह में और अंतिम सप्ताह में दूसरी सेमेस्टर परीक्षा कराई जाएगी। इस पर युवा शांत हुए। यहां पर मो. एहतेशाम, बृजेश जायसवाल, सुधीर सिंह, अब्दुल मन्नान, प्रताप बिंद, अभय सिंह, आशीष तिवारी, विवेक पांडेय, बब्लू बिंद, विकास यादव, देवेंद्र कुमार, बिपिन गौतम आदि थे।

        खबर साभार : दैनिकजागरण

केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों को एक जनवरी 2015 से महंगाई भत्ता छह फीसद वृद्धि के साथ होगा देय : अब महंगाई भत्ता (डीए) होगा 113 फीसदी-

केंद्रीय कर्मियों के डीए में 6 फीसदी की बढ़ोतरी तय : जनवरी-2015 से मिलेगा महंगाई भत्ते में वृद्धि का लाभ-

1-जनवरी-2015 से मिलेगा महंगाई भत्ते में वृद्धि का लाभ

2-कर्मचारियों का कुल डीए बढ़कर हो जाएगा 113 फीसदी

इलाहाबाद (ब्यूरो)। केंद्रीय कर्मियों के लिए राहत वाली खबर है। जनवरी-2015 से उन्हें महंगाई भत्ते (डीए) में छह फीसदी की बढ़ोतरी का लाभ मिलना तय हो गया है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर गणना करते हुए विशेषज्ञों ने पिछले महीने ही इस वृद्धि का सटीक आकलन कर लिया था। दिसंबर का सूचकांक जारी होने के बाद छह फीसदी की बढ़ोतरी पक्की हो गई है। केंद्रीय कर्मियों के साथ ही केंद्रीय पेंशनरों, राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को भी जनवरी-2015 से इस वृद्धि का लाभ मिलेगा।

कर्मचारियों को जुलाई 2014 में सात फीसदी डीए वृद्धि का लाभ मिला था, सो वर्तमान में उन्हें कुल 107 फीसदी डीए मिल रहा है। छह फीसदी की बढ़ोतरी के बाद कुल महंगाई भत्ता 113 फीसदी हो जाएगा। सिविल एकाउंट्स ब्रदरहुड एजीयूपी के पूर्व अध्यक्ष हरिशंकर तिवारी ने नवंबर माह के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर निर्धारित फार्मूूले पर गणना करते हुए छह फीसदी की बढ़ोतरी का आकलन किया था। हालांकि विशेषज्ञों को दिसंबर माह का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी होेने का इंतजार था। विशेषज्ञों ने पहले ही कह दिया था कि दिसंबर के सूचकांक में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो छह फीसदी की बढ़ोतरी तय है।

                 खबर साभार : अमरउजाला

केन्द्रीय और राज्य कर्मचारियों को एक जनवरी 2015 से महंगाई भत्ता छह फीसद वृद्धि के साथ होगा देय : अब महंगाई भत्ता (डीए) होगा 113 फीसदी-

जासं, इलाहाबाद : केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों को एक जनवरी 2015 से महंगाई भत्ता छह फीसद वृद्धि के साथ देय होगा। इस प्रकार अब कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) 113 फीसद देय होगा। अभी 107 फीसद मिल रहा है। इस वृद्धि से केंद्र सरकार के करीब 80 लाख कर्मचारी एवं पेंशनर के साथ उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के लाखों कर्मी, पेंशनर लाभान्वित होंगे।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिकों के लिए) के आधार पर कर्मचारियों को देय डीए की विगत कई वर्षो से सटीक गणना करने वाले सिविलि एकाउंट्स ब्रदरहुड एजीयूपी के पूर्व अध्यक्ष हरीशंकर तिवारी के अनुसार यदि माह दिसंबर 2014 के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में पांच अंकों की कमी होती तो डीए पांच फीसद देय होता यदि दस अंकों की वृद्धि होती तो डीएम सात प्रतिशत देय होता लेकिन दिसंबर का सूचकांक पिछले माह के स्तर पर ही स्थिर रहा जिसके चलते महंगाई भत्ता छह फीसद ही देय होगा। उनके मुताबिक मार्च माह वर्ष 2015 के वेतन के साथ डीए वृद्धि का भी भुगतान हो जाना चाहिए।


         खबर साभार : दैनिकजागरण


उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा परिषदीय/मान्यता प्राप्त विद्यालयों में वर्ष 2015 में दिये जाने वाले अवकाशों की तालिका के सम्बन्ध में शासनादेश जारी-

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन संचालित विद्यालय एवं मान्यता प्राप्त बेसिक विद्यालयों में वर्ष 2015 में दिये जाने वाले अवकाशों की तालिका के सम्बन्ध में शासनादेश जारी-

भारत सरकार द्वारा आज भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों की स्मृति में आज 11 बजे प्रत्येक शैक्षिक संस्थान और कार्यालय में 2 मिनट का मौन रखने क सम्बन्म में निर्देश जारी -

भारत सरकार द्वारा आज भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों की स्मृति में आज 11 बजे प्रत्येक शैक्षिक संस्थान और कार्यालय में 2 मिनट का मौन रखने क सम्बन्म में निर्देश जारी -

72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में दूसरे चरण के नियुक्ति पत्र बंटने शुरू : बेसिक शिक्षा विभाग और डायट को आपस में तालमेल बनाने के दिये गये निर्देश-

72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में दूसरे चरण के नियुक्ति पत्र बंटने शुरू : बेसिक शिक्षा विभाग और डायट को आपस में तालमेल बनाने के दिये गये निर्देश-

लखनऊ : परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के तहत गुरुवार से दूसरे चरण के नियुक्ति पत्र बंटने शुरू हो गए। पांच फरवरी तक यह प्रक्रिया चलेगी। शासन ने इस दौरान बेसिक शिक्षा निदेशक और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (एससीईआरटी) निदेशक को प्रतिदिन की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। बेसिक शिक्षा सचिव एचएल गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में यह निर्णय किया गया।

दरअसल, नियुक्ति पत्र बांटने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा अधिकारियों की है जबकि चयनित अभ्यर्थियों का ब्यौरा उपलब्ध कराने का काम डायट प्राचार्यो का है। ऐसे में कई बार अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप कर गफलत की स्थिति उत्पन्न कर देते हैं। शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा निदेशक डीबी शर्मा और एससीईआरटी के निदेशक सर्वेद्र विक्रम सिंह को अब प्रतिदिन नियुक्ति पत्र बांटे जाने की समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी है। बेसिक शिक्षा सचिव एचएल गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि सभी पात्र अभ्यर्थियों को तय समय पर नियुक्ति पत्र मुहैया कराना सुनिश्चित करें।

     खबर साभार : दैनिकजागर/हिन्दुस्तान

सहायक अध्यापकों की बदलेगी तैनाती नियमावली : पहली तैनाती पर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में रहने की अनिवार्यता को समाप्त कर तैनाती नियमावली में होगा संशोधन-

सहायक अध्यापकों की बदलेगी तैनाती नियमावली : पहली तैनाती पर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में रहने की अनिवार्यता को समाप्त कर तैनाती नियमावली में होगा संशोधन-

राज्य सरकार शिक्षकों की तैनाती प्रक्रिया बदलने जा रही है। पहली तैनाती पर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में रहने की अनिवार्यता को समाप्त करने के लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद सहायक अध्यापक तैनाती नियमावली में संशोधन किया जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा निदेशालय से प्रस्ताव मांगा गया है। साथ ही कहा गया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत परिषदीय स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर जनशक्ति निर्धारित करते हुए तैनाती की व्यवस्था की जाए।

          खबर साभार : अमरउजाला

SCERT ने शिक्षा मित्रों के कोटे के खाली रहने वाले पदों को सामान्य वर्ग से भरने का दिया निर्देश : प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती की मांगी रिपोर्ट-

SCERT ने शिक्षा मित्रों के कोटे के खाली रहने वाले पदों को सामान्य वर्ग से भरने का दिया निर्देश : प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती की मांगी रिपोर्ट-

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिक्षा मित्रों के कोटे के खाली रहने वाले पदों को सामान्य वर्ग से भरा जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी यह देख लें कि कोई शिक्षा मित्र शेष न बचा हो। इसकी जानकारी एससीईआरटी को भी उपलब्ध कराई जाए। उधर, बेसिक शिक्षा निदेशक डीबी शर्मा ने बेसिक शिक्षाअधिकारियों से प्रशिक्षु शिक्षक के भरे गए पदों के बारे में जानकारी तत्काल मांगी है।

        खबर साभार : अमरउजाला/हिन्दुस्तान

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