Sunday, November 30, 2014

इग्नू/राजर्षि टंडन डिस्टेंस बीएड शिक्षक संघ ने की मांग : विशिष्ट बीटीसी वर्ष 2007-2008 में चयनित अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति-

इग्नू-राजर्षि विवि बीएड पास अभ्यर्थियों ने की प्रशिक्षण कराने की मांग

लखनऊ (एसएनबी)। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दूरस्थ विविद्यालय और राजर्षि टंडन दूरस्थ विविद्यालय से बीएड पास अभ्यर्थियों ने रविवार को प्रेस वार्ता कर कहा है कि राज्य सरकार कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रही है। कोर्ट ने कहा था कि इन दोनों विविद्यालयों की मान्यता है। ऐसे में यहां से पास छात्रों को बीटीसी प्रशिक्षण 2007-08 की खाली सीटों पर बहाल किया जाय, लेकिन पालन नहीं हो रहा है। अभ्यर्थियों ने मांग की है जिन अभ्यर्थियों का चयन बीसीटी प्रशिक्षण वर्ष 2007-08 हो गया था उनका प्रशिक्षण कराकर अविलम्ब शिक्षक नियुक्ति किया जाय। इग्नू- राजर्षि टंडन दूरस्थ शिक्षा से बीएड पास शिक्षक संघ के संयोजक अरविंद कुमार राय ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद वर्ष 2007-08 में बीएड अभ्यर्थियों का चयन बीटीसी प्रशिक्षण के लिए हुआ था, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में था। ऐसे में राज्य सरकार ने उस दिशा में कोई पहल नहीं की है जबकि 18 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बीएड अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2007 में की गयी अपील को खारिज कर दिया है। ऐसे में सरकार को तत्काल उन चयनित अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण शुरू कराकर नियुक्ति करनी चाहिए। संघ के सलाहकार संजीव त्रिपाठी ने कहा कि सरकार के आदेश के अभाव में अभ्यर्थियों की आयु अधिक हो गयी है। उनका भविष्य अधर में है। राज्य सरकार पर कोर्ट के आदेश का पालन न करने का आरोप

   इग्नू/राजर्षि टंडन डिस्टेंस बीएड शिक्षक संघ ने की मांग : विशिष्ट बीटीसी वर्ष 2007-2008 में चयनित अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति-

लखनऊ : इग्नू/राजर्षि टंडन डिस्टेंस बीएड शिक्षक संघ ने विशिष्ट बीटीसी वर्ष 2007-2008 में चयनित अभ्यर्थियों को जल्द प्रशिक्षण देकर नियुक्ति करने की मांग की है। रविवार को पत्रकारवार्ता में संघ के संयोजक अरविंद कुमार राय ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष के अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए अपात्र माना था। न्यायालय ने सरकार के दावों को खारिज कर अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया। बावजूद इसके इन अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देने में हीलाहवाली की जा रही है, जोकि गलत है। उन्होंने अभ्यर्थियों की समस्याओं को त्वरित निस्तारित करने की मांग की।


    खबर साभार : दैनिकजागरण व राष्ट्रीय सहारा 

बीटीसी-2011 एवं विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं का आमरण की जगह क्रमिक अनशन शुरू : कैंडल मार्च भी निकाला-

बीटीसी-2011 एवं विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं का आमरण की जगह क्रमिक अनशन शुरू : कैंडल मार्च भी निकाला-

जासं, इलाहाबाद : बीटीसी 2011 एवं विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं का आमरण अनशन अब क्रमिक अनशन में बदल गया है। युवा बिना विज्ञापन जारी हुए शिक्षा निदेशालय से हटने को तैयार नहीं हैं। आरोप है कि उन्हें बेसिक शिक्षा परिषद निदेशालय के बरामदे से बाहर ठंड में रहने के लिए मजबूर किया गया है।

बीटीसी 2011 संघर्ष मोर्चा से जुड़े युवा 27 नवंबर से शिक्षा निदेशालय पर आंदोलन कर रहे हैं। पहले पांच युवाओं ने आमरण अनशन शुरू किया था, उनमें से तीन की हालत बिगड़ गई थी। उनमें से दो का इलाज हुआ और साथियों के अनुरोध पर सभी ने आमरण अनशन भी खत्म कर दिया। उनके स्थान पर चार प्रशिक्षुओं गाजीपुर के अजीत यादव, गोरखपुर के श्यामू प्रसाद, बस्ती के नंद किशोर चौधरी एवं संयोजक ध्यान सिंह ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। युवाओं का कहना है कि बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने कहा था कि सर्वर की उपलब्धता की सहमति आते ही विज्ञप्ति जारी हो जाएगी, लेकिन सर्वर की उपलब्धता के बाद भी विज्ञापन जारी नहीं हो रहा है। इसके बजाय निदेशालय के बरामदे में अनशन करने वालों को हटाकर खुले मैदान में भेज दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष योगेश पांडेय, अजीत मिश्र, विनोद, अरुण दिलीप, प्रशांत तोमर, विवेक सेंगर, स्वतंत्र, अरुण, अशोक, राम सहाय आदि मौजूद थे।

      कैंडल मार्च भी निकाला-

इलाहाबाद : बीटीसी 2011 संघर्ष मोर्चा के छात्र-छात्राओं ने रविवार शाम शिक्षा निदेशालय से सुभाष चौराहे तक कैंडल मार्च निकालकर आवाज बुलंद की। सभी युवा भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने के लिए नारे लगा रहे थे। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।

बीटीसी-2011 का आंदोलन खत्म नहीं : भाषा शिक्षक के दावेदार करेंगे आंदोलन -

बीटीसी-2011 का आंदोलन खत्म नहीं : भाषा शिक्षक के दावेदार करेंगे आंदोलन -

• सरकार तीन बार टीईटी की परीक्षा करा चुकी है, जिसमें सामाजिक अध्ययन एवं भाषा शिक्षक के हजारों अभ्यर्थी

जासं, इलाहाबाद : बीटीसी 2011 के प्रशिक्षुओं का अभी आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और भाषा शिक्षक बनने के दावेदारों ने भी ताल ठोंक दी है। उनका कहना है कि सरकार भाषा शिक्षक भर्ती करने में सौतेला व्यवहार कर रही है इसलिए तीन दिसंबर से शिक्षा निदेशालय पर आंदोलन किया जाएगा।

प्रशिक्षु अमित यादव ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत जूनियर विद्यालयों में विज्ञान, गणित, सामाजिक अध्ययन एवं भाषा विषय के कम से कम तीन शिक्षकों को नियुक्त करने की व्यवस्था है। एक ओर सरकार 29334 विज्ञान/गणित शिक्षकों की भर्ती कर रही है और दूसरी ओर सामाजिक अध्ययन एवं भाषा विषय से टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी बेरोजगारी का शिकार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार तीन बार टीईटी की परीक्षा करा चुकी है, जिसमें सामाजिक अध्ययन एवं भाषा शिक्षक के हजारों अभ्यर्थी पास हुए हैं।

प्रशिक्षु वीपी सिंह, आकांक्षा श्रीवास्तव, रमेश कुमार, शालू यादव, प्रतिमा सिंह, राघवेंद्र यादव, अमन यादव, प्रवीण कुमार आदि ने कहा है कि सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार बंद करें। दिसंबर माह में विज्ञापन निकाला जाए अन्यथा 

     खबर साभार : दैनिकजागरण

बीटीसी-2011 का आंदोलन खत्म नहीं : भाषा शिक्षक के दावेदार करेंगे आंदोलन -

बीटीसी-2011 का आंदोलन खत्म नहीं : भाषा शिक्षक के दावेदार करेंगे आंदोलन -

• सरकार तीन बार टीईटी की परीक्षा करा चुकी है, जिसमें सामाजिक अध्ययन एवं भाषा शिक्षक के हजारों अभ्यर्थी

जासं, इलाहाबाद : बीटीसी 2011 के प्रशिक्षुओं का अभी आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और भाषा शिक्षक बनने के दावेदारों ने भी ताल ठोंक दी है। उनका कहना है कि सरकार भाषा शिक्षक भर्ती करने में सौतेला व्यवहार कर रही है इसलिए तीन दिसंबर से शिक्षा निदेशालय पर आंदोलन किया जाएगा।

प्रशिक्षु अमित यादव ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत जूनियर विद्यालयों में विज्ञान, गणित, सामाजिक अध्ययन एवं भाषा विषय के कम से कम तीन शिक्षकों को नियुक्त करने की व्यवस्था है। एक ओर सरकार 29334 विज्ञान/गणित शिक्षकों की भर्ती कर रही है और दूसरी ओर सामाजिक अध्ययन एवं भाषा विषय से टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी बेरोजगारी का शिकार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार तीन बार टीईटी की परीक्षा करा चुकी है, जिसमें सामाजिक अध्ययन एवं भाषा शिक्षक के हजारों अभ्यर्थी पास हुए हैं।

प्रशिक्षु वीपी सिंह, आकांक्षा श्रीवास्तव, रमेश कुमार, शालू यादव, प्रतिमा सिंह, राघवेंद्र यादव, अमन यादव, प्रवीण कुमार आदि ने कहा है कि सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार बंद करें। दिसंबर माह में विज्ञापन निकाला जाए अन्यथा 

     खबर साभार : दैनिकजागरण

बीटीसी-2011 का आंदोलन खत्म नहीं : भाषा शिक्षक के दावेदार करेंगे आंदोलन -

बीटीसी-2011 का आंदोलन खत्म नहीं : भाषा शिक्षक के दावेदार करेंगे आंदोलन -

• सरकार तीन बार टीईटी की परीक्षा करा चुकी है, जिसमें सामाजिक अध्ययन एवं भाषा शिक्षक के हजारों अभ्यर्थी

जासं, इलाहाबाद : बीटीसी 2011 के प्रशिक्षुओं का अभी आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और भाषा शिक्षक बनने के दावेदारों ने भी ताल ठोंक दी है। उनका कहना है कि सरकार भाषा शिक्षक भर्ती करने में सौतेला व्यवहार कर रही है इसलिए तीन दिसंबर से शिक्षा निदेशालय पर आंदोलन किया जाएगा।

प्रशिक्षु अमित यादव ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत जूनियर विद्यालयों में विज्ञान, गणित, सामाजिक अध्ययन एवं भाषा विषय के कम से कम तीन शिक्षकों को नियुक्त करने की व्यवस्था है। एक ओर सरकार 29334 विज्ञान/गणित शिक्षकों की भर्ती कर रही है और दूसरी ओर सामाजिक अध्ययन एवं भाषा विषय से टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी बेरोजगारी का शिकार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार तीन बार टीईटी की परीक्षा करा चुकी है, जिसमें सामाजिक अध्ययन एवं भाषा शिक्षक के हजारों अभ्यर्थी पास हुए हैं।

प्रशिक्षु वीपी सिंह, आकांक्षा श्रीवास्तव, रमेश कुमार, शालू यादव, प्रतिमा सिंह, राघवेंद्र यादव, अमन यादव, प्रवीण कुमार आदि ने कहा है कि सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार बंद करें। दिसंबर माह में विज्ञापन निकाला जाए अन्यथा 

     खबर साभार : दैनिकजागरण

संविदा सेवा नवीनीकरण में फंसेगा पेंच : छात्र संख्या घटते ही जाएगी अनुदेशकों की नौकरी

संविदा सेवा नवीनीकरण में फंसेगा पेंच : छात्र संख्या घटते ही जाएगी अनुदेशकों की नौकरी-

अंबेडकरनगर : बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात अंशकालिक अनुदेशकों के सेवा विस्तार पर अभी से खतरा मड़राने लगा है। छात्र संख्या घटने के साथ ही संविदा शिक्षकों को विद्यालय से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। इसके लिए संविदा विस्तार किए जाने से पहले संबंधित विद्यालयों में छात्र संख्या की समीक्षा की जाएगी। गौरतलब है कि जिले के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अंशकालिक अनुदेशकों की तैनाती के लिए शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत सौ से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में ही अनुदेश तैनात किए जा सकते हैं। इसके तहत निर्धारित छात्र संख्या धारण करने वाले प्रति उच्च प्राथमिक विद्यालय में तीन-तीन अनुदेशकों की तैनाती की जा चुकी है |

हालांकि बावजूद इसके कुछ विषयों में अनुदेशक उपलब्ध नहीं होने पर करीब 46 पद खाली रह गए थे। शासन की ओर से उक्त पदों के अलावा छात्र संख्या बढ़ने के आधार पर अनुदेशकों की तैनाती के लिए प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। वहीं दूसरी ओर छात्र संख्या घटने वाले विद्यालयों से अनुदेशकों को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी चल रही है। बताते चलें कि जिले के परिषदीय विद्यालयों में गत वर्ष की अपेक्षा करीब 24 हजार छात्रों का पंजीयन कम हुआ है। लिहाजा अनुमान लगाया जा रहा है कि निर्धारित छात्र संख्या के आधार पर तैनाती पाए अनुदेशकों के विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम होने के बाद आगामी सत्र के लिए संविदा सेवा नवीनीकरण किए जाने में खलल पड़ सकता है।

हालांकि विभाग की ओर से इसमें प्रधानाध्यापक व शिक्षकों के अलावा अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं की जा रही है।  जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दल सिंगार यादव ने बताया कि निर्धारित छात्र संख्या का मानक पूरा नहीं होने की दशा में संविदा सेवा का नवीनीकरण नहीं किया जा सकता है। सेवा विस्तार के समय छात्र संख्या के सत्यापन कराए जाने के बाद ही संस्तुति की जाएगी।

          खबर साभार :  दैनिकजागरण

बीटीसी प्रशिक्षु अनशन जारी : कुछ की तबीयत बिगड़ी : विज्ञप्ति जारी होने तक अनशन जारी रहने का ऐलान -

बीटीसी प्रशिक्षु अनशन जारी : कुछ की तबीयत बिगड़ी : विज्ञप्ति जारी होने तक अनशन जारी रहने का ऐलान -

     खबर साभार : हिन्दुस्तान

क्षेत्र और जनपद बदलने पर शिक्षकों की वरिष्ठता तो जाएगी, पर अनुभव रहेगा साथ : शासन को भेजा प्रस्ताव-

क्षेत्र और जनपद बदलने पर शिक्षकों की वरिष्ठता तो जाएगी, पर अनुभव रहेगा साथ : शासन को भेजा प्रस्ताव-

१-जनपद या क्षेत्र बदलने पर शिक्षकों को चुकानी पड़ती है ‘कीमत’

२-नई कवायद से प्रदेश भर के 50 हजार शिक्षकों को मिलेगी राहत

इलाहाबाद : ‘रायबरेली जनपद के शिक्षक पंकज कुमार द्विवेदी पहले ग्रामीण क्षेत्र में थे। पांच वर्ष शिक्षण कार्य करने के बाद उन्होंने अपना तबादला नगर क्षेत्र में करा लिया। तबादला होने के कुछ माह बाद शिक्षकों का प्रमोशन होने पर वह इस आधार पर बाहर हो गए कि उनके पास न तो वरिष्ठता का आधार है और न ही पर्याप्त अनुभव।’ यह बात बीते दिनों की है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। क्षेत्र और जनपद बदलने पर शिक्षकों की वरिष्ठता तो जाएगी, पर अनुभव साथ रहेगा। यह खबर प्रदेश भर के उन हजारों शिक्षकों को राहत देने वाली है, जिन्होंने पिछले वर्षो में ग्रामीण क्षेत्र से नगर में या फिर नगर से ग्रामीण में और इस जनपद से उस जनपद में तबादला कराया है। दरअसल प्राथमिक एवं जूनियर शिक्षकों की वरिष्ठता सूची राज्य स्तर के बजाय जनपद स्तर पर ही बनती है। इसमें यदि किसी शिक्षक ने शुरुआत में किसी अन्य जनपद में ज्वाइन कर लिया और बाद में वह अपने जनपद या फिर पड़ोस के जनपद में तबादले पर आता है तो उसकी वरिष्ठता और अनुभव दोनों नए सिरे से शुरू होती थी। ऐसे में कई वर्षो तक शिक्षण कार्य करने वाले जल्दी तबादले का विचार ही नहीं करते थे, लेकिन अब इसमें राहत दी जा रही है।

बेसिक शिक्षा परिषद क्षेत्र और जनपद बदलने पर शिक्षकों की वरिष्ठता तो शून्य हो जाएगी, पर उनका अनुभव पुराना ही जोड़ा जाएगा। ऐसे में उनको लाभ मिलने की उम्मीद कायम रहेगी। दरअसल तमाम बार ऐसा होता है कि दूसरे जनपद या क्षेत्र में शिक्षक के जाने पर वहां प्रमोशन के समय पद अधिक हैं और शिक्षक कम हैं तो वरिष्ठता सूची में काफी नीचे रहने वाला शिक्षक भी प्रमोशन पा सकता है, क्योंकि उसका अनुभव जुड़ने पर वह प्रमोशन के योग्य हो जाएगा। इस समय यह प्रकरण चर्चा में है, क्योंकि जनपदों में प्रमोशन चल रहे हैं। इसी बीच प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष लल्लन मिश्र ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से सोमवार को इस मुद्दे पर बात की और अनुभवी शिक्षकों को पदोन्नति देने की मांग की।

"बेसिक शिक्षा परिषद शिक्षकों का अनुभव खत्म न करने से पूरी तरह से सहमत है। यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया है पूरी उम्मीद है कि जल्द ही शिक्षकों को लाभ मिलेगा |"
                                                                -संजय सिन्हा, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद

      खबर साभार : दैनिकजागरण

परिषदीय विद्यालयों में नामांकन कम होने वाले विद्यालयों के शिक्षकों पर कार्रवाई-

लखनऊ : परिषदीय विद्यालयों में छात्र नामांकन डायस वर्ष 2013-14 की तुलना में डायस वर्ष 2014-15 में गिरावट आई है, उन विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं अध्यापकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिन विकासखंडों में नामांकन में कमी दर्ज होगी वहां के एबीएसए के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं जनपद में नामांकन कम हुआ तो बीएसए का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। 
 
    खबर साभार : डीएनए

72825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती : कम पद वाले जिलों में सत्यपान होते ही नियुक्ति पत्र थमाने की है तैयारी-

72825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती : कम पद वाले जिलों में सत्यपान होते ही नियुक्ति पत्र थमाने की है तैयारी-

72825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती : कम पद वाले जिलों में सत्यपान होते ही नियुक्ति पत्र थमाने की है तैयारी-

72825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती : कम पद वाले जिलों में सत्यपान होते ही नियुक्ति पत्र थमाने की है तैयारी-

72825 शिक्षक भर्ती सीडी पर संदेह : हाईकोर्ट में दिए गए शपथ पत्र में मूल सीडी न होने का उल्लेख-

72825 शिक्षक भर्ती सीडी पर संदेह : हाईकोर्ट में दिए गए शपथ पत्र में मूल सीडी न होने का उल्लेख-

१-माशिप ने सीडी के आधार पर पिता का नाम नहीं बदला

२-एससीईआरटी को सौंपी गयी सीडी न तो मूल सीडी न ही परीक्षा परिणाम की अंतिम सीडी है |

इलाहाबाद : प्रदेश भर में चल रही 72825प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती पर सवालिया निशान लग गया है।जिस सीडी के आधार पर कट ऑफ मेरिट जारी हुआ और
जिलों में काउंसिलिंग हुई, उस सीडी की वैधता
पर सवाल उठने लगे हैं।माध्यमिक शिक्षा परिषद की पूर्व सचिव की ओर से हाईकोर्ट में दिए गए शपथ पत्र में स्पष्ट लिखा है कि राज्य शैक्षिकअनुसंधान प्रशिक्षण संस्थान को सौंपी गई न तो मूल सीडी हैऔर न ही परीक्षा परिणाम की अंतिम सीडी है। ऐसे में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया कहां तक वाजिब है इसका जवाब
शिक्षा विभाग के पास नहीं है।

अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2011 में
परीक्षार्थी महराज सिंह रोल नंबर 17007112 ने प्राथमिक स्तर की परीक्षा सरस्वती इंटर कॉलेज लहरदेवी रोड झांसी में दी थी। उसने 111 अंक हासिल किए और उत्तीर्ण घोषित हुआ, लेकिन परीक्षा परिणाम में परीक्षार्थी के नाम की जगह पिता का नाम दर्ज हो गया।

इसका संशोधन कराने के लिए महराज ने माध्यमिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद में आवेदन
दिया तो परिषद ने अभिलेखों के अभाव में संशोधित प्रमाणपत्र जारी करने से मना कर दिया। परीक्षार्थी इसके विरुद्ध हाईकोर्ट
गया तो पूर्व सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद
शकुंतला देवी यादव ने बीते 15 जुलाई 2014 को पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात को लिखे पत्र को बतौर शपथ पत्र हाईकोर्ट में लगाया है। 1शपथ पत्र में लिखा है कि तत्कालीन
परिषद की सचिव प्रभा त्रिपाठी ने 11 जनवरी 2012 को टीईटी परीक्षाफल 2011 की सीडी का शील्ड लिफाफा शिक्षा निदेशक (बेसिक) निशातगंज लखनऊ को भेजा है, किंतु इस सीडी की कोई प्रति परिषद में नहीं है। बाद
में एक नवंबर 2012 को शिक्षा निदेशक ने यह सीडी निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी)
को भेजी तो सीडी की दो प्रतियां परिषद कार्यालय को भी भेजी गई हैं। पूर्व सचिव शकुंतला देवी ने शपथ पत्र में यह भी लिखा है कि सीडी उपलब्ध कराने वाली पूर्व सचिव
प्रभा त्रिपाठी ने चार मार्च 2013 को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि जो सीडी निदेशक एससीईआरटी को उपलब्ध कराई
गई है वह न तो मूल सीडी है और न ही टीईटी परीक्षा परिणाम की अंतिम सूची है। ऐसे में सचिव ने परीक्षार्थी के प्रमाणपत्र में
संशोधन करने से इनकार कर दिया।

खास बात यह है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की पूर्व सचिव ने एक अभ्यर्थी का प्रमाणपत्र दुरुस्त करने के लिए जिस सीडी को तवज्जो नहीं दी उसी सीडी के आधार पर पूरे प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती हो रही है। ऐसे में सवाल है कि आखिर भर्ती प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है। काउंसिलिंग एवं भर्ती प्रक्रिया में नित नए मामले भी सामने आ रहे हैं। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने तो पूरी काउंसिलिंग सूची को तलब किया है।मुङो जो सीडी शिक्षा निदेशक (बेसिक) से मिली है उसके आधार पर काउंसिलिंग करा रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद की पूर्व सचिव ने हाईकोर्ट में क्या शपथ पत्र दिया है, इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

-सर्वेद्र विक्रम सिंह, निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान
प्रशिक्षण परिषद इलाहाबाद।

      खबर साभार : दैनिकजागरण

टीईटी अभ्यर्थियों ने की बैठक, दस को सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई अब कोर्ट के फैसले पर नजर-

टीईटी अभ्यर्थियों ने की बैठक, दस को सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई अब कोर्ट के फैसले पर नजर-

१-कैसरबाग स्थित राजा रामपाल पार्क में बैठक करते
२-टीईटी संघर्ष मोर्चा के सदस्य 6 टीईटी अभ्यर्थियों ने की बैठक
३- दस को सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई

लखनऊ : सूबे में सहायक प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती को लेकर एक नया पेचआ गया है। टीईटी अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग चल रही और इसी दौरान शैक्षिक गुणांक के आधार परभर्ती करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है।अब दस दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई
होनी है। इसे लेकर यूपीटीईटी उत्तीर्ण 2011 संघर्षमोर्चा ने शनिवार को सरकार के सामने अपना पक्षरखने के लिए बारादरी पार्क में बैठक कर रणनीति परचर्चा की।मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गणोश शंकर दीक्षित औरसचिव राकेश यादव सहित तमाम पदाधिकारियों नेबैठक में सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती के साथ
रखने के लिए चर्चा की। कहा कि रविवार सुबह
ग्यारह बजे लखनऊ मंडल के अधिकारियों की बैठकबुलायी गई है। गौरतलब है कि 30 नवंबर 2011 को सूबे मेंसहायक प्राथमिक अध्यापकों की टीईटी हुई थी।

सपा सरकार ने सात अगस्त 2012 को नया शासनादेशजारी करते हुए सहायक शिक्षकों की भर्ती शैक्षिकगुणांक के आधार पर करने का निर्देश दिया। इसके बादसात दिसंबर को चयन करने का विज्ञापन निकाला।इसी विज्ञापन के आधार पर हाई कोर्ट में अपीलकी गयी, जिस पर चार फरवरी 2013 को स्टे हो गया।कैसरबाग स्थित राजा रामपाल पार्क में बैठक करते
टीईटी संघर्ष मोर्चा के सदस्य 6 टीईटी अभ्यर्थियों ने की बैठक, दस को सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई |

      खबरसाभार : दैनिकजागरण

     

बीटीसी प्रशिक्षुओं की हालत बिगड़ी : सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति की मांग लेकर भूख हड़ताल पर बैठे-

बीटीसी प्रशिक्षुओं की हालत बिगड़ी : सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति की मांग लेकर भूख हड़ताल पर बैठे-

लखनऊ। सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त तीन बेरोजगारों की हालत बिगड़ने पर उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीटीसी प्रशिक्षुओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और प्रदर्शन किया। बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त बेरोजगार संघ के तत्वावधान में लक्ष्मण मेला मैदान पर शनिवार को भी डटे बीटीसी बेरोजगारों ने भूख हड़ताल जारी रखी। इस दौरान कई की हालत बिगड़ गई। इसके बावजूद कोई खोज खबर न लेने से वे नाराज हो गए। प्रदर्शनकारियों ने चिकित्सा सहायता न मिलने पर साथी नफीस अब्बास को ठेले पर लिटाकर सिविल अस्पताल पहुंचाया। दो अन्य कृष्णा व धर्मेंद्र भी देर शाम अस्पताल पहुंच गए।

     खबर साभार : अमरउजाला

एलटी शिक्षक भर्ती के लिए अभी और इंतजार : शासन ने यदि प्रस्ताव पर सहमति जताई तो भर्ती छह माह बाद होगी पूरी-

एलटी शिक्षक भर्ती के लिए अभी और इंतजार
: शासन ने यदि प्रस्ताव पर सहमति जताई तो भर्ती छह माह बाद होगी पूरी-

लखनऊ (ब्यूरो)। राजकीय इंटर कॉलेजों में 6,645 एलटी ग्रेट शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में अभी और समय लगेगा। इसलिए अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने के लिए इंतजार करना होगा यह छह माह का भी हो सकता है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेज दिया है। अब इस पर अंतिम निर्णय शासन को करना है।

कॉलेजों में एलटी ग्रेट शिक्षकों की भर्ती के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 21 सितंबर को आदेश जारी किया था। इसके आधार पर 29 सितंबर को विज्ञापन निकाल कर 30 अक्तूबर तक आवेदन लिए गए। मंडलवार लिए गए आवेदनों के आधार पर मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को मेरिट सूची 28 नवंबर तक तैयार कर लेनी थी। मेरिट में आने वालों के प्रमाण पत्रों का मिलान 15 दिसंबर तक करते हुए 23 दिसंबर तक नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश किया गया। इसके आधार पर निदेशालय ने छह माह की समय-सीमा बढ़ाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। शासन ने यदि इस पर सहमति जताई तो भर्ती छह माह बाद पूरी होगी।

      खबर साभार : अमरउजाला

प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में 30 जिलों ने दी अधूरी सूचना : संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, कुशीनगर और महराजगंज भी सूची में शामिल-

प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में 30 जिलों ने दी अधूरी सूचना : संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, कुशीनगर और महराजगंज भी सूची में शामिल-

लखनऊ(ब्यूरो)। प्राइमरी विद्यालयों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए भले ही तीसरी काउंसलिंग समाप्त हुए 15 दिन बीत चुके हों पर सभी जिले अभी भी पूरी सूचना नहीं दे पाए हैं। प्रदेश के 30 जिलों ने जो सूचना भेजी है वह आधी-अधूरी है और इसमें से छह तो ऐसे हैं जिन्होंने प्रोफार्मा के विपरीत सूचनाएं दे दी हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) जिलों से सूचनाएं मिलने के बाद इसे एनआईसी को देगा। एससीईआरटी चाहता है कि जिन अभ्यर्थियों के आवेदन में खामियां हैं उसे दिसंबर के पहले हफ्ते से ऑनलाइन ठीक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए।

प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती की तीसरी काउंसलिंग 13 नवंबर को समाप्त हो चुकी है। एससीईआरटी ने डायट प्राचार्यों के साथ बैठक कर जल्द से जल्द पूरी सूचना निर्धारित प्रोफार्मा पर देने को कहा था। इसके बाद भी उन्नाव, संतरविदास नगर, संतकबीरनगर, ललितपुर, संभल, श्रावस्ती, मुरादाबाद, पीलीभीत, सुल्तानपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, शाहजहांपुर, हरदोई, कुशीनगर, बहराइच, गोंडा, लखीमपुर खीरी, अमेठी, कानपुर नगर, बिजनौर, फैजाबाद, बस्ती, बाराबंकी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, प्रतापगढ़ और अंबेडकर नगर ने आधी-अधूरी सूचनाएं भेजी हैं।

     खबर साभार : अमरउजाला

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