Monday, June 30, 2014

परिषदीय उच्‍च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों के नवीनीकरण के उपरान्‍त कार्यभार ग्रहण कराने सम्‍बन्‍ध में -

परिषदीय उच्‍च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों के नवीनीकरण के उपरान्‍त कार्यभार ग्रहण कराने सम्‍बन्‍ध में -

शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन के सम्बन्ध में -

शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन के सम्बन्ध में -

प्राथमिक विद्यालयों में 72,825 रिक्त पदों पर प्रशिक्षु शिक्षकों के चयन/नियुक्ति किये जाने के सम्बन्ध में -







प्राथमिक विद्यालयों में 72,825 रिक्त पदों पर प्रशिक्षु शिक्षकों के चयन/नियुक्ति किये जाने के सम्बन्ध में -

लखनऊ में 12वीं तक के स्कूलों की 6 जुलाई तक छुट्टी : डीएम ने आदेश जारी किया

#लखनऊ में 12वीं तक के स्कूलों की 6 जुलाई तक छुट्टी : डीएम ने आदेश जारी किया

लखनऊ। गर्मी को देखते हुए राजधानी के 12वीं तक के स्कूलों को पांच जुलाई तक बंद कर दिया गया है। डीएम राजशेखर ने रविवार को यह आदेश जारी किया। छह जुलाई को रविवार है। इसलिए स्कूल 7 जुलाई को खुलेंगे। हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के सभी सरकारी एवं गैरसरकारी स्कूलों पर यह आदेश लागू होगा। बीएसए और डीआईओएस को आदेश पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। नए शैक्षिक सत्र में एक जुलाई से स्कूल खुलने वाले थे।

    साभार : अमरउजाला

तीन चरणों में होगा दस्तावेज का सत्यापन : टीईटी व अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन तीन चरणों मे

तीन चरणों में होगा दस्तावेज का सत्यापन : टीईटी व अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन तीन चरणों मे

१-शिक्षक भर्ती में धाँधली रोकने की कवायद 
२-७२,८२५ शिक्षकों की होनी है भर्ती

लखनऊ (ब्यूरो)। सूबे के राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के टीईटी व अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन तीन चरणों में होगा। यह कवायद इसलिए की जा रही है ताकि कोई भी अभ्यर्थी जाली प्रमाण पत्रों से नौकरी न पा सके। इतना नहीं जांच में जाली प्रमाण पत्र मिलने पर उसे नौकरी से हटाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। सचिव बेसिक शिक्षा हीरालाल गुप्ता कहते हैं प्रशिक्षण अवधि के दौरान ही प्रमाण पत्रों का सत्यापन करा लिया जाएगा। गड़बड़ी करने वालों को किसी कदर छोड़ा नहीं जाएगा।

प्रदेश में सबसे पहले नवंबर 2011 में टीईटी आयोजित कराई गई। इसमें धांधली की शिकायत पर तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक को जेल भेजा जा चुका है। प्राथमिक विद्यालयों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती टीईटी मेरिट और उच्च प्राथमिक में गणित-विज्ञान के 29,334 शिक्षकों की भर्ती शैक्षिक मेरिट पर की जा रही है। इन दोनों शिक्षकों की भर्ती के लिए वर्ष 2011 में टीईटी पास करने वाले युवाओं ने आवेदन कर रखा है। लिहाजा बेसिक शिक्षा विभाग भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है।

शिक्षक भर्ती के दौरान प्रमाण पत्रों की जांच खासकर टीईटी प्रमाण पत्रों का सत्यापन काफी बारीकी से कराया जाएगा। पहले चरण में काउंसलिंग के दौरान ही इसकी जांच होगी। इसके बाद जिला स्तर पर और सबसे अंत में विभागीय स्तर पर इसकी जांच कराई जाएगी। प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी का अंदेशा होने पर रमाबाई नगर की पुलिस के पास जो दस्तावेज मौजूद हैं उससे भी इसका मिलान कराया जा सकता है और जाली प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी पाने की पुष्टि होने पर संबंधित को नौकरी से हटाते हुए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

साभार : अमरउजाला

दांव पर नौनिहालों की सेहत : मिड-डे मील, आंगनबाड़ी केंद्रों से खाद्य सामग्री के नमूने तक नहीं लिए, जांच तो दूर की बात

दांव पर नौनिहालों की सेहत : मिड-डे मील, आंगनबाड़ी केंद्रों से खाद्य सामग्री के नमूने तक नहीं लिए, जांच तो दूर की बात

१-पूरे प्रदेश में ठप है राशन की सैंपलिंग
२-अमर उजाला की आरटीआई में चौंकाने वाला खुलासा
३-१८ महीनों में कितनी सैपलिंग और कितने नमूनों की जाँच
४- प्रदेश के ५० जिलों से अधिक के अधिकारियों के रिपोर्ट से हुआ खुलासा
५-बिहार के छपरा में बच्चों के मौत से चेती थी सरकार
६- ज्यादातर जिलों में निरीक्षण व कार्यवाही की संख्या शून्य 
७-एसएफडीए का तर्क मिड-डे-मील हमारी निगरानी में

लखनऊ। दूध में डिटर्जेंट समेत कई खतरनाक रसायन मिलने की बात मानने वाली सरकार नौनिहालों की सेहत पर भी लापरवाह बनी हुई है। स्कूलों में मिलने वाला मिड-डे मील बच्चों के लिए कितना सेहतमंद है, गुणवत्ता कैसी है, कहीं इसमें घटिया राशन का प्रयोग तो नहीं किया जा रहा, इसकी चिंता किसी को नहीं है। जांच की बात तो दूर लखनऊ समेत प्रदेश के किसी भी जिले में नमूने तक नहीं लिए गए।
चौंकाने वाली यह जानकारी अमर उजाला की एक आरटीआई में सामने आई है। यही हालत राशन दुकानों से वितरित होने वाले अनाज की भी है। वहीं मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने व मिलावटखोरों की धरपकड़ के लिए जिम्मेदार खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के अफसर चुप्पी साधे हुए हैं।

आरटीआई के जवाब में राजधानी लखनऊ, प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी, हरदोई, फैजाबाद , मीरजापुर, फर्रुखाबाद, मुज्जफरनगर, महराजगंज, कानपुर नगर व कानपुर देहात, फीरोजाबाद, अमरोहा, गोरखपुर, अंबेडकरनगर, सिद्धार्थनगर, बागपत, देवरिया व बाराबंकी सहित प्रदेश के अन्य सभी जिलों में नामित एफएसडीए के अफसरों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक एक भी नमूना लैब टेस्टिंग के लिए नहीं लिया गया। साथ ही किसी भी तरह की जांच पड़ताल भी नहीं की गई।

पूरे प्रदेश में ठप है राशन की सैंपलिंग
अमर उजाला की आरटीआई में चौंकाने वाला खुलासा
18 महीनों में कितनी सैंपलिंग और कितने नमूनों की जांच
जनस्वास्थ्य से जुड़े इस अहम व संवेदनशील मुद्दे पर अमर उजाला ने आरटीआई दाखिल की थी। इसमें एफएसडीए से सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े कोटेदारों, गोदामों, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग व मिड-डे-मील से संबंधित खाद्य कारोबारियों व सप्लाई से जुड़ी संस्थाओं की मॉनिटरिंग को लेकर सवाल किए गए थे। इसमें 5 अगस्त 2012 से 31 जनवरी 2014 तक खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत निरीक्षणों, सैंपलिंग, जांच रिपोर्ट और कार्रवाइयों के संबंध में जानकारियां मांगी गई थीं।

नमूनों की सैंपलिंग तक नहीं हुई
प्रदेश के 50 से अधिक जिलों से मिले विभागीय अधिकारियों के जवाब से यह खुलासा हुआ कि किसी भी जिले में एफएसडीए के अफसरों ने नौनिहालों व गरीब आदमी की सेहत से सीधे जुड़े इस मामले से कोई सरोकार नहीं रखा। न तो नमूनों की सैंपलिंग की गई और न ही कोई जांच हुई।
बिहार के छपरा में बच्चों की मौत के बाद चेती थी सरकारें
2013 में बिहार के छपरा जिले के कई गांवों में बच्चों की मौत के बाद चेती केंद्र और राज्य सरकारों ने एफएसडीए प्रशासन को अपने अपने स्तर से नियमित तौर पर मिड-डे-मील के नमूनों की सैंपलिंग व जांच के साथ ही इसमें इस्तेमाल होने वाले राशन की दुकानों के कच्चे अनाज व आंगनबाड़ी केंद्रों में बंटने वाली खाद्य सामग्री की जांच के नए सिरे से निर्देश दिए थे।
एक्ट कहता है : नमूने नियमित ले एफएसडीए
एफएसडीए एक्ट कहता है कि फूड आइटम की श्रेणी में आने वाली राशन की दुकानों से वितरित होने वाले अनाज, स्कूलों में मिड-डे-मील व आंगनबाड़ी केंद्रों से गांवों में बांटे जाने वाले दोपहर के नाश्ते व भोजन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के साथ तैयार खाद्य आइटम की नियमित सैंपलिंग कर लैब में टेस्ट कराया जाए ताकि इसकी गुणवत्ता व शुद्धता जांची जा सके।

शिकायत मिलने पर ही जांच पड़ताल
खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन की टीम मिड-डे-मील, राशन की दुकानों से बंटने वाले अनाज व आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित होने वाली खाद्य सामग्री की जांच पड़ताल व सैंपलिंग शिकायत मिलने पर ही कर सकती है। शासन स्तर से जारी दिशा निर्देश के अनुसार एफएसडीए टीम सामान्य तौर पर सिर्फ सर्विलांस सैंपलिंग का कार्य करती है। इसकी अलग से कोई रिपोर्ट संकलित नहीं होती।
 इसलिए ज्यादातर जिलों ने कार्रवाई व निरीक्षण की संख्या शून्य बताई है। राशन की दुकानों को पूरी तरह से कार्रवाई के दायरे में लाने के लिए नए प्रावधानों के तहत अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दायरे में लाने की प्रक्रिया चल रही है।

- विजय बहादुर, सहायक आयुक्त एफएसडीए
एफएसडीए का तर्क मिड-डे मील हमारी निगरानी में नहीं
एफएसडीए अफसरों का कहना है कि मिड-डे मील में प्रयोग होने वाला अनाज ‘फॉर सेल’ की श्रेणी में नहीं आता। इसके अलावा इसकी निगरानी और संचालन का जिम्मा बेसिक शिक्षा विभाग संभालता है। ऐसे में बिना विशेष निर्देश के खाद्य सामग्री की जांच पड़ताल व सैंपलिंग संभव नहीं।

   साभार : अमरउजाला

१० हजार बीटीसी प्रशिक्षु बनेंगे शिक्षक : टीईटी पास करने ही होगें पात्र -

10 हजार बीटीसी प्रशिक्षु बनेंगे शिक्षक : टीईटी पास वाले ही होंगे पात्र -

१- आज रिटायर हो जायेंगे १४ हजार शिक्षक 
२-टाईटी पास वाले बीटीसी ही होंगे पात्र 
३-शासनादेश जल्द बेसिक शिक्षा विभाग जारी करने की तैयारी में 
४-कोर्ट में मामला जाने से अब तक नहीं हो पाया भर्ती

लखनऊ। प्रदेश में विगत नौ माह से बीटीसी प्रशिक्षण और टीईटी पास करने के बाद भी नौकरी की बाट जोह रहे 10,000 आवेदकों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार इन्हें शिक्षक बनाने जा रही है। इसके लिए जल्द ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। उसका मानना है कि जितनी जल्दी हो सके शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी।

बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक बनने की योग्यता स्नातक व बीटीसी है। प्रदेश में मौजूदा समय दो वर्षीय बीटीसी करने के बाद 30,000 से अधिक प्रशिक्षार्थी घूम रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने सितंबर 2013 में 10,000 बीटीसी वालों को शिक्षक बनाने का आदेश जारी किया था, लेकिन कोर्ट में मामला जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। बेसिक शिक्षा विभाग चाहता है कि अब इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाए। इसके लिए टीईटी पास बीटीसी वाले ही पात्र होंगे। शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों की बैठक में इस पर सहमति बन चुकी है।

टीईटी पास बीटीसी वाले ही होंगे पात्र, शासनादेश जल्द बेसिक शिक्षा विभाग ने शुरू की तैयारियां
आज रिटायर हो जाएंगे 14 हजार शिक्षक
बेसिक शिक्षा विभाग में हर साल जून में शिक्षकों को रिटायर किया जाता है। सोमवार को 30 जून है और इस दिन प्रदेश के 2,31,054 स्कूलों में कार्यरत करीब 14 हजार शिक्षक रिटायर हो जाएंगे। प्रदेश में इस समय प्राइमरी स्कूलों में 1,85,729 तथा उच्च प्राइमरी में 1,06,089 शिक्षक हैं। बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 30 जून को रिटायर होने वाले सभी शिक्षकों को उसी दिन उनके देयों का भुगतान कर दिया जाए और पेंशन की सुविधा जल्द शुरू कर दी जाए ताकि शिक्षकों को रिटायर होने के बाद किसी तरह की परेशानी न हो।

       साभार : अमरउजाला

58 हजार शिक्षा मित्रों को शिक्षक बनाने की प्रक्रिया आज से : ३१ जुलाई तक समायोजन की प्रक्रिया कर ली जायेगी पूरी

58 हजार शिक्षा मित्रों को शिक्षक बनाने की प्रक्रिया आज से : ३१ जुलाई तक समायोजन की प्रक्रिया कर ली जायेगी पूरी

१-पहले चरण में 58,826 शिक्षामित्रों को बनाया जायेगा सहायक अध्यापक
२-डायट के प्राचार्य आज बीएसए को सूची सौंपेंगे
३-७ जुलाई तक काउंसलिंग के लिए कार्यक्रम जारी होगा
४-कुल १लाख ७० हजार शिक्षामित्र बेसिक स्कूलों में पढ़ा रहे है
५-तीन चरणों में दूरस्थ विधि बीटीसी प्रशिक्षण दिया जा रहा है
६- ३१ जुलाई तक समायोजन की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी

लखनऊ (ब्यूरो)। बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन की प्रक्रिया सोमवार से शुरू करेगा। पहले चरण में 58,826 शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक बनाया जाएगा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से दो वर्षीय परीक्षा पास करने वालों की सूची जिलेवार बेसिक शिक्षा अधिकारियों को सौंपेंगे। इसके बाद 7 जुलाई तक काउंसलिंग के लिए कार्यक्रम जारी कर दिए जाएंगे।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 1.70 लाख शिक्षा मित्र बच्चों को पढ़ा रहे हैं। सरकार शिक्षा मित्रों को दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण देकर परिषदीय स्कूलों में समायोजित करना चाहती है। शिक्षा मित्रों को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले चरण में 60,000 को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 58,826 ने बीटीसी परीक्षा उत्तीर्ण की है। दूसरे चरण में 64,000 और तीसरे चरण में 46,000 शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। समायोजन की प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी।

       साभार : अमरउजाला

Sunday, June 29, 2014

सरकार का फैसला : रिटायरमेंट के बाद भी पढ़ायेंगे टीचर -

#सरकारकाफैसला, रिटायरमेंट के बाद भी पढ़ाएंगे टीचर-
#govt wants help from retired teachers
एक वर्ष तक और पढ़ाने का मिलेगा मौका

शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों को इस साल भी इससे निजात मिलती नहीं दिख रही। सरकार फिलहाल रिटायर्ड शिक्षकों का सहारा लेने के मूड में है।

शुक्रवार को विधान परिषद में शिक्षक दल के सवाल पर नेता सदन ने कहा-सरकार सेवानिवृत्त शिक्षकों को एक वर्ष तक और पढ़ाने का मौका देने पर विचार कर रही है।

वहीं भाजपा सदस्यों ने वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों को मान्यता प्राप्त के बराबर वेतन व भत्तों का मामला उठाया। नेता सदन के जवाब से असंतुष्ट भाजपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।

बसपा के सदस्यों ने मिर्जापुर में कन्या विद्याधन को बांटने में गड़बड़ी का मामला उठाया। साथ ही संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक पर कार्रवाई न होने की वजह बताने की मांग की।

सरकार से कोई स्पष्ट उत्तर न आने पर सभापति गणेश शंकर पांडेय ने सरकार को निर्देश दिया कि वह जिला विद्यालय निरीक्षक पर पूरी स्थिति से अगले सप्ताह सदन को अवगत कराएं।

शिक्षकों की स्थिति गुलामों जैसी

शून्य प्रहर में भाजपा के डॉ. महेंद्र सिंह ने वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों का मामला उठाते हुए कहा कि सरकार के ध्यान न देने से इन शिक्षकों की स्थिति गुलामों वाली हो गई है। विनोद पांडेय ने कहा कि पूरी शिक्षा व्यवस्था इन विद्यालयों के ऊपर ही प्रमुख रूप से निर्भर है।

लगभग 65 प्रतिशत आबादी के बालक व बालिकाएं इन्हीं स्कूलों में पढ़ते हैं। डॉ. यज्ञदत्त शर्मा ने कहा कि 1986 में जब वित्तविहीन मान्यता का प्रावधान किया गया था तो सरकार ने इसे अल्पकालिक प्रावधान कहा था। पर, आज तक यही चल रहा है।

निर्दल उमेश द्विवेदी ने तर्क दिया कि न्यायपालिका तक ने इस मान्यता को अनुचित करार दे दिया है। पर, सरकार इस प्रावधान को बरकरार रखे है। शिक्षक दल नेता ओमप्रकाश शर्मा ने उम्मीद जताई कि केंद्र में सरकार होने के नाते भाजपा इन शिक्षकों के कल्याण के बारे में कुछ न कुछ कदम जरूर उठाएगी।

भाजपा के नेता हृदयनारायण दीक्षित ने नेता सदन से यह स्पष्ट करने को कहा कि वह इन शिक्षकों को निर्धारित वेतन देने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत है या नहीं।

नेता सदन अहमद हसन ने हंसते हुए कहा कि हृदयनारायण दीक्षित दिमागी आदमी हैं। अपने तर्क से उलझन तो पैदा ही कर देते हैं। इन्होंने सैद्धांतिक रूप से सहमत होने के बारे पूछकर ऐसा ही किया। इस पर ठोस कार्रवाई करनी पड़ेगी। भाजपा सदस्यों ने बहिर्गमन कर दिया।

शिक्षकों की कमी दूर करे सरकार--शिक्षक दल के नेता ओमप्रकाश शर्मा व सदस्य जगवीर किशोर जैन ने माध्यमिक विद्यालयों में 31 हजार शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन में बाधा पहुंचने का मामला उठाया। कहा कि चार दिन बाद शिक्षा सत्र शुरू होने जा रहा है। चयन बोर्ड से भर्तियां होने की उम्मीद नहीं है।

ऐसे में एकमात्र विकल्प राजकीय विद्यालयों की भांति ऑनलाइन भर्ती या संयुक्त शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में समिति गठित करके रिक्तियों को भरना ही है। नेता सदन ने आश्वस्त किया कि सरकार गंभीर है। तमाम विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। सेवानिवृत्त शिक्षकों को एक साल और पढ़ाने के लिए रखने पर भी विचार किया जा रहा है।

साभार : अमरउजाला

मा0सर्वोच्‍च न्‍यायालय के आदेशों के अनुपालन में विशेष बिन्‍दुओं का समस्‍त स्‍कूलों, कालेजों में ई-मेल आई0डी0 खुलवाकर विद्यार्थियों के प्रवेश के समय ही पूर्ण अनुपालन कराने के सम्‍बन्‍ध में -

मा0सर्वोच्‍च न्‍यायालय के आदेशों के अनुपालन में विशेष बिन्‍दुओं का समस्‍त स्‍कूलों, कालेजों में ई-मेल आई0डी0 खुलवाकर विद्यार्थियों के प्रवेश के समय ही पूर्ण अनुपालन कराने के सम्‍बन्‍ध में -

गुरूजी को नये सत्र से मिलेगी नई सुविधा : पढ़ाई के लिए गुरू जी को मिलेगी छुट्टी -

पढ़ाई के लिए गुरूजी को मिलेगी छुट्टी : नए
सत्र से मिलेगी नई सुविधा

इलाहाबाद | अब प्राथमिक व उच्च प्राथमिक
शिक्षकों को भी अपनी पढ़ाई के लिए
छुट्टी मिल सकेगी। जिससे वह वह
अपनी योग्यता बढ़ाने के साथ
ही पीएचडी,इंजीनियरिंग
आदि की डिग्री हासिल कर सकेंगे।
यह अवकाश सेवाकाल में अधिकतम दो साल का होगा।
‘शैक्षिक योग्यता संर्वधन’ नामक यह
सुविधा इसी सत्र से शुरूहो रही है।
प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों केपास टेक्निकल डिग्रियों का अभाव रहता है।

नौकरी मिलने के बाद वह बच्चों को तो पढ़ाते हैं परंतु खुद नहीं पढ़ते। इससे सामाजिक व
शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलाव से वह परिचित
नहीं हो पाते। इसका विपरीत प्रभाव
बच्चों के ऊपर पड़ता है। उन्हें सिर्फ
किताबी ज्ञान ही मिल पाता है।

इसी लिए बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षकों को पढ़ाई का अवसर देने का निर्णय लिया है। अगर कोई शिक्षक आगे की पढ़ाई करना चाहता है तो उसे दो साल का अवकाश मिल जाएगा। हां इस दौरान उसे वेतन
नहीं मिलेगा। बेसिक शिक्षा सचिव संजय
सिन्हा के अनुसार शैक्षिक योग्यता संर्वधन’ के माध्यम सेशिक्षकों को अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अगर शिक्षक ज्यादा पढ़े-लिखे होंगे तो बच्चों पर उसका अच्छा प्रभाव पड़ेगा।

         -:-क्या है प्रक्रिया-:-

पढ़ाई के लिए आवेदन करने वाले शिक्षक को एक फार्मभरना होगा। इसमें यहजानकारी देनी होगी कि कौन सा कोर्स है, उसे पूरा करने में कितना समय लगेगा। इसके बाद अपने प्रधानाचार्य के माध्यम से बेसिक शिक्षा अधिकारी को फार्म भेजना होगा। वहां से कोर्स के हिसाब से अवैतनिक अवकाश स्वीकृत कर दिया जाएगा।

     साभार : दैनिक जागरण

29,334 शिक्षकों की भर्ती का मामला : शासनादेश सोमवार को जारी करने की तैयारी -

29,334 शिक्षकों की भर्ती का मामला : शासनादेश सोमवार को जारी करने की तैयारी
१-उच्च प्राईमरी स्कूलो में २९,३३४ शिक्षकों की होनी है भर्ती
२-न्याय विभाग ने बेसिक शिक्षा विभाग को कहा हाईकोर्ट के निर्देशानुसार करें भर्ती
३-५८,८२६ शिक्षामित्रों के समायोजन का शासनादेश हो चुका है जारी
४-शिक्षामित्रों के समायोजन की प्रक्रिया ३० जून से शुरू होकर ३१जुलाई तक कर ली जायेगी पूरी
५-७२,८२५ शिक्षकों की भी प्राइमरी स्कूलों में हो रही है भर्ती
६-लोकसभा चुनावों में करारी हरार के बाद सपा सरकार चाहती है अभियान चलाकर शिक्षकों की भर्ती हो पूरी
लखनऊ। उच्च प्राइमरी स्कूलों में 29,334 गणित-विज्ञान शिक्षकों की भर्ती का शासनादेश सोमवार को जारी करने की तैयारी है। 10 जुलाई तक भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। परिषदीय स्कूलों से लेकर इंटर कॉलेजों तक के लिए 1,69,055 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी।
उच्च प्राइमरी स्कूलों में 29,334 गणित-विज्ञान शिक्षकों की भर्ती शैक्षिक मेरिट पर करने पर सहमति बन गई है। न्याय विभाग ने बेसिक शिक्षा विभाग को हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक भर्ती करने की राय दी है। बेसिक शिक्षा विभाग सोमवार को इस संबंध में शासनादेश जारी करने की तैयारी में है। प्राइमरी स्कूलों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती और 58,826 शिक्षा मित्रों के समायोजन का शासनादेश जारी कर दिया गया है। शिक्षा मित्रों को शिक्षक पद पर समायोजित करने की प्रक्रिया 30 जून से शुरू करके 31 जुलाई को पूरी कर ली जाएगी। वहीं वित्त विभाग ने राजकीय माध्यमिक स्कूलों में 6,645 सहायक शिक्षकों की भर्ती की अनुमति दे दी है। इसी तरह वर्ष 2012 में राजकीय इंटर कॉलेजों में शुरू की गई राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता संवर्ग के 1,425 शिक्षकों की भर्ती का परिणाम एक हफ्ते में जारी कर दिया जाएगा।
साढे़ तीन साल से चल रही 3,09,424 पदों को भरने की कवायद
गौरतलब है कि प्रदेश में मौजूदा समय प्राथमिक से लेकर इंटर कॉलेज तक 3,09,424 शिक्षकों के पद खाली हैं। प्रदेश में इन रिक्त पदों को भरने की कवायद पिछले करीब साढ़े तीन सालों से चल रही है, लेकिन इन पर भर्ती प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद सपा सरकार चाहती है कि शिक्षकों के रिक्त पद अभियान चलाकर भर दिए जाएं।

     साभार : अमरउजाला

शिक्षकों तो मनचाहे जिलों में तबादला १५ जुलाई तक : १७ हजार शिक्षकों ता ही होगा तबादला -

तबादला...तबादला....तबादला..तबादला

 शिक्षकों को मनचाहे जिलों में तबादला 15 जुलाई तक : 17 हजार शिक्षकों का ही होगा तबादला

१-अगले हफ्ते शुरू होगी आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
२-आवेदन के लिए दिया जायेगा एक सप्ताह का समय
३- सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने शासन को भेजा प्रस्ताव
४-महिलाओं को तबादले दी जायेगी प्राथमिकता
५-शासनादेश जारी करने की तैयारी शीघ्र

लखनऊ (ब्यूरो)। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को मनचाहे जिलों में तबादले की प्रक्रिया 15 जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया अगले हफ्ते शुरू करने की तैयारी है। आवेदन के लिए इस बार अधिकतम एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। इस बार केवल 17 हजार शिक्षकों का ही तबादला दिया जाएगा।
अंतरजनपदीय तबादले में नि:शक्त शिक्षकों को पहली प्राथमिकता दी जाएगी। गंभीर रूप से खुद के बीमार होने, पत्नी या परिवार के किसी सदस्य के गंभीर बीमारी होने तथा इसके बाद विधवा व परित्यक्ता शिक्षिका को तबादले में प्राथमिकता दी जाएगी। स्कूलों में खाली जगह के आधार पर सामान्य महिला व पुरुष शिक्षकों का अंतरजनपदीय तबादला दिया जाएगा। उच्चाधिकारियों की बैठक में सहमति बन गई है, शीघ्र ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है। गौरतलब है कि बेसिक शिक्षा परिषद की बैठक में 11 जून को शिक्षकों को तबादला देने का निर्णय लिया गया था। इसके आधार पर ही सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने शासन को प्रस्ताव भेजा था।

    साभार : अमरउजाला


72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती १४ अगस्त तक, शासनादेश जारी : ३० जून से शुरू होगी चयन प्रक्रिया, मेरिट ४ जुलाई तक -

72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती 14 अगस्त तक शासनादेश जारी : कल से शुरू होगी चयन प्रक्रिया, मेरिट 4 जुलाई तक-
१-बेसिक शिक्षा सचिव हीरालाल गुप्ता ने शासनादेश करते हुए चयन प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया 
२-प्रशिक्षण के दौरान मानदेय ७३००/रूपये मिलेगा
३-चयन प्रक्रिया ३० जून से शुरू
४- ४ जुलाई तक मेरिट जारी कर १४ अगस्त तक चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी
५-ट्रेनिंग के बाद परीक्षा पास करने पर ही बनेंगे सहायक अध्यापक
६-इनका नियुक्ति पत्र सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अधीन होगा
७-चयन के लिए सूची टीईटी मेरिट आधार पर तैयार की जायेगी
लखनऊ। टीईटी पास बीएड वालों के सहायक अध्यापक बनने की मुराद पूरी होने जा रही है। 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती का शासनादेश जारी कर दिया गया है। सहायक अध्यापक बनने के लिए छह माह के प्रशिक्षण के साथ ही एक और परीक्षा के दौर से गुजरना होगा। प्रशिक्षण के दौरान 7,300 रुपये मानदेय दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया 30 जून से शुरू होगी और 4 जुलाई तक मेरिट जारी की जाएगी। 14 अगस्त तक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

सचिव बेसिक शिक्षा हीरालाल गुप्ता ने शासनादेश जारी करते हुए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक को चयन प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके लिए एससीईआरटी के निदेशक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें नेशनल इन्फॉर्मेटिव सेंटर (एनआईसी) से एमओयू पर हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत किया गया है। चयन प्रक्रिया पूरी करने के लिए एससीईआरटी निदेशक, एनआईसी, संबंधित जिले के डायट प्राचार्य और बीएसए की संयुक्त समिति काम करेगी।

छह माह के प्रशिक्षण के बाद सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा पास करने के एक माह बाद स्थायी शिक्षक के रूप में नियुक्ति देते हुए सहायक अध्यापक का वेतनमान दिया जाएगा। हालांकि इनका नियुक्ति पत्र सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन होगा।

प्रशिक्षु शिक्षकों का चयन अध्यापक सेवा नियमावली के आधार पर किया जाएगा। चयन के लिए सूची टीईटी मेरिट के आधार पर तैयार की जाएगी। यदि दो या अधिक आवेदकों ने समान अंक प्राप्त कर रखा है तो अधिक आयु वाले को वरीयता दी जाएगी। अंक और आयु समान होने पर अंग्रेजी वर्णमाला के क्रम में मेरिट तैयार की जाएगी।

एनआईसी को डाटा दिया जाएगा30 जून तक
अनंतिम चयन सूची वेबसाइट पर डाली जाएगी4 जुलाई तक
डायटों पर आपत्तियां ली जाएंगी8 जुलाई तक
आपित्तयों का निस्तारण12 जुलाई तक
अंतिम चयन सूची का प्रकाशन18 जुलाई तक
काउंसलिंग के लिए विज्ञापन19 जुलाई तक
जिलेवार काउंसलिंग20 से 23 जुलाई तक
प्रमाण पत्रों का सत्यापन5 अगस्त तक
चयनितों की सूची जारी होगी8 अगस्त तक
प्रशिक्षण के लिए प्रस्ताव तैयार होगा10 अगस्त तक डायट प्रशिक्षण संबंधी आदेश जारी करेग14 अगस्त तक|

चयनित प्रशिक्षु शिक्षक में जो वरिष्ठताक्रम में सबसे ऊपर होगा उसे पहले बैच में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। इन्हें तीन माह का थ्योरिटिकल और तीन माह का प्रैक्टिकल यानी क्रियात्मक प्रशिक्षण दिया जाएगा। क्रियात्मक प्रशिक्षण के लिए स्कूल अलॉट किए जाएंगे। 

संबंधित स्कूल के प्रिंसिपल इसको लेकर अपनी रिपोर्ट डायट प्राचार्य को देंगे। प्रशिक्षु शिक्षक की छह माह के विशेष प्रशिक्षण की रिपोर्ट सही नहीं आती है तो उसे छह माह का एक मौका और जो दिया जाएगा, जो अंतिम होगा। दूसरी बार प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले को सूची में सबसे नीचे रखा जाएगा।

        साभार : अमरउजाला

Saturday, June 28, 2014

प्रमाण पत्रों के सत्यापन की अनिवार्यता खत्म : स्व-प्रमाणित अंक पत्र , प्रमाण पत्र होगा मान्य -

प्रमाणपत्रों के सत्यापन की अनिवार्यता खत्म :स्व-प्रमाणित अंक पत्र, प्रमाण पत्र होगा मान्य

लखनऊ : प्रदेश सरकार ने अंक तालिकाओं, शैक्षिक प्रमाण
पत्रों को राजपत्रित अधिकारियों से सत्यापित कराने
की अनिवार्यता खत्म कर दी है।
इस फैसले से नौकरी और आगे
की पढ़ाई में जुटे लाखों छात्र-छात्रओं को राहत
मिलेगी। प्रदेश सरकार ने एक पखवारा पहले
शासकीय सेवाओं का लाभ लेने के लिए आवेदक से
शपथ पत्र लेने की अनिवार्यता खत्म कर
दी थी। शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश,
विभिन्न विभागों में भर्ती, आय, जाति, निवास प्रमाण
प्राप्त करने के लिए शपथ पत्र
बाध्यकारी नहीं है। मुख्य सचिव
आलोक रंजन ने बताया कि इस फैसले के बाद अब अंक पत्र
व अन्य प्रमाण पत्रों की राजपत्रित
अधिकारियों द्वारा अनुप्रमाणित प्रतियां संलग्न करने
की अनिवार्यता भी खत्म कर
दी गई है। भविष्य में आवेदक द्वारा प्रस्तुत
स्व-प्रमाणित अंक पत्र, प्रमाण पत्र मान्य होगा। मुख्य
सचिव ने कहा कि शपथ पत्र
की व्यवस्था खत्म होने के बावजूद जनसेवा,
जनसुविधा, ई-सुविधा, लोकवाणी केंद्रों द्वारा स्व-
प्रमाणित दस्तावेज स्वीकार
नहीं किए जा रहे हैं।

साभार : दैनिक जागरण

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के विद्युत बिलों के भुगतान के सम्‍बन्‍ध में निर्देश -

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के विद्युत बिलों के भुगतान के सम्‍बन्‍ध में निर्देश -

72825 सहायक अध्‍यापकों के चयन के सम्‍बन्‍ध में दि0 20 जून 2014 को जारी किये गया आदेश -


72825 सहायक अध्‍यापकों के चयन के सम्‍बन्‍ध में दि0 20 जून 2014 को जारी किये गया आदेश -

29 हजार विज्ञान-गणित शिक्षक भर्ती के आवेदक पहुंचे सुप्रीम कोर्ट -

29 हजार विज्ञान-गणित शिक्षक भर्ती के आवेदक पहुंचे सुप्रीम कोर्ट-

सेवानिवृत्‍त होने वाले शिक्षक/शिक्षेणत्‍तर कर्मचारियों के सेवानिवृत्‍तक लाभों के समयबद्ध निस्‍तारण के सम्‍बन्‍ध में -

सेवानिवृत्‍त होने वाले शिक्षक/शिक्षेणत्‍तर कर्मचारियों के सेवानिवृत्‍तक लाभों के समयबद्ध निस्‍तारण के सम्‍बन्‍ध में-

72,825 शिक्षकों की प्रारंभिक मेरिट 5 जुलाई तक : 20 से काउंन्सलिंग की तैयारी -

72,825 शिक्षकों की प्रारंभिक मेरिट 5 जुलाई तक : 20 से काउन्सलिंग की तैयारी

१-5 जुलाई तक प्रारंभिक मेरिट यानी वरीयता क्रम से नामों की सूची होगी जारी
 २-इसके बाद एक सप्ताह से 10 दिनों के बीच ली जाएंगी आपत्तियां
 ३-इसके बाद पांच दिनों तक होगा आपत्तियों का निपटारा
  ४-मेरिट में आने वालों के प्रमाण पत्रों के मिलान की प्रक्रिया 20 जुलाई से
  ५-आवेदक ऑनलाइन मेरिट देखकर दे सकेंगे अपनी आपत्तियां

लखनऊ। टीईटी मेरिट पर 72,825 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जुलाई में पूरी कर लेने की तैयारी है। इसके लिए 5 जुलाई तक प्रारंभिक मेरिट यानी वरीयता क्रम से नामों की सूची जारी कर दी जाएगी। इसके बाद एक सप्ताह से 10 दिनों के बीच आपत्तियां ली जाएंगी। इसके बाद पांच दिनों तक इनका निपटारा करने के बाद 20 जुलाई से मेरिट में आने वालों के प्रमाण पत्रों के मिलान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

सचिव बेसिक शिक्षा हीरालाल गुप्ता की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई उच्चाधिकारियों की बैठक में इस पर लगभग सहमति बन गई है। इस संबंध में शीघ्र ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है।

सचिव बेसिक शिक्षा ने अफसरों के साथ बैठक में वर्ष 2011 में आए हुए आवेदनों की कंप्यूटर में फीडिंग की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि डाटा फीडिंग का काम पूरा हो चुका है। इसके आधार पर ही यह तय किया गया कि नेशनल इंफॉरमेटिक सेंटर (एनआईसी) शिक्षक भर्ती से संबंधित एक वेबसाइट बनाते हुए इसका 5 जुलाई तक प्रारंभिक मेरिट जारी कर दे। आवेदक ऑनलाइन इसे देखकर अपनी आपत्तियां दे सकेंगे। आपत्तियों का निस्तारण किए जाने के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

साभार : अमर उजाला

खण्ड शिक्षा अधिकारियों / लिपिक संवर्ग के स्थानान्तरण आदेश अग्रिम आदेशों तक स्थगित

खण्ड शिक्षा अधिकारियों / लिपिक संवर्ग के स्थानान्तरण आदेश अग्रिम आदेशों तक स्थगित -



72,825 शिक्षकों की भर्ती 14 अगस्त तक होगी पूरी : 1.12लाख शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ -

72,825 शिक्षकों की भर्ती 14 अगस्त तक होगी पूरी : 1.12 लाख शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ -

 १-प्रशिक्षु शिक्षक के तौर पर चयनित शिक्षकों को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में छह महीने की ट्रेनिंग करनी होगी। प्रशिक्षु शिक्षक के रूप में उन्हें हर माह मिलेगा 7300 रुपये वेतन
 २-गणित और विज्ञान शिक्षकों के 29,334 पदों और बीटीसी/विशिष्ट बीटीसी पर प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों की शिक्षकों के 10,000 पदों पर भर्तियों के लिए भी जल्द शासनादेश होने की संभावना

लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में 1,12,159 शिक्षकों की भर्ती के लिए रास्ता साफ हो गया है। प्राथमिक स्कूलों में 72,825 शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को शासनादेश जारी कर दिया है। शासनादेश के साथ भर्ती प्रक्रिया की समय-सारिणी भी जारी कर दी गई है। वहीं जूनियर हाईस्कूलों में गणित और विज्ञान शिक्षकों के 29,334 पदों और बीटीसी/विशिष्ट बीटीसी पर प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों की शिक्षकों के 10,000 पदों पर भर्तियों के लिए भी जल्द शासनादेश होने की संभावना है।

परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद 30 जून तक नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर को अभ्यर्थियों का कंप्यूटर डाटा उपलब्ध करा देगा।

मेरिट सूची में शामिल अभ्यर्थियों की 20 से 23 जुलाई तक काउंसिलिंग होंगी। प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया 14 अगस्त तक पूरी करनी होगी। प्रशिक्षु शिक्षक के तौर पर चयनित शिक्षकों को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में छह महीने की ट्रेनिंग करनी होगी। प्रशिक्षु शिक्षक के रूप में उन्हें हर माह 7300 रुपये वेतन मिलेगा।

उधर, जूनियर हाईस्कूलों में पिछले साल से अटकी गणित और विज्ञान शिक्षकों के 29,334 पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। हाई कोर्ट ने सरकार को गणित और विज्ञान शिक्षकों के 29,334 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को दो महीने में पूरा करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में विशेष अपील दायर की थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। लिहाजा गणित और विज्ञान शिक्षकों की भर्ती जल्द ही शैक्षिक मेरिट के आधार पर शुरू होने के आसार हैं। इसी तरह बीटीसी/विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों के लिए शिक्षकों के 10,000 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए पिछले साल से अटकी भर्ती प्रक्रिया के भी चालू होने का रास्ता साफ हो गया है। इन दोनों भर्तियों के बारे में जल्द शासनादेश जारी होने की संभावना है।

साभार : जागरण

सर्व शिक्षा अभियान के अन्‍तर्गत कार्यरत शिक्षामित्रों के माह अप्रैल 2014 के मानदेय भुगतान के सम्‍बन्‍ध में -

सर्व शिक्षा अभियान के अन्‍तर्गत कार्यरत शिक्षामित्रों के माह अप्रैल 2014 के मानदेय भुगतान के सम्‍बन्‍ध में -

Thursday, June 26, 2014

परिषदीय विद्यालयों के यूनीफार्म का रंग फिर बदल सकता है : 800 करोड़ का है बजट -

परिषदीय विद्यालयों के यूनीफार्म का रंग फिर बदल सकता है : 800 करोड़ का है बजट 

•१ से ३० सितम्बर के बीच बांटा जायेगा यूनीफार्म

30 जून 2014 तक सेवानिवृत्‍त होने वाले परिषदीय शिक्षक/शिक्षेणत्‍तर कर्मचारियों के सेवानिवृत्‍तक लाभों के समयबद्व निस्‍तारण के सम्‍बन्‍ध में निर्देश-

30 जून 2014 तक सेवानिवृत्‍त होने वाले परिषदीय शिक्षक/शिक्षेणत्‍तर कर्मचारियों के सेवानिवृत्‍तक लाभों के समयबद्व निस्‍तारण के सम्‍बन्‍ध में निर्देश-

Wednesday, June 25, 2014

विधान सभा में उठा टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की भर्ती का मामला : सहायक अध्याक पद पर नियुक्ति का मामला है

विस में उठा टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की भर्ती का मामला-
लखनऊ |उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को प्रदेश के प्राथमिक विालयों में रिक्त सहायक अध्यापक के पद पर शिक्षकों की भर्ती का मामला जोर-शोर से उठा। भाजपा द्वारा उठाए गए इस सवाल पर सरकार की ओर से बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने सदन में उत्तर दिया। लेकिन सरकार के जवाब से असंतुष्ट नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने सरकार पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया और बसपा के सदस्य इस मसले पर सदन से वाकआउट कर गए। 

प्रश्नकाल में भाजपा के सदस्य सुरेश राणा ने बेसिक शिक्षा मंत्री से यह सवाल किया कि प्रदेश के प्राथमिक विालयों में रिक्त सहायक अध्यापक के पदों को भरने के संबंध में उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा 20 नवंबर, 2013 को पारित आदेश के अनुरूप टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी? 

इस सवाल पर बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने कहा कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित आदेश 20 नवंबर 2013 के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में योजित विशेष अनुज्ञा याचिका संख्या-1874-1902/2014 में पारित अंतरिम आदेश 25 मार्च 2014 के अनुपालन में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों के चयन/नियुक्ति की प्रक्रिया गतिमान है। मंत्री ने कहा कि इन शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया अब तक हो जाती, लेकिन स्वच्छ नियुक्ति की प्रक्रिया में तमाम अवरोध आ रहे हैं। पिछली सरकार में नियुक्ति की नियमावली में बदलाव किया गया, जिसके तहत टीईटी अभ्यर्थियांे की नियुक्ति में मेरिट का प्रावधान कर दिया गया। ऐसे में तमाम अभ्यर्थियों ने नंबर बढ़वाना शुरू कर दिया। श्री चौधरी ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान हुई चेकिंग में पकड़ी गई एक गाड़ी में घूस देने के लिए 64 लाख रुपए लाए जा रहे थे, इसमें लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। 

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया में जरूर देरी हो सकती है, लेकिन हमारी मंशा है कि पारदर्शी तरीके से जल्द से जल्द शिक्षकों की तैनाती हो जाए। इस दौरान अनुपूरक प्रश्न के तहत नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि मंत्रीजी से हम सिर्फ इतनी जानकारी चाहते हैं कि 72,825 शिक्षकों की नियुक्ति कब तक हो जाएगी? इसपर बेसिक शिक्षा मंत्री के दिए गए जवाब से असंतुष्ट होकर नेता प्रतिपक्ष श्री मौर्य ने कहा कि सरकार इस सवाल पर सीधा जवाब नहीं दे रही है। मंत्रीजी सदन को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे में हमारा इस मसले पर सदन से वाकआउट करते हैं।

साभार : डीएनए

कानूनी पेंचदगियों में उलझी शिक्षकों की भर्तियाँ : शिक्षकों का है अताल -

कानूनी पेचीदगियों में उलझी शिक्षकों की भर्तियां : शिक्षकों का है अकाल
 १-कानूनी पेचीदगियों में उलझी शिक्षकों की भर्तियां
 २-सर्व शिक्षा अभियान के तहत नए स्कूलों को मंजूरी नहीं 

लखनऊ | प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था विद्यादान करने वाले गुरुजन का अकाल ङोल रही है। शिक्षकों की भर्तियां अरसे से कानूनी पेचीदगियों में उलझी हुई हैं। इसके लिए सरकार भी कम दोषी नहीं है जिसकी भर्ती प्रक्रिया की आए दिन अदालतों में धज्जियां उड़ती हैं। वहीं संसाधनों के अभाव में शिक्षण संस्थाओं और छात्रवासों का निर्माण या तो पूरा नहीं हो पाया या समय से पीछे चल रहा है। 

तीन साल से अटकी बेसिक शिक्षकों की भर्ती 
परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के पौने तीन लाख पद खाली हैं, लेकिन शिक्षकों के 72825 रिक्त पदों पर बीएड डिग्रीधारकों की भर्ती पिछले पौने तीन वर्षो से लटकी हुई है। पहले अदालत में यह बहस चली कि भर्ती अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की मेरिट के आधार पर कराई जाए या अभ्यर्थियों की शैक्षिक मेरिट पर। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट ने 25 मार्च को भर्ती तीन महीने में पूरी करने का अंतरिम आदेश दिया है तो सरकार ने तीन महीने का समय और मांगा है। परिषदीय जूनियर हाईस्कूलों में गणित व विज्ञान शिक्षकों के 29334 रिक्त पदों पर पिछले साल शुरू की गई भर्ती भी कानूनी पचड़े में फंस गई है। 

-:-नए स्कूलों के निर्माण को केंद्र ने नहीं दी धनराशि -:-

 नए परिषदीय स्कूलों के निर्माण के लिए केंद्र ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत चालू वित्तीय वर्ष में धनराशि देने से इंकार कर दिया है। यह कहते हुए कि राज्य सरकार पूर्व के वर्षो में स्वीकृत विद्यालयों का निर्माण पहले पूरा कराए।

     साभार : जागरण

नीतीश्वर कुमार बेसिक शिक्षा ये बेदखल : हीरा लाल गुप्ता बने नये सचिव बेसिक शिक्षा -

नीतीश्वर कुमार बेसिक शिक्षा से बेदखल : हीरा लाल गुप्ता बने नए सचिव बेसिक शिक्षा

लखनऊ | उत्तर प्रदेश शासन ने मंगलवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 11 व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 16 अधिकारियों का तबादला कर दिया। मेडिकल कालेजों में दाखिले के लिए आयोजित पात्रता परीक्षा सीपीएमटी का पेपर लीक होने के मामले में गाजियाबाद के जिलाधिकारी एस.वी.एस. रंगराव पर भी गाज गिरी है। शासन ने तबादला कर उन्हें कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा में विशेष सचिव बनाया है। राज्य सरकार द्वारा जारी तबादला सूची के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी विमल कुमार शर्मा को गाजियाबाद का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।

नीतीश्वर कुमार को बेसिक शिक्षा से बेदखल कर प्रतीक्षारत कर दिया गया है। उनकी जगह ग्राम्य विकास आयुक्त हीरा लाल गुप्ता को सचिव बेसिक शिक्षा बनाया गया है।

इसी तरह प्रमुख सचिव संस्थागत वित्त राजेंद्र मोहन श्रीवास्तव को वाराणसी का नया आयकुत बनाया गया है। होमगार्ड विभाग के प्रमुख सचिव संजीव दूबे को संस्थागत वित्त विभाग का भी अतिरिक्त प्रभार मिला है। चिकित्सा विभाग की विशेष सचिव डॉ. काजल को स्वास्थ्य विभाग से हटाकर वाराणसी में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का नया एमडी बनाया गया है। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स के सचिव प्रभात मित्तल को देवीपाटन मंडल का नया कमिश्नर बनाया गया है, वहीं हापुड़ के जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह को उपाध्यक्ष हापुड़ विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। प्रमुख सचिव (खाद्य एवं रसद) बी.एम. मीणा से प्रमुख सचिव (स्टाम्प) का अतिरिक्त प्रभार लेकर महानिरीक्षक (स्टाम्प) अनिल कुमार द्वितीय को दे दिया गया है।

इसके अलावा शासन ने आठ वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों एवं आठ उपजिलाधिकारियों का भी तबादला कर दिया है।

   
          साभार : आईबीएन7

Thank your hero - Dr Kailash Nath Maurya :जिला महराजगंज का नाम रोशन

#ThankYour Hero – Dr Kailash Maurya -
मित्रो भाई डॉ कैलाश नाथ मौर्या जी महराजगंज जिले के फरेन्दा ब्लाक के आदर्श टीचर भी हैं जिन्होंने महाराजगंज जिले का नाम रोशन किया है |
    
जय शिक्षक जय भारत
पूरी खबर के लिए यहाँ क्लिक करें-
http://www.unicef.org/india/reallives_8842.htm
Twice winner of the Ideal Teacher Award at the district and block level, in his 12 years as a teacher, Kailash Maurya has managed to bring over 600 kids, mostly from Schedule Tribes, to school in remote part of Uttar Pradesh. This wonderful teacher now has only one mission: to see that all children go to school and reach their potential 

By Neha Khattor

MAHARAJGANJ, Uttar Pradesh, India, 16 April 2014 - At first, Dr Kailash Nath Maurya, a PhD with a Masters in Commerce, appears a misfit in this backward village of Mathura Nagar in eastern Uttar Pradesh’s Maharajganj district. But if you listen to him speak for 10 minutes, you will know that he is exactly what this village and its children needed.

When Maurya took over as the headmaster of Mathura Nagar Primary School (MNPS) in 2011, the school building was a dump-yard. The previous headmaster hardly came to the school and the villagers used to defecate in the school premises. The temple of learning, the very foundation over which a strong society is laid, was in a neglected state.

Born to a poor farmer and a third in four siblings, Maurya himself struggled to complete his education and, thus, understood how villagers felt. “Most of the people in this village are farmers and labourers. So when you have to struggle each day to feed a family of five, spending on education becomes the last priority,” says Maurya while adding convincing parents who had never gone to school was difficult for they did not understand the role that education could play in the lives of their children.

But Maurya did not give up. He first mobilized a group of like-minded villagers to create a team that would help him spread awareness about the benefits of education. “We would go to each house and ask parents to send their kids to school rather than take them to the fields. We would give their child a pen or a book if they agreed,” he explains.

“There are girls as young as six or seven who have to cook lunch before they come to school. So I made a point that the gates of the school are never closed. They are always welcome to come and study,” he adds.

The next step was to revive this dying school. “The first thing that we did was to clean the premises and put up a fence,” he recalls. “Explaining to the villagers that it is for the benefit of their children, many agreed to repaint the school without charging any money for their labour. During the rainy season, the kids used to fall on their way to school. So road that leads to the schools was paved in order to facilitate the access.”

From 116 enrolments in 2012, today 360 students attend this school. Many in the community are now even withdrawing their kids from private schools and enrolling them in MNPS. But there is one particular community that has experience a substantial improvement since Maurya came into their lives.

Living on one edge of the village is a group of families that belong to the Kanjar caste, a Scheduled Tribe. Earlier, the tribal kids who came to school used to be regularly humiliated and beaten up by those belonging to the upper castes. “They had lost faith in school and their fellow villagers,” says Maurya. But he took the personal initiative and got the kids back into school. “I promised them that the safety of their kids would be my responsibility.”

For Doori Lal, mukhiya of Kanjar basti, the headmaster is nothing short of a messiah. “Unhone mere bacho ko sirf maan hi nahi diya par sabse bada gyan diya… akshar ka gyan. (Not only has he ensured our children are treated with respect, he has also given them an education.)” In order for the kids to study at night, Maurya personally arranged for solar lamps to be distributed in the tribal community.

Twice winner of the Ideal Teacher Award at the district and block level, where 137 out of 151 teachers voted for him, Maurya knows perfectly all the students in enrolled in the school and he even remember their names and favourite subjects. “Each child is talented in some way. While one would be good in Maths, another would be good in science. My job as a teacher is to see that each child is nurtured,” he states.”.

Maurya has setup a small library in his room. Last month, he even got a TV for students to watch educational films. Seen as a father figure more than a teacher, his students confide everything to him, from not having a pencil to a parent using foul language at home.

For children who have never ventured beyond 30km from their village, Maurya is teaching them to have ambitions and to realize their purpose in life. Among his students is Saraswati Chaurasia, studying in Class V. She wants to plant a tree in the school. Why? “So that I can leave my mark here. When the tree grows and students sit under its shade, they’ll know that it was planted by me,” says Saraswati.

When asked whether he would like to move on to another city, Maurya has no doubts: “Never,” he says. “If all of us our going to think about ourselves, who is going to think about these kids?”

He now has only one mission: to see that all children go to school and reach their potential. In his 12 years as a teacher, Maurya has managed to bring over 600 kids to school and, he says, he has not stopped counting. 

साभार : यूनीसेफ

बिशिष्‍ट बी0टी0सी0 2004 में चयनित शिक्षकों हेतु पुरानी पेंशन योजना का प्रकरण मा0उच्‍च न्‍यायालय में लम्बित है, जिस क्रम में नवीन पेंशन योजना का फार्म न भरवाने के सम्‍बन्‍ध में निर्देश -

बिशिष्‍ट बी0टी0सी0 2004 में चयनित शिक्षकों हेतु पुरानी पेंशन योजना का प्रकरण मा0उच्‍च न्‍यायालय में लम्बित है, जिस क्रम में नवीन पेंशन योजना का फार्म न भरवाने के सम्‍बन्‍ध में निर्देश -

72,825 शिक्षकों की नियुक्ति पर देरी संभव : डीएम व डायट प्राचार्यों को निर्देश देतर कराया जा रहा डाटा तैयार -

देरी संभव पर होगी 72,825 शिक्षकों की नियुक्ति : डीएम व डायट प्राचार्यों को निर्देश देकर डाटा कराया जा रहा तैयार -
लखनऊ (ब्यूरो)। बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में ऐलान किया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशानुसार टीईटी पास अभ्यर्थियों की प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी। प्रक्रिया में थोड़ा विलंब जरूर हो सकता है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के कारण दो महीने नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया बाधित रही। अब सभी डीएम व डायट प्राचार्यों को निर्देश भेजकर डाटा तैयार कराया जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने कहा है कि काम पूरा कराने में छह सप्ताह का वक्त लगेगा। इसके मद्देनजर सरकार ने कोर्ट से कुछ और समय मांगा है। सहायक अध्यापकों की नियुक्ति में हो रही देरी पर बसपा ने सरकार पर बेरोजगारों के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन किया।
भाजपा के सुरेश राणा एक सवाल के जवाब में बेसिक शिक्षा मंत्री ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के 20 नवंबर 2013 के आदेश और सुप्रीम कोर्ट में दायर एसएलपी पर 25 मार्च 14 को दिए गए अंतरिम आदेश के अनुपालन में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।


     साभार : अमरउजाला

परिषदीय विद्यालयों के पाठ्यक्रम में आमूल-चूल परिवर्तन पर बोले :बिना पढ़ाये वेतन लेने वालों पर कसेगा शिकंजा -

परिषदीय विद्यालयों के पाठ्यक्रम में आमूल-चूल परिवर्तन पर बोले : बिना पढ़ाए वेतन लेने वालों पर कसेगा शिकंजा 
१-प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता से मंत्री संतुष्ट नहीं
२-शिक्षकों अंतरजनपदीय स्थानांतरण पर चल रहा विचार
३-गुणवत्तापरक शिक्षा और शिक्षकों की उपस्थिति पर जोर
४-शिक्षकों की अनुपस्थिति को देखते हुए बायोमेट्रिक प्रणाली को लागू करने पर विचार
लखनऊ। प्रदेश के बेसिक शिक्षा राम गोविंद चौधरी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की सारी समस्याओं को दूर कर दिया है। अब उनसे अपेक्षा करेंगे कि पढ़ाई की गुणवत्ता पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए पूरे सदन का सहयोग चाहिए। सदस्य अपने क्षेत्र में जाएं तो स्कूलों का मुआयना जरूर करें ताकि शिक्षकों में डर पैदा हो। जहां शिक्षकों की कमी है वहां उन विद्यालयों के शिक्षकों को समायोजित किया जाएगा जहां ज्यादा है। बिना पढ़ाए वेतन लेने वाले शिक्षकों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। विधानसभा में मंगलवार को सरकारी विद्यालयों के प्राइमरी एवं जूनियर पाठ्यक्रम में आमूल-चूल परिवर्तन से संबंधित भाजपा के सुरेश कुमार खन्ना के सवाल के जवाब में राम गोविंद चौधरी ने ये बात कही।
स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और पाठ्यक्रम में बदलाव संबंधी अनुपूरक सवाल के जवाब में चौधरी ने कहा कि वह खुद भी पढ़ाई से संतुष्ट नहीं है। नौकरी सबको चाहिए काम कोई नहीं करना चाहता। गुणवत्तापरक शिक्षा व शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उपस्थिति के लिए बायोमीट्रिक प्रणाली लागू करने पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का अंतरजनपदीय तबादले की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। बसपा के इंद्रजीत सरोज ने सवाल उठाया कि शिक्षक मनचाही तैनाती के लिए फर्जी छात्र संख्या दिखाते हैं। मंत्री ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी और जहां ऐसा पाया जाएगा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री के वक्त पर न पहुंचने पर आपत्ति ः
विधानसभा में प्रश्नकाल शुरू होते ही पहले सवाल के लिए अध्यक्ष ने बेसिक शिक्षा मंत्री का नाम पुकारा। तब तक वह सदन में नहीं पहुंचे थे। भाजपा के सतीश महाना ने कहा कि न शिक्षा मंत्री है न संसदीय कार्य मंत्री। इसी बीच राम गोविंद चौधरी पहुंच गए। डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मंत्री का समय पर सदन में न आना जाहिर करता है कि वह कितने गंभीर हैं। चौधरी ने कहा कि वह इसी सवाल की तैयारी में लगे थे। थोड़ी देर बाद जब लक्ष्मीकांत वाजपेयी सदन से बाहर जाने लगे तो राम गोविंद चौधरी और आजम खां ने कहा कि मंत्रियों की जिम्मेदारी है तो सदस्यों की भी है। उन्हें भी सदन में रहना चाहिए।


     साभार : अमरउजाला

मदरसा शिक्षकों व कर्मियों को ट्रेजरी से मिलेगी पेंशन : हर साल करीब २० करोड़ पेंशन दी जा रही -

मदरसा शिक्षकों व कर्मियों को ट्रेजरी से मिलेगी पेंशन -
१-मदरसा शिक्षकों को एक जनवरी 2015 से जिला कोषागारों से ही पेंशन
२-मदरसों मे होने वाले भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की कवायद है
३-सरकार के इस फैसले से 459 मदरसों के करीब एक हजार अवकाश प्राप्त शिक्षकों को होगा फायदा
लखनऊ (ब्यूरो)। प्रदेश सरकार ने अनुदान प्राप्त मदरसों के सेवानिवृत्त शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को ट्रेजरी से पेंशन देने का निर्णय किया है। इन्हें एक जनवरी 2015 से जिला कोषागारों से ही पेंशन मिलेगी। मंगलवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी।
प्रदेश सरकार के इस कदम से मदरसों में होने वाले भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। अभी अवकाश प्राप्त शिक्षकों को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व मदरसा संचालकों के माध्यम से पेंशन दी जाती है। ऐसे में ये लोग पेंशन देने के नाम पर अवकाश प्राप्त शिक्षकों से पैसा भी ले लेते हैं। इसी व्यवस्था को खत्म करने के लिए सरकार ने इन्हें भी कोषागारों से पेंशन देने का निर्णय किया है।
सरकार के इस कदम से प्रदेश के 459 मदरसों के करीब एक हजार अवकाश प्राप्त शिक्षकों को फायदा होगा। इन्हें सरकार की ओर से हर साल करीब 20 करोड़ रुपये की पेंशन दी जाती है। नई व्यवस्था से शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मदरसा संचालकों व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पास पेंशन लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

   साभार : अमरउजाला

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