Saturday, May 31, 2014

उत्तर प्रदेश शासन अधिसूचना संशोधित नियमावली 1981: शिक्षामित्रों के 13 सालों की तपस्या : खुशियों से भर गयीं शिक्षा मित्रों की झोलियां -"जो हैं " कि नियमावली की पुरी गाथा -


            #उत्तरप्रदेशशासन
       #अधिसूचना-संशोधित नियमावली सेवा (अध्यापक) 1981का जारी सार संचय -
#शिक्षामित्रों के 13 सालों की तपस्या : खुशियों से भर गयी शिक्षा मित्रों की झोलियां- "जो हैं" की नियमावली की पूरी गाथा----
१-यह नियमावली उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा (उन्नीसवां संशोधन)नियमावली,2014 कही जायेगी
२-यह गजट में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी होगी
३-नियम 2 का संशोधन (फ) "शिक्षामित्रों का तात्पर्य बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित जूनियर बेसिक स्कूलों में उत्तर प्रदेश RTE Act 2011के प्रारम्भ होने के पूर्व से शासनादेशोंके अधीन इस रूप में कार्यरत |
४-नियम 5 का संशोधन के स्तम्भ (दो) जूनियर बेसिक स्कूलों के सीधी भर्ती द्वारा जैसा कि नियम 14 और 15 में उपबन्धित है | "अथवा"
     बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित जूनियर बेसिक स्कूलों में ,उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा (उन्नीसवां संशोधन) नियमावली,2014 के प्रारम्भ होने के दिनांक को शिक्षामित्र के रूप में नियुक्त एवं इस रूप में कार्यरत ऐसे शिक्षामित्र की नियुक्ति द्वारा |
५-नियम 6 का संशोधन स्तम्भ दो परन्तु यह और भी कि उच्चतर आयु सीमा को शिक्षामित्र के मामले में अधिकतम "आयु 60 वर्ष" तक होगी
६-नियम 8 के दो (ग) शिक्षामित्र जिसके पास भारत में लिधि द्वारा स्थापित किसी विश्वविद्यालय से स्नातक उपाधि या उसके समकक्ष मान्यता प्राप्त उपाधि हो और उसने दो वर्षीय बीटीसी दूरस्थ शिक्षाविधि से अथवा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा संचालित बीटीसी प्रशिक्षण सफलता पूर्वक पूर्ण कर लिया हो |
७-नियम 14 का संशोधन 14(5)(क) शिक्षामित्र द्वारा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा स्चालित दूरस्थविधि से दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण अथवा बीटीसी विशिष्ट बीटीसी सफलतापूर्वक पूरण करने का प्रमाण पत्र करने के उपरान्त उन्हें जूनियर बेसिक स्कूलों में सहायक अध्यापक के मौलिक पद पर नियुक्त किया जायेगा | इनको जू बे स्कूल में सहायक अध्यापक के मौलिक पद पर नियुक्त करने हेतु नियुक्ति प्राधिकारी रिक्तियों की संख्या और नियम 9 के अधीन अनुसूचित जातियों ,जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित की जाने वाली संख्या भी अवधारित करेगा |
      अब शिक्षामित्रों से जुड़ा शासनादेशों का पेज 22 और पेज 23 को शासनादेश के लेखसार के साथ जोड़ रहा हुँ ........सादर आमंत्रित धन्यवाद!

शिक्षामित्रों के 13 सालों की तपस्या : खुशियों से भर गयी शिक्षा मित्रों की झोलियां- "जो हैं" की नियमावली की पूरी गाथा....RTE Act 2009

#शिक्षामित्रों के 13 सालों की तपस्या : खुशियों से भर गयीं शिक्षामित्रों की झोलियां -"जो हैं" की नियमावली की पूरी गाथा ------"RTE Act"
1-उत्तरप्रदेश ऩि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार (प्रथम संशोधन) नियमावली,2014
2-यह गजट में प्रकाशित तिथि 30 मई 2014 की तिथि से प्रवृत्त होगी |
3-नियम 2 का संशोधन 1(ट) "शिक्षामित्र" की व्याख्या करता है
4-नियम 3 के नये नियम 16(क) नियम 15 और 16 में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी राज्य सरकार अधिनियम के उपबन्धों को कार्यान्वित करने के उद्देश्य से ऐसे शिक्षामित्रों को जिन्हें पात्र समझा गया हो जूनियर बेसिक स्कूलों में सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्त किये जाने हेतु शैक्षिक अर्हताओं में शिथिलता प्रदान करने हेतु आदेश द्वारा उपबन्ध कर सकती है |

शिक्षामित्रों को जुलाई से पक्की सरकारी नौकरी : बिना टीईटी के बनेंगे शिक्षक

#शिक्षामित्रों को जुलाई से पक्की नौकरी :
नई नियमावली जारी, जल्द बनेंगे शिक्षक, टीईटी से मिलेगी छूट -
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने एक लाख 70 हजार शिक्षामित्रों का दामन खुशियों से भर दिया है। शिक्षामित्रों को बिना शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के शिक्षक पद पर समायोजित करने के लिए शुक्रवार को बेसिक शिक्षा सचिव नीतीश्वर कुमार ने अध्यापक सेवा नियमावली और शिक्षा का अधिकार अधिनियम संशोधित नियमावली जारी कर दी। पहले चरण में 58,826 प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षामित्रों को जुलाई में शिक्षक बनाने की तैयारी है। शिक्षामित्र 60 साल की उम्र तक शिक्षक बन सकेंगे।
अब यूपी बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा (19वां संशोधन) नियमावली 2014 में शिक्षामित्रों को बेसिक शिक्षा परिषद के संचालित प्राइमरी (जूनियर बेसिक) स्कूलों में शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत होना दर्शाया गया है। अभी तक इनके लिए नियमावली में कोई प्रावधान नहीं था। वैसे तो परिषदीय स्कूलों में शिक्षक बनने की आयु सीमा 21 से 40 वर्ष है, लेकिन शिक्षा मित्रों के लिए यह आयु सीमा 60 वर्ष तक कर दी गई है।
ऐसे होगा चयन
डायट प्राचार्यों की अध्यक्षता में सभी जिलों में चयन समिति बनाई जाएगी। आरक्षण नियमों के आधार पर चयन सूची तैयार होगी। बीटीसी वालों को समायोजन में प्राथमिकता मिलेगी। वरिष्ठता सूची जन्मतिथि के आधार पर तैयार होगी। दो शिक्षामित्रों की जन्मतिथि यदि समान है तो अंग्रेजी के अक्षरों के आधार पर सूची में उसका नाम रखा जाएगा। समिति की संस्तुति पर बेसिक शिक्षा अधिकारी समायोजन के आदेश जारी करेंगे।

#येबनेंगेशिक्षक

किसी भी विश्वविद्यालय से स्नातक या उसके समकक्ष डिग्री, दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से दो वर्षीय बीटीसी, सामान्य बीटीसी, उर्दू बीटीसी या विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण उत्तीर्ण करने वाले ही शिक्षक बनाए जाएंगे।

#टीईटीसेऐसेदीछूट

शिक्षामित्रों को टीईटी पास करने से छूट देने के लिए उत्तर प्रदेश नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (प्रथम संशोधन) नियमावली-2014 में प्रावधान किया गया है। इसके साथ नियम 16 (क) जोड़ दिया गया है। इसमें शिक्षा मित्रों को टीईटी से छूट देने का अधिकार राज्य सरकार के अधीन कर दिया गया है।


#प्रशिक्षणतीनचरणों में

पहले चरण में 60 हजार शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से 58,826 ने बीटीसी परीक्षा उत्तीर्ण की है। दूसरे चरण में 64,000 और तीसरे चरण में 46,000 शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जैसे-जैसे प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी होती जाएगी शिक्षामित्रों को शिक्षक के पद पर समायोजित किया जाता रहेगा।

           साभार : अमरउजाला

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा(अध्यापक) सेवा (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली,2014





शिक्षा मित्रों का सपना हुआ पूरा :बिना टीईटी के बनेंगे सरकारी शिक्षक -शासनादेश के लिए (क्लिक )करेंशासनादेश देखने के लिए यहाँ (क्लिक) करें -

उत्तर प्रदेश नि:शुल्क अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार(प्रथम संशोधन) नियमावली,2014

Friday, May 30, 2014

शिक्षा मित्रों का सपना हुआ पूरा : बिना टीईटी बन सकेंगे सरकारी शिक्षक( पूरीखबर)


GOODNEWSशिक्षामित्र अब बिना टीईटी बन सकेंगेसरकारी टीचर -
१-यह गजट प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावित होगी
२-नये नियम-16(क) का  बढ़ाया जाना जो प्रभावित होगा
३-शिक्षामित्रों को जूनियर बेसिक स्कूलों में सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्त किया जाना
४-न्यूनतम शैक्षिक अर्हता में शिथिलता प्रदान करते हुए आदेश
लखनऊ. :सूबे की सरकार ने शासनादेश
जारी किया है कि अब जल्द
ही शिक्षामित्रों को नियमित किया जाएगा। इससे पहले सरकार ने 1.70
शिक्षामित्रों को बिना टीईटी के सहायक
अध्यापक बनाने का फैसला किया था। शिक्षामित्रों के समायोजन में
टीईटी की पात्रता अनिवार्य
नहीं होगी।कैबिनेट में बेसिक
शिक्षा नियमावली 1981 के अंतर्गत
नियमावली बनाकर प्रस्ताव रखा गया था। इसे
मंजूरी भी दे दी गई है।
पिछले शुक्रवार को सीएम अखिलेश
की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक
हुई। इसमें मुख्यमंत्री ने
संविदा की तिथि से लगातार स्कूलों में संतोषजनक काम
कर रहे स्नातक योग्यताधारी शिक्षामित्रों के हित मेंफैसला लिया।
उन्होंने कहा कि बीटीसी,
विशिष्ट बीटीसी या पत्राचार
बीटीसी का दो वर्ष
प्रशिक्षण देकर बेसिक स्कूलों में सहायक अध्यापकों बनाया जाएगा।
शिक्षामित्रों के समायोजन में शिक्षक
पात्रता परीक्षा (टीईटी)
की अनिवार्यता नहीं रह
जाएगी। यहनियुक्ति अधिसूचना जारी होने की तिथि सेप्रभावी मानी जाएगी।
बताते चलें कि प्रदेश में शिक्षकों के 4 लाख 86 हजार 182 पद खाली हैं। न्यायालय में याचिकाएं विचाराधीनहोने के चलते भर्ती प्रक्रिया बाधित थी।साथ ही गुरुवार को हाईकोर्ट ने प्रदेश के
सीनियर बेसिक स्कूलों में सहायक
अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया को दो मह
में पूरा करने का निर्देश दिए था। इस मामले में ब्रह्म देव यादवऔर अन्य की याचिका पर न्यायाधीशसुधीर अग्रवाल सुनवाई कर रहे थे।
इस समय 1.70 लाख शिक्षामित्र संविदा पर कार्यरत हैं।
आरटीआई लागू होने के बाद 2 जून 2010 से
शिक्षामित्रों की नई नियुक्ति बंद कर
दी गई थी। उन्हें बेसिक शिक्षा परिषद
सहायक अध्यापक के तौर पर नियुक्त करने की बातहुई थी। इसी साल 28
जनवरी को प्रदेश की कैबिनेट ने उनके
समायोजन का फैसला लिया था, लेकिन स्थिति साफ नहीं थी।

#कौनहैंशिक्षामित्र -

यूपी में करीब 2 लाख 32 हजारप्राइमरी स्कूल हैं।यहां शिक्षकों की कम संख्या देखते हुए सरकार नेसंविदा पर शिक्षकों को रखने की प्रक्रिया शुरुकी। इनको शिक्षामित्र नाम दिया गया। प्रदेश केप्राथमिक स्कूलों में इनके रखने की प्रक्रिया शुरू की गई।इनकी योग्यता 12वीं पास
रखी गई, साथ ही यह शर्त
भी रखा गया कि अभ्यर्थी उक्त प्राथमिक
विद्यालय परिक्षेत्र का रहना वाला हो।
वेतनमानशिक्षा मित्रों को शुरू में प्रतिमाह 3500 रुपए मानदेय दिया जाता था।
बाद में उनकी मांग पर इस बढ़ाकर 5000 रुपए करनेका प्रस्ताव किया गया है।

#क्योंअहमहैंशिक्षामित्र -

यूपी में कुल एक लाख 70 हजार शिक्षामित्र हैं।
इनमें करीब एक लाख शिक्षामित्रों को नियमित करनेकी प्रक्रिया सरकार द्वारा शुरू कर दी गई
है। इसको अमली जामा चुनाव बाद
ही यूपी सरकारद्वारा पहनाया जा सकता है। मुलायम की नजर इनएक लाख लोगों पर हैं, क्योंकि इनके साथ करीबतीन लाख लोग जुड़े हुए हैं, जो कि एक बड़ा वोट बैंक है।

साभार : भास्कर

पूरा हुआ सपना : शिक्षा मित्र बने शिक्षक

#अभी-अभी>>>>>#शिक्षामित्रोंबनेशिक्षक

#यूपीसरकारनेजारी कियाशासनादेश,
1.70 लाख शिक्षामित्रों के शिक्षक बनने का सपना पूरा।
RTE पत्रांक-1987-79-5-2014-282/98
नियमावली में संशोधन का पत्रांक-1988-79-5-2014-282/98   
दिनांक 30/05/2014

शिक्षामित्रों का समायोजन अगले हफ्ते से : आज जारी हो सकती नियमावली की अधिसूचना

शिक्षामित्रों का समायोजन अगले हफ्ते से : आज जारी हो सकती नियमावली की अधिसूचना
१-१४फरवरी2014को ही कैबिनेट ने समायेजन का लिया था फैसला
२-तीन चरणों में होगा समायोजन :पहले में 58 हजार , दूसरे चरण में 95 हजार और 15 हजार तीसरे चरण में
३-आरटीई नियमावली में टीईटी से मुक्ति का बिन्दु जोड़ा गया 

               साभार : हिन्दुस्तान

30 मई 2014 को "माता-दिवस" के रूप में मनाये जाने के सम्बन्ध में आदेश -


30 मई 2014 को "माता-दिवस" के रूप में मनाये जाने के सम्बन्ध में आदेश -
       

          साभार : बेशिप न्यूज

शासन ने मांगा प्रस्ताव : परिषदीय विद्यालयों के बच्चे भी बस से जायेंगे स्कूल -

अब परिषदीय स्कूलों केलिए भी चलेंगी बसें : शासन ने मांगा प्रस्ताव
१-जो बच्चे २किमी पैदल चलकर स्कूल पहुँचते है कि सूची देंगे बीएसए
२-रामपुर के हर ब्लाक से ३०से ४० बच्चे उठायेंगे लाभ

रामपुर : अब परिषदीय स्कूलों के बच्चे
भी बस से स्कूल जा सकेंगे। बस उन्हें घर से
स्कूल तक पहुंचाएगी। यह सुविधा ऐसे
बच्चों को मिलेगी, जिनका स्कूल घर से
दो किमी या उससे दूर है। शासन ने
परिषदीय स्कूलों में बस लगाने का प्रस्ताव
मांगा है। कहा है कि जिला बेसिक
शिक्षा अधिकारी ऐसे बच्चों के नाम
की सूची भेजें जो एक से
दो किमी पैदल चल कर स्कूल पहुंचते हैं।
दरअसल जूनियर हाई स्कूल हर गांव में उपलब्ध
नहीं हैं। कई गांवों से
इनकी दूरी दो व ढाई
किमी तक है। ऐसे में बच्चों को पैदल
ही जाना पड़ता है। शासन का मानना है
कि दूरी की वजह से बच्चे स्कूल
जाने से कतराते हैं और ऐसे में स्कूलों में
बच्चों की संख्या कम रहती है।
इसलिए शासन ने ऐसे सभी स्कूलों में बसें लगाने
का निर्णय लिया है। रामपुर के हर ब्लाक में 30 से 40 बच्चे
इस सुविधा का लाभ उठायेंगे। विभाग ने
इनकी सूची शासन को भेज
दी है। बसें बच्चों को स्कूल तक
छोड़ेंगी और छुट्टी के बाद घर
पहुंचाकर जाएंगी। गांवों के
अलावा शहरी क्षेत्र के बच्चे
भी चिहिृनत किए गए हैं। शासन से जल्द
ही इस पर अमल होने
की उम्मीद है। बीएसए
एसके तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देश
का इंतजार किया जा रहा है। बजट मिलते ही बस
सेवा की व्यवस्था कराई जाएगी।

         साभार : दैनिक जागरण

प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड की बैठक : सर्व शिक्ष अभियान के प्रस्ताव पर केंन्द्र की कैंची


सर्वशिक्षा अभियान के प्रस्ताव पर केंद्र की कैंची : प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड की बैठक
१-केंन्द्र ने कहा पूर्व में स्वीकृत स्कूलों का निर्माण पूर्ण कराया जाए
२-केन्द्र ने मानव विकास मंत्रालय में हुई बैठक में प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड का विवरण जारी किया
लखनऊ। केंद्र ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत उत्तर प्रदेश से भेजे गए प्रस्ताव पर कैंची चला दी है। राज्य सरकार ने 13,477 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन मात्र 8,742 करोड़ की ही मंजूरी मिली है। प्रदेश में 1546 प्राथमिक और 198 उच्च प्राथमिक स्कूल खोलने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है। केंद्र ने कहा है कि पूर्व में स्वीकृत स्कूलों का निर्माण पूरा कराया जाए, इसके बाद नए स्कूलों के प्रस्ताव पर विचार होगा। पुराने स्कूलों में छात्रों व छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय तथा अतिरिक्त क्लास रूम बनाने की मंजूरी दे दी गई है। केंद्र ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय में हुई प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड (पीएबी) की बैठक का विवरण जारी कर दिया है।
सर्व शिक्षा अभियान से मिलने वाले पैसे को बेसिक शिक्षा पर खर्च किया जाता है। केंद्र सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत वित्त वर्ष 2014-15 में सिविल वर्क के लिए 270.62 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें 6475 अतिरिक्त क्लास रूम के लिए 223.91 करोड़, छात्राओं के 1271 शौचालय के लिए 8.89 करोड़, छात्रों के 2047 शौचालय के लिए 14.32 करोड़, 3257 हैंडपंप के लिए 4.88 करोड़ तथा निशक्त बच्चों के लिए रैंप बनाने को 1.66 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। आउट ऑफ स्कूल बच्चों को प्रशिक्षण के लिए 12.17 करोड़ की मंजूरी मिली है।
इसी तरह परिषदीय और संबद्ध प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मुफ्त किताब देने के लिए 199.60 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत 1,76,31,831 छात्र-छात्राओं को मुफ्त यूनिफॉर्म देने के लिए 705.27 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। निशक्त बच्चों को शिक्षित करने के लिए 49.23 करोड़ तथा शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की सामग्री तैयार करने के लिए 10.62 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
                 

                    साभार : अमरउजाला

जूनियर हाईस्कूलों में दो माह में नियुक्तियां करे सरकार : हाईकोर्ट ने दिया निर्देश

जूनियर हाईस्कूलों में दो माह में नियुक्तियां करे सरकार : हाईकोर्ट ने दिया निर्देश
१-प्रदेश सरकार ने ११जुलाई २०१३ को विज्ञान वर्ग के शिक्षकों की सीधी भर्ती का दिया था विज्ञापन
२-सीधी भर्ती की योजना 1981 में ही लागू की थी
३-जूनियर हाई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने जूनियर हाईस्कूलों में 29334 विज्ञान के शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया दो माह में पूरा कर लेने का प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है। इन पदों के अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग नहीं कराने पर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने नियुक्ति प्रक्रिया को लंबे समय से लटकाए रखने पर नाराजगी जताई है।
ब्रह्मदेव यादव और अन्य द्वारा याचिका दाखिल कर कहा गया है कि प्रदेश सरकार ने 11 जुलाई 2013 को विज्ञान वर्ग के अध्यापकों की सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था। इसमें किसी भी जिले से आवेदन करने की छूट थी। याचीगणों ने सभी जिलों से आवेदन किया जिसमें करीब 40 हजार रुपये खर्च हुए। सरकार ने पचास फीसदी पदों पर सीधी भर्ती की योजना 1981 में ही लागू की थी। याचीगण भर्ती की पूरी योग्यता रखते हैं मगर विज्ञापन जारी करने के बाद से नियमोें में कई बार परिवर्तन किए गए और अब तक भर्ती की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी है जबकि जूनियर हाईस्कूलों में अध्यापकों की भारी कमी है।

                 साभार : अमरउजाला

Thursday, May 29, 2014

कस्‍तूरबा गॉधी बालिका विद्यालयों में शै‍क्षणिक व शिक्षणेत्‍तर कर्मियों के नवीनीकरण व चयन के सम्‍बन्‍ध में निर्देश : वार्डन और शिक्षकों को चयन के लिए उच्च प्राथमिक टीईटी पास करना आवश्यक -







कस्तूरबा गाँधी बालिका लिद्यालयों मे शैक्षणिक व शिक्षणेत्‍तर कर्मियों के नवीनीकरण व चयन के सम्‍बन्‍ध में निर्देश : वार्डन और शिक्षकों को उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए टीईटी पास करना आवश्यक

नव परिभाषित अंशदान पेंशन योजना के अन्‍तर्गत असंतोषजनक प्रगति के सम्‍बन्‍ध में निर्देश - 

नव परिभाषित अंशदान पेंशन योजना के अन्‍तर्गत असंतोषजनक प्रगति के सम्‍बन्‍ध में निर्देश -


साभार :bsafarrukhabad

कस्‍तूरबा गॉधी बालिका विद्यालयों में शै‍क्षणिक व शिक्षणेत्‍तर कर्मियों के नवीनीकरण व चयन के सम्‍बन्‍ध में निर्देश - 

कस्‍तूरबा गॉधी बालिका विद्यालयों में शै‍क्षणिक व शिक्षणेत्‍तर कर्मियों के नवीनीकरण व चयन के सम्‍बन्‍ध में निर्देश -


साभार: bsafarrukhabad

शासनादेश जल्द :बेसिक शिक्षकों की वेतन विसंगतियाँ दूर

बेसिकशिक्षकों की वेतन विसंगतियां दूर : शासनादेशजल्द
१-बेसिक शिक्षा मंत्री ने दी मंजूरी शासनादेश जल्द
२-वेतन में प्रतिमाह 2000 से 3500 का इजाफा होने की संभावना
३-पदोनन्ति पाने के वाद वलिसंगति झेल रहे शिक्षकों को राहत
लखनऊ (ब्यूरो)। बेसिक शिक्षा परिषद केप्राथमिक व उच्च
प्राथमिक स्कूलों में पदोन्नति पाने के बाद भी वेतन
विसंगति का दंश झेल रहे शिक्षकों को बड़ी राहत
मिल गई है। बेसिक शिक्षा विभाग के वेतन
विसंगति संबंधी समस्याओं को दूर करने वाले
प्रस्ताव को बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद
चौधरी ने मंजूरी दे दी है। इस बारे में शीघ्र
ही शासनादेश जारी करने
की तैयारी है। राज्य सरकार के निर्णय से बेसिक शिक्षा विभाग के करीब 50,000
शिक्षकों को लाभ मिलेगा। उनके वेतन में प्रतिमाह 2000 से3500 का इजाफा होने की संभावना है।

             साभार : अमरउजाला

पहले चरण में 46हजार शिक्षामित्र बनेंगे शिक्षक : चुनाव आचार संहिता की वजह से हुई देरी


पहले चरण में 46 हजार शिक्षामित्र बनेंगे शिक्षक
१-संशोधित नियमावली के साथ समायोजन संबंधी आदेश शीघ्र जारी करने की तैयारी
२-जून में ही समायोजन प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी
३-जुलाई में परिषदीय स्कूलों को मिलेंगे स्थायी शिक्षक
४-चुनाव आचार संहिता की वजह से हुई देरी
५-जल्द समायोजित होंगे २०११ के टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी
लखनऊ। राज्य सरकार पहले चरण में 46,000 शिक्षा मित्रों को प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाएगी। इसके लिए संशोधित नियमावली के साथ समायोजन संबंधी आदेश शीघ्र ही जारी करने की तैयारी है। बेसिक शिक्षा विभाग चाहता है कि जून में ही समायोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए, ताकि जुलाई में परिषदीय स्कूलों में स्थाई शिक्षक मिल सकें।
बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी की मंजूरी के बाद अब इसे जल्द से जल्द अधिसूचित करने की तैयारी है। पहले चरण में 46,000 शिक्षा मित्र दो वर्षीय बीटीसी का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इसलिए सबसे पहले इन्हें ही सहायक अध्यापक बनाया जाएगा। उधर, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के अध्यक्ष गाजी इमाम आला और आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाही ने समायोजन संबंधी नियमावली को बेसिक शिक्षा मंत्री से मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बधाई देने के साथ वादा किया है कि परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में वे सुधार लाएंगे।
          
             साभार : अमरउजाला

Wednesday, May 28, 2014

बेसिक शिक्षा अधिकारियों का बनेगा स्कोर कार्ड : सचिव बेसिक शिक्षा के निर्देश पर

बेसिक शिक्षा अधिकारियों का बनेगा स्कोर कार्ड: 
१-कई कसौटियों पर खुद को परखेंगे बीएसए
२-हकीकत की पड़ताल भी कराएगी सरकार
३-बीएसए को अपने विभिन्न कार्यदायित्वों के आधार पर एंट्री करनी होगी
लखनऊ : जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) के कामकाज का हिसाब-किताब रखने के लिए अब स्कोर कार्ड तैयार कराया जाएगा। दिलचस्प यह है कि स्कोर कार्ड में अपने किये-धरे की एंट्री खुद बीएसए को करनी होगी जिसकी शासन समय-समय पर जांच कराएगा। जिले में बीएसए बेसिक शिक्षा विभाग का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है। उस पर बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित स्कूलों में पठन-पाठन के साथ सरकारी योजनाओं के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी होती है। विभागीय अमले के अलावा परिषदीय स्कूलों के स्टाफ पर भी प्रशासनिक नियंत्रण रखने की जिम्मेदारी बीएसए पर होती है। 

इन महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के बरक्स प्राय: बीएसए अपने दायित्वों के साथ न्याय नहीं करते हैं। आए दिन शासन में उनकी लापरवाहियों और भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रहती हैं। लिहाजा बीएसए को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए शासन ने उनका स्कोर कार्ड तैयार करने का निर्णय किया है। सचिव बेसिक शिक्षा नीतीश्वर कुमार ने बताया कि स्कोर कार्ड में बीएसए को अपने विभिन्न कार्यदायित्वों के आधार पर एंट्री करनी होगी। इसमें उन्हें अपने आप को स्कूलों में बच्चों व शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूली बच्चों को पाठ्यपुस्तकों, यूनीफार्म व मध्याह्न् भोजन का वितरण, स्कूलों का निरीक्षण, स्कूलों को मान्यता देना, पढ़ाई से छूटे बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाना, जिले के स्कूलों की शैक्षिक स्थिति जैसे बिंदुओं की कसौटियों पर परखना होगा। स्व-मूल्यांकन के आधार पर वे इन बिंदुओं के लिए अपने को नंबर व ग्रेड देंगे। स्कोर कार्ड को भरकर बीएसए को उसे वेबसाइट पर अपलोड करना होगा जिससे कि शासन उसकी निगरानी कर सके। 

चूंकि यह स्कोर कार्ड बीएसए खुद भरेंगे, इसलिए शासन समय-समय पर जिलों में टीम भेजकर स्कोर कार्ड में दर्ज की गई प्रविष्टियों की हकीकत की पड़ताल कराएगा।

साभार : दैनिक जागरण

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के शिक्षकों का मामला : अंशकालिक शिक्षकों को पूर्ण मानदेय देने का निर्देश -

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के शिक्षकों मामला : अंशकालिक शिक्षकों को पूर्ण मानदेय देने का निर्देश -
१-कोर्ट ने कहा 24 मार्च 2014 से पहले मिलने वाले मानदेय पाने के हकदार है
२-सरकार ने 7200 मिलने लाले मानदेय को घटाकर 5000 रूपये कर दिया 
इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के अंशकालिक शिक्षकों का मानदेय घटाने के आदेश की वैधता के खिलाफ याचिका पर राज्य सरकार से एक माह में जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा है कि 24 मार्च 2014 से पहले मिलने वाले मानदेय पाने के याचीगण अधिकारी हैं। सरकार ने इस तिथि के आदेश से अंशकालिक शिक्षकों का 7200 मिलने वाला मानदेय 5000 रुपये प्रति माह कर दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय ने सुनील कुमार तिवारी व 24 अन्य अंशकालिक अध्यापकों की याचिका पर दिया है। याचीगण का कहना है कि उनका कार्य पूर्णकालिक अध्यापकों के समान है। ऐसे में उन्हें समान वेतन मिलना चाहिए। आवासीय व गैर आवासीय आधार पर मानदेय में कमी करना गलत है।

        साभार : दैनिक जागरण

परिषदीय स्कूलों में : छात्रों को जुलाई में बंटेगी मुफ्त किताबें -

परिषदीय स्कूलों में : छात्रों को जुलाई में बंटेंगी मुफ्त किताबें
१-जुलाई मुफ्त किताबें बाट दें सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में सभी जिलों के बीएसए को दिया निर्देश
२-बीएसए के कार्यों के निगरानी के लिए बैलेंस सपोर्ट कार्ड बनाने के निर्देश
३-३०जून को रिटायर होने वाले शिक्षकों के सभी प्रपत्रों को तैयार कराने का सचिव ने दिया निर्देश
लखनऊ। सचिव बेसिक शिक्षा नीतीश्वर कुमार ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों के साथ मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में निर्देश दिया है कि परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को जुलाई में हरहाल में मुफ्त किताबें बांट दी जाएं। मुफ्त किताबें बांटे जाने के लिए की गई अब तक की कार्यवाही के बारे में जानकारी लेने के साथ समय से कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने किताब छपने में देरी वाले जिलों के बीएसए को निर्देश दिया कि इसमें तेजी लाएं और समय से पुस्तकों का वितरण सुनिश्चित कराएं। इसके अलावा 30 जून तक रिटायर होने वाले शिक्षकों के सभी प्रपत्र तैयार कर लिए जाएं। इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बीएसए से कार्यों निगरानी के लिए वैलेंस सपोर्ट कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं।
                 साभार : अमर उजाला

बेसिक शिक्षामंत्री ने समायोजन फाइल पर किया हस्ताक्षर : शिक्षा मित्रों के शिक्षक बनने का रास्ता साफ -

शिक्षामित्रों के शिक्षक बनने का रास्ता साफ : पहले चरण में 59 हजार शिक्षा मित्रों का समायोजन
१-बेसिक शिक्षामंत्री रामगोविंद चौधरी ने समायोजन सम्बंधी फाइल पर किया हस्ताक्षर
२-गजट नोटीफिकेशन के लिए भेजा जाएगा
३-उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक नियमावली 1981में संशोधन किया जा चुका
४- लोकसभा निर्वाचन के आचार संहिता लागू होने के कारण निर्णय नहीं हो पाया
५-जल्द जारी होगा सेवा नियमावली
लखनऊ (ब्यूरो)। परिषदीय स्कूलों में कार्यरत 1,72,000 शिक्षा मित्रों के शिक्षक बनने का रास्ता साफ हो गया है। बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने शिक्षा मित्रों के समायोजन संबंधी फाइल पर मंगलवार को हस्ताक्षर कर दिए। जल्द ही इसे गजट नोटीफिकेशन के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद इनके समायोजन संबंधी आदेश जारी कर दिए जाएंगे। समायोजन की प्रक्रिया जून में शुरू करने की विभाग की तैयारी है।
गौरतलब है कि समायोजन के लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली 1981 में संशोधन किया जा चुका है। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के चलते इस पर निर्णय नहीं हो पाया था।

सचिव करेंगे फिर समीक्षा : 72,825 शिक्षक भर्ती मामले की फिर होगी -


सचिव करेंगे फिर समीक्षा : 72,825 शिक्षक भर्ती मामले की फिर होगी -
१-विडियो कांफ्रेंसिंग से समीक्षा बैठक
२-"स्कूल चलो अभियान" की तैयारियों की भी समीक्षा
३-सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 72'825 की भर्ती की प्रक्रिया जानकारी -
४-72'825 शिकक्षों की भर्ती केलिए साफ्टवेयर तैयार
५-सरकार ने 72 ,825 की नियुक्ति में होगा विलम्ब है
बेसिक शिक्षा सचिव नीतीश्वर कुमार मंगलवार को बेसिक शिक्षा अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से समीक्षा बैठक करेंगे।
वे जुलाई में शिक्षण सत्र शुरू होने के साथ परिषदीय स्कूल के बच्चों को मुफ्त दी जाने वाली किताबों और 'स्कूल चलो अभियान' की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
साथ ही सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्कूल निर्माण की प्रगति का भी जायजा लेंगे। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 72,825 शिक्षकों की भर्ती की प्रगति की जानकारी भी लेंगे।
गौरतलब है कि राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों को नेशनल इंफॉरमेटिक सेंटर (एनआईसी) से तैयार सॉफ्टवेयर को भेजा जा चुका है।

      सॉफ्टवेयर भी तैयार -

प्रदेश में 72,825 शिक्षकों की भर्ती में फंसा पेंच खुल गया है। जिससे भर्ती प्रक्रिया अब आगे बढ़ सकेगी।

नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर (एनआईसी) ने सूबे में 72,825 शिक्षकों की भर्ती के लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) शीघ्र ही एनआईसी से यह सॉफ्टवेयर लेकर जिलों को भेज देगा।

सचिव बेसिक शिक्षा नीतीश्वर कुमार ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर की सहायता से शिक्षक भर्ती के लिए आए हुए आवेदनों का विवरण सूचीबद्ध करते हुए कन्वर्ट किया जाएगा जिससे मेरिट बनाने में आसानी होगी।

    सरकार ने कहा ‌वक्त लगेगा -

हालांकि, राज्य सरकार ने शिक्षकों की भर्ती के लिए सुप्रीम कोर्ट से तीन माह की मोहलत मांगी है। सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी करने में समय लग जाएगा, इसलिए उसे मोहलत दी जाए।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को टीईटी मेरिट पर 72,825 शिक्षकों की भर्ती का आदेश दिया था। इसके आधार पर डायट प्राचार्यों को निर्देश दिया गया था कि वे नवंबर 2011 के विज्ञापन के आधार पर आए हुए आवेदनों का पूरा ब्यौरा एससीईआरटी को दे दें।

उनसे यह भी पूछा गया था कि कितने आवेदनों को कंप्यूटर पर फीड किया गया है। कंप्यूटर पर फीड ब्यौरे को एनआईसी से मिलने वाले साफ्टवेयर से कनवर्ट किया जाएगा।

जिससे मेरिट बनाने में आसानी हो और इसे ऑनलाइन डाला जा सके, ताकि आवेदक अपने आवेदन से इसका मिलान कर सके।

      ये भी थी एक मुश्किल-

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शुरू की गई 72,825 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नवंबर 2011 के विज्ञापन के आधार पर आए आवेदनों की कंप्यूटर फीडिंग पर रोक लगा दी गई थी।

इसके अलावा यह भी कहा गया था कि सचिव बेसिक शिक्षा की अनुमति के बिना वापस लेने वालों के ड्राफ्ट फिर से जमा नहीं किए जाएंगे।

यह भी हिदायत दी गई थी कि पुराने विज्ञापन के आधार पर नए आवेदन नहीं लिए जाएंगे।

     सचिव ने मांगी थी जानकारी -

मामले पर सचिव बेसिक शिक्षा ने यह भी निर्देश दिया था कि नवंबर 2011 के विज्ञापन के आधार पर आए आवेदनों को जिस रजिस्टर पर दर्ज किया गया है।

उसके आखिरी पन्ने पर डायट प्राचार्य और बेसिक शिक्षा अधिकारी संयुक्त रूप से हस्ताक्षर करते हुए तत्काल प्रभाव से राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को भेज दें।

उन्होंने यह भी कहा था कि प्रमाण पत्र भी देना होगा जिससे पता चले कि उनके जिले में कुल कितने आवेदन आए और इनमें से कितने कंप्यूटर में फीड हो चुके हैं व कितनों की स्कैनिंग हो चुकी है।

आए हुए आवेदनों को कहां सुरक्षित रखा गया है तथा उनकी क्या स्थिति है, इसके बारे में भी जानकारी ली गई थी।

        साभार : अमर उजाला

Tuesday, May 27, 2014

'उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 1956'' में संशोधन एवं ''उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999'' में प्रथम संशोधन किया जाना।

"उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 1956'' में संशोधन एवं ''उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999'' में प्रथम संशोधन किया जाना।

बी0एड शिक्षक चयन के सम्‍बन्‍ध में अग्रिम निर्देश : प्रशिक्षु चयन 2011 के सम्बन्ध में -

बी0एड शिक्षक चयन के सम्‍बन्‍ध में अग्रिम निर्देश : प्रशिक्षु चयन 2011 के सम्बन्ध में -
      
        साभार : bsafarrukhabad

आइये जागृति लायें -चेतना जगायें!"अपने बच्चों का सरकारी स्कूलों में एडमिशन करवायें" -


आइये जागृति लायें-चेतना जगायें ! "अपने बच्चों का सरकारी स्कूलों में एडमिशन करवायें" 
   पढ़ा लिखा हो हर इंसान,
    होगा तब ही राष्ट्र महान |
                  शिक्षा है जीने का सहारा,
                  शिक्षा है अधिकार हमारा |
पढ़े-लिखें और पढ़ायें भी,
देश को-खुद को बढायें भी|
                   न होगा इसका बंटवारा,
                    शिक्षा का धन बहुत न्यारा |

सतत् मूल्यांकन : परिषदीय स्कूल के छात्रों को भी मिलेगा रिपोर्ट कार्ड -

१-नए सत्र से शुरू हो जाएगी सतत मूल्यांकन की प्रक्रिया
२-कार्ड की छपाई पर प्रति छात्र पाँच रूपये के हिसाब से खर्च
३-सर्व शिक्षा अभियान के तहत केन्द्र सरकार ने दी मंजूरी
४-कक्षा १व २ के लिए हिंदी और गणित कक्षा ३ से ५ के लिए अंग्रेजी व गणित का वर्कबुक मुफ्त
५-छात्रों के रिपोर्ट कार्ड देने की प्रक्रिया नये सत्र से शुरू
६-बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके आधार पर ही बजट की मांग की
लखनऊ। निजी स्कूल की तरह परिषदीय स्कूल के छात्र भी रिपोर्ट कार्ड हाथ में लिए नजर आएं तो चौंकने की जरूरत नहीं है। अब परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को भी रिपोर्ट कार्ड दिया जाएगा। इसमें उनके सतत मूल्यांकन का पूरा ब्यौरा होगा। छात्र साल में कितने दिन स्कूल आया और पढ़ाई में वह कैसा है, इसका विस्तार से जिक्र किया जाएगा। रिपोर्ट कार्ड की छपाई पर प्रति छात्र पांच रुपये के हिसाब से खर्च किया जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है। छात्रों को रिपोर्ट कार्ड देने की प्रक्रिया नए सत्र से शुरू की जाएगी।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को अभी तक रिपोर्ट कार्ड नहीं दिया जा रहा था। उन्हें केवल एक पर्चे पर ही रिजल्ट दे दिया जाता था। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में जहां 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों की शिक्षा अनिवार्य की गई है, वहीं उनका सतत मूल्यांकन करने के साथ रिपोर्ट कार्ड देना भी अनिवार्य किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके आधार पर ही इस बार सर्व शिक्षा अभियान के तहत रिपोर्ट कार्ड देने के लिए बजट की मांग की थी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। जानकारों की मानें तो परिषदीय स्कूलों के छात्रों को नए सत्र से रिपोर्ट कार्ड दिया जाएगा। छात्रों के ब्यौरे के आधार पर जिलों को पैसे दिए जाएंगे।
परिषदीय स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को अब रिपोर्ट कार्ड दिया जाएगा। इसके साथ ही उनके सतत मूल्यांकन पर जोर दिया जाएगा। सतत मूल्यांकन के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है।
- नीतीश्वर कुमार, सचिव बेसिक शिक्षा
•कार्ड की छपाई पर प्रति छात्र पांच रुपये के हिसाब से खर्च होगा
•सर्व शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार ने दी मंजूरी
प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों के लिए हिंदी, अंग्रेजी व गणित में गतिविधि आधारित शिक्षा दी जाएगी। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पढ़ाने-लिखाने के साथ गणित में दक्ष बनाने के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार होगा। कक्षा 1 व 2 के बच्चाें को हिंदी व गणित तथा कक्षा 3 से 5 तक के बच्चों के लिए अंग्रेजी व गणित का वर्कबुक मुफ्त देने के साथ उनके मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। छात्रों की पढ़ाई का औसत, उनका रिजल्ट और स्कूल में उनकी उपस्थिति को आधार मानते हुए सतत मूल्यांकन किया जाएगा।

         साभार : अमर उजाला

कानपुर : बीएसए झुके मांगी माफी, शिक्षक संगठनों से हुआ समझौता -

१-मामला शिक्षक और शिक्षिकाओं को असभ्य शब्दों से सम्बोधन का मामला
२-सोमवार को एडी बेसिक श्री विनय कुमार गिल के साथ हुई बैठक में मामला सुलझा
३-बीएसए कार्यालय में हुई तोड़फोड़ पर शिक्षक शिक्षिकाओं पर मुकदमा दर्ज
जागरण संवाददाता : मर्चेट चैंबर हाल में आयोजित कार्यक्रम में बीएसए द्वारा दिये गये बयान से मचा बवाल, उनके माफी मांगने के साथ ही समाप्त हो गया। सोमवार को एडी बेसिक विनय कुमार गिल के समक्ष हुई बैठक में शिक्षक संगठनों और बेसिक शिक्षा अधिकारी के बीच में समझौता हो गया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद यादव ने सफाई देते हुए कहा कि 'मेरी भावना सदैव शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को सम्मान करने की रही है और हमेशा रहेगी। जो भी मेरे बारे में कहा गया वैसी कोई टिप्पणी मैंने नहीं की है। यदि फिर भी मेरे द्वारा दिये गये बयानों से शिक्षक शिक्षिकाएं मर्माहत हैं तो मैं शुरु से ही अपने शब्द को वापस लेते हुए मैं क्षमा मांगता हूं और शिक्षक शिक्षिकाओं का सम्मान करता हूं।' इस मौके पर सभी संगठनों ने तय किया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध कोई धरना प्रदर्शन नहीं किया जाएगा तथा इस प्रकरण को यहीं समाप्त किया जाए। इस मौके पर उपायुक्त खाद्य अनूप शंकर व शिक्षक संगठनों से विपिन कुमार तिवारी, गणेश शंकर त्रिपाठी, रमेश बाबू पाण्डेय, अभय मिश्र, दिनेश प्रसाद त्रिपाठी, सरिता कटियार, मीनू सिंह, मधू शुक्ला, सुनीता शुक्ला आदि मौजूद रहे। उधर शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ सुबह से बीएसए कार्यालय पर कलम बंद हड़ताल पर बैठा रहा। शाम को जब मुकदमे की जानकारी हुई तो हड़ताल समाप्त हुई। इस दौरान परवेज आलम, आनंद शुक्ला, पंकज मिश्रा, फजील अहमद, शरद अवस्थी, सरताज शीलू आदि मौजूद रहे।
बीएसए कार्यालय में हुई घटना पर मुकदमा दर्ज
कानपुर: बीएसए कार्यालय में शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा तोड़फोड़ और प्रदर्शन करने के मामले में गोविन्दनगर थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है। एसआई सुरेश सिंह की तहरीर पर करीब 280 शिक्षक शिक्षिकाओं के खिलाफ कुर्सियां व फर्नीचर तोड़ने, नारेबाजी, संपति को नुकसान और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया है।

         साभार : दैनिक जागरण

परिषदीय शिक्षक जोह रहे बाट : जून माह में न हुए तबादले तो प्रभावित होगी पढ़ाई -

१-नये शैक्षिक सत्र में बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा असर
२-परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का पद जिला संवर्गीय होता है
३-मायावती सरकार ने शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबदलों की नीति बनाई
४-लोकसभा चुनाव बीतने के बाद भी अभी तक ठंडे बस्ते में पड़ा है स्थानांतरण
५-बेसिक शिक्षा विभाग विकल्पों के आधार पर मांगता है स्थानांतरण का आवेदन
लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। परिषदीय स्कूलों के हजारों शिक्षक तबादले की बाट जोह रहे हैं लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग इस साल अब तक स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू नहीं कर पाया है। यदि जून में तबादले न हो सके और मामला आगे खिंचा तो जुलाई से शुरू होने वाले नये शैक्षिक सत्र में बच्चों की पढ़ाई पर इसका असर पड़ना तय है।
परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का पद जिला संवर्गीय होता है। इस नाते उनके तबादले जिले के अंदर ही होते थे। विशेष परिस्थितियों में शासन की अनुमति से ही उनका स्थानांतरण एक से दूसरे जिले में हो पाता था। मायावती सरकार ने शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले के लिए नीति बनाई लेकिन इस पर अमल करने से पहले बसपा सरकार सत्ता से बेदखल हो गई। बहरहाल अखिलेश सरकार ने शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादलों की नीति को अमली जामा पहनाते हुए 2012 व 2013 में कुल मिलाकर तकरीबन 36 हजार शिक्षकों का एक से दूसरे जिले में तबादला किया।
वर्ष 2014 में पहले तो लोकसभा चुनाव के कारण तबादलों का मामला ठंडे बस्ते में रहा। चुनाव बीतने के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग तबादलों की प्रक्रिया शुरू नहीं कर पाया है। उधर पिछले दो वर्षों के दौरान तबादला पाने से वंचित रह गए शिक्षक इस बार मनपसंद जिले में तैनाती पाने का आस लगाये हुए हैं। बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक भी हैं जो जिले के अंदर ही एक से दूसरे स्कूल में तबादले के इच्छुक हैं। पहली जुलाई से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो जाएगा। मई बीतने में बमुश्किल एक हफ्ता बाकी है। ऐसे में शिक्षकों के तबादलों के लिए जून का महीना बचा है।
तबादले के लिए बेसिक शिक्षा विभाग पहले शिक्षकों से आवेदन मांगता है। आवेदन के जरिये शिक्षक स्थानांतरण के लिए जिले/स्कूल के विकल्प देते हैं। विकल्पों को ध्यान में रखते हुए जिलों में शिक्षकों की कमी या आधिक्य के आधार पर तबादले किए जाते हैं। खुद बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यदि जून में तबादलों की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पायी तो नये शैक्षिक सत्र में पठन-पाठन पर असर पड़ेगा।

               साभार : दैनिक जागरण

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