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BSA : बलरामपुर बीएसए ने कोर्ट में किया सरेंडर शिक्षिका को अश्लील मैसेज, अभद्र व्यवहार व धमकाने का मामला

BSA : बलरामपुर बीएसए ने कोर्ट में किया सरेंडर
शिक्षिका को अश्लील मैसेज, अभद्र व्यवहार व धमकाने का मामला

करीब चार वर्ष पूर्व शिक्षिका के साथ अश्लील मैसेज, अभद्रता करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोपी ने जिले के पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी (बलरामपुर के मौजूदा बीएसए) ने खंड शिक्षा अधिकारी के साथ गुरुवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम की अदालत में गुरुवार को सरेंडर कर दिया। हालांकि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार उन्हें न्यायाधीश ने पचीस-पचीस हजार रुपये का बांड भरवाकर जमानत दे दी।1प्रकरण करीब चार वर्ष पूर्व सन 2014 का है। भदैंया ब्लाक के एक प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में गुहार की। जिसमें उन्होंने कहा कि नवंबर 2013 में विद्यालय में उन पर प्रधानाध्यापिका व उनके सहकर्मी शिक्षामित्र आदि ने जानलेवा हमला किया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई। इस पर आरोपियों से उसे धमकियां मिलने लगीं कि अगर दोबारा स्कूल में दिखाई दी तो जिंदा नहीं बचोगी।

प्रकरण संज्ञान में आने पर शिक्षिका को महकमे के उच्चाधिकारियों ने हले तो दूसरे विद्यालय से संबंद्ध कर दिया, लेकिन इसी बीच ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी संजय यादव पीड़ित शिक्षिका को अपने साथ रखने और बात मनवाने के लिए दबाव बनाने लगे। जब उसने ऐसा करने से इंकार किया तो उसे पूर्ववर्ती विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने का आदेश दे दिया। आरोप है कि पीड़ित शिक्षिका के साथ उन्होंने अश्लील हरकत व अभद्र व्यवहार किया।

उन्होंने स्वयं व दूसरों से उसके मोबाइल फोन पर अश्लील मैसेज भेजवाए और बर्खास्तगी की भी धमकी दे दी। जब उसने बीएसए रमेश यादव से सारी बात बताई तो उन्होंने भी अभद्र व्यवहार किया और खंड शिक्षा अधिकारी की बात मान लेने की राय दी। पीड़िता ने शासन-प्रशासन के उच्चाधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रकरण को अदालत ने संज्ञान में लिया। एसीजेएम ने गत 22 अगस्त 2016 को परिवाद दर्ज करते हुए आरोपी बीएसए व बीईओ को अगली पेशी को अदालत में तलब होने के आदेश दिए। बावजूद इसके आरोपी पेश नहीं हुए। इस पर स्थानीय अदालत ने जमानती वारंट जारी कर दिया।इस पर आरोपियों ने उच्च न्यायालय की शरण ले ली। किंतु उन्हें खास राहत नहीं मिली। 14 जुलाई को उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने जस्टिस मसूदी ने प्रकरण की सुनवाई करते हुए दोनों आरोपी अधिकारियों को चार हफ्ते के भीतर सक्षम अदालत में पेश होने के आदेश दिए।

उक्त आदेश के क्रम में आरोपी बीएसए व बीईओ एसीजेएम पंचम अनुराग कुरील की अदालत में पेश हुए और जमानत अर्जी दाखिल की। 25-25 हजार रुपये के अनुबंध पत्र भरवाकर फिलहाल न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को जमानत दे दी। प्रकरण की पुन: 11 अगस्त को सुनवाई होगी।

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