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एक छत के नीचे 'प्राइमरी का मास्टर' से जुड़ी शिक्षा विभाग की समस्त सूचनाएं एक साथ

TEACHERS, SAMAYOJAN : गुरु जी पढ़ाएं या बच्चों को घेरकर बैठाएं, बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने समायोजन करने में आनाकानी की, परिषद के एकल स्कूलों में शैक्षिक कैलेंडर व समय सारिणी बेमतलब

TEACHERS, SAMAYOJAN : गुरु जी पढ़ाएं या बच्चों को घेरकर बैठाएं, बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने समायोजन करने में आनाकानी की, परिषद के एकल स्कूलों में शैक्षिक कैलेंडरसमय सारिणी बेमतलब

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : कक्षा एक से लेकर पांच तक में पहला पीरियड विज्ञान या गणित विषय का भले ही हो लेकिन, यहां पढ़ाई शिक्षक की मनमर्जी से होगी। अप्रैल माह में किस विषय में कितने चैप्टर पढ़ाना है यह बात शैक्षिक कैलेंडर में अच्छे से दर्ज है, लेकिन कक्षा में उसका अनुपालन नहीं हो पा रहा है। हम बात कर रहे हैं बेसिक शिक्षा परिषद के उन प्राथमिक विद्यालयों की, जिन स्कूलों में एक ही शिक्षक तैनात है। ऐसे विद्यालयों में गुरु जी पढ़ाएंगे या फिर पूरे समय बच्चों को घेरकर एक जगह बैठाएंगे।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बजट की कोई कमी नहीं है, भरपूर संसाधन देने का भी प्रयास हो रहा है। स्कूलों में विधिवत पढ़ाई कराने के लिए शैक्षिक कैलेंडर और समय सारिणी भी जारी हुई है। साथ ही पिछले तीन वर्षो में करीब तीन लाख शिक्षकों की तैनाती भी हुई है। इतना सब होने के बाद भी परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गाड़ी पटरी पर नहीं आ रही है, क्योंकि शिक्षक नजदीकी स्कूल में तैनाती का मोह छोड़ नहीं पा रहे हैं व विभागीय अफसर उन्हें जरूरत के मुताबिक विद्यालयों में भेज नहीं पा रहे हैं। बीते वर्ष प्रदेश में सात हजार विद्यालय ऐसे थे, जहां एकल शिक्षक तैनात है। इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के लिए कई बार बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए। यही नहीं जिले के अंदर तबादला व समायोजन के लिए कमेटी में बदलाव करके जिलाधिकारी को अगुवा बनाया गया। इसके बाद भी एकल विद्यालयों की संख्या कम नहीं हो सकी है।

पिछले शैक्षिक सत्र में बड़े पैमाने पर अंतर जिला तबादले हुए। इसमें बीएसए को निर्देश दिया था दूसरे जिलों से आने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर एकल स्कूलों में भेजा जाए। इस संबंध में कई बार निर्देश देने पर भी बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने विद्यालयों को सुचारू रूप से चलवाने के बजाय शिक्षकों की सुविधा का ही ख्याल रखा। इतना ही नहीं, शिक्षकों को मनचाहे विद्यालय और विभागीय कार्यालय में संबंद्ध करने की प्रक्रिया अब भी जारी है। प्राथमिक स्कूलों से बदतर हालात उच्च प्राथमिक विद्यालयों के हैं। वहां पर शिक्षकों की और भी कमी है। साथ ही पाठ्यक्रम भी विस्तृत है। अधिकांश स्कूलों में शिक्षकों की बेतरतीब तैनाती के कारण शैक्षिक गुणवत्ता सुधरने के हालात नहीं है। यह जरूर है कि अब बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय सभी जिलों से जल्द ही शिक्षकों की तैनाती का ब्योरा मांगने की तैयारी में है। इसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारियों से एकल विद्यालयों को लेकर जवाब मांगा जाएगा।’

परिषद के एकल स्कूलों में शैक्षिक कैलेंडर व समय सारिणी बेमतलब

’ बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने समायोजन करने में आनाकानी की

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