SHIKSHAK BHARTI : शिक्षक भर्ती में बीटीसी की जिला वरीयता रहेगी बरकरार, शिक्षक भर्ती के लिए जारी शासनादेश में भी व्यवस्था है कि पहली काउंसिलिंग के बाद एक जिले का अभ्यर्थी दूसरे जिले में काउंसिलिंग करा सकता है, बशर्ते उसने वहां का विकल्प दिया हो।
इलाहाबाद वरिष्ठ संवाददाता । बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए बीटीसी की जिला वरीयता बरकरार रहेगी। जिला वरीयता को चुनौती देने वाली गौरव भाटी व 22 अन्य अभ्यर्थियों की याचिका हाईकोर्ट ने एक सितंबर को खारिज कर दी है।बीटीसी, उर्दू बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी करने वाले अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती के लिए जिले की वरीयता देनी होती है। लेकिन पहली वरीयता उसी जिले की देनी होती है जहां से बीटीसी कोर्स किया है। इसके चलते कुछ जिलों में लो मेरिट वाले अभ्यर्थी चयनित हो जाते हैं। जबकि हाई मेरिट वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हो पाती। इसी के खिलाफ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका की थी और इस व्यवस्था को संविधान की भावना के विपरीत बताया था। हाईकोर्ट का मानना है कि जिस जिले से बीटीसी किया है उसके अलावा दूसरे विकल्प के तौर पर पसंदीदा जिले का विकल्प दे सकते हैं। शिक्षक भर्ती के लिए जारी शासनादेश में भी व्यवस्था है कि पहली काउंसिलिंग के बाद एक जिले का अभ्यर्थी दूसरे जिले में काउंसिलिंग करा सकता है, बशर्ते उसने वहां का विकल्प दिया हो। यही नहीं क्वालिटी प्वाइंट एकेडमिक मेरिट के आधार पर जोड़े जाते हैं जिसमें कोई कमी नहीं है।
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