अंतर्जनपदीय नियुक्तियों से स्थिति हुई खराब : अगले दो साल तक शिक्षकों को कोई प्रमोशन नहीं;शिक्षक पात्र होने के बावजूद तरस रहे प्रमोशन के लिए-
लखनऊ : इन दिनों हर जगह प्रमोशन का दौर चल रहा है। प्राइवेट से लेकर सरकारी तक सभी विभागों में प्रमोशन हो रहे हैं, लेकिन लखनऊ के प्राइमरी और जूनियर स्कूलों के शिक्षक पात्र होने के बावजूद प्रमोशन को तरस रहे हैं। क्योंकि राजधानी के स्कूलों में शिक्षकों के प्रमोशन के लिए पद ही खाली नहीं हैं।
विभाग के आंकड़ो के मुताबिक यह स्थिति आने वाले दो सालों तक बनी रहेगी। अब बेसिक के शिक्षकों का प्रमोशन दो साल के बाद ही हो पाएगा।
निर्धारित पद से 217 शिक्षक ज्यादा तैनात-
स्कूलों में पद खाली होने पर ही शिक्षकों को प्रमोशन दिया जाता है, लेकिन प्रमोशन की लाइन में खड़े शिक्षकों के सामने समस्या यह है कि यहां पहले से ही निर्धारित पद से अधिक शिक्षक कार्य कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में राजधानी के स्कूलों में निर्धारित पद से 217 शिक्षक अधिक काम कर रहे हैं। अब पद खाली होने पर पहले इन शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा उसके बाद अन्य शिक्षकों को प्रमोशन मिलेगा।
रिटायरमेंट से खाली होंगे मात्र 101 पद-
रिटायरमेंट के बाद अधिनस्थों के प्रमोशन की परंपरा हमेशा से रही है। लेकिन प्राइमरी और जूनियर के शिक्षकों यह लाभ भी नहीं मिलेगा। क्योंकि इस बार जून में मात्र 101 शिक्षक ही रिटायर होने वाले हैं। हालांकि यह संख्या काफी है। लेकिन 217 शिक्षक पहले से ही अधिक होने के कारण पहले इन पदों पर इनका समायोजन किया जाएगा। उसके बाद भी जरूरत होगी।
अंतर्जनपदीय नियुक्तियों से स्थिति हुई खराब-
साल 2012 में शिक्षकों की अंतर्जनपदीय नियुक्तियां की गई थीं। इसमें यहां जो भी पद खाली थे उसमें सारे पद भर गए। इसके चलते ही शिक्षकों के प्रमोशन के लिए पद ही खाली नहीं बचे हैं।
"शिक्षक प्रमोशन की मांग कर रहे हैं लेकिन हमारे पास पद से अधिक शिक्षक कार्य कर रहे हैं। इसलिए अब पद सृजित करने पर शिक्षकों का प्रमोशन संभव है जो शासन ही कर सकता है।"
- प्रवीण मणी त्रिपाठी, बीएसए
खबर साभार : नवभारत टाइम्स
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