गर्मियों में स्कूल बंद होने के बावजूद मई-जून में बच्चों का पेट अब मिड-डे-मील भरेगा : ओलावृष्टि का दंश झेल रहे बर्बाद किसानों के बच्चों कोमिलेगा एम0डी0एम0-
१-बर्बाद किसानों के बच्चों को एमडीएम
२-ओलावृष्टि का दंश झेल रहे किसानों के लिए राहत
३-भूखे बच्चों का पेट अब मिड-डे-मील भरेगा
४-गर्मियों में स्कूल बंद होने के बावजूद मई-जून में बच्चों को खाना
कानपुर | सूखा और ओलावृष्टि का दंश झेल रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर। उनके भूखे बच्चों का पेट अब मिड-डे-मील भरेगा। यह फैसला मध्याह्न् भोजन प्राधिकरण ने लिया है।
मालूम हो कि बीते वर्ष जिन जिलों में बारिश नहीं हुईथी, उन्हें सूखाग्रस्त घोषित कर दिया था। उन जिलों में सूखे की मार से बर्बाद हुए किसानों के बच्चों के लिएमिड डे मील की व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत बच्चों को गर्मियों में स्कूल बंद होने के बावजूद मई-जून में बच्चों को खाना परोसा जाएगा। पिछले सूखाग्रस्त और इस वर्ष ओलावृष्टि के चलते किसानों की फसलों का भारी नुकसान हुआ है। इसलिए यह फैसला लिया गया है। गर्मियों में भी बच्चों को भोजन परोसा जाएगा।
फसल चक्र के मुताबिक पिछले वर्ष बारिश नहीं होने के चलते खरीफ की फसल चौपट हो गयी थी। यह फसल जून-जुलाई में बोई जाती है और अक्टूबर-नवंबर में काटी जाती है। इन फसलों में धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, मूंग, मूंगफली आधि शामिल हैं। ये सभी फसले बारिश न होने के कारण चौपट हो गईथी। इसके चलते राज्य सरकार ने यूपी के 70 जिलों में 58 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया था।
अब इन जिलों में प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को गर्मियों में भी भोजन दिया जाएगा। राज्य सरकार ने पिछले वर्ष पैरामीटर के मुताबिक इन जिलों में बारिश नहीं होने के चलते इन्हें सूखाग्रस्त घोषित किया था। इस कारण ही यह फैसला लिया गया है। इसीलिए इस बार इन जिलों में मिड-डे-मील परोसा जाएगा |
खबर साभार : हिन्दुस्तान
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