टीईटी-2011 सरकार के रवैये खिलाफ फिर अदालत जायेंगे अभ्यर्थी : सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रही सरकार-
लखनऊ | प्रशिक्षु शिक्षक 2011 के चयन के मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का प्रदेश सरकार सही से अनुपालन नहीं कर रही है। देश की सर्वोच्च अदालत ने आदेश दिया है कि टीईटी परीक्षा में सामान्य श्रेणी में 105 और आरक्षित श्रेणी में 97 नंबर पाने वाले आवेदकों को नियुक्ति पत्र दें मगर राज्य सरकार ऐसा नहीं कर रही है। सरकार के इस रवैये के खिलाफ आवेदक आंदोलन करने के साथ एक बार फिर अदालत में सरकार के खिलाफ घेराबंदी करेंगे। यह कहना है टीईटी 2011 उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा के संयोजक हिमांशु राणा का। वह मंगलवार को बारादरी पार्क में आयोजित प्रदेश व्यापी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
सम्मेलन में प्रदेश के 50 जनपदों से टीईटी आवेदक आए थे। इस मौके पर हिमांशु राणा ने कहा कि टीईटी परीक्षा वर्ष 2011 में हुई। उसके बाद से ही मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया चल रही है। इस भर्ती को लेकर राज्य सरकार की मंशा साफ नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एचएल दत्तू ने 25 मार्च 2014 को ही 12 हफ्ते में भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने का आदेश दिया। तब से लेकर अब तक सरकार इसे लटकाए हुए है। 17 दिसंबर 2014 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक मिश्र की बेंच ने राज्य सरकार को सामान्य श्रेणी में 105 और आरक्षित श्रेणी में 97 नंबर पाने वाले आवेदकों को नियुक्ति पत्र देने का निर्देश दिया पर सरकार इस फैसले पर भी अमल नहीं कर रही है।
खबर साभार : हिन्दुस्तान
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