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एक छत के नीचे 'प्राइमरी का मास्टर' से जुड़ी शिक्षा विभाग की समस्त सूचनाएं एक साथ

फोटोकापी से काउंसलिंग की सुविधा : काउंसलिंग में शामिल होने की नहीं दी गयी रिसीविंग : दूसरे जिले में काउंसलिंग कराने से भी-

फोटोकापी से काउंसलिंग की सुविधा :
काउंसलिंग में शामिल होने की नहीं दी गयी रिसीविंग : दूसरे जिले में काउंसलिंग कराने से भी-

लखनऊ (एसएनबी)। सूबे के परिषदीय स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए इस बार आवेदकों को मूल कागजात के बजाय छायाप्रति देकर काउंसलिंग कराने की सुविधा है, लेकिन काउंसलिंग में हिस्सा लेने के बाबत उन्हें कोई रिसीविंग नहीं दी जा रही है। शैक्षिक कागजात की फोटोकापी को जमा करा लिया गया, लेकिन सूबे की किसी भी डायट में उन्हें काउंसलिंग में शामिल होने की रिसीविंग नहीं दी गयी। इसके साथ ही दूसरे जिले में एक ही दिन काउंसलिंग में शामिल होने को लेकर आवेदकों को अघोषित तरीके से रोका जा रहा है और उन्हें अपनी रिश्क पर जाने के लिए कहकर डायट के अफसर पल्ला झाड़ ले रहे हैं। कई अभ्यर्थी पांच-छह जिलों में शिक्षक भर्ती के लिए आये कट आफ में आने के बाद भी वहां अपनी दावेदारी नहीं जता पाये हैं। मालूम हो कि दो बार की काउंसलिग होने के बाद अभी भी 34 हजार सीटें खाली हैं। तीसरी काउंसलिंग के बाद भी सीटें खाली रहनी तय है। इसके आसार भी अभी से बनने लगे हैं। तीन बार की काउंसलिंग के बाद भी सीटें न भरने को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि काउंसलिंग में सारी सीटें फुल होने के बाद ही चयन समितियां बैठायी जाएंगी ताकि चुने गये प्रशिक्षु शिक्षकों के नियुक्ति पत्र जारी किये जा सके, लेकिन जिस रफ्तार में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया चल रही है, ऐसे में 2014 में किसी को भी नियुक्ति पत्र जारी होने के आसार नहीं हैं। विभाग के अफसर भी अभी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के लिए डेड लाइन तय करने से कतरा रहे हैं। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षिक कागजातों का एक बार फिर मिलान किया जाएगा, उसके बाद ही ज्वानिंग कराने के लिए अभ्यर्थी अधिकृत होंगे। तीसरी काउंसलिंग के दूसरे दिन सबसे ज्यादा भीड़ बहराइच में रही। यहां महिला अनारक्षित कला वर्ग की काउंसलिंग में 250 सीटों पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आये। यहां से कई अभ्यर्थी दूसरे नजदीकी जिलों को भी जाने के फिराक में थे, लेकिन जब डायट प्राचार्य से उन लोगों से मंजूरी मांगी, तो उन्होंने भी अपनी रिश्क पा जाने का मशविरा दिया। इसके तमाम अभ्यर्थियों में असमंजस रहा और वे दूसरे जिलों को नहीं जा पाये। बहराइच की तरह ही लखीमपुर-खीरी, शाहजहांपुर, सीतापुर सहित ज्यादा सीटों वाले जिलों की ओर अभ्यर्थियों का रुख रहा। काउंसलिंग में शामिल होने की नहीं दी गयी रिसीविंग दूसरे जिले में काउंसलिंग कराने से भी रोका जा रहा प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती|

     खबर साभार : राष्ट्रीयसहारा

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