आवेदन ऑफलाइन, और काउंसिलिंग ऑनलाइन होने से आवेदक परेशान : शिक्षक भर्ती-
१-प्राथमिक व जूनियर स्कूल की शिक्षक भर्ती में प्रक्रिया अलग-अलग
२-नियम बदलने से खर्च अधिक, आवेदक भी हो रहे परेशान
जांस, इलाहाबाद : ‘आवेदन ऑफलाइन और काउंसिलिंग ऑनलाइन’। यह प्रक्रिया व्यवस्था की हकीकत उजागर करती है। ताज्जुब है कि इस समय शासन के फरमान पर प्रदेश भर में दो शिक्षक भर्तियां एक साथ चल रही हैं और दोनों में नियम अलग हैं। नियम जुदा होने से महकमे का खर्च भी ज्यादा हो रहा है और आवेदक भी परेशान हो रहे हैं। हाल यह है कि एक काउंसिलिंग में भीड़ उमड़ रही है तो दूसरी में आवेदक खोजे नहीं मिल रहे हैं।
शासन के फरमान पर इस समय 72825 सहायक शिक्षकों की भर्ती प्राथमिक विद्यालयों में चल रही है। ऐसे ही जूनियर स्कूलों में 29 हजार विज्ञान व गणित के शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। दोनों भर्तियों में आवेदन लेने से लेकर काउंसिलिंग तक के नियम अलग-अलग हैं। मसलन प्राथमिक स्कूलों के लिए ऑफ लाइन आवेदन मंगाए गए और उसके बाद से लेकर अब तक की प्रक्रिया ऑनलाइन सरीखी है। यानी सभी अभ्यर्थियों का कंप्यूटर पर डाटा उपलब्ध है पूरे प्रदेश में जनपदवार एक साथ कटऑफ जारी हो रहा है। इस प्रक्रिया में धन व समय की बचत एवं आवेदकों को खासी राहत मिल रही है, क्योंकि एक ही जगह उन्हें पूरे प्रदेश की जानकारी हासिल हो रही है।
इसके उलट जूनियर स्कूलों में विज्ञान व गणित शिक्षकों की भर्ती में शासन ने आवेदन तो ऑनलाइन मंगाए, लेकिन उसके बाद से विभाग की पूरी प्रक्रिया ऑफलाइन हो गई है। जनपद स्तरीय अधिकारी अलग-अलग कट ऑफ जारी कर रहे हैं और अपने हिसाब से दो अखबारों में उसे छपवा रहे हैं। ऐसे में धन तो काफी खर्च हो रहा है, पर आवेदकों को एक साथ समूचे प्रदेश की संकलित सूचना नहीं मिल पा रही है। इससे आपाधापी का माहौल है। साथ ही काउंसिलिंग में भी काफी कम संख्या में अभ्यर्थी पहुंच रहे हैं। हालत यह है कि विज्ञान-गणित की काउंसिलिंग का पांचवां चरण होने जा रहा है और जनपदों में आधे पद खाली पड़े हैं। वहीं प्राथमिक स्कूलों में दो चरण की ही काउंसिलिंग अभी हुई है और प्रदेश भर में लगभग साठ फीसद सीटें भर चुकी हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही सारी सीटें फुल हो जाएंगी। इस संबंध में जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य विनोद कृष्ण ने कहा कि प्राथमिक शिक्षकों की काउंसिलिंग पूरी तरह से तो ऑनलाइन नहीं है, लेकिन इस व्यवस्था में आवेदकों को राहत जरूर है। वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी इलाहाबाद राजकुमार ने कहा कि ऐसे निर्देश हैं कि वह हर बार अलग कट ऑफ अखबारों को दे रहे हैं। वैसे प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया यहां से बेहतर है |
खबर साभार : दैनिकजागरण
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